Xiaomi-OCR-0 सिर्फ़ तस्वीर में लिखे अक्षरों को पहचानने वाला OCR टूल नहीं है। कंपनी इसे दस्तावेज़ों की बनावट समझने, उनमें से खास जानकारी निकालने और तस्वीर में दिख रही सामग्री के बारे में सवालों के जवाब देने वाला मॉडल बताती है। 31 अक्टूबर 2026 की एक खबर के मुताबिक Xiaomi ने इसकी घोषणा उससे पिछली शाम की थी। हालांकि, मॉडल कार्ड में तकनीकी रिपोर्ट और वज़न जारी होने की तारीख 30 सितंबर दी गई है। यानी अक्टूबर की घोषणा से यह साबित नहीं होता कि मॉडल पहली बार उसी समय सार्वजनिक हुआ था।
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दस्तावेज़ पढ़ने से लेकर सवालों के जवाब तक
Xiaomi के मुताबिक, 0.8B यानी करीब 80 करोड़ पैरामीटर वाला यह विज़न-लैंग्वेज मॉडल दस्तावेज़ के पाठ और लेआउट—दोनों को समझने के लिए बनाया गया है। इसके बताए गए कामों में शोधपत्रों, तालिकाओं और रसीदों जैसे जटिल दस्तावेज़ों का विश्लेषण, मुख्य जानकारी निकालना और दृश्य सामग्री से जुड़े सवालों के जवाब देना शामिल है।
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प्रोजेक्ट की डेवलपर सामग्री में ब्राउज़र डेमो और स्थानीय तौर पर चलने वाले टूल भी दिए गए हैं। GitHub रिपॉज़िटरी में OCR, PDF विश्लेषण, मुख्य जानकारी निकालने और विज़ुअल सवाल-जवाब के लिए MCP सेवा और Agent Skill शामिल हैं।
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32 ये मॉडल के साथ काम करने के डेवलपर टूल हैं; इनसे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि हर प्रक्रिया सीधे फोन पर ही चलती है।
मॉडल की ट्रेनिंग कैसे हुई?
तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार Xiaomi-OCR-0 को Qwen3.5-0.8B से शुरू करके तैयार किया गया और करीब 17 करोड़ OCR-केंद्रित नमूनों वाले डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया। इस डेटा-प्रक्रिया में विशेषज्ञों की सहमति, रेंडर करके जाँच और लक्षित तरीके से बनाए गए सिंथेटिक उदाहरण शामिल थे।
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मॉडल कार्ड ट्रेनिंग के तीन चरण बताता है: Q-Mask के ज़रिए पाठ को उसकी जगह से जोड़ना, OCR पर केंद्रित अतिरिक्त प्रीट्रेनिंग और कठिन उदाहरणों पर जाँचे जा सकने वाले रिवॉर्ड के साथ कई कामों वाली रीइन्फोर्समेंट लर्निंग।
19 उपलब्ध स्रोत इस व्यापक ट्रेनिंग रूपरेखा का समर्थन करते हैं, लेकिन डेटा बनाने के हर बारीक तरीके या रिवॉर्ड की पूरी परिभाषा की पुष्टि नहीं करते।
Xiaomi के बताए बेंचमार्क नतीजे
Xiaomi की तकनीकी रिपोर्ट और मॉडल कार्ड में दिए गए प्रमुख स्कोर इस प्रकार हैं:
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| बेंचमार्क या काम |
बताया गया स्कोर |
संदर्भ |
| OmniDocBench v1.6 |
96.83 |
मॉडल कार्ड की तुलना में दूसरा स्थान बताया गया है। 3 |
| Real5-OmniDocBench |
95.24 |
Xiaomi की रिपोर्ट और मॉडल कार्ड में यह स्कोर और पहला स्थान बताया गया है। 1 3 |
| Wild-OmniDocBench |
87.94 |
मॉडल कार्ड की तुलना में दूसरा स्थान बताया गया है। 3 |
| UniMER-Test |
97.84 |
फ़ॉर्मूला पहचानने का स्कोर। 3 |
| PubTabNet |
92.27 |
तालिका पहचानने का स्कोर। 3 |
| OCR-केंद्रित पाँच विज़ुअल सवाल-जवाब बेंचमार्क |
औसत 83.2 |
मॉडल कार्ड में DocVQA, InfoVQA, ChartQA, OCRBench और TextVQA के औसत का ज़िक्र है। 12 |
Real5 के स्कोर पर एक अहम सावधानी है। इस बेंचमार्क के अपने लीडरबोर्ड पर Xiaomi-OCR-0 का कुल स्कोर 92.73 दर्ज है—स्कैनिंग में 93.73, मुड़े या विकृत पन्नों में 92.76, स्क्रीन की तस्वीरों में 92.80, रोशनी की स्थितियों में 92.68 और तिरछेपन में 91.69। यह Xiaomi के बताए 95.24 से अलग है। उपलब्ध स्रोत इस अंतर की वजह नहीं बताते, इसलिए दोनों आंकड़ों को एक जैसा नहीं मानना चाहिए।
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पाँच VQA बेंचमार्क का 83.2 औसत भी रिपोर्ट किया गया नतीजा है—यह हर दस्तावेज़ या हर सवाल पर समान प्रदर्शन की गारंटी नहीं है। मॉडल कार्ड इस औसत की तुलना Qwen3.5-2B के 80.9 से करता है; दूसरे मॉडलों से तुलना स्रोत और बेंचमार्क की व्यवस्था के मुताबिक बदल सकती है।
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फोन इस्तेमाल और डेवलपर टूल
31 अक्टूबर की खबर Xiaomi-OCR-0 को Super XiaoAi के एक-टैप स्क्रीन समझने वाले फ़ीचर से जोड़ती है। उदाहरण के तौर पर, स्क्रीन पर दिख रहे पिकअप कोड को ढूँढ़ना, पोस्टर से समय और जगह पढ़ना, या बिल से रकम और दुकानदार का नाम निकालना बताया गया है।
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प्रोजेक्ट सामग्री में Hugging Face और GitHub पर मॉडल रिपॉज़िटरी के साथ ब्राउज़र डेमो, स्थानीय MCP सेवा और Agent Skill टूल भी सूचीबद्ध हैं।
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उपलब्ध सबूत क्या बताते हैं—और क्या नहीं
स्रोतों से इतना स्पष्ट होता है कि Xiaomi-OCR-0 एक 0.8B दस्तावेज़-समझ मॉडल है, जिसे बड़े OCR-केंद्रित डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया और जिसे दस्तावेज़ विश्लेषण, जानकारी निकालने तथा विज़ुअल सवाल-जवाब के लिए पेश किया गया है। वे यह भी दिखाते हैं कि एक प्रमुख बेंचमार्क पर मॉडल के अपने सामग्री-पृष्ठ और बेंचमार्क लीडरबोर्ड के आंकड़े अलग हैं।
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इसके उलट, खास दस्तावेज़ों से तयशुदा JSON आउटपुट, कई हिस्सों के बीच जानकारी मिलाकर हिसाब करने या फोन पर बताए गए हर उपयोग के मामले जैसे अधिक विशिष्ट दावों की यहाँ उपलब्ध स्रोतों से पुष्टि नहीं होती। इसलिए इन्हें साबित हो चुकी क्षमताओं के बजाय संभावित इस्तेमाल के तौर पर देखना बेहतर है।