अक्टूबर में प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका और इज़राइल 3 नवंबर के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर नए हमलों के संभावित विकल्पों की योजना बना रहे हैं। कुछ खबरों में करीब तीन दिन के सघन सैन्य अभियान का ज़िक्र है। लेकिन इन रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता कि हमले की मंज़ूरी मिल चुकी है या उसकी तारीख़ तय है। इसी दौरान, संघर्षविराम के एक प्रस्ताव पर अप्रत्यक्ष बातचीत जारी रहने की भी खबरें थीं।
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रिपोर्टों में किन लक्ष्यों की चर्चा है?
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देने वाले कई मीडिया संस्थानों के अनुसार, योजनाकार एक छोटे लेकिन तीव्र अभियान पर विचार कर रहे हैं। संभावित लक्ष्यों में ईरान के परमाणु ठिकाने, ऊर्जा ढाँचा और मिसाइल व ड्रोन क्षमता शामिल हैं। कुछ खबरों में पिकैक्स माउंटेन का भी उल्लेख है—यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर रिपोर्टों में चिंता का एक केंद्र रहा है। ये संभावित योजना-विकल्प हैं; इससे यह पुष्टि नहीं होती कि हर जगह अंतिम लक्ष्य-सूची में शामिल है।
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रिपोर्टों में अमेरिका और इज़राइल के बढ़े हुए सैन्य अभ्यासों का भी ज़िक्र है। इनमें इराक के ऊपर हमले से जुड़े उड़ान-अभ्यास शामिल बताए गए। पीट हेगसेथ की बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात भी योजना संबंधी कवरेज में आई, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टिंग यह नहीं बताती कि उस बैठक में अभियान को अंतिम रूप दिया गया था।
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एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ अमेरिकी रणनीतिकारों का मानना है कि सीमित अवधि की सघन बमबारी ईरान की अर्थव्यवस्था को इतना नुकसान पहुँचा सकती है कि तेहरान की बातचीत की स्थिति बदल जाए। यह रिपोर्ट में बताया गया तर्क है—इस बात का प्रमाण नहीं कि रणनीति सफल होगी।
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चुनाव के बाद की योजना और 10 अक्टूबर का पहले का प्रस्ताव
रिपोर्टों में चुनाव के बाद संभावित अभियान और इज़राइल की उस अलग योजना के बीच फ़र्क किया गया है, जिसे कथित तौर पर 10 अक्टूबर वाले सप्ताहांत के लिए तैयार किया गया था। द टाइम्स ऑफ़ इज़राइल ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि ट्रंप ने अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से पहले लड़ाई फिर शुरू करने का विरोध किया था। पहले की बताई गई योजना में परमाणु और शासन-संबंधी ठिकानों के साथ नागरिक ढाँचे—जैसे ऊर्जा संयंत्र—भी लक्ष्य हो सकते थे।
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ट्रंप ने अलग से कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने इसके पीछे अपने शब्दों में “उत्पादक” बातचीत का हवाला दिया। यह बयान चुनाव से पहले की अवधि के बारे में था; इससे अपने-आप यह पुष्टि या खंडन नहीं होता कि उसके बाद क्या होगा।
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नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई, इस पर भी अलग-अलग दावे सामने आए। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने इस बात को “झूठा” कहा कि ट्रंप और नेतन्याहू ने युद्ध फिर शुरू करने पर चर्चा की थी। उपलब्ध रिपोर्टें इस मतभेद को सुलझाती नहीं हैं।
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कूटनीति की राह अभी बंद नहीं
अक्टूबर की खबरों में ईरान का सात दिन का संघर्षविराम प्रस्ताव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की कोशिशें भी चर्चा में थीं। सीबीएस के मुताबिक, अप्रत्यक्ष बातचीत जारी थी और वॉशिंगटन प्रस्ताव में बदलाव चाहता था। अरब न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, जलडमरूमध्य खोलने की ईरान की पेशकश अमेरिकी पक्ष से उसकी शर्तें स्वीकार किए जाने पर निर्भर थी।
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इसलिए सवाल सिर्फ़ सैन्य तैयारी का नहीं है। रिपोर्टों में संभावित सैन्य योजना और राजनीतिक रुख के साथ-साथ ऐसी कूटनीतिक बातचीत का भी ज़िक्र है जिसका नतीजा अभी स्पष्ट नहीं। उपलब्ध सामग्री यह नहीं दिखाती कि बड़े पैमाने पर युद्ध फिर शुरू करने का फैसला हो चुका है।
उपलब्ध जानकारी किन बातों की पुष्टि नहीं करती?
यहाँ मौजूद रिपोर्ट-अंश विमानवाहक पोतों और उभयचर सैन्य बलों की पूरी तैनाती का समय-सारिणी प्रमाणित नहीं करते। इसमें यूएसएस थियोडोर रूज़वेल्ट और 13वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट से जुड़ी तैनाती भी शामिल है। 4 अक्टूबर की एक रिपोर्ट में हेगसेथ ने यह बताने से इनकार किया था कि रूज़वेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को मध्य-पूर्व भेजा जाएगा या नहीं।
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इसी तरह, ये अंश फ़रवरी से अप्रैल तक चले पहले अभियान का अमेरिकी मिसाइल-रोधी इंटरसेप्टर भंडार पर असर नहीं बताते, न ही ऊर्जा कीमतों और महँगाई पर उसके पूरे प्रभाव का आकलन करते हैं। फ़ाइनेंशियल टाइम्स ने लंबे खिंचने वाले संघर्ष में महँगाई और ऊर्जा से जुड़े आर्थिक असर को लेकर व्यापक चिंता की खबर दी है, लेकिन वह इस विशेष अभियान के प्रभाव का सीधा आकलन नहीं है।
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फिलहाल सबसे ठोस निष्कर्ष सीमित है: रिपोर्टें मिडटर्म चुनावों के बाद हमले के एक संभावित विकल्प, उसके व्यापक लक्ष्य-क्षेत्रों और पहले की उस योजना का ज़िक्र करती हैं जिसका ट्रंप ने कथित तौर पर विरोध किया था। वे यह साबित नहीं करतीं कि नया हमला तय है—या आर्थिक दबाव डालने की बताई गई रणनीति तेहरान को बातचीत के लिए मजबूर कर देगी।