संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 164–1 मतों और छह अनुपस्थित मतों के साथ देशों व महाद्वीपों के तुलनात्मक आकार दिखाने वाले नक्शों में Equal Earth तथा अन्य equal area प्रक्षेपणों के उपयोग को प्रोत्साहित किया; यह अनिवार्य नियम य... टोगो के नेतृत्व और अफ्रीकी संघ के समर्थन वाली मुहिम का तर्क है कि मर्केटर ध्रुवों के निकट भूभाग...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did the UN General Assembly’s African-led, nonbinding “Correct the Map” resolution—adopted 164–1 with six abstentions, opposed only by. Article summary: The resolution did not ban Mercator. It urged governments, schools, international organizations, and technology companies to use Equal Earth or other equal-area projections when depicting comparative continental and nati. Topic tags: general, news, general web, documentation. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts wit
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 4 सितंबर को अफ्रीका-नेतृत्व वाले ‘Correct the Map’ प्रस्ताव को 164 के मुकाबले 1 मत से अपनाया; छह देशों ने मतदान से परहेज किया और अमेरिका अकेला विरोधी मत था। प्रस्ताव सरकारों, स्कूलों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और तकनीकी कंपनियों को यह प्रोत्साहन देता है कि जब नक्शे का उद्देश्य देशों या महाद्वीपों के तुलनात्मक क्षेत्रफल को दिखाना हो, तब वे Equal Earth या किसी अन्य equal-area (समान-क्षेत्रफल) प्रक्षेपण का इस्तेमाल करें। 4
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यह मर्केटर प्रक्षेपण पर पाबंदी नहीं है और न ही संयुक्त राष्ट्र ने एक ही अनिवार्य विश्व-नक्शा तय किया है। इसका सीधा सिद्धांत है: जहां संदेश क्षेत्रफल की तुलना हो, वहां नक्शा क्षेत्रफल के अनुपात को बचाकर रखे। 37
गोल पृथ्वी को सपाट नक्शे पर उतारते समय कोई न कोई समझौता करना पड़ता है—आकार, क्षेत्रफल, दूरी या दिशा में से सभी गुण एक साथ पूरी तरह नहीं बचाए जा सकते। मर्केटर प्रक्षेपण में ध्रुवों के नजदीक की जमीन असाधारण रूप से फैल जाती है। इसलिए ग्रीनलैंड कई परिचित विश्व-नक्शों में अफ्रीका के करीब-करीब बराबर दिख सकता है, जबकि अफ्रीका वास्तव में लगभग 14 गुना बड़ा है। 4
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Equal Earth जैसे समान-क्षेत्रफल प्रक्षेपण इस खास समस्या को ठीक करते हैं। इनमें भूभागों का आपसी क्षेत्रफल अनुपात बना रहता है। फलतः अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और भूमध्य रेखा के आसपास के अन्य भूभाग मर्केटर नक्शे की तुलना में अधिक अनुपातिक आकार में दिखाई देते हैं। 40
48
इस पहल का नेतृत्व टोगो ने अफ्रीकी संघ के अभियान के तहत किया। समर्थकों का कहना है कि प्रचलित नक्शों ने सार्वजनिक कल्पना में अफ्रीका को उसके वास्तविक पैमाने से छोटा और दुनिया के हाशिये पर दिखाने में भूमिका निभाई है। इसीलिए उनके लिए प्रक्षेपण का चुनाव केवल डिजाइन का नहीं, शिक्षा और संस्थागत संचार में बनने वाली धारणाओं का भी प्रश्न है। 4
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इस बहस में cognitive justice (धारणात्मक न्याय) और memorial reparation जैसे शब्द सांस्कृतिक व राजनीतिक तर्क को व्यक्त करते हैं; वे कोई तकनीकी मानचित्रण-श्रेणी नहीं हैं। तकनीकी कसौटी अपेक्षाकृत सरल है: यदि उद्देश्य क्षेत्रफल की तुलना है, तो ऐसा प्रक्षेपण नहीं चुनना चाहिए जो क्षेत्रफल को व्यवस्थित ढंग से विकृत करे।
मर्केटर की एक महत्वपूर्ण विशेषज्ञ उपयोगिता बनी हुई है: यह स्थानीय कोणों और दिशाओं को संरक्षित रखता है। इसी गुण के कारण यह समुद्री नेविगेशन में ऐतिहासिक रूप से उपयोगी रहा है और कुछ विशेष भू-स्थानिक संदर्भों में आज भी काम आता है। प्रस्ताव भी इसी व्यावहारिक अंतर को स्वीकार करता है—यह उपयुक्त शैक्षिक और सार्वजनिक उपयोगों के लिए विकल्प सुझाता है, मर्केटर को निषिद्ध नहीं करता। 5
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व्यावहारिक रूप से उभरता सिद्धांत उद्देश्य के अनुसार नक्शा चुनने का है:
टोगो ने अफ्रीकी संघ के जनादेश के तहत कूटनीतिक प्रयास की अगुवाई की। अफ्रीकी संघ पहले ही ‘Correct the Map of Africa’ पहल को मंजूरी दे चुका था और Equal Earth जैसे विकल्पों की ओर बढ़ने की बात कर चुका था। 46
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मसौदा अफ्रीकी संघ के सदस्य देशों और बहामास ने आगे बढ़ाया था। रिपोर्टिंग में फ्रांस और ब्रिटेन को प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों में गिना गया है। अमेरिका ने अकेले विरोध में मत दिया, जबकि छह देशों ने मतदान से परहेज किया। 16
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फ्रांस ने घोषणा की कि वह आधिकारिक विश्व-मानचित्रण में मर्केटर से हटकर Eckert IV प्रक्षेपण अपनाएगा, जिसे Equal Earth के निकट बताया गया है। इससे फ्रांस, अमेरिका और रूस जैसे अधिक अक्षांश वाले देशों को मर्केटर पर मिलने वाला दृश्यात्मक फैलाव कम हो जाता है। 18
उपलब्ध रिपोर्टिंग से यह तो स्पष्ट है कि लक्ष्य तुलनात्मक क्षेत्रफल को अधिक विश्वसनीय ढंग से दिखाना है, लेकिन Eckert IV को Equal Earth पर वरीयता देने का कोई निश्चित आधिकारिक कारण सामने नहीं आता। क्षेत्रफल की तुलना के लिए दोनों ही मर्केटर से बेहतर अनुकूल हैं।
प्रक्षेपण बदलने से राजनीतिक भूगोल के सवाल खत्म नहीं हो जाते। किसी नक्शे में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सीमाएं, विवादित दावे और कब्जे वाले क्षेत्र किस तरह दिखेंगे, इसके लिए अलग और स्पष्ट नीतियां जरूरी हैं।
यूक्रेन के मामले में यह विशेष रूप से अहम है। अलग-अलग नक्शा उत्पादों में कभी-कभी कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों को रूस का या ‘विवादित’ दिखाया गया है। संयुक्त राष्ट्र ने क्रीमिया समेत अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता की पुष्टि की है। 19
24
उपलब्ध स्रोतों में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पर यूक्रेन के किसी विशिष्ट हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं मिलती। व्यापक निष्कर्ष इतना है कि समान-क्षेत्रफल नक्शों की ओर बदलाव से संप्रभुता धुंधली नहीं होनी चाहिए, कब्जे को सामान्य नहीं दिखाना चाहिए और सीमा-निर्धारण की सावधानी का विकल्प नहीं बनना चाहिए।
यह प्रस्ताव गैर-बाध्यकारी है। इसलिए इसके पारित होते ही स्कूल की किताबें, सरकारी वेबसाइटें या डिजिटल बेसमैप अपने-आप नहीं बदल जाएंगे। असर इस बात पर निर्भर करेगा कि नक्शे बनाने और चुनने वाली संस्थाएं इसे किस हद तक अपनाती हैं। 37
अफ्रीकी संघ आयोग और टोगो ने सदस्य देशों, तकनीकी विशेषज्ञों और शिक्षा क्षेत्र के हितधारकों के साथ परामर्श की रूपरेखा बताई है। इसमें महाद्वीपीय कार्यशाला और शिक्षा प्रणालियों को चरणबद्ध ढंग से Equal Earth के अनुरूप लाने का रोडमैप शामिल है। 50
प्रस्ताव में तकनीकी कंपनियों, स्कूलों और सरकारों का स्पष्ट उल्लेख है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि नक्शे अब केवल एटलस में नहीं, बल्कि सर्च उत्पादों, डेटा डैशबोर्ड, समाचार ग्राफिक्स, पाठ्यपुस्तकों और डिजिटल मैपिंग इंटरफेस में भी दिखाई देते हैं। 7
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यूनेस्को के साथ अभियान-स्तरीय संवाद के संकेत मिलते हैं, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टिंग किसी ठोस यूनेस्को कार्यान्वयन प्रतिबद्धता या किसी नामित तकनीकी कंपनी की लॉन्च योजना की पुष्टि नहीं करती। 52
संयुक्त राष्ट्र ने यह नहीं कहा कि मर्केटर हर काम के लिए गलत है। उसका संदेश अधिक सटीक है: जब पाठक को देशों और महाद्वीपों का सापेक्ष आकार समझना हो, तब समान-क्षेत्रफल प्रक्षेपण इस्तेमाल कीजिए। ‘Correct the Map’ के पीछे खड़े अफ्रीका-नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए यह एक मानचित्रण-सुधार भी है और दुनिया के सबसे परिचित नक्शों में अफ्रीका के लंबे समय से होते आए दृश्यात्मक संकुचन को चुनौती देने का तरीका भी। 4
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संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 164–1 मतों और छह अनुपस्थित मतों के साथ देशों व महाद्वीपों के तुलनात्मक आकार दिखाने वाले नक्शों में Equal Earth तथा अन्य equal area प्रक्षेपणों के उपयोग को प्रोत्साहित किया; यह अनिवार्य नियम य...
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 164–1 मतों और छह अनुपस्थित मतों के साथ देशों व महाद्वीपों के तुलनात्मक आकार दिखाने वाले नक्शों में Equal Earth तथा अन्य equal area प्रक्षेपणों के उपयोग को प्रोत्साहित किया; यह अनिवार्य नियम य... टोगो के नेतृत्व और अफ्रीकी संघ के समर्थन वाली मुहिम का तर्क है कि मर्केटर ध्रुवों के निकट भूभाग को बड़ा दिखाता है: नक्शे पर ग्रीनलैंड अफ्रीका जितना लग सकता है, जबकि अफ्रीका लगभग 14 गुना बड़ा है।
फ्रांस ने अपने आधिकारिक विश्व मानचित्रण में Eckert IV अपनाने की घोषणा की है। अफ्रीकी संघ और टोगो परामर्श, तकनीकी कार्यशाला और शिक्षा प्रणालियों के लिए चरणबद्ध रोडमैप की तैयारी कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 164–1 मतों और छह अनुपस्थित मतों के साथ देशों व महाद्वीपों के तुलनात्मक आकार दिखाने वाले नक्शों में Equal Earth तथा अन्य equal area प्रक्षेपणों के उपयोग को प्रोत्साहित किया; यह अनिवार्य नियम य... टोगो के नेतृत्व और अफ्रीकी संघ के समर्थन वाली मुहिम का तर्क है कि मर्केटर ध्रुवों के निकट भूभाग...
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संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 4 सितंबर को अफ्रीका-नेतृत्व वाले ‘Correct the Map’ प्रस्ताव को 164 के मुकाबले 1 मत से अपनाया; छह देशों ने मतदान से परहेज किया और अमेरिका अकेला विरोधी मत था। प्रस्ताव सरकारों, स्कूलों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और तकनीकी कंपनियों को यह प्रोत्साहन देता है कि जब नक्शे का उद्देश्य देशों या महाद्वीपों के तुलनात्मक क्षेत्रफल को दिखाना हो, तब वे Equal Earth या किसी अन्य equal-area (समान-क्षेत्रफल) प्रक्षेपण का इस्तेमाल करें। 4
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यह मर्केटर प्रक्षेपण पर पाबंदी नहीं है और न ही संयुक्त राष्ट्र ने एक ही अनिवार्य विश्व-नक्शा तय किया है। इसका सीधा सिद्धांत है: जहां संदेश क्षेत्रफल की तुलना हो, वहां नक्शा क्षेत्रफल के अनुपात को बचाकर रखे। 37
गोल पृथ्वी को सपाट नक्शे पर उतारते समय कोई न कोई समझौता करना पड़ता है—आकार, क्षेत्रफल, दूरी या दिशा में से सभी गुण एक साथ पूरी तरह नहीं बचाए जा सकते। मर्केटर प्रक्षेपण में ध्रुवों के नजदीक की जमीन असाधारण रूप से फैल जाती है। इसलिए ग्रीनलैंड कई परिचित विश्व-नक्शों में अफ्रीका के करीब-करीब बराबर दिख सकता है, जबकि अफ्रीका वास्तव में लगभग 14 गुना बड़ा है। 4
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Equal Earth जैसे समान-क्षेत्रफल प्रक्षेपण इस खास समस्या को ठीक करते हैं। इनमें भूभागों का आपसी क्षेत्रफल अनुपात बना रहता है। फलतः अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और भूमध्य रेखा के आसपास के अन्य भूभाग मर्केटर नक्शे की तुलना में अधिक अनुपातिक आकार में दिखाई देते हैं। 40
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इस पहल का नेतृत्व टोगो ने अफ्रीकी संघ के अभियान के तहत किया। समर्थकों का कहना है कि प्रचलित नक्शों ने सार्वजनिक कल्पना में अफ्रीका को उसके वास्तविक पैमाने से छोटा और दुनिया के हाशिये पर दिखाने में भूमिका निभाई है। इसीलिए उनके लिए प्रक्षेपण का चुनाव केवल डिजाइन का नहीं, शिक्षा और संस्थागत संचार में बनने वाली धारणाओं का भी प्रश्न है। 4
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इस बहस में cognitive justice (धारणात्मक न्याय) और memorial reparation जैसे शब्द सांस्कृतिक व राजनीतिक तर्क को व्यक्त करते हैं; वे कोई तकनीकी मानचित्रण-श्रेणी नहीं हैं। तकनीकी कसौटी अपेक्षाकृत सरल है: यदि उद्देश्य क्षेत्रफल की तुलना है, तो ऐसा प्रक्षेपण नहीं चुनना चाहिए जो क्षेत्रफल को व्यवस्थित ढंग से विकृत करे।
मर्केटर की एक महत्वपूर्ण विशेषज्ञ उपयोगिता बनी हुई है: यह स्थानीय कोणों और दिशाओं को संरक्षित रखता है। इसी गुण के कारण यह समुद्री नेविगेशन में ऐतिहासिक रूप से उपयोगी रहा है और कुछ विशेष भू-स्थानिक संदर्भों में आज भी काम आता है। प्रस्ताव भी इसी व्यावहारिक अंतर को स्वीकार करता है—यह उपयुक्त शैक्षिक और सार्वजनिक उपयोगों के लिए विकल्प सुझाता है, मर्केटर को निषिद्ध नहीं करता। 5
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व्यावहारिक रूप से उभरता सिद्धांत उद्देश्य के अनुसार नक्शा चुनने का है:
टोगो ने अफ्रीकी संघ के जनादेश के तहत कूटनीतिक प्रयास की अगुवाई की। अफ्रीकी संघ पहले ही ‘Correct the Map of Africa’ पहल को मंजूरी दे चुका था और Equal Earth जैसे विकल्पों की ओर बढ़ने की बात कर चुका था। 46
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मसौदा अफ्रीकी संघ के सदस्य देशों और बहामास ने आगे बढ़ाया था। रिपोर्टिंग में फ्रांस और ब्रिटेन को प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों में गिना गया है। अमेरिका ने अकेले विरोध में मत दिया, जबकि छह देशों ने मतदान से परहेज किया। 16
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फ्रांस ने घोषणा की कि वह आधिकारिक विश्व-मानचित्रण में मर्केटर से हटकर Eckert IV प्रक्षेपण अपनाएगा, जिसे Equal Earth के निकट बताया गया है। इससे फ्रांस, अमेरिका और रूस जैसे अधिक अक्षांश वाले देशों को मर्केटर पर मिलने वाला दृश्यात्मक फैलाव कम हो जाता है। 18
उपलब्ध रिपोर्टिंग से यह तो स्पष्ट है कि लक्ष्य तुलनात्मक क्षेत्रफल को अधिक विश्वसनीय ढंग से दिखाना है, लेकिन Eckert IV को Equal Earth पर वरीयता देने का कोई निश्चित आधिकारिक कारण सामने नहीं आता। क्षेत्रफल की तुलना के लिए दोनों ही मर्केटर से बेहतर अनुकूल हैं।
प्रक्षेपण बदलने से राजनीतिक भूगोल के सवाल खत्म नहीं हो जाते। किसी नक्शे में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सीमाएं, विवादित दावे और कब्जे वाले क्षेत्र किस तरह दिखेंगे, इसके लिए अलग और स्पष्ट नीतियां जरूरी हैं।
यूक्रेन के मामले में यह विशेष रूप से अहम है। अलग-अलग नक्शा उत्पादों में कभी-कभी कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों को रूस का या ‘विवादित’ दिखाया गया है। संयुक्त राष्ट्र ने क्रीमिया समेत अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता की पुष्टि की है। 19
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उपलब्ध स्रोतों में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पर यूक्रेन के किसी विशिष्ट हस्तक्षेप की पुष्टि नहीं मिलती। व्यापक निष्कर्ष इतना है कि समान-क्षेत्रफल नक्शों की ओर बदलाव से संप्रभुता धुंधली नहीं होनी चाहिए, कब्जे को सामान्य नहीं दिखाना चाहिए और सीमा-निर्धारण की सावधानी का विकल्प नहीं बनना चाहिए।
यह प्रस्ताव गैर-बाध्यकारी है। इसलिए इसके पारित होते ही स्कूल की किताबें, सरकारी वेबसाइटें या डिजिटल बेसमैप अपने-आप नहीं बदल जाएंगे। असर इस बात पर निर्भर करेगा कि नक्शे बनाने और चुनने वाली संस्थाएं इसे किस हद तक अपनाती हैं। 37
अफ्रीकी संघ आयोग और टोगो ने सदस्य देशों, तकनीकी विशेषज्ञों और शिक्षा क्षेत्र के हितधारकों के साथ परामर्श की रूपरेखा बताई है। इसमें महाद्वीपीय कार्यशाला और शिक्षा प्रणालियों को चरणबद्ध ढंग से Equal Earth के अनुरूप लाने का रोडमैप शामिल है। 50
प्रस्ताव में तकनीकी कंपनियों, स्कूलों और सरकारों का स्पष्ट उल्लेख है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि नक्शे अब केवल एटलस में नहीं, बल्कि सर्च उत्पादों, डेटा डैशबोर्ड, समाचार ग्राफिक्स, पाठ्यपुस्तकों और डिजिटल मैपिंग इंटरफेस में भी दिखाई देते हैं। 7
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यूनेस्को के साथ अभियान-स्तरीय संवाद के संकेत मिलते हैं, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टिंग किसी ठोस यूनेस्को कार्यान्वयन प्रतिबद्धता या किसी नामित तकनीकी कंपनी की लॉन्च योजना की पुष्टि नहीं करती। 52
संयुक्त राष्ट्र ने यह नहीं कहा कि मर्केटर हर काम के लिए गलत है। उसका संदेश अधिक सटीक है: जब पाठक को देशों और महाद्वीपों का सापेक्ष आकार समझना हो, तब समान-क्षेत्रफल प्रक्षेपण इस्तेमाल कीजिए। ‘Correct the Map’ के पीछे खड़े अफ्रीका-नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए यह एक मानचित्रण-सुधार भी है और दुनिया के सबसे परिचित नक्शों में अफ्रीका के लंबे समय से होते आए दृश्यात्मक संकुचन को चुनौती देने का तरीका भी। 4
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Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 164–1 मतों और छह अनुपस्थित मतों के साथ देशों व महाद्वीपों के तुलनात्मक आकार दिखाने वाले नक्शों में Equal Earth तथा अन्य equal area प्रक्षेपणों के उपयोग को प्रोत्साहित किया; यह अनिवार्य नियम य...
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 164–1 मतों और छह अनुपस्थित मतों के साथ देशों व महाद्वीपों के तुलनात्मक आकार दिखाने वाले नक्शों में Equal Earth तथा अन्य equal area प्रक्षेपणों के उपयोग को प्रोत्साहित किया; यह अनिवार्य नियम य... टोगो के नेतृत्व और अफ्रीकी संघ के समर्थन वाली मुहिम का तर्क है कि मर्केटर ध्रुवों के निकट भूभाग को बड़ा दिखाता है: नक्शे पर ग्रीनलैंड अफ्रीका जितना लग सकता है, जबकि अफ्रीका लगभग 14 गुना बड़ा है।
फ्रांस ने अपने आधिकारिक विश्व मानचित्रण में Eckert IV अपनाने की घोषणा की है। अफ्रीकी संघ और टोगो परामर्श, तकनीकी कार्यशाला और शिक्षा प्रणालियों के लिए चरणबद्ध रोडमैप की तैयारी कर रहे हैं।