लेकिन वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि 2026 में यह रफ्तार थोड़ी सामान्य हो सकती है। हालिया पूर्वानुमानों के अनुसार 2026 में वियतनाम की GDP वृद्धि करीब 6.3%–6.5% के बीच रह सकती है—जो क्षेत्रीय स्तर पर अभी भी मजबूत मानी जाएगी, लेकिन 2025 से कम होगी।
वियतनाम की नेशनल असेंबली ने 2026 के लिए सामाजिक‑आर्थिक विकास योजना में 10% या उससे अधिक GDP वृद्धि का लक्ष्य मंज़ूर किया है। इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने और महंगाई को नियंत्रित रखने जैसे लक्ष्य भी तय किए गए हैं।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय संस्थान थोड़े सतर्क नजर आते हैं। वर्ल्ड बैंक मानता है कि वियतनाम की अर्थव्यवस्था मजबूत बुनियादी आधार और प्रतिस्पर्धी विनिर्माण क्षेत्र के कारण आगे बढ़ती रहेगी, लेकिन डबल‑डिजिट वृद्धि हासिल करना मुश्किल हो सकता है, खासकर तब जब बाहरी जोखिम बढ़ रहे हों।
वर्ल्ड बैंक ने कुछ ऐसे कारकों की पहचान की है जो 2026 में आर्थिक वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं:
निर्यात पर निर्भरता — वियतनाम की तेज़ आर्थिक वृद्धि मुख्य रूप से निर्यात और विनिर्माण पर आधारित रही है। इससे अर्थव्यवस्था प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों की मांग में गिरावट या वैश्विक व्यापार नीति में बदलाव के प्रति संवेदनशील हो जाती है।
व्यापार और भू‑राजनीतिक अनिश्चितता — वैश्विक आर्थिक धीमापन, व्यापार बाधाएँ और भू‑राजनीतिक तनाव निवेशकों के भरोसे और निर्यात मांग दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।
ऊर्जा और कमोडिटी कीमतों का झटका — मध्य पूर्व के संघर्ष से जुड़े तेल कीमतों में उछाल परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ा सकते हैं, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ता है।
जलवायु‑संबंधी आपदाएँ — हाल के वर्षों में तूफान और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने बुनियादी ढांचे और कृषि उत्पादन को नुकसान पहुंचाया है, जिससे सरकारी खर्च और महंगाई दोनों पर दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि अभी तक महंगाई काफी हद तक नियंत्रण में रही है, लेकिन वर्ल्ड बैंक का कहना है कि यदि ऊर्जा कीमतें ऊँची रहती हैं या आपूर्ति शृंखला पर जलवायु झटके पड़ते हैं, तो कीमतों का दबाव बढ़ सकता है। इससे घरेलू उपभोग शक्ति घट सकती है और आर्थिक विस्तार की गति धीमी पड़ सकती है।
इसके अलावा वित्तीय क्षेत्र में भी कुछ जोखिम मौजूद हैं। बैंकिंग प्रणाली के कुछ हिस्सों में तेज़ क्रेडिट वृद्धि और उच्च ऋण स्तर भविष्य में निवेश और वित्तीय स्थिरता के लिए चुनौती बन सकते हैं।
इन जोखिमों के बावजूद हालिया पूर्वानुमानों में वियतनाम के लिए वृद्धि अनुमान को थोड़ा ऊपर संशोधित किया गया है। इसका कारण हाल के महीनों में देखी गई मजबूत आर्थिक गतिविधि है—जैसे उद्योग उत्पादन में वृद्धि, स्थिर निर्यात और लगातार FDI प्रवाह।
इन कारकों से यह संकेत मिलता है कि दक्षिण‑पूर्व एशिया में वियतनाम अभी भी सबसे गतिशील अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।
वर्ल्ड बैंक का कहना है कि लंबे समय तक तेज़ वृद्धि बनाए रखने के लिए वियतनाम को गहरे संरचनात्मक सुधारों की जरूरत होगी। निर्यात‑आधारित मॉडल ने आय में तेज़ बढ़ोतरी तो दी है, लेकिन उत्पादकता वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसका मतलब है कि अर्थव्यवस्था अभी भी श्रम, पूंजी और ऋण विस्तार पर काफी निर्भर है।
बैंक के अनुसार आगे के लिए कुछ प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं:
कुल मिलाकर वर्ल्ड बैंक वियतनाम की आर्थिक दिशा को लेकर सकारात्मक बना हुआ है। अगर 2026 में वृद्धि मिड‑6% के आसपास भी रहती है, तो भी यह क्षेत्र की तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यस्थाओं में शामिल रहेगा।
हालांकि वर्ल्ड बैंक के अनुमान और सरकार के 10% वृद्धि लक्ष्य के बीच का अंतर यह दिखाता है कि आने वाले वर्षों में वियतनाम के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी—तेज़ विकास को बनाए रखना और साथ‑साथ वैश्विक जोखिमों तथा संरचनात्मक चुनौतियों से निपटना।
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