इसके अलावा जापानी निवेशकों का विदेशी परिसंपत्तियों—जैसे अमेरिकी शेयर और बॉन्ड—में निवेश बढ़ाना भी येन पर दबाव डालता है, क्योंकि इससे पूंजी का बहिर्वाह होता है।
दिलचस्प बात यह है कि 2026 के लिए USD/JPY को लेकर बड़े वित्तीय संस्थानों में कोई स्पष्ट सहमति नहीं है।
उदाहरण के लिए Daiwa Asset Management का अनुमान है कि 2026 के अंत तक येन मजबूत होकर लगभग 146 प्रति डॉलर तक पहुंच सकता है।
लेकिन अन्य संस्थानों के अनुमान काफी अलग हैं। कई सर्वे और बाजार विश्लेषण बताते हैं कि बड़े बैंकों के पूर्वानुमान 150 से लेकर 164 तक फैले हुए हैं।
यह व्यापक दायरा दिखाता है कि मुद्रा बाजार अभी भी ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक संकेतों के प्रति बेहद संवेदनशील है।
जापान की सरकार और वित्त मंत्रालय ने बार‑बार संकेत दिया है कि बहुत कमजोर येन उन्हें स्वीकार्य नहीं है।
बाजार में 160 प्रति डॉलर का स्तर अब एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सीमा बन गया है। पूर्व BOJ अधिकारियों के अनुसार, यदि येन तेजी से गिरकर इस स्तर से नीचे जाता है, तो सरकार विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप कर सकती है।
हाल ही में ऐसा देखने को भी मिला जब USD/JPY लगभग 160.73 तक पहुंचा, जिसके बाद अधिकारियों की चेतावनी से बाजार में तेज गिरावट आई।
इसलिए कई विश्लेषकों के अनुसार 160 का स्तर USD/JPY के लिए एक तरह की “सॉफ्ट कैप” बन सकता है।
जापान में मुद्रास्फीति भी अब BOJ के 2% लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।
केंद्रीय बैंक के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में कोर CPI लगभग 2.5%–3.0% के बीच रह सकता है।
यदि महंगाई इसी स्तर पर बनी रहती है, तो BOJ धीरे‑धीरे ब्याज दरें बढ़ाता रह सकता है—जो लंबे समय तक शून्य दरों वाले दौर के बाद एक बड़ा बदलाव होगा और येन को समर्थन दे सकता है।
जापान की बाहरी आर्थिक स्थिति भी येन के लिए सकारात्मक कारक हो सकती है।
मार्च 2026 में देश का करंट अकाउंट सरप्लस लगभग ¥4.68 ट्रिलियन रहा, जो पिछले वर्ष से काफी अधिक है।
जब किसी देश का चालू खाता अधिशेष होता है, तो इसका मतलब है कि वह विदेशों से अधिक आय प्राप्त कर रहा है—जैसे निर्यात और विदेशी निवेश से—जो लंबे समय में स्थानीय मुद्रा को स्थिर रखने में मदद कर सकता है।
Bank of America की नई भविष्यवाणी किसी नाटकीय बदलाव का संकेत नहीं देती। बल्कि यह बताती है कि बाजार अब धीरे‑धीरे बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल को ध्यान में रख रहा है।
येन के पक्ष में कुछ कारक उभर रहे हैं:
फिर भी कुछ बाधाएँ बनी रहेंगी—जैसे अमेरिका की अपेक्षाकृत ऊंची दरें और जापानी निवेशकों का विदेशी निवेश। इसलिए कई विश्लेषकों का मानना है कि 2026 में USD/JPY शायद 150 से ऊपर ही रहेगा, भले ही यह अत्यधिक ऊंचे स्तरों से थोड़ा नीचे आ जाए।