IDC को अब 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 16.7% घटकर एक अरब यूनिट से कुछ अधिक रहने का अनुमान है। इसके बावजूद बाजार का कुल मूल्य 6.3% बढ़कर 613 अरब डॉलर पहुंच सकता है, क्योंकि औसत बिक्री कीमत 27.6% बढ़कर 581 डॉलर ह... AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग और मेमोरी चिप की कमी ने कम कीमत वाले फोन और कम मार्जिन वाले...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What does IDC’s latest Worldwide Quarterly Mobile Phone Tracker forecast imply for the global smartphone market in 2026—including the projec. Article summary: IDC’s forecast implies a sharp, likely structural reset: smartphones are becoming a lower-volume but higher-revenue market, with affordable devices and low-margin vendors absorbing most of the pain. The most defensible c. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
IDC के ताजा अनुमान से स्मार्टफोन बाजार की एक असामान्य तस्वीर सामने आती है: फोन कम बिकेंगे, लेकिन बाजार की कुल कमाई बढ़ेगी। Worldwide Quarterly Mobile Phone Tracker के अनुसार, 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 16.7% घटकर एक अरब यूनिट से कुछ अधिक रह सकते हैं। यह उद्योग के इतिहास में सबसे बड़ी सालाना गिरावट होगी। दूसरी ओर, बाजार का कुल मूल्य 6.3% बढ़कर 613 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है। इसकी मुख्य वजह औसत बिक्री कीमत का 27.6% बढ़कर 581 डॉलर होना है। 19
सीधी भाषा में कहें तो उपभोक्ता कम फोन खरीदेंगे, लेकिन जो फोन बिकेंगे वे औसतन कहीं अधिक महंगे होंगे। इसका सबसे बड़ा असर बजट और एंट्री-लेवल स्मार्टफोन पर पड़ने की आशंका है।
IDC का ताजा अनुमान पिछली भविष्यवाणी से काफी कमजोर है। एक तिमाही पहले रिसर्च फर्म ने 2026 में 13.9% गिरावट का अनुमान लगाया था। इससे पहले फरवरी में उसने शिपमेंट 12.9% घटकर 1.12 अरब यूनिट रहने की बात कही थी। 19 1
अनुमानों में यह लगातार गिरावट दिखाती है कि मेमोरी संकट बढ़ने के साथ बाजार की स्थिति कितनी तेजी से बदली है। IDC ने पहले ही चेतावनी दी थी कि मेमोरी की बढ़ती कीमतें यूनिट बिक्री घटा सकती हैं, जबकि औसत बिक्री कीमत ऊपर जा सकती है। 11
नतीजा यह है कि स्मार्टफोन कारोबार अब मात्रा के बजाय कीमत और उत्पाद-मिश्रण से बढ़ता दिखाई दे रहा है।
यह संकट 2025 के अंत में उभरी मेमोरी चिप की कमी से जुड़ा है। AI से संबंधित डेटा सेंटर और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेमोरी क्षमता की बढ़ती मांग ने सप्लाई चेन पर अतिरिक्त दबाव डाला है। NAND और DRAM की बढ़ती लागत का बोझ फोन निर्माता और अंततः खरीदार उठा रहे हैं। 19 6
IDC के पहले के विश्लेषण के अनुसार, इसका असर 2027 तक बना रह सकता है। 2026 में DRAM और NAND सप्लाई की वृद्धि भी ऐतिहासिक औसत से कम रहने का अनुमान है। 22 इसलिए यह केवल कुछ महीनों की लागत वृद्धि नहीं, बल्कि लंबे समय तक ऊंची लागत के साथ काम करने की चुनौती बन सकती है।
100 डॉलर से कम कीमत वाले फोन इस बदलाव के सबसे बड़े शिकार हैं। 2026 की दूसरी तिमाही में इस सेगमेंट के शिपमेंट सालाना आधार पर लगभग 60% गिर गए। एंट्री-लेवल फोन बनाने वाली कंपनियां ऐसे मॉडल घटा रही हैं जिन्हें मुनाफे के साथ बेचना मुश्किल हो गया है। 19
यह एक दबाव-चक्र बनाता है: महंगे कंपोनेंट से फोन की कीमत बढ़ती है, कीमत बढ़ने से बजट खरीदारों की मांग घटती है और कम मांग के कारण कम मार्जिन वाले ब्रांडों के लिए कारोबार को टिकाऊ बनाना और कठिन हो जाता है।
IDC के अनुमान में 2026 के दौरान Android स्मार्टफोन शिपमेंट 24.3% घट सकते हैं, जबकि iOS डिवाइसों में गिरावट केवल 1.3% रहने की संभावना है। इससे Apple की वैश्विक हिस्सेदारी रिकॉर्ड 23.6% तक पहुंच सकती है, भले ही कंपनी भी बाजार की कुल गिरावट से पूरी तरह अछूती न रहे। 19
इस अंतर की एक बड़ी वजह दोनों प्लेटफॉर्म का अलग उत्पाद-मिश्रण है। Android की मौजूदगी एंट्री-लेवल और कीमत-संवेदनशील बाजार में अधिक है। Apple का कारोबार मुख्य रूप से प्रीमियम फोन पर केंद्रित है, जहां ब्रांड निष्ठा, फाइनेंसिंग विकल्प और ज्यादा मार्जिन कीमत बढ़ने का असर कुछ हद तक संभाल सकते हैं।
Xiaomi जैसे कम कीमत वाले चीनी ब्रांड भी बजट Android बाजार पर पड़ रहे इसी दबाव के सामने हैं। हालांकि उपलब्ध आंकड़े Xiaomi के वैश्विक शिपमेंट का अलग अनुमान नहीं देते। इसलिए Xiaomi के बारे में निष्कर्ष को IDC की स्वतंत्र भविष्यवाणी नहीं, बल्कि Android और एंट्री-लेवल सेगमेंट के रुझानों का संभावित असर समझना चाहिए। 19
Samsung को अपनी व्यापक सेमीकंडक्टर गतिविधियों से रणनीतिक लाभ मिल सकता है, खासकर मेमोरी और लॉजिक चिप की उपलब्धता के मामले में। भारत में 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़े Samsung और Apple की अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति दिखाते हैं, लेकिन उपलब्ध साक्ष्य Samsung के वैश्विक लागत लाभ को अलग से मापते नहीं हैं। 4 6
भारत इस बदलाव का स्पष्ट उदाहरण है। 2026 की दूसरी तिमाही में देश में स्मार्टफोन शिपमेंट सालाना आधार पर 11.1% घटकर 3.32 करोड़ यूनिट रह गए। इसके बावजूद बाजार का मूल्य 3.6% बढ़ा। IDC ने गिरावट के लिए ऊंची मेमोरी लागत और घटती सामर्थ्य को जिम्मेदार बताया। 18
पहली तिमाही में भी ऐसा ही पैटर्न देखने को मिला था। शिपमेंट 4.1% घटे, लेकिन बाजार मूल्य 5.8% बढ़ा और औसत बिक्री कीमत रिकॉर्ड 302 डॉलर रही। 23
इसका अर्थ यह नहीं है कि खरीदार कीमत को लेकर बेपरवाह हो गए हैं। बल्कि इसका संकेत यह है कि जो लोग फोन खरीद रहे हैं, उनमें महंगे मॉडल की हिस्सेदारी बढ़ रही है, जबकि कुछ उपभोक्ता अपग्रेड टाल रहे हैं या बाजार से बाहर रह रहे हैं।
व्यापक गिरावट के बीच फोल्डेबल फोन अपवाद बने हुए हैं। IDC को 2026 में इनके शिपमेंट 12.6% बढ़कर 2.29 करोड़ यूनिट पहुंचने की उम्मीद है। साल की दूसरी छमाही में Apple के इस श्रेणी में प्रवेश की संभावना भी इस वृद्धि को गति दे सकती है। 19
निर्माताओं के लिए फोल्डेबल फोन इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे अलग पहचान और ऊंची कीमत वाले प्रीमियम उत्पाद पेश करने का अवसर देते हैं। लेकिन कुल मात्रा के लिहाज से यह बाजार अभी बहुत छोटा है। इसलिए फोल्डेबल फोन मुख्यधारा के स्मार्टफोन बाजार में होने वाली भारी गिरावट की भरपाई नहीं कर सकते।
उपलब्ध साक्ष्य यह जरूर बताते हैं कि सस्ते और लगातार बेहतर होते स्मार्टफोन का पुराना कारोबारी मॉडल गंभीर दबाव में है। सीमित मेमोरी सप्लाई, AI से जुड़ी मांग, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगे कंपोनेंट उन कंपनियों को लाभ देते हैं जिनके पास बड़े पैमाने पर खरीद, मजबूत सप्लाई चेन, प्रीमियम उत्पाद या विविध सेमीकंडक्टर कारोबार है। 19 22
हालांकि इसे सस्ते फोन का स्थायी अंत कहना अभी जल्दबाजी होगी। IDC का अनुमान कम से कम 2028 तक मेमोरी कीमतों पर दबाव की बात करता है, लेकिन यह भविष्य में किफायती स्मार्टफोन की वापसी को असंभव नहीं बताता। नई सेमीकंडक्टर क्षमता, AI मांग में बदलाव, उपभोक्ताओं के व्यवहार या व्यापार नीति में परिवर्तन बाजार का संतुलन बदल सकते हैं। 19
ज्यादा सटीक निष्कर्ष यह है कि आने वाले वर्षों में बेहद सस्ते फोन के विकल्प कम और महंगे हो सकते हैं। निर्माताओं के पास प्रीमियम मॉडल को प्राथमिकता देने, एंट्री-लेवल पोर्टफोलियो घटाने और मेमोरी जैसे अहम कंपोनेंट की सप्लाई पहले से सुरक्षित करने का प्रोत्साहन बढ़ेगा।
IDC के आंकड़े तीन तात्कालिक प्रभावों की ओर इशारा करते हैं:
स्मार्टफोन बाजार खत्म नहीं हो रहा है। वह दो अलग कारोबारों में बंट रहा है—एक प्रीमियम बाजार, जो कम यूनिट में भी अधिक मूल्य पैदा कर सकता है, और दूसरा बजट बाजार, जहां बढ़ती कंपोनेंट लागत कम कीमत वाले फोन की पूरी अर्थव्यवस्था को चुनौती दे रही है।
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IDC को अब 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 16.7% घटकर एक अरब यूनिट से कुछ अधिक रहने का अनुमान है। इसके बावजूद बाजार का कुल मूल्य 6.3% बढ़कर 613 अरब डॉलर पहुंच सकता है, क्योंकि औसत बिक्री कीमत 27.6% बढ़कर 581 डॉलर ह...
IDC को अब 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 16.7% घटकर एक अरब यूनिट से कुछ अधिक रहने का अनुमान है। इसके बावजूद बाजार का कुल मूल्य 6.3% बढ़कर 613 अरब डॉलर पहुंच सकता है, क्योंकि औसत बिक्री कीमत 27.6% बढ़कर 581 डॉलर ह... AI से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग और मेमोरी चिप की कमी ने कम कीमत वाले फोन और कम मार्जिन वाले ब्रांडों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। इससे प्रीमियम डिवाइसों की ओर बाजार का झुकाव तेज हो रहा है। [19] [6]
फोल्डेबल फोन इस गिरावट के बीच एक उजला क्षेत्र हैं। इनके शिपमेंट 2026 में 12.6% बढ़कर 2.29 करोड़ यूनिट हो सकते हैं, लेकिन यह वृद्धि पूरे मास मार्केट संकुचन की भरपाई के लिए काफी नहीं है। [19]