कई बड़े बैंक पारंपरिक fiat खातों के साथ‑साथ stablecoin‑denominated settlement accounts तैयार करने की योजना बना रहे हैं। ब्लॉकचेन पर stablecoins के जरिए बैंक‑टू‑बैंक ट्रांसफर सीधे हो सकते हैं, जिससे correspondent banks की जरूरत कम हो सकती है। Visa जैसे नेटवर्क पहले ही Solana पर USDC settlement का प्रयोग कर रहे हैं, ज...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What does Maya Caddle of the Solana Foundation mean by saying major banks are preparing stablecoin settlement accounts, how would stablecoin. Article summary: Maya Caddle’s point is that banks are not just experimenting with stablecoins as a retail crypto product; they are preparing account and settlement infrastructure so banks can hold, send, receive, and reconcile tokenized. Topic tags: general, general web, user generated, government, education. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Qivalis: European banks join forces to launch a euro stablecoin under MiCA. * Ten major European banks have created Qivalis to issue a euro‑denominated stablecoin. * The token wi" source context "Qivalis: European banks prepare a regulated euro stablecoin" Reference image 2: visual subjec
Stablecoins को अब सिर्फ क्रिप्टो ट्रेडिंग या रिटेल उपयोग तक सीमित नहीं देखा जा रहा। कई वित्तीय संस्थान उन्हें बैंक‑टू‑बैंक पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में भी देखने लगे हैं। Solana Foundation की पेमेंट्स एग्जीक्यूटिव माया कैडल के अनुसार, बड़े बैंक ऐसे stablecoin‑denominated settlement accounts तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं जो पारंपरिक fiat खातों के साथ चल सकें। इसका उद्देश्य कुछ अंतरराष्ट्रीय भुगतानों को तेज़ और सरल बनाना है, जबकि नियामकीय और तरलता से जुड़ी ज़रूरतों के लिए मौजूदा बैंकिंग सिस्टम बना रहेगा।
साधारण भाषा में, इसका मतलब है कि बैंक अपने पास ऐसी बैलेंस शीट एंट्री रख सके जो किसी डॉलर‑पेग्ड stablecoin—जैसे USDC—में हो। अभी ज्यादातर इंटरबैंक सेटलमेंट पारंपरिक fiat खातों और correspondent banks के जरिए होता है।
अंतरराष्ट्रीय भुगतान में अक्सर कई बैंक बीच में शामिल होते हैं। हर बैंक अपनी लेजर अपडेट करता है, जिससे समय, फीस और reconciliation की जटिलता बढ़ जाती है। इसके विपरीत, stablecoin के जरिए टोकनाइज़्ड डॉलर सीधे ब्लॉकचेन नेटवर्क पर ट्रांसफर हो सकते हैं।
इस मॉडल में सामान्यतः:
बैंक के भीतर ग्राहक की बैलेंस अभी भी पारंपरिक fiat में ही ट्रैक की जा सकती है। Stablecoin मुख्यतः इंटरबैंक सेटलमेंट एसेट के रूप में काम करेगा, जैसे आज correspondent balances या केंद्रीय बैंक रिज़र्व काम करते हैं।
यह मान लेना गलत होगा कि stablecoins तुरंत पारंपरिक पेमेंट सिस्टम को बदल देंगे। अधिक यथार्थवादी मॉडल यह है कि दोनों साथ‑साथ चलेंगे।
एक संभावित भुगतान प्रवाह इस तरह हो सकता है:
इस प्रक्रिया में कई बार बीच के correspondent banks की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही ब्लॉकचेन नेटवर्क 24/7 चलते हैं, इसलिए सेटलमेंट बैंकिंग घंटों तक सीमित नहीं रहता।
फिर भी कई मामलों में पारंपरिक सिस्टम आवश्यक रहेंगे—जैसे नियामकीय रिपोर्टिंग, विदेशी मुद्रा तरलता (FX liquidity), या ऐसे देशों में जहां stablecoin सेटलमेंट अभी स्वीकृत नहीं है।
कई ब्लॉकचेन नेटवर्क इस बात की प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं कि stablecoin ट्रांसफर का मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर कौन बनेगा। Solana खुद को एक हाई‑थ्रूपुट पेमेंट नेटवर्क के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
इस दिशा में कुछ शुरुआती संस्थागत संकेत भी दिखाई दिए हैं। उदाहरण के लिए, Visa ने ऐसी सेटलमेंट क्षमता शुरू की है जिसमें भाग लेने वाले बैंक Solana ब्लॉकचेन पर USDC के जरिए कुछ दायित्वों का सेटलमेंट कर सकते हैं। शुरुआती प्रतिभागियों में Cross River Bank और Lead Bank शामिल हैं।
बैंकों और पेमेंट नेटवर्क के लिए stablecoin सेटलमेंट के कुछ संभावित लाभ हैं:
Solana की रणनीति यह है कि वह टोकनाइज़्ड डॉलर के लिए एक वैश्विक सेटलमेंट लेयर बने, जिसका उपयोग मर्चेंट सेटलमेंट, क्रॉस‑बॉर्डर पेआउट और संस्थागत ट्रेज़री ट्रांसफर में हो सके।
पिछले कुछ वर्षों में stablecoin उपयोग तेज़ी से बढ़ा है। रिपोर्टों के अनुसार 2025 में stablecoin ट्रांज़ैक्शन वॉल्यूम लगभग 33 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
इतनी बड़ी मात्रा यह संकेत देती है कि टोकनाइज़्ड डॉलर पहले से ही व्यापक रूप से उपयोग में हैं—चाहे वह क्रिप्टो ट्रेडिंग हो, भुगतान हो या तरलता प्रबंधन। यह पैमाना बैंकों को यह परखने का अवसर देता है कि क्या ब्लॉकचेन‑आधारित सेटलमेंट वैश्विक स्तर पर व्यवहार्य हो सकता है।
यदि ग्राहक तेज़ अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर या 24/7 ट्रेज़री ऑपरेशन की मांग करते हैं, तो वित्तीय संस्थानों के लिए stablecoin इंफ्रास्ट्रक्चर अपनाने का दबाव बढ़ सकता है।
बैंकों के लिए सबसे बड़ी बाधाओं में से एक लंबे समय तक नियामकीय अनिश्चितता रही है। 2025 में लागू GENIUS Act (Guiding and Establishing National Innovation for U.S. Stablecoins) ने अमेरिका में payment stablecoins के लिए पहला व्यापक संघीय ढांचा बनाया।
इस कानून के तहत:
इस तरह की स्पष्टता बैंकों के लिए कानूनी और अनुपालन जोखिम को कम कर सकती है। जब नियम स्पष्ट होते हैं, तब बैंक stablecoin से जुड़े custody सिस्टम, treasury टूल और settlement इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में अधिक सहज महसूस करते हैं।
निकट भविष्य में सबसे संभावित परिदृश्य एक हाइब्रिड वित्तीय प्रणाली का है। बैंक पारंपरिक correspondent नेटवर्क का उपयोग जारी रख सकते हैं, लेकिन जहां गति और लागत का फायदा हो वहां stablecoin rails जोड़ सकते हैं।
इसका मतलब यह है कि stablecoins मौजूदा बैंकिंग ढांचे को पूरी तरह बदलने के बजाय एक अतिरिक्त सेटलमेंट लेयर बन सकते हैं—खासतौर पर cross‑border payments और संस्थागत तरलता प्रबंधन के लिए।
हालांकि शुरुआती प्रयोग और निवेश शुरू हो चुके हैं, लेकिन व्यापक बैंक अपनाने की प्रक्रिया अभी भी शुरुआती चरण में है।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
कई बड़े बैंक पारंपरिक fiat खातों के साथ‑साथ stablecoin‑denominated settlement accounts तैयार करने की योजना बना रहे हैं।
कई बड़े बैंक पारंपरिक fiat खातों के साथ‑साथ stablecoin‑denominated settlement accounts तैयार करने की योजना बना रहे हैं। ब्लॉकचेन पर stablecoins के जरिए बैंक‑टू‑बैंक ट्रांसफर सीधे हो सकते हैं, जिससे correspondent banks की जरूरत कम हो सकती है।
Visa जैसे नेटवर्क पहले ही Solana पर USDC settlement का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे संस्थागत उपयोग के संकेत मिलते हैं।