Flight 13 के दौरान Ship 40 नियंत्रित, रॉकेट-संचालित अवतरण के बाद सीधा पानी में उतरा। इसके बाद वह धीरे-धीरे एक तरफ झुका, लेकिन डूबा नहीं—बल्कि पानी पर तैरता रहा। वाहन से लाइव टेलीमेट्री और वीडियो सिग्नल भी मिलते रहे । SpaceX ने ड्रोन उड़ाकर उसके हीट शील्ड और बाहरी हिस्से का करीब से निरीक्षण किया ।
4 अगस्त तक कई रिकवरी जहाज उसे वापस लाने के अभियान में जुटे थे। इनमें नॉर्वे के टगबोट Normand Ranger और Skimmer Tide भी शामिल थे । यह पहली बार है जब SpaceX ने समुद्र से Starship के ऊपरी चरण को वापस लाने का प्रयास किया है ।
पिछले सभी Starship ऊपरी चरण वायुमंडलीय पुनःप्रवेश या प्रभाव के दौरान नष्ट हो गए थे अथवा टूट गए थे। इसके विपरीत, Ship 40 ने पुनःप्रवेश के दौरान खुद को संरचनात्मक रूप से सुरक्षित रखा। इसके 18,000 से अधिक सिरेमिक टाइल लगभग 2,600°F तापमान के बावजूद अपनी जगह पर बनी रहीं ।
वायुमंडल से लौटने के बाद वाहन ने सटीक फ्लिप-एंड-बर्न किया—यानी क्षैतिज स्थिति से घूमकर इंजन जलाए और अपनी नीचे आने की गति को नियंत्रित किया। इससे वह इतनी कम गति से पानी तक पहुंचा कि संरचना को गंभीर नुकसान नहीं हुआ ।
यह नतीजा SpaceX के थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम और अंतिम चरण की मार्गदर्शन प्रणाली के लिए बड़ा संकेत है। हालांकि इससे Starship की पूर्ण पुनःउपयोगिता अभी साबित नहीं होती, लेकिन यह उस दिशा में एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग आधार जरूर देता है—खासकर Flight 14 में टावर कैच के प्रयास के लिए।
Flight 13 की सफलता के कुछ ही घंटों बाद Elon Musk ने कहा था: “जब तक मिशन डेटा की समीक्षा में कोई समस्या नहीं मिलती, SpaceX अगली उड़ान में टावर से Ship को पकड़ने का प्रयास करेगा” ।
छह दिनों की डेटा समीक्षा के बाद 30 जुलाई को Musk ने पुष्टि की कि Ship 40 का स्प्लैशडाउन इतना सटीक था कि उसे लॉन्च टावर की भुजाएं पकड़ सकती थीं। इससे Flight 14 में कक्षीय श्रेणी के ऊपरी चरण को टावर से पकड़ने का प्रयास आगे बढ़ गया ।
योजना के अनुसार Starship का ऊपरी चरण Texas स्थित Starbase लौटेगा। वहां Mechazilla नामक लॉन्च टावर की बड़ी यांत्रिक भुजाएं—जिन्हें आम तौर पर “चॉपस्टिक” कहा जाता है—वाहन को हवा में ही पकड़ने की कोशिश करेंगी। SpaceX ऐसी तकनीक का इस्तेमाल Super Heavy बूस्टर की रिकवरी में कर चुका है, लेकिन कक्षीय श्रेणी के ऊपरी चरण के लिए यह पहला प्रयास होगा ।
अगर यह प्रयास सफल रहा, तो Flight 14 अंतरिक्ष उड़ान के इतिहास में बिना किसी पूर्व उदाहरण वाली उपलब्धि हासिल करेगी ।
Ship 40 को वापस लाने से SpaceX इंजीनियरों को पूरे मिशन के बाद वास्तविक हार्डवेयर का निरीक्षण करने का मौका मिलेगा। इससे पुनःप्रवेश के दौरान पैदा हुई गर्मी, ढांचे पर पड़े तनाव और विभिन्न प्रणालियों के प्रदर्शन से जुड़ा डेटा मिल सकता है—ऐसी जानकारी जो केवल कंप्यूटर सिमुलेशन से पूरी तरह हासिल नहीं की जा सकती।
Flight 13 की सटीक लैंडिंग और Ship 40 के सुरक्षित बचने को साथ रखकर देखें, तो Starship के ऊपरी चरणों की तेज़ी से पुनःउपयोगिता की दिशा में SpaceX को महत्वपूर्ण बढ़त मिली है। यह Starlink उपग्रहों की तैनाती, चंद्र मिशनों और भविष्य में मंगल परिवहन के लिए वाहन की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार Flight 14 के लिए Booster 21 और Ship 41 का इस्तेमाल हो सकता है। उड़ान का लक्ष्य 2026 की तीसरी तिमाही में रखा गया है और प्रक्षेपण Starbase के Pad B से प्रस्तावित है ।