Microsoft का MAI-DxO कई AI एजेंटों को मिलाकर निदान की प्रक्रिया चलाता है—मानो डॉक्टरों की एक टीम मरीज से सवाल पूछ रही हो, जांचें सुझा रही हो और संभावित कारणों पर विचार कर रही हो। 22 अक्टूबर 2026 को Science में प्रकाशित अध्ययन में इस सिस्टम ने जटिल शिक्षण केसों पर 83.2% सटीकता हासिल की। संदर्भ सामग्री इस्तेमाल कर रहे अकेले जनरलिस्ट डॉक्टरों का स्कोर 36.1% था। लेकिन इस सुर्खी के साथ एक जरूरी बात भी है: GPT-5 ने अकेले 78.9% स्कोर किया, और यह अध्ययन नहीं बताता कि MAI-DxO रोजमर्रा के मरीज-इलाज में कैसा प्रदर्शन करेगा।
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MAI-DxO निदान कैसे करता है?
एक ही बार में जवाब देने के बजाय, MAI-DxO कई AI एजेंटों का समन्वय करता है। ये एजेंट डॉक्टरों की सलाह-मशविरा प्रक्रिया की नकल करते हुए आगे के सवाल पूछ सकते हैं, जांचें सुझा सकते हैं और संभावित निदान पर चर्चा कर सकते हैं।
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इस प्रक्रिया को मरीजों का इलाज करते हुए नहीं, बल्कि केस रिकॉर्ड के आधार पर परखा गया। यह फर्क अहम है: बेंचमार्क यह माप सकता है कि सिस्टम किसी केस का दर्ज निदान सही पहचानता है या नहीं, लेकिन इससे अपने-आप यह साबित नहीं होता कि वह वास्तविक चिकित्सा की जटिल परिस्थितियों में भी उतना ही अच्छा काम करेगा।
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सटीकता के आंकड़े—और GPT-5 से तुलना
New England Journal of Medicine के 304 जटिल शिक्षण केसों पर MAI-DxO ने 83.2% सटीकता हासिल की। संदर्भ सामग्री के साथ अकेले काम कर रहे जनरलिस्ट डॉक्टरों का स्कोर 36.1% था। Microsoft ने बिना संदर्भ सामग्री वाले डॉक्टरों के लिए 22.3% का स्कोर भी बताया।
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अलग से, आपातकालीन अस्पताल-प्रवेश के 325 केसों में GPT-5 पर चल रहे सिस्टम ने 80.3% सटीकता पाई, जबकि डॉक्टरों का स्कोर 46.8% था।
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7 यह भी सिमुलेशन पर आधारित बेंचमार्क है—मरीजों के बेहतर नतीजों का परीक्षण नहीं।
GPT-5 का अकेला स्कोर यह समझने में मदद करता है कि MAI-DxO की उपलब्धि में समन्वय प्रणाली का कितना योगदान दिखता है। जटिल केसों पर छोटे, सामान्य प्रॉम्प्ट के साथ GPT-5 ने 78.9% स्कोर किया। MAI-DxO के 83.2% से इसका अंतर 4.3 प्रतिशत अंक है—डॉक्टरों और AI सिस्टम के बीच दिखने वाले पूरे अंतर से काफी कम।
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एक अन्य स्रोत में प्रति केस अनुमानित लागत GPT-5 के लिए 8,409 डॉलर और MAI-DxO के लिए 5,430 डॉलर बताई गई है। ये अनुमान हैं; वास्तविक चिकित्सा अभ्यास में बचत होने का प्रमाण नहीं।
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अध्ययन से क्या साबित नहीं होता
डॉक्टरों से तुलना में विशेषज्ञों की टीमों के बजाय अलग-अलग काम कर रहे जनरलिस्ट शामिल थे। बेंचमार्क नियंत्रित और केवल टेक्स्ट पर आधारित था। इसलिए इसके नतीजे यह साबित नहीं करते कि MAI-DxO वास्तविक इलाज में डॉक्टरों से बेहतर है या चिकित्सकों की जगह ले सकता है।
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इन नतीजों को खास डायग्नोस्टिक बेंचमार्क पर समन्वित AI सिस्टम के मजबूत प्रदर्शन के रूप में देखना बेहतर होगा। वे असली मरीजों के साथ इसकी प्रभावशीलता साबित नहीं करते और न ही यह दिखाते हैं कि इसके इस्तेमाल से इलाज बेहतर होता है। Microsoft ने इस काम को “मेडिकल सुपरइंटेलिजेंस” की दिशा में प्रगति बताया है—यह एक महत्वाकांक्षा है, इन परीक्षणों से सिद्ध नतीजा नहीं।
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