कई दशकों तक हांगकांग चीन के क्षेत्र में वह जगह था जहाँ 1989 के तियानआनमेन स्क्वायर दमन की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्मृति सभा आयोजित होती थी। हर साल हजारों लोग विक्टोरिया पार्क में मोमबत्तियाँ जलाकर उस घटना को याद करते थे। अब उन्हीं आयोजनों से जुड़े कुछ प्रमुख कार्यकर्ता राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अदालत में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।
मामले के केंद्र में दो प्रमुख चेहरे हैं—वकील चौ हांग‑तुंग और वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता ली चियुक‑यान। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक नारे और गतिविधियों के जरिए “राज्य सत्ता को पलटने के लिए उकसाने” (inciting subversion) का अपराध किया। अदालत ने अंतिम दलीलें सुनने के बाद संकेत दिया है कि जुलाई 2026 में फैसला सुनाया जा सकता है।
अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने लंबे समय से इस्तेमाल होने वाला नारा “एक‑दलीय शासन खत्म करो” प्रचारित किया। यह नारा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाली राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ लोकतांत्रिक बदलाव की मांग के रूप में इस्तेमाल होता रहा है।
सरकार का तर्क है कि ऐसे बदलाव की वकालत करना वास्तव में राज्य सत्ता को कमजोर या गिराने के लिए लोगों को उकसाने के बराबर है—जो राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत अपराध है।
चौ और ली ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है और कहा है कि यह सिर्फ राजनीतिक अभिव्यक्ति थी।
इस मुकदमे में तीसरे आरोपी अल्बर्ट हो, जो पहले हांगकांग के विपक्षी सांसद रह चुके हैं, ने अलग रास्ता चुना। उन्होंने अदालत में दोष स्वीकार कर लिया और माना कि उन्होंने चीन में एक‑दलीय शासन समाप्त करने की मांग का समर्थन किया था।
अगर अदालत दोष सिद्ध करती है, तो इस अपराध के लिए अधिकतम 10 वर्ष की जेल हो सकती है।
तीनों आरोपी उस संगठन के नेता रहे हैं जिसे Hong Kong Alliance in Support of Patriotic Democratic Movements of China कहा जाता था। यह समूह 1989 की घटनाओं के बाद बना था।
तीन दशकों से अधिक समय तक इसी संगठन ने विक्टोरिया पार्क में वार्षिक मोमबत्ती जागरण आयोजित किया, जहाँ हजारों लोग तियानआनमेन घटना को याद करने के लिए इकट्ठा होते थे। यह चीन की सीमा के भीतर उस घटना की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्मृति सभा मानी जाती थी।
बाद में सरकार की कार्रवाई के दौरान इस संगठन को निशाना बनाया गया और अंततः यह समूह भंग हो गया, जिसके साथ ही वार्षिक जागरण भी बंद हो गए।
मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आरोपियों ने फैसला आने से पहले ही लंबा समय हिरासत में बिताया है।
चौ और ली को 2021 में गिरफ्तार किया गया था और वे चार साल से अधिक समय से जेल में हैं, यानी लगभग 1,500 दिनों से ज्यादा का प्री‑ट्रायल डिटेंशन—बिना अंतिम दोष सिद्ध हुए।
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जमानत के नियम सामान्य आपराधिक मामलों से कहीं ज्यादा सख्त हैं। अदालत तभी जमानत देती है जब उसे भरोसा हो कि आरोपी भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माने जाने वाले कार्य नहीं करेगा।
मानवाधिकार संगठनों ने इन सख्त नियमों और लंबी हिरासत अवधि की आलोचना की है और इसे न्यायिक प्रक्रिया तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों से जोड़ा है।
यह मुकदमा केवल तीन व्यक्तियों का मामला नहीं माना जा रहा। कई पर्यवेक्षकों के अनुसार यह उस बड़े बदलाव का उदाहरण है जो 2020 में लागू राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के बाद हांगकांग की राजनीति और कानून व्यवस्था में आया।
जो गतिविधियाँ पहले कानूनी थीं—जैसे स्मृति सभाएँ आयोजित करना या कुछ राजनीतिक नारे लगाना—अब उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिये से देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि इस कानून ने शहर में संगठित विरोध की जगह काफी सीमित कर दी है।
कई महीनों तक चली सुनवाई और अंतिम दलीलों के बाद तीन जजों की राष्ट्रीय सुरक्षा पीठ ने कहा है कि वे जुलाई 2026 में फैसला सुनाने की कोशिश करेंगे।
फैसला सिर्फ इन तीन आरोपियों के भविष्य को ही नहीं, बल्कि यह भी तय कर सकता है कि हांगकांग की अदालतें राजनीतिक नारे, ऐतिहासिक स्मृति और सार्वजनिक अभिव्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कितनी व्यापकता से अपराध मानती हैं।
यानी यह मुकदमा केवल एक नारे या एक संगठन की कहानी नहीं है—यह इस सवाल का भी परीक्षण है कि 2020 के बाद हांगकांग में राजनीतिक अभिव्यक्ति की कानूनी सीमाएँ कितनी बदल चुकी हैं।
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हांगकांग में चौ हांग‑तुंग और ली चियुक‑यान पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा चल रहा है; मुख्य विवाद यह है कि “एक‑दलीय शासन खत्म करो” नारा क्या राज्य सत्ता को कमजोर करने के लिए उकसाने के बराबर है।
हांगकांग में चौ हांग‑तुंग और ली चियुक‑यान पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा चल रहा है; मुख्य विवाद यह है कि “एक‑दलीय शासन खत्म करो” नारा क्या राज्य सत्ता को कमजोर करने के लिए उकसाने के बराबर है। तीसरे आरोपी और पूर्व सांसद अल्बर्ट हो ने दोष स्वीकार कर लिया, जबकि बाकी दो ने आरोपों से इनकार किया है; दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 10 साल की सज़ा हो सकती है।
मामला उस हांगकांग एलायंस से जुड़ा है जिसने दशकों तक विक्टोरिया पार्क में तियानआनमेन स्मृति जागरण आयोजित किया; आलोचकों के अनुसार यह मुकदमा 2020 के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के बाद असहमति पर व्यापक कार्रवाई को दर्शाता है।