जहाज़ों से किए गए अवलोकन इस परिवर्तन के सबसे स्पष्ट संकेतों में से एक हैं। 2006 से पहले इस क्षेत्र में हंपबैक व्हेल का कोई रिकॉर्ड नहीं था। 2007 में सात हंपबैक दिखाई दीं, जबकि 2024 में ऐसे अवलोकनों की संख्या 150 से अधिक हो गई।
अब व्हेलें मिश्रित प्रजाति वाले समूहों में भी भोजन करती देखी जा रही हैं। अध्ययन में फिन, हंपबैक और कॉमन मिंक व्हेलों के नियमित समूहों का उल्लेख है। अगस्त 2025 में 69°N के पास एक जगह पर 50 तक बेलीन व्हेलों का समूह देखा गया।
हालाँकि, इन अवलोकनों से यह अपने-आप साबित नहीं होता कि हर व्हेल बाहर से नई-नई इस क्षेत्र में आ रही है। दिखने की संभावना, व्हेलों की आवाजाही और स्थानीय शिकार-उपलब्धता में बदलाव भी आँकड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। फिर भी ऐतिहासिक जहाज़ी रिकॉर्ड, हवाई सर्वेक्षण, सैटेलाइट ट्रैकिंग और स्थानीय ज्ञान—इन सभी को साथ देखने पर स्पष्ट होता है कि क्षेत्र के उपयोग में बड़ा बदलाव आया है।
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, गर्मियों में पूर्वी ग्रीनलैंड में हजारों व्हेलें आती हैं। एक व्यापक रूप से उद्धृत अनुमान लगभग 4,000 हंपबैक और 6,000 फिन व्हेलों का है।
मिंक व्हेलों की संख्या को लेकर सावधानी जरूरी है। कुछ द्वितीयक रिपोर्टों में 6,000 मिंक व्हेलों का उल्लेख है, लेकिन उपलब्ध अध्ययन-सारांश में यह संख्या लगभग 4,500 दी गई है। इसलिए 6,000 को प्राथमिक अध्ययन का निर्विवाद निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
अध्ययन-सारांश के मुताबिक, ये व्हेलें लगभग चार महीनों में कुल मिलाकर करीब 10 लाख टन शिकार खा सकती हैं। यह पैमाना बताता है कि बदलाव केवल व्हेलों के वितरण तक सीमित नहीं रहेगा। शिकारी जीवों की इतनी बड़ी मौसमी मौजूदगी खाद्य-श्रृंखला में शिकार की उपलब्धता और आवाजाही को प्रभावित कर सकती है।
हंपबैक और फिन व्हेलों के लिए यह नया भोजन क्षेत्र लाभकारी हो सकता है। दोनों प्रजातियाँ वाणिज्यिक व्हेल शिकार से बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। अधिक उत्पादक ग्रीष्मकालीन आवास उनकी ऐतिहासिक शोषण के बाद हो रही आबादी की वापसी में मदद कर सकता है।
लेकिन यही बदलाव पारिस्थितिक जोखिम भी पैदा करता है। नॉरव्हेल, बोहेड व्हेल और रिंग्ड सील जैसी प्रजातियाँ बर्फ से जुड़े आवास पर निर्भर हैं; समुद्री बर्फ पीछे हटने से उनके लिए उपलब्ध क्षेत्र कम हो सकता है। बड़ी संख्या में व्हेलों का एकत्र होना साझा शिकार पर दबाव भी बढ़ा सकता है। उपलब्ध प्रमाण इन आशंकाओं को खाद्य-श्रृंखला के पुनर्गठन के संभावित परिणाम के रूप में समर्थन देते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि प्रतिस्पर्धा कितनी बढ़ेगी या प्रत्येक बर्फ-निर्भर प्रजाति की आबादी पर इसका निश्चित प्रभाव क्या होगा।
सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि पूर्वी ग्रीनलैंड में केवल कोई असामान्य व्हेल-मौसम नहीं चल रहा। कई स्वतंत्र प्रकार के प्रमाण संकेत देते हैं कि ठंडी, समुद्री-बर्फ से नियंत्रित तटीय व्यवस्था एक गर्म और अधिक खुले मौसमी पारिस्थितिकी तंत्र में बदल रही है।
इस बदलाव से दूर तक घूमने वाली प्रजातियों के लिए नए अवसर बन सकते हैं, लेकिन लगातार समुद्री बर्फ पर निर्भर जीवों का आवास घट सकता है। इसलिए व्हेलों की ये विशाल सामूहिक भोजन गतिविधियाँ आर्कटिक की बदलती परिस्थितियों का आकर्षक दृश्य होने के साथ-साथ एक चेतावनी भी हैं—एक समूह के लिए लाभ दूसरे समूह के लिए व्यवधान के साथ आ सकता है।