यह तरीका पारंपरिक फोल्डेबल फोन से अलग है। फोल्डेबल में स्क्रीन बीच से मुड़ती है, जिससे डिवाइस मोटा हो सकता है और स्क्रीन पर क्रीज़ दिख सकती है। रोलएबल डिजाइन में स्क्रीन धीरे‑धीरे बाहर रोल होती है, जिससे फोन अपेक्षाकृत पतला रह सकता है।
पेटेंट चित्रों से संकेत मिलता है कि फोन की बॉडी कई हिस्सों में बनी होगी। जब अंदर का सेक्शन बाहर की ओर स्लाइड करता है, तब स्क्रीन भी अंदर से अनरोल होकर देखने का क्षेत्र बढ़ा देती है।
इस डिजाइन की सबसे अलग विशेषता मूविंग रियर कैमरा सिस्टम है।
सामान्य स्मार्टफोन में कैमरा मॉड्यूल पीछे की एक स्थिर जगह पर लगा होता है। लेकिन इस पेटेंट में कैमरा को उस हिस्से पर लगाया गया है जो फोन के फैलने पर आगे की ओर स्लाइड करता है।
जब फोन बंद स्थिति में होता है, तो कैमरा लेंस फ्रेम में बने एक कटआउट के भीतर फिट रहते हैं। जैसे ही फोन चौड़ा होता है, कैमरा मॉड्यूल भी उसी स्लाइडिंग सेक्शन के साथ बाहर आ जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार डिवाइस में सेंसर भी हो सकते हैं जो यह पहचान सकें कि स्क्रीन कितनी दूर तक फैली है। इसके आधार पर सिस्टम इंटरफेस और अन्य कार्यों को स्वतः समायोजित कर सकता है।
दस्तावेज़ में दो अलग‑अलग रोलएबल कॉन्सेप्ट का उल्लेख मिलता है।
पहला डिजाइन अपेक्षाकृत पारंपरिक है—फोन सामान्य बार‑स्टाइल डिवाइस जैसा दिखता है, लेकिन स्क्रीन को साइड में खींचने पर यह चौड़ा होकर बड़ी डिस्प्ले में बदल जाता है।
दूसरा डिजाइन थोड़ा अलग है। इसमें स्क्रीन का बड़ा हिस्सा फोन की बॉडी के अंदर छिपा रहता है और जरूरत पड़ने पर बाहर रोल होकर दिखाई देता है। इससे डिस्प्ले को खरोंच या नुकसान से बचाने में मदद मिल सकती है।
दोनों ही विचारों का उद्देश्य एक ही है—पोर्टेबल फोन और बड़े टैबलेट अनुभव के बीच संतुलन बनाना।
पेटेंट प्रक्रिया में अक्सर कई साल लग जाते हैं, इसलिए तकनीक सामने आने और उसके विकास के बीच लंबा अंतर होना सामान्य है।
पेटेंट में विस्तृत डिजाइन दिखने के बावजूद यह तय नहीं है कि सैमसंग इस फोन को वास्तव में लॉन्च करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार कई पेटेंट सिर्फ प्रयोगात्मक विचारों को सुरक्षित रखने के लिए भी दायर किए जाते हैं।
हालांकि सैमसंग ने MWC 2026 जैसे आयोजनों में स्लाइडिंग और एक्सपैंडेबल डिस्प्ले के कॉन्सेप्ट भी दिखाए थे, जिनमें "Mobile Slidable" नाम का प्रोटोटाइप शामिल था जो स्क्रीन को बड़ा कर सकता है।
लेकिन ऐसे डिवाइस को बाजार में लाने से पहले कई तकनीकी चुनौतियां हल करनी होंगी, जैसे:
भले ही यह विशेष डिजाइन कभी लॉन्च न हो, यह पेटेंट दिखाता है कि सैमसंग ऐसे स्मार्टफोन पर काम कर रहा है जिनका आकार जरूरत के अनुसार बदल सके।
अगर यह तकनीक व्यावहारिक बनती है, तो भविष्य में ऐसे फोन देखने को मिल सकते हैं जो जेब में कॉम्पैक्ट हों लेकिन जरूरत पड़ने पर टैबलेट जैसी बड़ी स्क्रीन दे सकें—और वह भी बिना पारंपरिक फोल्डेबल की मोटाई के। फिलहाल यह तकनीक भविष्य की एक झलक भर है।
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