मंगल के दक्षिणी उच्चभूमि के नीचे का मैंटल उत्तरी मैदानी क्षेत्रों के नीचे के मैंटल से लगभग 200–400°C अधिक गर्म, कम चिपचिपा और संभवतः आंशिक रूप से पिघला हुआ है। शोधकर्ताओं ने Mars Global Surveyor, Mars Odyssey और Mars Reconnaissance Orbiter से मिले 16 वर्षों के सटीक रेडियो ट्रैकिंग व गुरुत्वाकर्षण डेटा का tidal tomog...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did the Nature study led by Alexander Berne reveal about the temperature and physical state of Mars’s southern and northern interiors,. Article summary: Berne and colleagues found that Mars’s hemispheric split is not merely a surface or crustal feature: the mantle beneath the southern highlands appears about 200–400°C hotter, softer, and probably at least partly molten t. Topic tags: general, government, education, academic, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks
मंगल की सतह दो बिल्कुल अलग चेहरों वाली दिखाई देती है। दक्षिण में ऊंची, पुरानी और भारी क्रेटरों से भरी उच्चभूमियां हैं, जबकि उत्तर में अपेक्षाकृत नीची और युवा मैदानी भूमि फैली है। अब एक नए Nature अध्ययन से संकेत मिला है कि यह अंतर केवल सतह या पपड़ी तक सीमित नहीं है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, दक्षिणी उच्चभूमियों के नीचे का मैंटल उत्तरी मैदानों के नीचे मौजूद मैंटल से लगभग 200–400°C अधिक गर्म है। गर्म पदार्थ अधिक आसानी से deform होता है, इसलिए दक्षिणी मैंटल अपेक्षाकृत नरम या कम श्यानता वाला प्रतीत होता है। आंकड़े यह संभावना भी दिखाते हैं कि वहां की चट्टानें कम-से-कम कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से पिघली हो सकती हैं। 310
मंगल की इस उत्तर-दक्षिण विभाजन रेखा को वैज्ञानिक अक्सर क्रस्टल डाइकोटॉमी कहते हैं। दक्षिणी उच्चभूमियां अधिक ऊंची और भारी क्रेटरों वाली हैं, जबकि उत्तरी मैदान नीची सतह पर स्थित हैं। उत्तरी क्षेत्र को कभी मंगल के प्राचीन महासागर का संभावित स्थान भी माना गया है। सामान्य भूगर्भीय मॉडलों में दक्षिणी पपड़ी को उत्तर की तुलना में मोटा माना जाता है। 31
नई खोज बताती है कि मंगल की यह विषमता केवल ऊंचाई, उम्र या पपड़ी की मोटाई का परिणाम नहीं हो सकती। इसके पीछे ग्रह के भीतर लंबे समय से मौजूद तापीय अंतर भी हो सकता है।
टीम ने NASA के तीन ऑर्बिटर—Mars Global Surveyor, Mars Odyssey और Mars Reconnaissance Orbiter—से मिले 16 वर्षों के सटीक रेडियो-ट्रैकिंग डेटा को दोबारा संसाधित किया। किसी ऑर्बिटर की गति और रेडियो सिग्नल में होने वाले बेहद छोटे बदलावों से मंगल के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र का विस्तृत मानचित्र तैयार किया जा सकता है। इस संयुक्त डेटा में मंगल के ज्वारीय व्यवहार, पपड़ी की मोटाई और ग्रह के आंतरिक ढांचे से जुड़ी जानकारी भी शामिल है। 2
सूर्य के गुरुत्वाकर्षण से मंगल के भीतर बहुत हल्का ज्वारीय उभार पैदा होता है। मंगल की कक्षा में स्थिति बदलने के साथ इस प्रतिक्रिया में भी छोटे बदलाव आते हैं। शोधकर्ताओं ने मंगल के औसत ज्वारीय व्यवहार को देखने के बजाय यह जांचा कि यह प्रतिक्रिया अलग-अलग क्षेत्रों में कैसे बदलती है। इस तकनीक को tidal tomography कहा जाता है। 812
मैंटल का तापमान उसकी कठोरता, श्यानता और ज्वारीय ऊर्जा को सोखने की क्षमता को प्रभावित करता है। इसलिए गुरुत्वाकर्षण प्रतिक्रिया में क्षेत्रीय अंतर का भौतिक मॉडलों से मिलान करके वैज्ञानिकों ने दक्षिणी मैंटल को उत्तर की तुलना में अधिक गर्म और यांत्रिक रूप से कमजोर आंका। इससे वर्तमान मैंटल में लगभग 200–400°C का तापीय अंतर निकाला गया। 3
यह प्रत्यक्ष तापमान माप नहीं है—किसी उपकरण ने मंगल के मैंटल में थर्मामीटर नहीं लगाया। तापमान का अनुमान गुरुत्वाकर्षण और ज्वारीय व्यवहार को समझाने वाले मॉडलों से लगाया गया है।
मंगल की प्राचीन दक्षिणी उच्चभूमियों में मजबूत अवशिष्ट चुंबकीय असामान्यताएं मुख्य रूप से केंद्रित हैं। ये संकेत उस समय की चट्टानों में दर्ज हुए होंगे जब मंगल के पास वैश्विक चुंबकीय क्षेत्र था। 3037
दक्षिणी भाग का अधिक गर्म होना शुरुआती पिघलाव, ज्वालामुखीय गतिविधि और चुंबकीय संकेतों को सुरक्षित रखने वाली पपड़ी के निर्माण को प्रभावित कर सकता था। हालांकि, यह अभी केवल संभावित संबंध है। अध्ययन यह साबित नहीं करता कि यही तापीय असामान्यता मंगल के पुराने चुंबकीय क्षेत्र या सभी चुंबकीय संकेतों का कारण थी।
आंतरिक गर्मी ज्वालामुखीय गतिविधि और हाइड्रोथर्मल परिसंचरण चला सकती है। पहले के अध्ययनों ने दक्षिणी उच्चभूमियों में कुछ चुंबकीय क्षेत्रों, घाटी-जालों और भूमिगत गर्म पानी के संभावित प्रवाह के बीच संबंध सुझाया है। 26
नई खोज मंगल के प्राचीन जल-इतिहास के लिए एक अतिरिक्त आंतरिक परिस्थिति उपलब्ध कराती है। यदि दक्षिण में गर्मी लंबे समय तक बनी रही हो, तो उसने स्थानीय भूजल परिसंचरण या भूमिगत जल-युक्त क्षेत्रों को सहारा दिया होगा। यह मंगल की प्राचीन रहने योग्य परिस्थितियों के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि किसी विशेष बेसिन में जीवन था या वह निश्चित अवधि तक पानी से भरा रहा।
यह तापीय अंतर मंगल के शुरुआती विकास से जुड़े मॉडलों के लिए भी एक नई कसौटी है। वैज्ञानिकों ने मंगल में स्थानीय मैंटल संवहन, स्थलमंडलीय पुनर्चक्रण और सीमित प्लेट-टेक्टॉनिक्स जैसी गतिविधियों की संभावनाओं पर बहस की है। कुछ रैखिक चुंबकीय संरचनाओं को शुरुआती प्लेट टेक्टॉनिक्स के संभावित संकेत के रूप में देखा गया है, लेकिन यह व्याख्या अब भी विवादित है। NASA के एक विश्लेषण में पृथ्वी जैसे प्लेट टेक्टॉनिक्स के पक्ष में प्रमाणों को मजबूत नहीं माना गया था। 27
इसलिए नया अध्ययन यह स्थापित नहीं करता कि मंगल पर पृथ्वी जैसी गतिशील प्लेटें थीं। यह केवल दिखाता है कि मंगल के शुरुआती आंतरिक इतिहास का कोई भी मॉडल उत्तर-दक्षिण के इस बड़े तापीय अंतर को समझाने में सक्षम होना चाहिए।
अध्ययन ने असमानता का संकेत दिया है, लेकिन उसका कारण तय नहीं किया। संभावित व्याख्याओं में शामिल हैं:
मौजूदा प्रमाण इनमें से किसी एक कारण को निर्णायक रूप से सही नहीं ठहराते। सबसे मजबूत निष्कर्ष यही है कि मंगल की सतही क्रस्टल डाइकोटॉमी के नीचे एक गहरी तापीय असमानता मौजूद है—दक्षिणी मैंटल आज भी उत्तरी मैंटल से काफी गर्म और कमजोर आंका जा रहा है। इस अंतर की वास्तविक उत्पत्ति समझने के लिए आगे के गुरुत्वाकर्षण, भूकंपीय और भूगर्भीय मॉडलों की जरूरत होगी।
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मंगल के दक्षिणी उच्चभूमि के नीचे का मैंटल उत्तरी मैदानी क्षेत्रों के नीचे के मैंटल से लगभग 200–400°C अधिक गर्म, कम चिपचिपा और संभवतः आंशिक रूप से पिघला हुआ है।
मंगल के दक्षिणी उच्चभूमि के नीचे का मैंटल उत्तरी मैदानी क्षेत्रों के नीचे के मैंटल से लगभग 200–400°C अधिक गर्म, कम चिपचिपा और संभवतः आंशिक रूप से पिघला हुआ है। शोधकर्ताओं ने Mars Global Surveyor, Mars Odyssey और Mars Reconnaissance Orbiter से मिले 16 वर्षों के सटीक रेडियो ट्रैकिंग व गुरुत्वाकर्षण डेटा का tidal tomography के जरिए विश्लेषण किया।
यह खोज मंगल की सतही उत्तर दक्षिण विषमता को उसके गहरे आंतरिक भाग से जोड़ती है, लेकिन इस गर्मी की उत्पत्ति—विशाल प्राचीन टक्कर, मैंटल संवहन या अंदर फंसी गर्मी—अभी स्पष्ट नहीं है।