Clearwater की रिपोर्ट “GenAI and the Data Divide” स्वतंत्र शोध एजेंसी Pureprofile के जरिए तैयार की गई। इसमें यूरोप, अमेरिका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की एसेट मैनेजमेंट कंपनियों, हेज फंड्स और प्राइवेट क्रेडिट फर्मों के 178 वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों में CEO, CFO, CIO और CRO जैसे अधिकारी थे ।
रिपोर्ट का केंद्रीय सवाल यह है कि जब लगभग हर वित्तीय संस्था AI अपना रही है, तब कुछ कंपनियों को ठोस लाभ क्यों मिल रहा है और कुछ को नहीं। Clearwater के अनुसार, इसका जवाब केवल निवेश की राशि या अपनाने की गति में नहीं, बल्कि उस डेटा की गुणवत्ता में छिपा है जिस पर AI सिस्टम बनाए जाते हैं ।
सर्वे में फंड मैनेजरों ने उन क्षेत्रों की पहचान की जहां अगले एक साल में AI से बड़ा या परिवर्तनकारी असर पड़ने की उम्मीद है:
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि AI अब केवल प्रयोगात्मक प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है। यह निवेश प्रबंधन के फ्रंट, मिडिल और बैक ऑफिस—यानी निवेश निर्णयों से लेकर जोखिम प्रबंधन और रिपोर्टिंग तक—के नियमित कामकाज में शामिल हो रहा है ।
सर्वे में लगभग दो-तिहाई फंड मैनेजरों ने बताया कि उनके AI टूल अब अल्टरनेटिव डेटा को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अल्टरनेटिव डेटा में पारंपरिक वित्तीय रिपोर्टों से अलग स्रोतों से मिलने वाली जानकारी शामिल होती है, जिसे बड़े पैमाने पर व्यवस्थित करना अक्सर कठिन रहा है ।
इसके अलावा, 62% उत्तरदाताओं ने मल्टी-एजेंट ऑर्केस्ट्रेशन में सफलता की जानकारी दी। इसका अर्थ ऐसे स्वायत्त AI संचालन से है जो कुछ खास डेटा सीमाओं या संकेतकों के पार होने पर अपने-आप सक्रिय हो जाते हैं ।
रिपोर्ट का सबसे अहम निष्कर्ष यह है कि AI में आगे निकलने वाली और पीछे रह जाने वाली कंपनियों के बीच अंतर बजट के आकार से तय नहीं होता। निर्णायक भूमिका डेटा फाउंडेशन की होती है—यानी डेटा कितना सटीक, सुव्यवस्थित, सुलभ और आपस में जुड़ा हुआ है ।
अच्छी या उत्कृष्ट डेटा सटीकता वाली कंपनियों में 44% ने कहा कि उनका जोखिम प्रबंधन काफी अधिक सक्रिय हुआ है। इसके विपरीत, मध्यम या खराब डेटा गुणवत्ता वाली कंपनियों में ऐसा कहने वालों की संख्या केवल 17% थी ।
सर्वे में शामिल लगभग सभी अधिकारियों—95%—ने पिछले साल AI बजट बढ़ाया। फिर भी कमजोर डेटा वाली फर्मों में केवल बजट बढ़ाने से बेहतर नतीजे नहीं मिल रहे हैं । Clearwater Analytics के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी Souvik Das के अनुसार, AI अपनाने से फंड मैनेजरों को डेटा प्रबंधन की बुनियादी कमियों पर उस तरह ध्यान देना पड़ रहा है, जैसा पहले किसी अन्य तकनीक ने नहीं कराया ।
Clearwater के निष्कर्ष वित्तीय सेवाओं में दिख रहे बड़े रुझान से मेल खाते हैं। KPMG के एक अलग सर्वे के अनुसार, एसेट मैनेजमेंट और प्राइवेट इक्विटी संगठन अगले 12 महीनों में AI पर औसतन 14.8 करोड़ डॉलर खर्च करने का अनुमान लगा रहे हैं। यह पिछली तिमाही के मुकाबले लगभग 1.5 गुना अधिक है ।
KPMG के आंकड़ों में डेटा और एनालिटिक्स तथा रिसर्च एंड डेवलपमेंट AI निवेश की प्रमुख श्रेणियों में रहे ।
दूसरी ओर, व्यापक एंटरप्राइज बाजार में GenAI पर 30 से 40 अरब डॉलर का निवेश होने के बावजूद कई संगठनों को बहुत कम या कोई प्रतिफल नहीं मिल रहा है। इसी अंतर को एक अलग रिपोर्ट ने “GenAI Divide” कहा है ।
निष्कर्ष साफ है: एसेट मैनेजर AI पर खर्च बढ़ाने से पीछे नहीं हट रहे, लेकिन निवेश की सफलता केवल रकम से तय नहीं होगी। जिन कंपनियों के पास भरोसेमंद और उच्च-गुणवत्ता वाला डेटा है, उनके लिए यह खर्च वास्तविक कारोबारी लाभ में बदलने की संभावना अधिक है।