जिन मिंगरी (जिन्हें एज्रा जिन भी कहा जाता है) बीजिंग के ज़ायन चर्च (Zion Church) के संस्थापक हैं। यह चर्च उन प्रोटेस्टेंट ईसाई समुदायों में से है जो चीन के सरकारी धार्मिक ढांचे से बाहर स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। ऐसे चर्चों को आम तौर पर “हाउस चर्च” कहा जाता है।
चीन में केवल सरकार द्वारा स्वीकृत धार्मिक संस्थाओं को औपचारिक अनुमति होती है। इसलिए स्वतंत्र चर्चों पर अक्सर कार्रवाई होती रही है। आलोचकों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इस तरह की गिरफ्तारियाँ धार्मिक स्वतंत्रता पर बढ़ते दबाव को दर्शाती हैं।
इसी वजह से जिन मिंगरी की गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींच रही है।
दूसरी ओर, जिमी लाई हांगकांग के एक प्रसिद्ध व्यवसायी और बंद हो चुके लोकतंत्र समर्थक अख़बार Apple Daily के संस्थापक हैं।
78 वर्षीय लाई को फरवरी में देशद्रोह और विदेशी शक्तियों के साथ साजिश जैसे आरोपों में 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई। यह सजा हांगकांग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दी गई सबसे कठोर दंडों में से एक मानी जाती है।
लाई के समर्थकों का कहना है कि यह मामला पत्रकारिता और सरकार की आलोचना को अपराध बनाने का उदाहरण है, जबकि हांगकांग प्रशासन का कहना है कि मामला प्रेस स्वतंत्रता नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, 2020 में लागू राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के बाद शहर में मीडिया स्वतंत्रता पर दबाव बढ़ा है।
ट्रम्प की टिप्पणियाँ यह दिखाती हैं कि दोनों मामलों का राजनीतिक संदर्भ अलग है।
जिन मिंगरी का मामला मुख्यभूमि चीन में धार्मिक स्वतंत्रता और गैर‑पंजीकृत चर्चों के सवाल से जुड़ा है। वहीं जिमी लाई का मामला हांगकांग की स्वायत्तता, लोकतांत्रिक आंदोलन और प्रेस स्वतंत्रता से जुड़ी बड़ी भू‑राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है।
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