रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित क्षेत्र यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमा से करीब 200 किमी तक फैला होता। इस दायरे में ब्रांस्क, कुर्स्क, बेलगोरोद, वोरोनेझ, रोस्तोव-ऑन-डॉन और क्रास्नोदार जैसे प्रमुख रूसी शहर आ सकते हैं।
यूक्रेन की वायु रक्षा रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए Patriot इंटरसेप्टर मिसाइलों पर काफी निर्भर है। लेकिन इन मिसाइलों की उपलब्धता को लेकर गंभीर कमी सामने आई है। ऐसे में कीव ने Starlink-सक्षम ड्रोन हमलों को एक वैकल्पिक रास्ते के रूप में पेश किया—मिसाइल दागे जाने के बाद उन्हें रोकने के बजाय लॉन्च प्रणाली को पहले ही नष्ट करने का रास्ता।
सैन्य रणनीति में इसे अक्सर “लेफ्ट-ऑफ-लॉन्च” दृष्टिकोण कहा जाता है। इसका अर्थ है कि हमले के स्रोत को उस समय निशाना बनाया जाए जब मिसाइल अभी हवा में न गई हो। यह योजना वायु रक्षा की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उन मिसाइलों की संख्या घटाने के लिए थी जिन्हें यूक्रेनी प्रणालियों को बाद में रोकना पड़ता।
Starlink की भूमिका मुख्य रूप से संचार से जुड़ी थी। उपग्रह कनेक्टिविटी लंबी दूरी पर ड्रोन और उसके ऑपरेटर के बीच कमांड-एंड-कंट्रोल संपर्क बनाए रखने में मदद कर सकती है, खासकर तब जब ड्रोन रूसी क्षेत्र में प्रवेश कर जाए। Reuters के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोन कमांडर और पायलट पहले से ही हमले के दौरान Starlink-लिंक्ड प्रणालियों का इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन Starlink को पूरी तरह बाधारहित या जैमिंग-रोधी समझना सही नहीं होगा। रूसी सेना ने इन कनेक्शनों को बाधित करने के लिए शक्तिशाली इलेक्ट्रॉनिक-वारफेयर प्रणालियां तैनात की हैं। इसका मतलब है कि Starlink इस तकनीकी संघर्ष में एक उपयोगी संचार साधन है, कोई अचूक समाधान नहीं।
इसीलिए यूक्रेन को केवल ऐसे ड्रोन उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं था। उसे रूस के ऊपर Starlink कवरेज और इस नेटवर्क को इस तरह के संवेदनशील सैन्य अभियान में इस्तेमाल करने की स्पष्ट अनुमति भी चाहिए थी।
फेदोरोव इससे पहले रूसी सेना द्वारा Starlink के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग भी कर चुके थे। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस से जुड़े टर्मिनलों को निष्क्रिय किए जाने से रूसी हमले की गतिविधियों में बाधा आई थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि Starlink तक पहुंच पर नियंत्रण दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।
उपलब्ध रिपोर्टों में पूरी तरह एक जैसी तस्वीर नहीं मिलती। अगस्त की कुछ खबरों में कहा गया कि मस्क ने अनुरोध अस्वीकार कर दिया, जबकि बाद की कवरेज में यूक्रेन के अब भी मंज़ूरी मांगने या “कोई सकारात्मक निर्णय नहीं” होने की बात कही गई। इसलिए सबसे सावधान निष्कर्ष यही है कि रूस के भीतर प्रस्तावित गहरे ड्रोन हमलों के लिए Starlink की अनुमति की पुष्टि नहीं हुई थी।
यह अनिश्चितता सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यूक्रेन ऐसे ड्रोन रखने भर से अभियान शुरू नहीं कर सकता था, क्योंकि नेटवर्क की उपलब्धता, SpaceX की उपयोग नीतियां और रूसी जैमिंग—तीनों उसकी क्षमता को सीमित कर सकते हैं।
कीव निजी नियंत्रण वाले एक उपग्रह नेटवर्क का इस्तेमाल करके रूसी मिसाइल लॉन्चरों और उनके समर्थन तंत्र को हमले से पहले नष्ट करना चाहता था। इसका उद्देश्य सीमित Patriot इंटरसेप्टर मिसाइलों को बचाना और यूक्रेन की मिसाइल रक्षा में एक सक्रिय परत जोड़ना था—हालांकि इस योजना को लागू करने की अनुमति अब तक सुनिश्चित नहीं हुई थी।