अगर यह विकल्प सक्रिय हुआ तो उससे नार्विक कैंपस में करीब 115 मेगावॉट अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता बनाई जा सकती है।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में ऐसी व्यवस्था इसलिए रखी जाती है ताकि:
शुरुआत में यह प्रोजेक्ट OpenAI की वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पहल “Stargate” से जुड़ा हुआ बताया जा रहा था। योजना यह थी कि OpenAI यहां बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग क्षमता किराए पर लेगा।
लेकिन Nscale और OpenAI के बीच आखिरी समझौता नहीं हो पाया, जिसके बाद OpenAI इस प्रोजेक्ट से पीछे हट गया।
इसके बाद स्थिति तेजी से बदली — और माइक्रोसॉफ्ट ने उस खाली पड़ी कंप्यूट क्षमता को अपने लिए ले लिया। इससे नार्विक डेटा सेंटर की कहानी OpenAI‑केंद्रित से बदलकर माइक्रोसॉफ्ट‑केंद्रित हो गई।
Nscale और माइक्रोसॉफ्ट के बीच हुए नए समझौते के तहत:
असल में माइक्रोसॉफ्ट इस इंफ्रास्ट्रक्चर को किराए पर लेकर Azure AI और अन्य क्लाउड सेवाओं के लिए इस्तेमाल करेगा। कंपनी पहले ही इस साइट से जुड़ी लगभग $6.2 बिलियन की क्षमता प्रतिबद्धता कर चुकी है।
दुनिया भर में AI मॉडल ट्रेनिंग और जनरेटिव AI सेवाओं के लिए भारी कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत बढ़ रही है। इसी वजह से बड़े डेटा सेंटर और GPU‑आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
Nscale इसी दौड़ में तेजी से उभर रही कंपनियों में शामिल है। 2026 में कंपनी ने $2 बिलियन का Series C फंडिंग राउंड पूरा किया, जिससे उसकी वैल्यूएशन करीब $14.6 बिलियन हो गई। कुल मिलाकर कंपनी ने लगभग एक साल में $4.9 बिलियन से अधिक पूंजी जुटा ली।
नार्विक AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट की कहानी पिछले एक साल में काफी बदली है — OpenAI की शुरुआती योजना से लेकर माइक्रोसॉफ्ट के बड़े ग्राहक बनने तक।
अब:
इन सबके साथ यह प्रोजेक्ट यूरोप में AI कंप्यूटिंग का एक बड़ा हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यदि अतिरिक्त ‘accordion’ फाइनेंसिंग भी उपयोग में लाई जाती है, तो नार्विक कैंपस आने वाले वर्षों में महाद्वीप के सबसे बड़े AI डेटा सेंटर क्लस्टरों में से एक बन सकता है।
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