लेकिन नुकसान कैसे हुआ—इस पर दोनों पक्षों की अलग‑अलग कहानी है:
दोनों संस्करण अलग हैं, लेकिन इस बात पर सहमति है कि हमले के दौरान टर्मिनल परिसर में आग लगी थी।
दूसरा लक्ष्य रूस के पर्म क्राय क्षेत्र के गुबाक्खा शहर में स्थित मेटाफ्रैक्स केमिकल्स था—जो रूस के बड़े औद्योगिक रसायन संयंत्रों में गिना जाता है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) के ड्रोन ने “रूस के एक महत्वपूर्ण सैन्य उद्यम” पर हमला किया, जो यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,700 किमी दूर है। उन्होंने इस संयंत्र को मेटाफ्रैक्स बताया और कहा कि हमले के बाद उत्पादन प्रक्रिया रुक गई।
मेटाफ्रैक्स रूस की रासायनिक उद्योग श्रृंखला का अहम हिस्सा है। इसके उत्पाद कई उद्योगों में इस्तेमाल होते हैं—जिनमें विस्फोटक, मिसाइल इंजन, ड्रोन और अन्य सैन्य उत्पादन से जुड़े घटक शामिल हैं।
रूसी क्षेत्रीय प्रशासन ने यह स्वीकार किया कि क्षेत्र के एक औद्योगिक प्रतिष्ठान को ड्रोन ने निशाना बनाया, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह पुष्टि नहीं की कि वह संयंत्र मेटाफ्रैक्स ही था। प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया कि कोई हताहत नहीं हुआ और कुछ ड्रोन लक्ष्य तक पहुँचने से पहले ही गिरा दिए गए।
स्वतंत्र पुष्टि की कमी के कारण मेटाफ्रैक्स पर हुए वास्तविक नुकसान की तस्वीर अभी उतनी स्पष्ट नहीं है जितनी नोवोरोस्सिय्स्क के मामले में है।
इन दोनों स्थानों का चयन यूक्रेन की सैन्य रणनीति को समझने में मदद करता है।
इनमें से एक लक्ष्य समुद्री निर्यात ढांचे से जुड़ा है और दूसरा सैन्य‑औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला से—जिससे संकेत मिलता है कि हमले केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से चुने गए थे।
23 मई के हमले कोई अलग घटना नहीं हैं। 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से यूक्रेन लगातार रूस की तेल रिफाइनरियों, निर्यात टर्मिनलों और दोहरे उपयोग (dual‑use) औद्योगिक संयंत्रों को निशाना बना रहा है।
रॉयटर्स के विश्लेषण के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के बीच यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने रूस की लगभग 700,000 बैरल प्रतिदिन की रिफाइनिंग क्षमता को प्रभावित किया।
अन्य रिपोर्टों के मुताबिक हाल के हफ्तों में ड्रोन हमलों के कारण मध्य रूस की कई बड़ी रिफाइनरियों को उत्पादन रोकना या काफी कम करना पड़ा, जिससे प्रभावित क्षमता 83 मिलियन टन प्रति वर्ष से अधिक—यानी रूस की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग एक चौथाई—हो गई।
क्योंकि रूस के संघीय बजट में तेल और गैस से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा है, विशेषज्ञ मानते हैं कि यूक्रेन इन हमलों के जरिए तीन मुख्य लक्ष्य साधने की कोशिश कर रहा है:
इन हमलों की समग्र तस्वीर काफी हद तक सामने आ चुकी है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण विवरण अभी भी अस्पष्ट हैं।
फिर भी एक प्रवृत्ति स्पष्ट है: यूक्रेन की ड्रोन क्षमताएँ अब इतनी विकसित हो चुकी हैं कि वह सैकड़ों ही नहीं, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर रूस के भीतर स्थित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी निशाना बना सकता है।
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