इतनी बड़ी एक्सपायरी अक्सर बाजार में कम अवधि की वोलैटिलिटी ला सकती है, क्योंकि ट्रेडर अपने हेज और पोजिशन समायोजित करते हैं।
इन कॉन्ट्रैक्ट्स का वितरण बाजार की भावना (sentiment) के बारे में संकेत देता है:
जब यह रेशियो 1 से कम होता है, तो आमतौर पर इसका मतलब होता है कि बाजार में कॉल ऑप्शंस ज्यादा हैं, यानी ट्रेडर्स या तो कीमत बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं या संभावित तेजी के खिलाफ हेज कर रहे हैं।
इस एक्सपायरी में दो स्ट्राइक प्राइस सबसे ज्यादा चर्चा में हैं:
$80,000 कॉल्स
$75,000 पुट्स
इसका मतलब है कि एक्सपायरी के समय बाजार की पोजिशनिंग लगभग $75K–$80K की रेंज में केंद्रित दिखाई देती है।
ऑप्शंस मार्केट में एक लोकप्रिय अवधारणा होती है “max pain”। यह वह कीमत होती है जहाँ सबसे ज्यादा ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट बेकार (worthless) होकर एक्सपायर होते हैं और ऑप्शन बेचने वालों को न्यूनतम भुगतान करना पड़ता है।
इस एक्सपायरी के लिए:
कई बार देखा गया है कि एक्सपायरी के पास कीमतें इस लेवल की ओर आकर्षित हो सकती हैं, हालांकि यह हमेशा जरूरी नहीं होता।
Bitcoin ऑप्शंस मार्केट में एक बड़ा बदलाव यह है कि अब सिर्फ क्रिप्टो एक्सचेंज ही नहीं, बल्कि ETF‑आधारित ऑप्शंस भी तेजी से बढ़ रहे हैं।
2026 की शुरुआत में एक समय ऐसा भी आया जब BlackRock के IBIT ETF ऑप्शंस का ओपन इंटरेस्ट लगभग $27.61 अरब तक पहुंचकर Deribit के $26.9 अरब से थोड़ा अधिक हो गया था।
यह उतार‑चढ़ाव बताता है कि बाजार सिर्फ एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर शिफ्ट नहीं हो रहा, बल्कि दोनों साथ‑साथ बढ़ रहे हैं।
29 मई की एक्सपायरी से कुछ बड़े ट्रेंड साफ दिखाई देते हैं:
कुल मिलाकर, Bitcoin अब एक ऐसे चरण में प्रवेश कर चुका है जहाँ वॉल स्ट्रीट के रेगुलेटेड प्रोडक्ट्स और क्रिप्टो‑नेटिव ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म दोनों मिलकर एक हाइब्रिड डेरिवेटिव्स मार्केट बना रहे हैं—जो किसी भी परिपक्व वित्तीय एसेट की पहचान माना जाता है।
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