G P की 2026 AI at Work Report के मुताबिक सर्वे में शामिल 100% अधिकारी एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन 73% ने कहा कि कम से कम कुछ एआई निवेश उम्मीदों से कम रहे [2][3]। रिपोर्ट में छिपी समीक्षा लागत, दिखावटी उत्पादकता, संभावित बजट कटौती और मानव कर्मचारियों के मूल्य को लेकर चिंताजनक संकेत सामने आए हैं [3]। यह निष्कर्ष...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What does G-P’s latest AI at Work Report reveal about falling executive confidence in AI ROI, including the finding that 73% of executives s. Article summary: G-P’s 2026 AI at Work Report shows a clear shift from AI enthusiasm to ROI pressure: executives are still using AI, but many now say results are underwhelming, costly to validate, and harder to connect to real business v. Topic tags: general, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "With 73% of executives reporting at least some of their AI investments fell short of expectations over the past 12 months, this year's report" source context "The AI Reckoning: 73% of Executives Report Underwhelming ROI from AI Efforts as Focus Shifts from Hype to High-Stakes Pr" Reference image 2: visual subject "With 73% of ex
कार्यस्थल में एआई की कहानी अब ‘किसने अपनाया’ से आगे बढ़कर ‘इससे मिला क्या’ पर आ गई है। G-P यानी Globalization Partners की 2026 AI at Work Report बताती है कि सर्वे में शामिल हर अधिकारी एआई का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन 73% अधिकारियों ने कहा कि पिछले 12 महीनों में कम से कम कुछ एआई निवेश उम्मीदों से कम या निराशाजनक रहे ।
यही इस रिपोर्ट का मुख्य संदेश है: एआई अब कारोबार में मौजूद है, लेकिन सिर्फ टूल लगा देने को सफलता नहीं माना जा रहा। बोर्डरूम में अब निवेश का हिसाब, उत्पादकता का प्रमाण और वास्तविक कारोबारी असर पूछा जा रहा है।
G-P की रिपोर्ट यह नहीं कहती कि कंपनियां एआई से पीछे हट रही हैं। उलटा, सर्वे में शामिल सभी अधिकारी किसी न किसी रूप में एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं । बदलाव यह है कि नेतृत्व अब ‘एआई लगा दिया’ को पर्याप्त उपलब्धि नहीं मान रहा। मांग अब मापने योग्य कारोबारी मूल्य की है।
यह पिछले दौर के उत्साह से बड़ा बदलाव है। G-P की 2025 AI at Work Report में 91% अधिकारी एआई पहलों को सक्रिय रूप से बढ़ा रहे थे और 74% ने कहा था कि एआई कंपनी की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है । 2026 की रिपोर्ट में इस्तेमाल तो व्यापक है, लेकिन भाषा अब जवाबदेही, जांच-पड़ताल और ROI के प्रमाण की है
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दूसरे शोध भी इसी अंतर की ओर इशारा करते हैं। Boston Consulting Group ने बताया कि 60% कंपनियां बड़े पैमाने पर एआई से ठोस मूल्य हासिल नहीं कर पा रहीं, जबकि 35% को कुछ रिटर्न मिल रहा है लेकिन वे पर्याप्त दूर या तेज़ नहीं बढ़ पा रहीं । McKinsey ने भी पाया कि 92% कंपनियां अगले तीन वर्षों में एआई निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं, फिर भी केवल 1% नेताओं ने अपनी संस्थाओं को इतना परिपक्व बताया कि एआई पूरी तरह वर्कफ़्लो में शामिल होकर बड़े कारोबारी नतीजे दे रहा हो
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एआई ROI कमजोर दिखने की एक बड़ी वजह यह हो सकती है कि किसी एक चरण में गति बढ़ती है, लेकिन दूसरे चरण में समीक्षा का बोझ बढ़ जाता है। G-P के अनुसार 69% अधिकारी कहते हैं कि कर्मचारी एआई से बने काम को मॉनिटर, रिव्यू या अपडेट करने में अधिक समय लगा रहे हैं ।
व्यवहार में इसका मतलब है कि टूल ड्राफ्ट, जवाब, कोड या सारांश जल्दी बना सकता है, लेकिन फिर इंसान को उसकी सटीकता जांचनी पड़ती है, भाषा सुधारनी पड़ती है, जोखिम संभालना पड़ता है या गलतियां साफ करनी पड़ती हैं।
इसलिए कुल आउटपुट और वास्तविक उत्पादकता एक ही चीज नहीं हैं। अगर एआई अधिक सामग्री बनवा दे, लेकिन उसे सुधारने में उतना ही या अधिक समय लगे, तो असली लाभ पूरे वर्कफ़्लो को देखकर ही समझ आता है। Channel Insider द्वारा संक्षेपित Workday शोध भी यही बात कहता है: एआई से बचा समय गलतियां ठीक करने, कंटेंट दोबारा लिखने और आउटपुट दोबारा जांचने जैसे रीवर्क में खत्म हो सकता है ।
G-P की रिपोर्ट एक नरम लेकिन गंभीर खतरे को भी सामने लाती है: एआई गतिविधि को आसानी से कारोबारी मूल्य समझ लिया जाता है। सर्वे में 88% अधिकारियों ने चिंता जताई कि कर्मचारी एआई का इस्तेमाल सिर्फ उत्पादक दिखने या एआई-उपयोग के निर्देश पूरे करने के लिए कर सकते हैं, बिना अर्थपूर्ण नतीजे दिए । करीब आधे, यानी 47%, इस बात को लेकर बहुत या अत्यधिक चिंतित हैं कि ऐसा पहले से हो रहा है
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इसका सीधा सबक है कि कंपनियों को एआई सफलता मापते समय सतही संकेतों से सावधान रहना होगा। टूल लॉगिन, प्रॉम्प्ट की संख्या, एआई से बने ड्राफ्ट या कर्मचारियों के self-reported इस्तेमाल से गतिविधि तो दिख सकती है, लेकिन यह साबित नहीं होता कि काम बेहतर, तेज़, सुरक्षित या अधिक लाभकारी हुआ।
रिपोर्ट का सबसे संवेदनशील निष्कर्ष यह है कि 82% अधिकारियों ने कहा कि एआई ने मानव कर्मचारियों को दिए जाने वाले मूल्य को उनके लिए कम किया है । यह बात इसलिए और महत्वपूर्ण है क्योंकि उसी रिपोर्ट में दिखता है कि एआई-जनित काम को मॉनिटर, रिव्यू और अपडेट करने के लिए अब भी इंसानों पर काफी निर्भरता है
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इसका मतलब यह नहीं कि लोग अप्रासंगिक हो गए हैं। बल्कि संकेत यह है कि कई संगठन शायद उस मानवीय निर्णय, संदर्भ-समझ और गुणवत्ता-जांच को कम आंक रहे हैं, जो एआई को उपयोगी बनाती है। McKinsey की कार्यस्थल एआई रिसर्च ने भी कहा कि कंपनियों को एआई को अलग-थलग तकनीकी रोलआउट की तरह नहीं, बल्कि कर्मचारियों को रोजमर्रा के काम में सक्षम बनाने और मापने योग्य नतीजों से जोड़ने वाली व्यावहारिक पहलों की तरह देखना चाहिए ।
G-P के निष्कर्षों से साफ है कि एआई का मूल्यांकन अपनाने से नहीं, नतीजों से होना चाहिए। एक मजबूत एआई स्कोरकार्ड में ये बातें शामिल हो सकती हैं:
सरल शब्दों में, कंपनियों को अब सिर्फ यह नहीं पूछना चाहिए कि कर्मचारी एआई इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं। असली सवाल यह है कि क्या एआई उस भरोसेमंद काम को बेहतर बना रहा है जो कारोबार के लिए मायने रखता है।
G-P की 2026 AI at Work Report एआई-विरोधी कहानी नहीं है। यह जवाबदेही की कहानी है। उसी सर्वे में जहां 100% अधिकारियों ने एआई इस्तेमाल की बात कही, वहीं 73% ने कम से कम कुछ एआई निवेश को उम्मीदों से कम बताया और करीब 70% ने कहा कि लक्ष्य पूरे न हुए तो खर्च घटाया जा सकता है ।
क्योंकि रिपोर्ट अधिकारियों के सर्वे जवाबों पर आधारित है, इसे इस रूप में नहीं पढ़ना चाहिए कि एआई असफल साबित हो चुका है। लेकिन यह एक अहम बदलाव जरूर दिखाती है: प्रमाण का बोझ अब बढ़ गया है। कार्यस्थल में एआई का अगला चरण deployment नहीं, बल्कि मापने योग्य, भरोसेमंद और मानव-validated कारोबारी मूल्य का होगा।
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G P की 2026 AI at Work Report के मुताबिक सर्वे में शामिल 100% अधिकारी एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन 73% ने कहा कि कम से कम कुछ एआई निवेश उम्मीदों से कम रहे [2][3]।
G P की 2026 AI at Work Report के मुताबिक सर्वे में शामिल 100% अधिकारी एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन 73% ने कहा कि कम से कम कुछ एआई निवेश उम्मीदों से कम रहे [2][3]। रिपोर्ट में छिपी समीक्षा लागत, दिखावटी उत्पादकता, संभावित बजट कटौती और मानव कर्मचारियों के मूल्य को लेकर चिंताजनक संकेत सामने आए हैं [3]।
यह निष्कर्ष 2,850 नेताओं के सर्वे पर आधारित है, इसलिए इसे ऑडिटेड ROI नहीं, बल्कि अधिकारियों की धारणा और बढ़ते दबाव का संकेत माना जाना चाहिए [2][3]।