XPENG की नई स्वायत्त‑ड्राइविंग तकनीक VLA 2.0 (Vision‑Language‑Action 2.0) हाल ही में चर्चा में आ गई, जब कंपनी ने एक तुलना पेश की जिसमें दावा किया गया कि यह चीन की शहरी सड़कों पर Tesla के Full Self‑Driving (FSD) से बेहतर प्रदर्शन करती है। तुलना का मुख्य पैमाना था: ड्राइवर को कितनी बार हस्तक्षेप करना पड़ा। लेकिन इस परीक्षण और उसके निष्कर्षों को लेकर बहस जारी है।
XPENG द्वारा प्रचारित एक तुलना के अनुसार, चीन की शहरी सड़कों पर किए गए टेस्ट में VLA 2.0 से लैस XPENG P7 को केवल दो बार ड्राइवर टेकओवर की आवश्यकता पड़ी, जबकि Tesla Model 3 (FSD के साथ) को सात बार हस्तक्षेप करना पड़ा।
ड्राइवर टेकओवर को अक्सर उन्नत ड्राइवर‑सहायता सिस्टम (ADAS) की तुलना में महत्वपूर्ण मापदंड माना जाता है, क्योंकि इससे पता चलता है कि कब स्वचालित सिस्टम स्थिति को सुरक्षित रूप से संभाल नहीं पाया और इंसान को नियंत्रण लेना पड़ा।
हालांकि, सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध जानकारी में कुछ महत्वपूर्ण विवरण नहीं बताए गए, जैसे:
इसी वजह से कई विश्लेषक इसे एक डेमो या प्रमोशनल तुलना मानते हैं, न कि पूरी तरह नियंत्रित वैज्ञानिक बेंचमार्क।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि Tesla का FSD चीन में अभी सीमित संस्करण में उपलब्ध है, जो अमेरिका में इस्तेमाल हो रहे नए वर्ज़नों जितना उन्नत नहीं माना जाता।
रिपोर्टों के अनुसार इस तुलना में FSD Version 13 इस्तेमाल हुआ, जबकि Tesla ने अन्य बाजारों में इसके बाद भी सिस्टम को आगे बढ़ाया है।
यह अंतर महत्वपूर्ण है क्योंकि अलग‑अलग देशों में सिस्टम की क्षमताएँ कई कारकों से प्रभावित होती हैं, जैसे:
इसलिए कुछ विशेषज्ञों का तर्क है कि स्थानीय सड़कों के लिए अनुकूलित चीन‑आधारित सिस्टम की तुलना सीमित क्षेत्रीय वर्ज़न वाले Tesla सॉफ़्टवेयर से करना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।
XPENG का कहना है कि VLA 2.0 पारंपरिक स्वायत्त‑ड्राइविंग आर्किटेक्चर से अलग दृष्टिकोण अपनाता है।
आमतौर पर ड्राइवर‑असिस्ट सिस्टम कई चरणों में काम करते हैं:
XPENG के अनुसार VLA 2.0 इन चरणों को काफी हद तक एक एकीकृत एंड‑टू‑एंड AI मॉडल में समेट देता है, जो विज़ुअल इनपुट को सीधे ड्राइविंग एक्शन में बदल सकता है।
कंपनी का कहना है कि यह मॉडल पारंपरिक मल्टी‑मॉडल AI सिस्टम में मौजूद “language translation” चरण को हटाकर सीधे perception से action तक निर्णय ले सकता है।
XPENG इसे “physical‑world large model” कहता है—ऐसा AI जो वास्तविक दुनिया के वातावरण को समझकर उसी आधार पर ड्राइविंग निर्णय ले सके।
कंपनी की जानकारी और उद्योग रिपोर्टों के अनुसार VLA 2.0 के प्रशिक्षण के पीछे बड़ा डेटा और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है:
XPENG का दावा है कि यह डेटा लगभग दसियों हजार वर्षों के मानव ड्राइविंग अनुभव के बराबर है, हालांकि इन अनुमानों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कंपनी ने इस सिस्टम को मार्च 2026 से OTA (over‑the‑air) अपडेट के माध्यम से अपने कई मॉडलों—जैसे P7, G7 और X9—में उपलब्ध कराना शुरू किया।
कुछ स्वतंत्र ऑटो पत्रकारों ने सिस्टम को वास्तविक ट्रैफिक में भी आजमाया है।
बीजिंग में किए गए एक टेस्ट ड्राइव में एक रिव्यूअर ने लगभग 40 मिनट तक भारी शहर ट्रैफिक में ड्राइव की और एक बार भी हस्तक्षेप नहीं करना पड़ा, जिससे सिस्टम की स्मूदनेस और आत्मविश्वास का संकेत मिला।
हालांकि अन्य समीक्षाओं में कुछ सीमाएँ भी बताई गईं:
इसलिए अधिकांश विशेषज्ञ VLA 2.0 को तेजी से उभरता हुआ प्रतिद्वंद्वी मानते हैं, लेकिन अभी स्पष्ट विजेता नहीं।
XPENG के संस्थापक और CEO हे श्याओपेंग (He Xiaopeng) ने कंपनी के लक्ष्य को खुलकर सार्वजनिक किया है।
उन्होंने कहा है कि कंपनी का लक्ष्य 30 अगस्त 2026 तक चीन में Tesla के FSD को प्रदर्शन के मामले में पीछे छोड़ना है।
यह लक्ष्य उस ड्राइविंग अनुभव के बराबर या उससे बेहतर बनने का है जो Tesla की नई पीढ़ी के FSD सिस्टम—जैसे अमेरिका में परीक्षण किए गए FSD V14.2—से जुड़ा बताया जाता है।
इसके बाद कंपनी का मानना है कि VLA आधारित सिस्टम आगे चलकर Level 4 स्वायत्त ड्राइविंग को सक्षम कर सकते हैं, हालांकि इसकी समयरेखा अभी भी तकनीकी प्रगति और सरकारी नियमों पर निर्भर करेगी।
कई वर्षों तक उपभोक्ता‑कार स्वायत्त ड्राइविंग तकनीक में Tesla को अग्रणी माना जाता रहा है। लेकिन XPENG जैसे चीनी EV निर्माता तेजी से इस अंतर को कम कर रहे हैं।
VLA 2.0 की तुलना भले ही अंतिम फैसला न हो, लेकिन यह एक बड़े बदलाव का संकेत देती है: स्वायत्त ड्राइविंग का भविष्य अब केवल सिलिकॉन वैली तक सीमित नहीं है।
विशाल ड्राइविंग डेटा, तेज सॉफ़्टवेयर अपडेट और आक्रामक AI विकास के कारण चीन की कंपनियाँ आने वाले वर्षों में इस वैश्विक तकनीकी दौड़ का संतुलन बदल सकती हैं।
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XPENG के अनुसार चीन में किए गए एक रोड टेस्ट में VLA 2.0 को केवल दो बार ड्राइवर के हस्तक्षेप की ज़रूरत पड़ी, जबकि Tesla FSD को सात बार—लेकिन तुलना की निष्पक्षता पर सवाल उठे।
XPENG के अनुसार चीन में किए गए एक रोड टेस्ट में VLA 2.0 को केवल दो बार ड्राइवर के हस्तक्षेप की ज़रूरत पड़ी, जबकि Tesla FSD को सात बार—लेकिन तुलना की निष्पक्षता पर सवाल उठे। VLA 2.0 एक एंड‑टू‑एंड AI मॉडल पर आधारित है जो पारंपरिक perception‑planning पाइपलाइन हटाकर सीधे विज़ुअल इनपुट से ड्राइविंग एक्शन जनरेट करता है।
रिव्यूअर्स के अनुसार सिस्टम काफी स्मूद और तेजी से बेहतर हो रहा है, लेकिन कई विशेषज्ञ अभी भी Tesla FSD को कुल मिलाकर अधिक परिपक्व तकनीक मानते हैं।