Barclays: 2035 तक चीन की श्रम कमी का बड़ा हिस्सा भर सकते हैं ह्यूमनॉइड रोबोट
Barclays के अनुमान के अनुसार 2035 तक चीन की श्रम शक्ति में लगभग 3.7 करोड़ की गिरावट आ सकती है, जिसका करीब 60% हिस्सा ह्यूमनॉइड रोबोट पूरा कर सकते हैं। [2] इस लक्ष्य के लिए चीन को अगले दशक में लगभग 2.4 करोड़ मानव‑जैसे रोबोट तैनात करने पड़ सकते हैं। [2] विश्लेषकों का मानना है कि ‘फिजिकल AI’ के बढ़ने से वैश्विक ह्यूमनॉ...
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Barclays के अनुमान के अनुसार 2035 तक चीन की श्रम शक्ति में लगभग 3.7 करोड़ की गिरावट आ सकती है, जिसका करीब 60% हिस्सा ह्यूमनॉइड रोबोट पूरा कर सकते हैं। [2]
इस लक्ष्य के लिए चीन को अगले दशक में लगभग 2.4 करोड़ मानव‑जैसे रोबोट तैनात करने पड़ सकते हैं। [2]
विश्लेषकों का मानना है कि ‘फिजिकल AI’ के बढ़ने से वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स बाजार 2035 तक लगभग 200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। [1][9]
What does Barclays Research predict about humanoid robots’ role in addressing China’s aging-population-driven labor shortage over the next dBarclays Research predicts humanoid robots could play a major role in offsetting China’s shrinking workforce over the next decade.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What does Barclays Research predict about humanoid robots’ role in addressing China’s aging-population-driven labor shortage over the next d. Article summary: Barclays Research predicts humanoid robots could offset about 60% of China’s projected labor-force decline by 2035, implying China may need up to 24 million humanoid robots as its workforce shrinks by about 37 million pe. Topic tags: general, news, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Barclays Research Expects Humanoid Robots to Fundamentally Reshape the Real Economy. In this year’s Equity Gilt Study, Barclays Research examines how physical AI will move beyond" source context "Barclays Research Expects Humanoid Robots to Fundamentally Reshape the Real Economy - Las Vegas Sun News" Refe
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चीन की आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है और इसका सीधा असर देश की कार्यशक्ति पर पड़ रहा है। एक नई रिपोर्ट में ब्रिटिश बैंक Barclays Research का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में इस कमी को काफी हद तक ह्यूमनॉइड रोबोट पूरा कर सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार 2035 तक चीन की कार्यशक्ति में करीब 3.7 करोड़ लोगों की कमी आ सकती है। Barclays का अनुमान है कि यदि बड़े पैमाने पर रोबोट तैनात किए जाएं तो वे इस गिरावट का लगभग 60% हिस्सा पूरा कर सकते हैं। इसका मतलब है कि चीन को अगले दशक में करीब 2.4 करोड़ ह्यूमनॉइड रोबोट की आवश्यकता पड़ सकती है।
यह अनुमान केवल रोबोटिक्स के विस्तार की बात नहीं करता, बल्कि एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है—जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ डिजिटल काम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वास्तविक दुनिया के शारीरिक काम भी करेगा। Barclays इसे “फिजिकल AI” का दौर कहता है।
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"Barclays: 2035 तक चीन की श्रम कमी का बड़ा हिस्सा भर सकते हैं ह्यूमनॉइड रोबोट" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
Barclays के अनुमान के अनुसार 2035 तक चीन की श्रम शक्ति में लगभग 3.7 करोड़ की गिरावट आ सकती है, जिसका करीब 60% हिस्सा ह्यूमनॉइड रोबोट पूरा कर सकते हैं। [2]
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
Barclays के अनुमान के अनुसार 2035 तक चीन की श्रम शक्ति में लगभग 3.7 करोड़ की गिरावट आ सकती है, जिसका करीब 60% हिस्सा ह्यूमनॉइड रोबोट पूरा कर सकते हैं। [2] इस लक्ष्य के लिए चीन को अगले दशक में लगभग 2.4 करोड़ मानव‑जैसे रोबोट तैनात करने पड़ सकते हैं। [2]
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
विश्लेषकों का मानना है कि ‘फिजिकल AI’ के बढ़ने से वैश्विक ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स बाजार 2035 तक लगभग 200 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। [1][9]
पिछले कई दशकों में चीन की आर्थिक वृद्धि का एक बड़ा कारण उसकी विशाल कार्यशक्ति रही है। लेकिन अब कम जन्मदर और तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी के कारण कामकाजी उम्र की आबादी घट रही है।
Barclays का कहना है कि रोबोट पूरी तरह इंसानों की जगह नहीं लेंगे, बल्कि कमी को आंशिक रूप से भरेंगे। यहां तक कि अगर लाखों रोबोट तैनात भी हो जाएं, तब भी वे कुल कमी का लगभग 60% ही कवर कर पाएंगे।
फिर भी, यह स्तर उद्योगों पर पड़ने वाले दबाव को काफी हद तक कम कर सकता है—खासकर उन क्षेत्रों में जहां श्रम‑आधारित काम ज्यादा है।
किन क्षेत्रों में काम करेंगे ह्यूमनॉइड रोबोट
ह्यूमनॉइड रोबोट को इंसानों की तरह बनाया जाता है ताकि वे उन जगहों पर काम कर सकें जहां पहले से इंसानों के लिए उपकरण और सिस्टम मौजूद हैं।
विश्लेषकों के अनुसार आने वाले वर्षों में इन्हें कई क्षेत्रों में देखा जा सकता है:
मैन्युफैक्चरिंग और फैक्ट्री उत्पादन
लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस ऑपरेशन
सर्विस सेक्टर और वाणिज्यिक कार्य
स्वास्थ्य सेवा और बुजुर्गों की देखभाल
इन क्षेत्रों में पहले से ही ऑटोमेशन तेजी से बढ़ रहा है। कई कंपनियां श्रमिकों की कमी और बढ़ती मजदूरी के कारण रोबोटिक सिस्टम अपना रही हैं, जो अक्सर मानव कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करते हैं।
“फिजिकल AI” का उदय
पिछले दशक में AI का उपयोग मुख्य रूप से डिजिटल कार्यों—जैसे डेटा विश्लेषण, सॉफ्टवेयर ऑटोमेशन और कंटेंट निर्माण—में हुआ है।
लेकिन ह्यूमनॉइड रोबोट इस तकनीक को भौतिक दुनिया में ले आते हैं, जहां मशीनें वही काम कर सकती हैं जिन्हें पारंपरिक रूप से इंसान करते रहे हैं। Barclays के अनुसार यह बदलाव उत्पादकता, श्रम बाजार, भू‑राजनीति और निवेश के रुझानों को भी प्रभावित कर सकता है।
वैश्विक रोबोटिक्स बाजार पर असर
यदि चीन वास्तव में लाखों ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात करता है, तो यह वैश्विक बाजार को तेज़ी से बढ़ा सकता है। Barclays का अनुमान है कि ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स बाजार 2035 तक लगभग 200 अरब डॉलर का हो सकता है।
इस वृद्धि के पीछे कई कारण बताए जाते हैं:
AI तर्क क्षमता और सेंसर तकनीक में तेजी से सुधार
एक्ट्यूएटर और बैटरी तकनीक में प्रगति
पिछले दशक में उत्पादन लागत में भारी कमी
मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स में लगातार श्रम की कमी
इन कारणों से ह्यूमनॉइड रोबोट प्रयोगशाला के प्रोटोटाइप से निकलकर वास्तविक औद्योगिक उपयोग की ओर बढ़ रहे हैं।
रोबोटिक्स निर्माण में चीन की बढ़त
चीन पहले से ही औद्योगिक रोबोटिक्स में मजबूत स्थिति रखता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024 में चीन के रोबोटिक्स उद्योग का राजस्व लगभग 240 अरब युआन (करीब 35 अरब डॉलर) तक पहुंच गया।
देश को कई संरचनात्मक फायदे भी हैं—जैसे मजबूत सप्लाई चेन, बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और सरकारी नीति समर्थन। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में दुनिया में तैनात होने वाले ह्यूमनॉइड रोबोटों का बड़ा हिस्सा चीन में हो सकता है।
यदि ऐसा हुआ, तो चीन वैसा ही मॉडल दोहरा सकता है जैसा उसने इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर पैनलों में किया—जहां वह दुनिया का सबसे बड़ा बाजार भी बना और प्रमुख निर्माता भी।
उत्पादकता और आर्थिक वृद्धि
ह्यूमनॉइड रोबोट का एक बड़ा फायदा यह हो सकता है कि वे श्रमिकों की कमी के बावजूद उत्पादन बनाए रखने में मदद करें।
उद्योग के शुरुआती अनुमानों के अनुसार आज के ह्यूमनॉइड रोबोट किसी मानव कर्मचारी की उत्पादकता का लगभग 30–40% हासिल कर पाते हैं। तकनीक के विकास के साथ यह क्षमता करीब 80% तक पहुंच सकती है।
यदि रोबोट सस्ते और अधिक सक्षम होते गए, तो बड़े पैमाने पर उपयोग से:
उत्पादन क्षमता स्थिर रह सकती है
उद्योगों में पूंजी निवेश बढ़ सकता है
श्रम की कमी के बावजूद आर्थिक वृद्धि को सहारा मिल सकता है
हालांकि वास्तविक प्रभाव अभी अनिश्चित है, क्योंकि यह लागत, विश्वसनीयता, नियमों और कंपनियों की अपनाने की गति पर निर्भर करेगा।
वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर प्रभाव
चीन की मैन्युफैक्चरिंग ताकत लंबे समय तक बड़ी और अपेक्षाकृत सस्ती कार्यशक्ति पर आधारित रही है। लेकिन यदि रोबोट बड़े पैमाने पर लागू होते हैं, तो यह मॉडल बदल सकता है।
ऑटोमेशन के जरिए फैक्ट्रियां कम श्रमिकों के साथ भी उत्पादन बनाए रख सकती हैं या बढ़ा सकती हैं। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में चीन की प्रतिस्पर्धात्मकता बनी रह सकती है।
साथ ही, यह रुझान दुनिया भर में तकनीकी प्रतिस्पर्धा को भी तेज कर सकता है, क्योंकि कई देश उन्नत ऑटोमेशन तकनीकों के विकास और उपयोग की दौड़ में शामिल होंगे।
भविष्यवाणी की सीमाएँ
Barclays के अनुमान जनसांख्यिकीय आंकड़ों और तकनीकी रुझानों पर आधारित हैं, और पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए कई सवाल अभी खुले हैं—जैसे:
ह्यूमनॉइड रोबोट की वास्तविक लागत कितनी होगी
कंपनियां इन्हें कितनी तेजी से अपनाएंगी
कार्यस्थलों और नियमों से जुड़े संभावित अवरोध
फिर भी एक बात स्पष्ट है: चीन की जनसांख्यिकीय चुनौतियाँ ऑटोमेशन को तेज़ी से आगे बढ़ा रही हैं, और आने वाले दशक में ह्यूमनॉइड रोबोट इस बदलाव का केंद्रीय हिस्सा बन सकते हैं।
researchandmarkets.comThe Global Humanoid Robots Market 2026-2036