Goldman Sachs का अनुमान है कि 2035 तक चीन में 7 नैनोमीटर और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स की घरेलू आपूर्ति हर महीने 4,10,000 तक पहुंच सकती है—जो 6,19,000 की अनुमानित मांग का करीब 66% होगी। मॉडल में 2025 से 2035 के बीच आपूर्ति में सालाना 46% की चक्रवृद्धि वृद्धि, बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर और AI निवेश, SMIC की क्षमता वृद...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What does Goldman Sachs’s 2026 projection say about China’s ability to meet its domestic demand for advanced semiconductors—specifically, ho. Article summary: Goldman Sachs’s projection is not that China becomes fully self-sufficient in leading-edge chips by 2035. It is a high-growth but conditional scenario: domestic supply of 7nm-and-below wafers reaches about two-thirds of . Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
Goldman Sachs का 2026 का अनुमान चीन के लिए पूरी सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की घोषणा नहीं है। यह विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता में बड़ी कमी का एक शर्तों पर आधारित औद्योगिक परिदृश्य है।
बैंक के मॉडल के अनुसार, चीन में 7 नैनोमीटर और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स का घरेलू उत्पादन 2035 तक हर महीने करीब 4,10,000 वेफर्स हो सकता है। इसके मुकाबले अनुमानित घरेलू मांग 6,19,000 वेफर्स प्रति माह होगी। यानी चीन करीब 66% मांग खुद पूरी कर सकेगा, जबकि लगभग 34% आपूर्ति अंतर बना रहेगा। 2
6
Goldman Sachs का अनुमान है कि 2025 से 2035 के बीच चीन में 7nm और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स की घरेलू आपूर्ति 46% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ेगी। इसी अवधि में घरेलू मांग करीब 17% सालाना बढ़ने का अनुमान है। इस मांग को मुख्य रूप से AI सर्वर और उनसे जुड़े कंप्यूटिंग कार्यभार बढ़ावा देंगे। 2
10
इसका असर आपूर्ति-कवरेज पर साफ दिखेगा:
इस गणना का मतलब है कि चीन अपनी जरूरत की अधिकांश उन्नत-नोड वेफर्स खुद बना सकता है, लेकिन 2035 में भी उसे अपनी मांग के एक-तिहाई से अधिक हिस्से के लिए आयात या बाहरी उत्पादन पर निर्भर रहना पड़ेगा।
AI इस अनुमान के दोनों पक्षों को प्रभावित कर रहा है। Goldman Sachs को उम्मीद है कि AI सर्वर से जुड़ी वेफर्स की मांग करीब 42% सालाना बढ़ेगी। इससे उन्नत प्रोसेसर, मेमोरी और डेटा-सेंटर चिपों की मांग तेज़ रहेगी। 10
16
दूसरी ओर, Goldman ने 2030 तक चीन के सेमीकंडक्टर उद्योग के पूंजीगत व्यय का अनुमान बढ़ाकर 82 अरब डॉलर कर दिया है। उससे पहले उद्योग में दो अंकों की सालाना वृद्धि जारी रहने का अनुमान है। 17
20
बैंक का अनुमान है कि अलीबाबा, टेनसेंट, बाइटडांस और Baidu मिलकर 2026 में AI से जुड़े पूंजीगत व्यय पर लगभग 102 अरब डॉलर खर्च कर सकते हैं। 20
22
यह पैसा अपने-आप उपयोगी अत्याधुनिक चिपों में नहीं बदलता। लेकिन इससे फैब, निर्माण उपकरण, पैकेजिंग, घरेलू सप्लायर और डेटा-सेंटर बुनियादी ढांचे के विस्तार को वित्त मिल सकता है। यही ढांचा AI एक्सेलरेटर और मेमोरी की मांग पैदा करता है। इस अनुमान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निवेश का यह चक्र लगातार क्षमता-विस्तार और प्रक्रिया-सुधार के लिए कितने समय तक जारी रहता है।
उन्नत लॉजिक चिपों का यह परिदृश्य Semiconductor Manufacturing International Corporation यानी SMIC की क्षमता पर काफी निर्भर है। Goldman Sachs ने माना है कि SMIC 2026 से 2031 के बीच हर साल उन्नत-नोड वेफर्स की मासिक क्षमता में लगभग 30,000 से 50,000 वेफर्स जोड़ेगी। इसके बाद 2035 तक हर साल करीब 20,000 वेफर्स प्रति माह की अतिरिक्त क्षमता जुड़ने का अनुमान है। 9
12
लेकिन केवल फैब की क्षमता बढ़ना पर्याप्त नहीं है। मॉडल में यह भी माना गया है कि उन्नत प्रक्रिया की उत्पादन-उपज 2026 के करीब 23% से बढ़कर 2030 में 50% और 2035 में 75% हो जाएगी। 9
10
उत्पादन-उपज का मतलब है कि बनाए गए चिप-डाइज में से कितने तय मानकों पर खरे उतरते हैं। किसी फैब में बड़ी स्थापित क्षमता हो सकती है, लेकिन यदि दोष दर ऊंची है तो उपयोगी चिपों का वास्तविक उत्पादन काफी कम रह सकता है। इसलिए Goldman के अनुमान में yield improvement कोई छोटा संचालन-संबंधी विवरण नहीं, बल्कि आपूर्ति-वृद्धि का केंद्रीय हिस्सा है।
2035 के लिए SMIC की मानी गई 75% उपज भी TSMC की परिपक्व 7nm प्रक्रिया के लिए बताई गई 90% से अधिक उपज से कम होगी। TSMC 2018 से 7nm चिपों का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रही है। 13
यह तुलना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केवल वेफर्स की संख्या से प्रतिस्पर्धात्मकता तय नहीं होती। कम उपज का अर्थ है कि समान संख्या में काम करने वाले डाइज हासिल करने के लिए अधिक वेफर्स शुरू करनी पड़ेंगी। जटिल AI चिपों के मामले में इससे लागत बढ़ सकती है, प्रभावी क्षमता घट सकती है और बड़े पैमाने पर उत्पादन कठिन हो सकता है।
Goldman Sachs के परिदृश्य में मुख्य तकनीकी बाधा लिथोग्राफी है—वह प्रक्रिया जिसमें चिप के सर्किट पैटर्न को वेफर पर अंकित किया जाता है। चीन DUV यानी डीप अल्ट्रावायलेट उपकरणों और मल्टी-पैटर्निंग जैसी तकनीकों के जरिए 7nm श्रेणी की चिपें बना सकता है। लेकिन यह तरीका EUV यानी एक्सट्रीम अल्ट्रावायलेट लिथोग्राफी की तुलना में अधिक जटिल, धीमा और महंगा होता है। 2
3
रिपोर्टिंग के अनुसार, निर्यात प्रतिबंधों के कारण चीन को ASML के EUV उपकरणों तक पहुंच नहीं है। इसलिए केवल अधिक धन लगाना या नए फैब बनाना तकनीक, उपज और लागत का अंतर अपने-आप खत्म नहीं कर सकता। अधिक उपकरण नाममात्र की क्षमता बढ़ा सकते हैं, लेकिन EUV की कमी से प्रक्रिया-इंजीनियरिंग, उपकरणों की उपलब्धता, पुर्जों की आपूर्ति और उत्पादन-उपज में सुधार का महत्व और बढ़ जाता है। 2
3
यही वजह है कि Goldman का अनुमान निर्भरता घटने की ओर इशारा करता है, पूर्ण स्वतंत्रता की ओर नहीं। 66% कवरेज का आंकड़ा इस धारणा पर टिका है कि चीन बड़े पैमाने, लगातार प्रक्रिया-सीख और DUV प्रणालियों व संबंधित इनपुट की उपलब्धता के जरिए उपकरणों की सीमाओं की भरपाई कर सकेगा।
Goldman Sachs ने ChangXin Memory Technologies यानी CXMT के लिए अपेक्षाकृत सकारात्मक अनुमान दिया है। उसके अनुसार, क्षमता-विस्तार, उत्पादन-उपज में सुधार और ग्राहकों से मान्यता मिलने की प्रक्रिया सफल रहने पर CXMT 2028 तक चीन की करीब 50% DRAM मांग पूरी कर सकती है। एक रिपोर्ट किए गए अनुमान में इसकी मासिक वेफर क्षमता 2026 के 2,70,000 से बढ़कर 2028 में 4,47,000 और 2030 में 6,65,000 होने की बात कही गई है। 5
HBM यानी हाई-बैंडविड्थ मेमोरी एक कठिन चुनौती है। Goldman से जुड़े अनुमानों में CXMT के 2028 तक चीन की HBM मांग का लगभग 40% पूरा करने की संभावना बताई गई है। लेकिन अन्य उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार, HBM प्रक्रिया-तकनीक, उन्नत स्टैकिंग और पैकेजिंग, विश्वसनीयता-परीक्षण और उत्पादन पैमाने में CXMT अभी Samsung और SK hynix से पीछे है। 9
30
यह अंतर महत्वपूर्ण है। पारंपरिक DRAM उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी का अर्थ AI-ग्रेड HBM में समान स्तर की क्षमता नहीं होता। HBM के लिए मेमोरी सेल बनाने के साथ-साथ जटिल पैकेजिंग, चिप-स्टैकिंग और ग्राहकों की गुणवत्ता-मान्यता भी जरूरी होती है। उन्नत लिथोग्राफी तक सीमित पहुंच इस चुनौती को और बढ़ाती है। इसलिए CXMT की राह सामान्य DRAM में घरेलू आयात-प्रतिस्थापन के लिए अधिक मजबूत दिखती है, जबकि अग्रणी HBM कंपनियों की बराबरी करना कहीं कठिन होगा।
Goldman Sachs का 66% आंकड़ा कोई सिद्ध उत्पादन परिणाम या पक्का उद्योग-लक्ष्य नहीं, बल्कि कई धारणाओं पर आधारित मॉडल है। इसके लिए एक साथ कई बातें सही होनी होंगी:
क्षमता निर्माण में देरी, कमजोर उपज, उपकरणों की कमी या ग्राहकों से मंजूरी मिलने में देरी होने पर चीन की आयात जरूरत मॉडल के अनुमान से अधिक रह सकती है।
Goldman Sachs का अनुमान बताता है कि चीन 2035 तक अपनी उन्नत चिप जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़ी प्रगति कर सकता है। 7nm और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स की आपूर्ति में 46% सालाना वृद्धि से घरेलू कवरेज 2025 के करीब 8% से बढ़कर 2035 में लगभग 66% हो सकती है। इससे आपूर्ति कमी 92% से घटकर 34% रह जाएगी। 2
6
फिर भी यह पूर्ण अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता का परिदृश्य नहीं है। SMIC की उत्पादन-उपज, लिथोग्राफी उपकरणों तक पहुंच और HBM को व्यावसायिक रूप से योग्य बनाने की CXMT की क्षमता अभी निर्णायक और अनिश्चित कारक हैं। चीन उन्नत चिपों के आयात पर अपनी निर्भरता काफी घटा सकता है, लेकिन तकनीक और लागत के मोर्चे पर अग्रणी स्तर से अंतर बना रह सकता है।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
Goldman Sachs का अनुमान है कि 2035 तक चीन में 7 नैनोमीटर और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स की घरेलू आपूर्ति हर महीने 4,10,000 तक पहुंच सकती है—जो 6,19,000 की अनुमानित मांग का करीब 66% होगी।
Goldman Sachs का अनुमान है कि 2035 तक चीन में 7 नैनोमीटर और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स की घरेलू आपूर्ति हर महीने 4,10,000 तक पहुंच सकती है—जो 6,19,000 की अनुमानित मांग का करीब 66% होगी। मॉडल में 2025 से 2035 के बीच आपूर्ति में सालाना 46% की चक्रवृद्धि वृद्धि, बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर और AI निवेश, SMIC की क्षमता वृद्धि और उत्पादन उपज में सुधार की धारणा शामिल है।
लिथोग्राफी सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई है: EUV उपकरणों तक सीमित पहुंच और DUV तकनीक पर निर्भरता से उन्नत चिपों का उत्पादन अधिक जटिल और महंगा रह सकता है।
Goldman Sachs का अनुमान है कि 2035 तक चीन में 7 नैनोमीटर और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स की घरेलू आपूर्ति हर महीने 4,10,000 तक पहुंच सकती है—जो 6,19,000 की अनुमानित मांग का करीब 66% होगी। मॉडल में 2025 से 2035 के बीच आपूर्ति में सालाना 46% की चक्रवृद्धि वृद्धि, बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर और AI निवेश, SMIC की क्षमता वृद...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What does Goldman Sachs’s 2026 projection say about China’s ability to meet its domestic demand for advanced semiconductors—specifically, ho. Article summary: Goldman Sachs’s projection is not that China becomes fully self-sufficient in leading-edge chips by 2035. It is a high-growth but conditional scenario: domestic supply of 7nm-and-below wafers reaches about two-thirds of . Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
Goldman Sachs का 2026 का अनुमान चीन के लिए पूरी सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की घोषणा नहीं है। यह विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता में बड़ी कमी का एक शर्तों पर आधारित औद्योगिक परिदृश्य है।
बैंक के मॉडल के अनुसार, चीन में 7 नैनोमीटर और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स का घरेलू उत्पादन 2035 तक हर महीने करीब 4,10,000 वेफर्स हो सकता है। इसके मुकाबले अनुमानित घरेलू मांग 6,19,000 वेफर्स प्रति माह होगी। यानी चीन करीब 66% मांग खुद पूरी कर सकेगा, जबकि लगभग 34% आपूर्ति अंतर बना रहेगा। 2
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Goldman Sachs का अनुमान है कि 2025 से 2035 के बीच चीन में 7nm और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स की घरेलू आपूर्ति 46% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ेगी। इसी अवधि में घरेलू मांग करीब 17% सालाना बढ़ने का अनुमान है। इस मांग को मुख्य रूप से AI सर्वर और उनसे जुड़े कंप्यूटिंग कार्यभार बढ़ावा देंगे। 2
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इसका असर आपूर्ति-कवरेज पर साफ दिखेगा:
इस गणना का मतलब है कि चीन अपनी जरूरत की अधिकांश उन्नत-नोड वेफर्स खुद बना सकता है, लेकिन 2035 में भी उसे अपनी मांग के एक-तिहाई से अधिक हिस्से के लिए आयात या बाहरी उत्पादन पर निर्भर रहना पड़ेगा।
AI इस अनुमान के दोनों पक्षों को प्रभावित कर रहा है। Goldman Sachs को उम्मीद है कि AI सर्वर से जुड़ी वेफर्स की मांग करीब 42% सालाना बढ़ेगी। इससे उन्नत प्रोसेसर, मेमोरी और डेटा-सेंटर चिपों की मांग तेज़ रहेगी। 10
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दूसरी ओर, Goldman ने 2030 तक चीन के सेमीकंडक्टर उद्योग के पूंजीगत व्यय का अनुमान बढ़ाकर 82 अरब डॉलर कर दिया है। उससे पहले उद्योग में दो अंकों की सालाना वृद्धि जारी रहने का अनुमान है। 17
20
बैंक का अनुमान है कि अलीबाबा, टेनसेंट, बाइटडांस और Baidu मिलकर 2026 में AI से जुड़े पूंजीगत व्यय पर लगभग 102 अरब डॉलर खर्च कर सकते हैं। 20
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यह पैसा अपने-आप उपयोगी अत्याधुनिक चिपों में नहीं बदलता। लेकिन इससे फैब, निर्माण उपकरण, पैकेजिंग, घरेलू सप्लायर और डेटा-सेंटर बुनियादी ढांचे के विस्तार को वित्त मिल सकता है। यही ढांचा AI एक्सेलरेटर और मेमोरी की मांग पैदा करता है। इस अनुमान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निवेश का यह चक्र लगातार क्षमता-विस्तार और प्रक्रिया-सुधार के लिए कितने समय तक जारी रहता है।
उन्नत लॉजिक चिपों का यह परिदृश्य Semiconductor Manufacturing International Corporation यानी SMIC की क्षमता पर काफी निर्भर है। Goldman Sachs ने माना है कि SMIC 2026 से 2031 के बीच हर साल उन्नत-नोड वेफर्स की मासिक क्षमता में लगभग 30,000 से 50,000 वेफर्स जोड़ेगी। इसके बाद 2035 तक हर साल करीब 20,000 वेफर्स प्रति माह की अतिरिक्त क्षमता जुड़ने का अनुमान है। 9
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लेकिन केवल फैब की क्षमता बढ़ना पर्याप्त नहीं है। मॉडल में यह भी माना गया है कि उन्नत प्रक्रिया की उत्पादन-उपज 2026 के करीब 23% से बढ़कर 2030 में 50% और 2035 में 75% हो जाएगी। 9
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उत्पादन-उपज का मतलब है कि बनाए गए चिप-डाइज में से कितने तय मानकों पर खरे उतरते हैं। किसी फैब में बड़ी स्थापित क्षमता हो सकती है, लेकिन यदि दोष दर ऊंची है तो उपयोगी चिपों का वास्तविक उत्पादन काफी कम रह सकता है। इसलिए Goldman के अनुमान में yield improvement कोई छोटा संचालन-संबंधी विवरण नहीं, बल्कि आपूर्ति-वृद्धि का केंद्रीय हिस्सा है।
2035 के लिए SMIC की मानी गई 75% उपज भी TSMC की परिपक्व 7nm प्रक्रिया के लिए बताई गई 90% से अधिक उपज से कम होगी। TSMC 2018 से 7nm चिपों का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रही है। 13
यह तुलना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केवल वेफर्स की संख्या से प्रतिस्पर्धात्मकता तय नहीं होती। कम उपज का अर्थ है कि समान संख्या में काम करने वाले डाइज हासिल करने के लिए अधिक वेफर्स शुरू करनी पड़ेंगी। जटिल AI चिपों के मामले में इससे लागत बढ़ सकती है, प्रभावी क्षमता घट सकती है और बड़े पैमाने पर उत्पादन कठिन हो सकता है।
Goldman Sachs के परिदृश्य में मुख्य तकनीकी बाधा लिथोग्राफी है—वह प्रक्रिया जिसमें चिप के सर्किट पैटर्न को वेफर पर अंकित किया जाता है। चीन DUV यानी डीप अल्ट्रावायलेट उपकरणों और मल्टी-पैटर्निंग जैसी तकनीकों के जरिए 7nm श्रेणी की चिपें बना सकता है। लेकिन यह तरीका EUV यानी एक्सट्रीम अल्ट्रावायलेट लिथोग्राफी की तुलना में अधिक जटिल, धीमा और महंगा होता है। 2
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रिपोर्टिंग के अनुसार, निर्यात प्रतिबंधों के कारण चीन को ASML के EUV उपकरणों तक पहुंच नहीं है। इसलिए केवल अधिक धन लगाना या नए फैब बनाना तकनीक, उपज और लागत का अंतर अपने-आप खत्म नहीं कर सकता। अधिक उपकरण नाममात्र की क्षमता बढ़ा सकते हैं, लेकिन EUV की कमी से प्रक्रिया-इंजीनियरिंग, उपकरणों की उपलब्धता, पुर्जों की आपूर्ति और उत्पादन-उपज में सुधार का महत्व और बढ़ जाता है। 2
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यही वजह है कि Goldman का अनुमान निर्भरता घटने की ओर इशारा करता है, पूर्ण स्वतंत्रता की ओर नहीं। 66% कवरेज का आंकड़ा इस धारणा पर टिका है कि चीन बड़े पैमाने, लगातार प्रक्रिया-सीख और DUV प्रणालियों व संबंधित इनपुट की उपलब्धता के जरिए उपकरणों की सीमाओं की भरपाई कर सकेगा।
Goldman Sachs ने ChangXin Memory Technologies यानी CXMT के लिए अपेक्षाकृत सकारात्मक अनुमान दिया है। उसके अनुसार, क्षमता-विस्तार, उत्पादन-उपज में सुधार और ग्राहकों से मान्यता मिलने की प्रक्रिया सफल रहने पर CXMT 2028 तक चीन की करीब 50% DRAM मांग पूरी कर सकती है। एक रिपोर्ट किए गए अनुमान में इसकी मासिक वेफर क्षमता 2026 के 2,70,000 से बढ़कर 2028 में 4,47,000 और 2030 में 6,65,000 होने की बात कही गई है। 5
HBM यानी हाई-बैंडविड्थ मेमोरी एक कठिन चुनौती है। Goldman से जुड़े अनुमानों में CXMT के 2028 तक चीन की HBM मांग का लगभग 40% पूरा करने की संभावना बताई गई है। लेकिन अन्य उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार, HBM प्रक्रिया-तकनीक, उन्नत स्टैकिंग और पैकेजिंग, विश्वसनीयता-परीक्षण और उत्पादन पैमाने में CXMT अभी Samsung और SK hynix से पीछे है। 9
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यह अंतर महत्वपूर्ण है। पारंपरिक DRAM उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी का अर्थ AI-ग्रेड HBM में समान स्तर की क्षमता नहीं होता। HBM के लिए मेमोरी सेल बनाने के साथ-साथ जटिल पैकेजिंग, चिप-स्टैकिंग और ग्राहकों की गुणवत्ता-मान्यता भी जरूरी होती है। उन्नत लिथोग्राफी तक सीमित पहुंच इस चुनौती को और बढ़ाती है। इसलिए CXMT की राह सामान्य DRAM में घरेलू आयात-प्रतिस्थापन के लिए अधिक मजबूत दिखती है, जबकि अग्रणी HBM कंपनियों की बराबरी करना कहीं कठिन होगा।
Goldman Sachs का 66% आंकड़ा कोई सिद्ध उत्पादन परिणाम या पक्का उद्योग-लक्ष्य नहीं, बल्कि कई धारणाओं पर आधारित मॉडल है। इसके लिए एक साथ कई बातें सही होनी होंगी:
क्षमता निर्माण में देरी, कमजोर उपज, उपकरणों की कमी या ग्राहकों से मंजूरी मिलने में देरी होने पर चीन की आयात जरूरत मॉडल के अनुमान से अधिक रह सकती है।
Goldman Sachs का अनुमान बताता है कि चीन 2035 तक अपनी उन्नत चिप जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़ी प्रगति कर सकता है। 7nm और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स की आपूर्ति में 46% सालाना वृद्धि से घरेलू कवरेज 2025 के करीब 8% से बढ़कर 2035 में लगभग 66% हो सकती है। इससे आपूर्ति कमी 92% से घटकर 34% रह जाएगी। 2
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फिर भी यह पूर्ण अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता का परिदृश्य नहीं है। SMIC की उत्पादन-उपज, लिथोग्राफी उपकरणों तक पहुंच और HBM को व्यावसायिक रूप से योग्य बनाने की CXMT की क्षमता अभी निर्णायक और अनिश्चित कारक हैं। चीन उन्नत चिपों के आयात पर अपनी निर्भरता काफी घटा सकता है, लेकिन तकनीक और लागत के मोर्चे पर अग्रणी स्तर से अंतर बना रह सकता है।
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Goldman Sachs का अनुमान है कि 2035 तक चीन में 7 नैनोमीटर और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स की घरेलू आपूर्ति हर महीने 4,10,000 तक पहुंच सकती है—जो 6,19,000 की अनुमानित मांग का करीब 66% होगी।
Goldman Sachs का अनुमान है कि 2035 तक चीन में 7 नैनोमीटर और उससे छोटे नोड वाली वेफर्स की घरेलू आपूर्ति हर महीने 4,10,000 तक पहुंच सकती है—जो 6,19,000 की अनुमानित मांग का करीब 66% होगी। मॉडल में 2025 से 2035 के बीच आपूर्ति में सालाना 46% की चक्रवृद्धि वृद्धि, बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर और AI निवेश, SMIC की क्षमता वृद्धि और उत्पादन उपज में सुधार की धारणा शामिल है।
लिथोग्राफी सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई है: EUV उपकरणों तक सीमित पहुंच और DUV तकनीक पर निर्भरता से उन्नत चिपों का उत्पादन अधिक जटिल और महंगा रह सकता है।