2026 की शुरुआत में चीन की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा अंतर दिखाई दिया—प्रॉपर्टी सेक्टर कमजोर रहा, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने मजबूती दिखाई।
आर्थिक आंकड़ों के अनुसार पहली तिमाही में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश में तेज वृद्धि ने कुल स्थिर परिसंपत्ति निवेश (fixed‑asset investment) को सकारात्मक बनाए रखने में मदद की।
यही कारण है कि यदि इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च धीमा पड़ता है, तो अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बढ़ जाता है। प्रॉपर्टी सेक्टर पहले से दबाव में है, और अगर सरकारी परियोजनाएं भी धीमी हो जाएं तो निवेश की कुल रफ्तार कमजोर पड़ सकती है।
पिछले कुछ वर्षों में चीन ने रियल एस्टेट की कमजोरी को संतुलित करने के लिए अक्सर निम्न स्रोतों से इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ाया है:
अप्रैल के आंकड़ों की चर्चा में एक दिलचस्प विरोधाभास सामने आया—सरकारी राजस्व बढ़ रहा है लेकिन खर्च घट रहा है।
पहली नजर में बढ़ता राजस्व आर्थिक मजबूती का संकेत लग सकता है। लेकिन चीन के मामले में ऐसा हमेशा नहीं होता। उदाहरण के लिए, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन स्टैम्प ड्यूटी में वृद्धि अक्सर शेयर बाजार में ज्यादा ट्रेडिंग गतिविधि का परिणाम होती है, न कि व्यापक आर्थिक मांग में सुधार का।
इसलिए जब राजस्व बढ़े और खर्च घटे, तो समस्या नकदी की कमी नहीं बल्कि अन्य बाधाएं हो सकती हैं, जैसे:
चीन की राजकोषीय प्रणाली में यह एक संरचनात्मक चुनौती भी है—कई बड़े खर्च स्थानीय सरकारों को करने होते हैं, जबकि उनके वित्तीय संसाधन सीमित होते हैं।
सरकार का संकेत है कि वह अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए "अधिक सक्रिय" राजकोषीय नीति अपनाएगी, लेकिन इसका फोकस बड़े पैमाने पर प्रोत्साहन देने के बजाय अधिक सटीक और लक्षित उपायों पर रहेगा।
राष्ट्रीय बजट के अनुसार 2026 में कुल राजकोषीय व्यय 30 ट्रिलियन युआन से अधिक होने का अनुमान है और सरकारी बॉन्ड जारी करने का स्तर भी रिकॉर्ड पर हो सकता है।
हालांकि प्राथमिकताएं बदल रही हैं। केवल पारंपरिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बजाय अब ध्यान इन क्षेत्रों पर भी बढ़ रहा है:
अप्रैल के खर्च आंकड़े यह जरूरी नहीं बताते कि बीजिंग ने आर्थिक समर्थन छोड़ दिया है। असली मुद्दा नीतियों के समय और उनके प्रभाव का है।
नीति निर्माताओं के सामने अभी कई चुनौतियां हैं:
अगर ये दबाव बढ़ते हैं, तो सरकार संभावित रूप से कई कदम उठा सकती है—जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च तेज करना, स्थानीय सरकारी बॉन्ड जारी करना बढ़ाना या उपभोग और आवास बाजार को सहारा देने वाले लक्षित उपाय लागू करना।
किसी एक महीने का डेटा पूरी आर्थिक दिशा तय नहीं करता। लेकिन अप्रैल की गिरावट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संकेत देती है कि साल की शुरुआत में मिला राजकोषीय प्रोत्साहन शायद उतना स्थिर या निरंतर नहीं है जितनी उम्मीद की जा रही थी।
यदि यह गिरावट अस्थायी साबित होती है, तो इसे तकनीकी कारणों—जैसे शुरुआती बजट खर्च या प्रशासनिक देरी—से समझा जा सकता है। लेकिन यदि सरकारी खर्च लंबे समय तक धीमा रहता है, तो चीन की अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम सहारा कमजोर पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में साल के मध्य या बाद में अतिरिक्त लक्षित प्रोत्साहन की संभावना बढ़ सकती है, ताकि वृद्धि को सरकार के 4.5–5% लक्ष्य के भीतर बनाए रखा जा सके।
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