AI एजेंटों की पहचान और खोज के लिए DNS‑AID और ANS क्यों महत्वपूर्ण हो सकते हैं
Infoblox और GoDaddy दो DNS आधारित ओपन स्टैंडर्ड—DNS‑AID और Agent Name Service (ANS)—का समर्थन कर रहे हैं ताकि AI एजेंट इंटरनेट पर एक‑दूसरे को खोज और सत्यापित कर सकें। DNS‑AID एजेंट खोज और उनकी क्षमताओं के मेटाडेटा प्रकाशित करने पर केंद्रित है, जबकि ANS एजेंट की पहचान को किसी संगठन के डोमेन से क्रिप्टोग्राफिक तरीके स...
What does the announcement that Infoblox and GoDaddy are backing the open DNS-AID and ANS standards mean for AI agent identity and discoveryEmerging DNS-based standards aim to help AI agents identify themselves, publish capabilities, and verify trust across the open web.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What does the announcement that Infoblox and GoDaddy are backing the open DNS-AID and ANS standards mean for AI agent identity and discovery. Article summary: The announcement means two major DNS infrastructure companies are trying to make AI agents discoverable, identifiable, and verifiable using open web infrastructure rather than proprietary agent directories. In practice, . Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "We support Infoblox's work on DNS-AID and believe open standards for identity, discovery and verification will be critical as agents become part" source context "Business.Scoop » Infoblox And GoDaddy Support Open Standards For AI Agent Discovery, Identity And Verification" Reference image 2: visual subject "Infoblox is advancing
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इंटरनेट पर AI एजेंट तेजी से अधिक स्वायत्त होते जा रहे हैं—वे वेबसाइटों से डेटा लेते हैं, APIs कॉल करते हैं, लेन‑देन करते हैं और अलग‑अलग संगठनों की सेवाओं से बातचीत करते हैं। ऐसे माहौल में एक बुनियादी सवाल सामने आता है: किसी सिस्टम को कैसे पता चले कि सामने वाला AI एजेंट कौन है और क्या वह भरोसेमंद है?
मई 2026 में DNS इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियाँ Infoblox और GoDaddy दो पूरक ओपन स्टैंडर्ड—DNS‑AID और Agent Name Service (ANS)—का समर्थन लेकर सामने आईं। इनका उद्देश्य इंटरनेट के मौजूदा Domain Name System (DNS) का उपयोग करके AI एजेंटों की पहचान, खोज और सत्यापन को संभव बनाना है ।
इन प्रस्तावों का लक्ष्य एक ऐसा खुला वेब ढाँचा बनाना है जहाँ AI एजेंट अपनी क्षमताएँ प्रकाशित कर सकें, सत्यापित पहचान स्थापित कर सकें और अलग‑अलग संगठनों के एजेंटों को खोज सकें।
AI एजेंटों के लिए पहचान और खोज की ज़रूरत क्यों
आधुनिक AI एजेंट सिर्फ़ चैटबॉट नहीं रह गए हैं। कई सिस्टम ऐसे एजेंट बना रहे हैं जो:
APIs कॉल कर सकते हैं
कार्यप्रवाह (workflows) को ऑटोमेट कर सकते हैं
डिजिटल लेन‑देन कर सकते हैं
दूसरे एजेंटों या सेवाओं से बातचीत कर सकते हैं
जब ये एजेंट अलग‑अलग कंपनियों के सिस्टम के बीच काम करते हैं, तो एक साझा विश्वास और खोज प्रणाली की आवश्यकता पड़ती है।
Infoblox और GoDaddy का तर्क है कि यदि ऐसा ओपन ढाँचा नहीं बनाया गया, तो भविष्य में कुछ बड़ी कंपनियाँ या प्लेटफ़ॉर्म एजेंट पहचान और खोज पर नियंत्रण हासिल कर सकती हैं । इसलिए वे इस समस्या का समाधान इंटरनेट की मौजूदा आधारभूत तकनीक—DNS—पर बनाने का प्रस्ताव दे रहे हैं।
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"AI एजेंटों की पहचान और खोज के लिए DNS‑AID और ANS क्यों महत्वपूर्ण हो सकते हैं" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
Infoblox और GoDaddy दो DNS आधारित ओपन स्टैंडर्ड—DNS‑AID और Agent Name Service (ANS)—का समर्थन कर रहे हैं ताकि AI एजेंट इंटरनेट पर एक‑दूसरे को खोज और सत्यापित कर सकें।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
Infoblox और GoDaddy दो DNS आधारित ओपन स्टैंडर्ड—DNS‑AID और Agent Name Service (ANS)—का समर्थन कर रहे हैं ताकि AI एजेंट इंटरनेट पर एक‑दूसरे को खोज और सत्यापित कर सकें। DNS‑AID एजेंट खोज और उनकी क्षमताओं के मेटाडेटा प्रकाशित करने पर केंद्रित है, जबकि ANS एजेंट की पहचान को किसी संगठन के डोमेन से क्रिप्टोग्राफिक तरीके से जोड़ता है।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
इन दोनों प्रस्तावों को IETF के ओपन ड्राफ्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में कोई एक प्लेटफ़ॉर्म AI एजेंट पहचान और खोज पर नियंत्रण न कर सके।
ANS (Agent Name Service) – एजेंट पहचान और सत्यापन के लिए
दोनों मिलकर यह निर्धारित करने में मदद कर सकते हैं कि कोई एजेंट क्या है, वह क्या कर सकता है, और क्या उस पर भरोसा किया जा सकता है।
DNS‑AID: DNS के जरिए AI एजेंटों की खोज
DNS‑AID, जिसे Infoblox आगे बढ़ा रहा है, मुख्य रूप से AI एजेंटों को इंटरनेट पर खोजने योग्य बनाने पर केंद्रित है।
IETF ड्राफ्ट के अनुसार, यह एक संरचित DNS namespace और रिकॉर्ड मॉडल प्रस्तावित करता है जिसके जरिए संगठन अपने एजेंटों के बारे में मेटाडेटा प्रकाशित कर सकते हैं—जैसे:
एजेंट के endpoints
समर्थित प्रोटोकॉल
उपलब्ध क्षमताएँ या सेवाएँ
यह जानकारी उसी संगठन के डोमेन के DNS रिकॉर्ड में रखी जा सकती है। अन्य सिस्टम DNS क्वेरी करके यह पता लगा सकते हैं कि उस एजेंट से कैसे इंटरैक्ट करना है ।
DNS‑AID के प्रमुख लक्ष्य हैं:
बड़े पैमाने पर AI एजेंट खोज को सक्षम करना
एजेंटों के बीच मानकीकृत मेटाडेटा साझा करना
किसी केंद्रीकृत डायरेक्टरी के बिना इंटरऑपरेबिलिटी
क्योंकि DNS पहले से ही वैश्विक स्तर पर वितरित और व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली प्रणाली है, समर्थकों का मानना है कि यह इंटरनेट‑स्तरीय एजेंट खोज के लिए एक स्वाभाविक आधार बन सकती है ।
ANS: AI एजेंटों के लिए पहचान और भरोसे की परत
जहाँ DNS‑AID खोज पर ध्यान देता है, वहीं Agent Name Service (ANS) का मुख्य उद्देश्य पहचान और सत्यापन है।
ANS एक ऐसा सिस्टम प्रस्तावित करता है जिसमें किसी AI एजेंट की पहचान को उस संगठन के डोमेन नाम से जोड़ा जाता है जो उस एजेंट को नियंत्रित करता है। यह संबंध सार्वजनिक‑कुंजी अवसंरचना (PKI) और प्रमाणपत्रों के जरिए सत्यापित किया जाता है ।
व्यवहार में इसका मतलब है:
संगठन अपने डोमेन के स्वामित्व को प्रमाणित करता है
एजेंट की पहचान क्रिप्टोग्राफिक रूप से उस डोमेन से जुड़ती है
अन्य सिस्टम उस भरोसे की श्रृंखला को सत्यापित कर सकते हैं
ANS का लक्ष्य एक domain‑anchored trust layer बनाना है—खासकर तब जब AI एजेंट अलग‑अलग संगठनों के बीच काम कर रहे हों और कोई एक प्लेटफ़ॉर्म सार्वभौमिक पहचान प्रणाली प्रदान न करता हो ।
इन मानकों को DNS पर ही क्यों बनाया जा रहा है
दोनों प्रस्ताव जानबूझकर DNS पर आधारित हैं, क्योंकि यह पहले से इंटरनेट की मूलभूत नामकरण प्रणाली है।
DNS पहले से प्रदान करता है:
वैश्विक नामकरण ढाँचा
वितरित प्रशासन
इंटरनेट‑भर में व्यापक तैनाती
सुरक्षा तंत्र जैसे DNSSEC
चूँकि कंपनियाँ पहले से अपने डोमेन नियंत्रित करती हैं, वे अपने DNS में ही एजेंट से जुड़ी जानकारी प्रकाशित कर सकती हैं। इस तरह सत्यापन अंततः डोमेन स्वामित्व तक पहुँचता है—ठीक वैसे ही जैसे ईमेल प्रमाणीकरण, TLS प्रमाणपत्र या सर्विस डिस्कवरी में होता है ।
उदाहरण के लिए, यदि कोई कंपनी example.com डोमेन नियंत्रित करती है, तो वह उसी डोमेन के अंतर्गत अपने AI एजेंटों को प्रकाशित और सत्यापित कर सकती है—बिना किसी केंद्रीकृत प्लेटफ़ॉर्म पर निर्भर हुए।
IETF के ओपन ड्राफ्ट के रूप में इन्हें आगे क्यों बढ़ाया जा रहा है
DNS‑AID और ANS दोनों अभी Internet‑Drafts के रूप में Internet Engineering Task Force (IETF) की मानकीकरण प्रक्रिया में प्रस्तावित किए जा रहे हैं।
Internet‑Draft का अर्थ है कि प्रोटोकॉल अभी शुरुआती चरण में है और उद्योग विशेषज्ञों, नेटवर्क कंपनियों और शोधकर्ताओं के लिए खुला है ताकि वे इसे समीक्षा कर सकें और सुधार सुझा सकें।
IETF प्रक्रिया का महत्व इसलिए है क्योंकि:
तकनीकी स्पेसिफिकेशन सार्वजनिक होते हैं
कई कंपनियाँ संगत (compatible) सिस्टम बना सकती हैं
परिणामस्वरूप यह तकनीक खुले इंटरनेट का हिस्सा बन सकती है
हालाँकि अभी ये ड्राफ्ट प्रस्ताव हैं और आधिकारिक इंटरनेट मानक नहीं बने हैं, इसलिए इनके अंतिम स्वरूप और अपनाने को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है ।
एक ही कंपनी के नियंत्रण से एजेंट इकोसिस्टम को बचाने की कोशिश
इन प्रयासों के पीछे एक बड़ा उद्देश्य यह भी है कि भविष्य में AI एजेंटों की पहचान और खोज किसी एक प्लेटफ़ॉर्म के नियंत्रण में न आ जाए।
यदि एजेंट खोज और पहचान किसी निजी मार्केटप्लेस या बंद रजिस्ट्री के माध्यम से होती, तो प्लेटफ़ॉर्म ऑपरेटर यह तय कर सकते थे कि:
कौन से एजेंट खोज परिणामों में दिखाई देंगे
किन पहचान को भरोसेमंद माना जाएगा
एजेंट आपस में कैसे बातचीत करेंगे
DNS आधारित ओपन स्टैंडर्ड के साथ, कोई भी संगठन जिसके पास अपना डोमेन है, वह अपने एजेंट प्रकाशित और सत्यापित कर सकता है—ठीक उसी तरह जैसे आज कोई भी वेबसाइट होस्ट कर सकता है।
इस मॉडल में नियंत्रण प्लेटफ़ॉर्म कंपनियों से हटकर ओपन प्रोटोकॉल और डोमेन स्वामित्व की ओर चला जाता है, जिससे क्लाउड प्रदाताओं, रजिस्ट्रारों, एंटरप्राइज़ सिस्टम और AI प्लेटफ़ॉर्म के बीच बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी संभव हो सकती है ।
आगे क्या हो सकता है
DNS‑AID और ANS अभी शुरुआती चरण के बुनियादी ढाँचे के प्रस्ताव हैं, जिन्हें कुछ डेवलपर भविष्य के “agentic web” की आधारशिला मानते हैं—एक ऐसा इंटरनेट जहाँ सॉफ़्टवेयर एजेंट सक्रिय रूप से काम करते हैं।
यदि उद्योग में इन मानकों को व्यापक समर्थन मिलता है, तो वे भविष्य में एजेंट संचार प्रोटोकॉल, एक्सेस कंट्रोल और भरोसे की प्रणालियों के साथ मिलकर एक बड़े इंटरऑपरेबल ढाँचे का हिस्सा बन सकते हैं।
फिलहाल ये प्रयोगात्मक प्रस्ताव हैं, और इनका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि बड़े क्लाउड प्रदाता, AI प्लेटफ़ॉर्म और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियाँ इन्हें अपनाती हैं या नहीं।
techzine.euInfoblox and GoDaddy to identify AI agents via DNS
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