23 मई को यूक्रेन के लंबी दूरी के ड्रोन हमलों ने रूस के नोवोरोस्सिय्स्क के शेस्खारिस तेल टर्मिनल और पर्म क्राय के मेटाफ्रैक्स केमिकल प्लांट को निशाना बनाया, जो यूक्रेन सीमा से लगभग 1,700 किमी दूर है। नोवोरोस्सिय्स्क में आग लगी और दो लोग घायल हुए; रूस ने इसे गिराए गए ड्रोन के मलबे का असर बताया जबकि यूक्रेन ने सीधे हमल...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What do we know about Ukraine’s May 23 long‑range drone strikes deep inside Russia—including the attack on the Metafrax chemical plant in Pe. Article summary: What is reasonably clear is that Ukraine carried out another wave of deep strikes on May 23, hitting energy and industrial targets far inside Russia, including the Sheskharis oil terminal area at Novorossiysk and, by Zel. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "**KYIV** – Ukrainian drones smashed into another Russian refinery overnight, starting a fire that produced huge clouds of black smoke, President Volodymyr Zelenskyy said Thursday," source context "Ukraine says its drones hit another refinery deep inside Russia as long-range strikes escalate" Reference image 2: vi
23 मई को यूक्रेन ने रूस के भीतर गहराई तक पहुँचने वाले लंबी दूरी के ड्रोन हमलों की एक नई श्रृंखला शुरू की। इन हमलों का लक्ष्य ऊर्जा और औद्योगिक ढांचे को बताया गया, जिनमें दो प्रमुख स्थान सामने आए—ब्लैक सी के बंदरगाह शहर नोवोरोस्सिय्स्क का शेस्खारिस तेल टर्मिनल और पर्म क्राय का मेटाफ्रैक्स केमिकल्स प्लांट, जो यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,700 किलोमीटर दूर है।
नोवोरोस्सिय्स्क में आग और घायलों की पुष्टि हुई, जबकि पर्म के हमले में वास्तविक भौतिक नुकसान कितना हुआ—इस पर स्वतंत्र पुष्टि अभी सीमित है। दोनों घटनाओं को लेकर यूक्रेन और रूस के आधिकारिक बयानों में भी फर्क है।
रूस के दक्षिणी बंदरगाह शहर नोवोरोस्सिय्स्क में स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन हमले के दौरान गिरे हुए मलबे से तेल टर्मिनल परिसर में आग लग गई। आग की वजह से कई तकनीकी और प्रशासनिक इमारतें जल उठीं और कुछ टुकड़े पास के तेल भंडारण ढांचे पर भी गिरे। इस घटना में दो लोग घायल हुए।
यह स्थल साधारण टर्मिनल नहीं है। शेस्खारिस टर्मिनल रूस के प्रमुख तेल निर्यात केंद्रों में से एक है और यह राज्य‑नियंत्रित पाइपलाइन कंपनी ट्रांसनेफ्ट के पाइपलाइन नेटवर्क का अंतिम निर्यात बिंदु है।
लेकिन नुकसान कैसे हुआ—इस पर दोनों पक्षों की अलग‑अलग कहानी है:
दोनों संस्करण अलग हैं, लेकिन इस बात पर सहमति है कि हमले के दौरान टर्मिनल परिसर में आग लगी थी।
दूसरा लक्ष्य रूस के पर्म क्राय क्षेत्र के गुबाक्खा शहर में स्थित मेटाफ्रैक्स केमिकल्स था—जो रूस के बड़े औद्योगिक रसायन संयंत्रों में गिना जाता है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) के ड्रोन ने “रूस के एक महत्वपूर्ण सैन्य उद्यम” पर हमला किया, जो यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,700 किमी दूर है। उन्होंने इस संयंत्र को मेटाफ्रैक्स बताया और कहा कि हमले के बाद उत्पादन प्रक्रिया रुक गई।
मेटाफ्रैक्स रूस की रासायनिक उद्योग श्रृंखला का अहम हिस्सा है। इसके उत्पाद कई उद्योगों में इस्तेमाल होते हैं—जिनमें विस्फोटक, मिसाइल इंजन, ड्रोन और अन्य सैन्य उत्पादन से जुड़े घटक शामिल हैं।
रूसी क्षेत्रीय प्रशासन ने यह स्वीकार किया कि क्षेत्र के एक औद्योगिक प्रतिष्ठान को ड्रोन ने निशाना बनाया, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह पुष्टि नहीं की कि वह संयंत्र मेटाफ्रैक्स ही था। प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया कि कोई हताहत नहीं हुआ और कुछ ड्रोन लक्ष्य तक पहुँचने से पहले ही गिरा दिए गए।
स्वतंत्र पुष्टि की कमी के कारण मेटाफ्रैक्स पर हुए वास्तविक नुकसान की तस्वीर अभी उतनी स्पष्ट नहीं है जितनी नोवोरोस्सिय्स्क के मामले में है।
इन दोनों स्थानों का चयन यूक्रेन की सैन्य रणनीति को समझने में मदद करता है।
इनमें से एक लक्ष्य समुद्री निर्यात ढांचे से जुड़ा है और दूसरा सैन्य‑औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला से—जिससे संकेत मिलता है कि हमले केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि रणनीतिक रूप से चुने गए थे।
23 मई के हमले कोई अलग घटना नहीं हैं। 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से यूक्रेन लगातार रूस की तेल रिफाइनरियों, निर्यात टर्मिनलों और दोहरे उपयोग (dual‑use) औद्योगिक संयंत्रों को निशाना बना रहा है।
रॉयटर्स के विश्लेषण के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के बीच यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने रूस की लगभग 700,000 बैरल प्रतिदिन की रिफाइनिंग क्षमता को प्रभावित किया।
अन्य रिपोर्टों के मुताबिक हाल के हफ्तों में ड्रोन हमलों के कारण मध्य रूस की कई बड़ी रिफाइनरियों को उत्पादन रोकना या काफी कम करना पड़ा, जिससे प्रभावित क्षमता 83 मिलियन टन प्रति वर्ष से अधिक—यानी रूस की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग एक चौथाई—हो गई।
क्योंकि रूस के संघीय बजट में तेल और गैस से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा है, विशेषज्ञ मानते हैं कि यूक्रेन इन हमलों के जरिए तीन मुख्य लक्ष्य साधने की कोशिश कर रहा है:
इन हमलों की समग्र तस्वीर काफी हद तक सामने आ चुकी है, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण विवरण अभी भी अस्पष्ट हैं।
फिर भी एक प्रवृत्ति स्पष्ट है: यूक्रेन की ड्रोन क्षमताएँ अब इतनी विकसित हो चुकी हैं कि वह सैकड़ों ही नहीं, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर रूस के भीतर स्थित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी निशाना बना सकता है।
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23 मई को यूक्रेन के लंबी दूरी के ड्रोन हमलों ने रूस के नोवोरोस्सिय्स्क के शेस्खारिस तेल टर्मिनल और पर्म क्राय के मेटाफ्रैक्स केमिकल प्लांट को निशाना बनाया, जो यूक्रेन सीमा से लगभग 1,700 किमी दूर है।
23 मई को यूक्रेन के लंबी दूरी के ड्रोन हमलों ने रूस के नोवोरोस्सिय्स्क के शेस्खारिस तेल टर्मिनल और पर्म क्राय के मेटाफ्रैक्स केमिकल प्लांट को निशाना बनाया, जो यूक्रेन सीमा से लगभग 1,700 किमी दूर है। नोवोरोस्सिय्स्क में आग लगी और दो लोग घायल हुए; रूस ने इसे गिराए गए ड्रोन के मलबे का असर बताया जबकि यूक्रेन ने सीधे हमले का दावा किया।
ये हमले रूस की तेल रिफाइनरी और औद्योगिक ढांचे को निशाना बनाने वाली यूक्रेन की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं, जिसने 2026 में बड़ी रिफाइनिंग क्षमता को प्रभावित किया है।