AI पर भारी निवेश के बावजूद कंपनियों को अपेक्षित उत्पादकता क्यों नहीं मिल रही
Randstad Digital की रिपोर्ट के अनुसार कंपनियां AI तकनीक में तेजी से निवेश कर रही हैं, लेकिन कर्मचारियों के प्रशिक्षण की गति उससे पीछे है, जिससे ‘प्रोडक्टिविटी पैराडॉक्स’ पैदा हो रहा है। लगभग दो‑तिहाई नियोक्ताओं ने पिछले साल AI में निवेश किया, लेकिन करीब आधे टेक प्रोफेशनल्स को खुद AI प्रशिक्षण ढूंढना पड़ रहा है क्यों...
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Randstad Digital की रिपोर्ट के अनुसार कंपनियां AI तकनीक में तेजी से निवेश कर रही हैं, लेकिन कर्मचारियों के प्रशिक्षण की गति उससे पीछे है, जिससे ‘प्रोडक्टिविटी पैराडॉक्स’ पैदा हो रहा है।
लगभग दो‑तिहाई नियोक्ताओं ने पिछले साल AI में निवेश किया, लेकिन करीब आधे टेक प्रोफेशनल्स को खुद AI प्रशिक्षण ढूंढना पड़ रहा है क्योंकि कंपनियां पर्याप्त तैयारी नहीं कर रहीं।[4]
रिपोर्ट के अनुसार एक‑बार वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम काम नहीं कर रहे; कंपनियों को निरंतर और भूमिका‑आधारित सीखने की व्यवस्था यानी “Training as a Service” अपनानी होगी।
What does Randstad Digital’s new report reveal about the growing gap between rapid AI investment and workers’ actual AI skills, including thMany organizations are deploying AI tools faster than they are building the workforce skills needed to use them effectively.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What does Randstad Digital’s new report reveal about the growing gap between rapid AI investment and workers’ actual AI skills, including th. Article summary: Randstad Digital’s report, The AI Capability Gap: Why Technology Investment Fails Without Talent Infrastructure, says the main constraint on AI transformation is not the technology itself, but the human element.. Topic tags: general, news, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "A hand interacts with a digital interface displaying the word "SKILLS" surrounded by icons representing data analysis, teamwork, innovation, artificial intelligence, and goal setti" Reference image 2: visual subject "A young man with glasses stands in front of server racks, with a digital graphic overlay highlighting the AI capabil
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कई कंपनियां आज AI टूल्स और प्लेटफ़ॉर्म पर भारी निवेश कर रही हैं। उम्मीद यह थी कि इससे काम तेज़ होगा, लागत घटेगी और उत्पादकता में बड़ा उछाल आएगा। लेकिन वास्तविकता थोड़ी अलग दिख रही है।
Randstad Digital की नई वैश्विक रिपोर्ट “The AI Capability Gap: Why Technology Investment Fails Without Talent Infrastructure” के अनुसार कंपनियां AI तकनीक को अपनाने में तो तेज़ हैं, लेकिन कर्मचारियों को उसे प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए तैयार करने में पीछे रह गई हैं। यही अंतर अब एक बड़ी AI capability gap में बदल रहा है।
एंटरप्राइज़ AI का “प्रोडक्टिविटी पैराडॉक्स” क्या है
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"AI पर भारी निवेश के बावजूद कंपनियों को अपेक्षित उत्पादकता क्यों नहीं मिल रही" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
Randstad Digital की रिपोर्ट के अनुसार कंपनियां AI तकनीक में तेजी से निवेश कर रही हैं, लेकिन कर्मचारियों के प्रशिक्षण की गति उससे पीछे है, जिससे ‘प्रोडक्टिविटी पैराडॉक्स’ पैदा हो रहा है।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
Randstad Digital की रिपोर्ट के अनुसार कंपनियां AI तकनीक में तेजी से निवेश कर रही हैं, लेकिन कर्मचारियों के प्रशिक्षण की गति उससे पीछे है, जिससे ‘प्रोडक्टिविटी पैराडॉक्स’ पैदा हो रहा है। लगभग दो‑तिहाई नियोक्ताओं ने पिछले साल AI में निवेश किया, लेकिन करीब आधे टेक प्रोफेशनल्स को खुद AI प्रशिक्षण ढूंढना पड़ रहा है क्योंकि कंपनियां पर्याप्त तैयारी नहीं कर रहीं।[4]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
रिपोर्ट के अनुसार एक‑बार वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम काम नहीं कर रहे; कंपनियों को निरंतर और भूमिका‑आधारित सीखने की व्यवस्था यानी “Training as a Service” अपनानी होगी।
रिपोर्ट इस स्थिति को “productivity paradox” कहती है। इसका मतलब है कि कर्मचारी AI टूल्स की मदद से व्यक्तिगत स्तर पर काम जल्दी पूरा कर लेते हैं, लेकिन पूरे संगठन की उत्पादकता में वही बढ़ोतरी दिखाई नहीं देती।
रिपोर्ट का कहना है कि समस्या तकनीक की क्षमता नहीं है। असली चुनौती है मानव ढांचा (human infrastructure)—यानी कौशल, प्रशिक्षण और कामकाज की प्रक्रियाओं में AI को सही तरह से जोड़ना।
आज कई कंपनियां अपने टेक स्टैक में तेज़ी से AI लागू कर रही हैं, लेकिन उनमें से बहुत‑सी अभी तक उन व्यावसायिक परिणामों तक नहीं पहुंच पाई हैं जिनके लिए यह निवेश किया गया था।
AI स्किल गैप को दिखाने वाले अहम आंकड़े
रिपोर्ट और उससे जुड़े अध्ययनों में कई ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जो बताते हैं कि AI अपनाने की रफ्तार कर्मचारियों की तैयारी से कहीं ज्यादा तेज़ है:
पिछले एक साल में लगभग दो‑तिहाई नियोक्ताओं ने AI में निवेश किया। लेकिन कई कंपनियां तकनीक पर ज्यादा और प्रशिक्षण पर कम खर्च कर रही हैं।
करीब आधे टेक प्रोफेशनल्स खुद से AI प्रशिक्षण ले रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके नियोक्ता उन्हें पर्याप्त रूप से तैयार नहीं कर रहे।
सिर्फ लगभग 32% कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण मिलता है, जबकि AI‑संबंधित भूमिकाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।
2025 के दौरान AI‑एजेंट कौशल की मांग वाले जॉब पोस्टिंग लगभग 1,587% बढ़ गए, जो उन्नत AI सिस्टम की ओर तेज़ बदलाव को दिखाता है।
भारत जैसे बाजारों में करीब 50% संगठनों ने AI प्रशिक्षण शुरू किया है, फिर भी कौशल अंतर बढ़ता जा रहा है।
इसके अलावा Randstad के Workmonitor 2026 सर्वे में यह भी पाया गया कि कर्मचारियों का तकनीकी कौशल पर भरोसा 14 प्रतिशत अंक घट गया है—जो दिखाता है कि कार्यस्थल की तकनीक कर्मचारियों की तैयारी से कहीं तेज़ बदल रही है।
एक‑बार वाले AI प्रशिक्षण कार्यक्रम क्यों असफल हो रहे हैं
कई कंपनियां नई तकनीक आने पर एक छोटा प्रशिक्षण कार्यक्रम या एक‑दो आंतरिक कोर्स शुरू कर देती हैं। लेकिन Randstad Digital के अनुसार AI की तेज़ी से बदलती दुनिया में यह तरीका पर्याप्त नहीं है।
AI अब लगभग हर विभाग में पहुंच चुका है—सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, ऑपरेशंस, मार्केटिंग, ग्राहक सेवा और निर्णय‑निर्माण तक। इसलिए कर्मचारियों को लगातार और भूमिका‑विशेष (role‑specific) सीखने की जरूरत होती है, ताकि वे अपने रोज़मर्रा के काम में AI का सही उपयोग कर सकें।
जब प्रशिक्षण सामान्य या कभी‑कभार का होता है, तो कर्मचारी व्यावहारिक दक्षता विकसित नहीं कर पाते। यही कारण है कि कई टेक प्रोफेशनल्स खुद से प्रशिक्षण ढूंढ रहे हैं।
असली समस्या: टैलेंट इंफ्रास्ट्रक्चर
रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि AI परिवर्तन केवल तकनीकी चुनौती नहीं है—यह टैलेंट और संगठनात्मक क्षमता की समस्या भी है।
कंपनियां भले ही उन्नत AI प्लेटफ़ॉर्म तैनात कर दें, लेकिन यदि कर्मचारियों में उन टूल्स को प्रक्रियाओं और निर्णय‑निर्माण में शामिल करने की क्षमता नहीं है, तो निवेश का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।
यही असंतुलन—तकनीक पर भारी खर्च और मानव कौशल पर सीमित निवेश—AI capability gap को जन्म देता है।
“Training as a Service” क्यों जरूरी बताया गया
Randstad Digital का सुझाव है कि कंपनियों को पारंपरिक प्रशिक्षण मॉडल से आगे बढ़ना होगा। इसके लिए वे “Training as a Service” नामक दृष्टिकोण की बात करते हैं।
इस मॉडल में प्रशिक्षण एक बार का कार्यक्रम नहीं होता, बल्कि एक निरंतर प्रणाली बन जाता है जो AI टूल्स और व्यवसायिक प्रक्रियाओं के साथ‑साथ विकसित होती रहती है।
आमतौर पर इसमें शामिल होते हैं:
भूमिका‑विशेष AI कौशल, जो सीधे नौकरी के कार्यों से जुड़े हों
लगातार सीखने की व्यवस्था, क्योंकि AI टूल्स लगातार बदलते रहते हैं
प्रशिक्षण को कर्मचारियों के दैनिक वर्कफ़्लो के साथ जोड़ना
कंपनियों के लिए इसका क्या मतलब है
रिपोर्ट का मुख्य संदेश स्पष्ट है: AI परिवर्तन केवल तकनीक से नहीं, लोगों से भी संचालित होता है।
अगर कंपनियां कर्मचारियों के कौशल में लगातार निवेश नहीं करतीं, तो उनके पास अत्याधुनिक AI टूल्स तो होंगे—लेकिन उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने की क्षमता नहीं होगी। यही कारण है कि कई संगठनों में काम तो तेज़ हो रहा है, लेकिन कुल प्रदर्शन में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा।
Randstad Digital के अनुसार, जो कंपनियां निरंतर प्रशिक्षण और भूमिका‑आधारित कौशल विकास को अपनाएंगी, वही आने वाले AI युग में अपने निवेश का वास्तविक लाभ उठा पाएंगी।