30 अक्टूबर को जारी शुरुआती आंकड़ों में चार बड़ी यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं की महंगाई की चाल एक जैसी नहीं रही। इटली में सालाना महंगाई सबसे अधिक 5.4% दर्ज हुई, जबकि जर्मनी में यह घटकर 2.8% रही। इटली में ऊर्जा, भोजन और परिवहन की लागत बढ़ने को तेजी की वजह बताया गया; जर्मनी में अस्थायी ईंधन-कर राहत से महंगाई के आंकड़े को नीचे लाने में मदद मिली।
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अक्टूबर में चार देशों की महंगाई
| देश |
अक्टूबर की सालाना दर |
सितंबर की सालाना दर |
दर में बदलाव |
| इटली |
5.4% |
4.2% |
1.2 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी 13 |
| फ्रांस |
3.4% |
3.1% |
0.3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी 16 |
| स्पेन |
4.9% |
4.9% |
कोई बदलाव नहीं 19 |
| जर्मनी |
2.8% |
3.3% |
0.5 प्रतिशत अंक की गिरावट 18 |
यहां तुलना साल-दर-साल महंगाई दर की है—यानी पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई। इसका मतलब यह नहीं कि महीने-दर-महीने कीमतें स्थिर रहीं। उदाहरण के लिए, एक रिपोर्ट के मुताबिक स्पेन में सितंबर की तुलना में अक्टूबर में कीमतें 0.6% बढ़ीं।
20 उपलब्ध रिपोर्टों में चारों देशों के महीने-दर-महीने आंकड़े एक समान रूप से नहीं दिए गए हैं, इसलिए तालिका से ऐसे आंकड़े नहीं निकाले जाने चाहिए।
इटली में उछाल, जर्मनी में गिरावट
इटली की सालाना महंगाई दर सितंबर के 4.2% से बढ़कर अक्टूबर में 5.4% हो गई। देश की सांख्यिकी एजेंसी ने ऊर्जा, भोजन और परिवहन की बढ़ती कीमतों को इसके प्रमुख कारणों में गिनाया।
13 चारों देशों के शुरुआती आंकड़ों में यह अक्टूबर की सबसे ऊंची दर थी।
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जर्मनी में रुझान उलटा रहा। वहां सालाना महंगाई सितंबर के 3.3% से घटकर 2.8% पर आ गई। सरकार ने साल की शुरुआत में लागू अस्थायी ईंधन-कर कटौती फिर शुरू की थी। यह दर ब्लूमबर्ग सर्वेक्षण के 3.1% के मध्य अनुमान से भी कम रही।
18 ईंधन-कर राहत कम समग्र दर को समझने में मदद करती है, लेकिन अकेले इससे यह तय नहीं होता कि कीमतों का व्यापक दबाव भी घटा है।
फ्रांस की महंगाई दर 3.1% से बढ़कर 3.4% हुई, जबकि स्पेन की दर 4.9% पर बनी रही।
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19 उपलब्ध अंश इन देशों की दरों और दिशा की जानकारी देते हैं, लेकिन चारों के लिए महीने-दर-महीने बदलाव, पूर्वानुमान और ऊर्जा या मूल महंगाई के तुलनीय ब्यौरे नहीं देते।
राष्ट्रीय आंकड़े और यूरोस्टैट का सूचकांक अलग रखें
देशों के शुरुआती राष्ट्रीय आंकड़े उनकी हाल की महंगाई से तुलना करने में उपयोगी हैं। लेकिन इन्हें यूरोपीय संघ के तुलनीय, सामंजस्यपूर्ण सूचकांक—HICP—के बराबर नहीं मानना चाहिए। यूरोस्टैट के सितंबर के आंकड़ों में यूरो क्षेत्र की HICP महंगाई 3.8% थी, जो अगस्त के 3.2% से अधिक थी। सितंबर में HICP दर स्पेन के लिए 5.0% और जर्मनी के लिए 3.3% थी—ये अक्टूबर की राष्ट्रीय दरों से अलग अवधि और माप हैं।
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यह फर्क देशों के बीच तुलना करते समय और पूरे यूरो क्षेत्र की महंगाई का अनुमान लगाते समय अहम है। अक्टूबर के ये आंकड़े शुरुआती राष्ट्रीय आंकड़े हैं; केवल इन्हीं के आधार पर पूरे यूरो क्षेत्र का तुलनीय अनुमान नहीं निकाला जा सकता। यहां उपलब्ध स्रोत अक्टूबर के HICP आंकड़ों का पूरा सेट या इन चार दरों से निकला विश्वसनीय यूरो क्षेत्रीय अनुमान नहीं देते।
ऊर्जा की कीमतें और नीति का पेच
इटली में महंगाई बढ़ने और जर्मनी में घटने का अंतर दिखाता है कि ऊर्जा लागत और सरकारी नीतियों में फर्क से राष्ट्रीय आंकड़े अलग-अलग दिशा में जा सकते हैं। इटली की सांख्यिकी एजेंसी ने बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा ऊर्जा, भोजन और परिवहन की ऊंची कीमतों से जोड़ा।
13 जर्मनी में महंगाई घटने के साथ अस्थायी ईंधन-कर राहत का उल्लेख किया गया।
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सर्दियों के लिए गैस भंडारण को लेकर भी दोनों देशों के बीच विवाद हुआ। इटली के एक अधिकारी ने आरोप लगाया कि जर्मनी की देर से खरीदारी ने गैस की कीमतों में उछाल में योगदान दिया; जर्मनी ने इस आरोप को निराधार बताया।
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41 यह विवादित राजनीतिक दावा है—चारों देशों की महंगाई दरों की स्थापित वजह नहीं।
यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) ने 29 अक्टूबर को ब्याज दरें यथावत रखीं। साथ ही, उसने चेताया कि ऊर्जा की बढ़ती लागत महंगाई के जोखिम बढ़ा रही है और दिसंबर में फिर दर बढ़ाने की संभावना से इनकार नहीं किया।
43 अक्टूबर के आंकड़े नीति-निर्माताओं की चुनौती दिखाते हैं: हर देश में महंगाई एक ही दिशा में नहीं बढ़ रही, और किसी एक देश में मिली अस्थायी राहत से यह तय नहीं होता कि व्यापक मूल्य-दबाव आगे भी बना रहेगा या नहीं।