BIG TCP की सहायक पैच सीरीज़ में उन हिस्सों को भी बदला गया है जो मान लेते थे कि पैकेट की लंबाई 64 KiB से कम होगी या 16-बिट फ़ील्ड में समा जाएगी। इस काम में VXLAN और Geneve के लिए BIG TCP IPv4 और IPv6 वर्कलोड भी शामिल हैं।
दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव FIB रूल से जुड़े ऑपरेशनों—जैसे RTM_NEWRULE और RTM_DELRULE—के लिए वैश्विक RTNL लॉक पर निर्भरता कम करता है।
यह उन सिस्टमों के लिए उपयोगी हो सकता है जो कई नेटवर्क नेमस्पेस में एक साथ रूटिंग रूल बदलते हैं। पहले एक वैश्विक सीरियलाइज़ेशन पॉइंट समानांतर काम को सीमित कर सकता था; नए बदलाव का लक्ष्य ऐसे कामों को अधिक स्वतंत्र रूप से चलने देना है।
उपलब्ध स्रोत समानांतरता में सुधार का उद्देश्य स्पष्ट करते हैं, लेकिन IPv4 या IPv6 के लिए कोई विश्वसनीय और सटीक बेंचमार्क प्रतिशत या स्पीडअप नहीं देते। इसलिए किसी निश्चित गुणक या प्रतिशत का दावा करना उपलब्ध साक्ष्यों से आगे जाना होगा।
इस नेटवर्किंग पुल में हार्डवेयर और प्रोटोकॉल सपोर्ट का दायरा भी बढ़ाया गया है:
mm81x ड्राइवर और नया NXPWIFI ड्राइवर शामिल है। ध्यान रहे कि ये बदलाव Linux 7.3 के मर्ज-विंडो विकास चक्र में शामिल हुआ कोड हैं। इन्हें पूर्ण और स्थिर Linux 7.3 रिलीज़ समझना सही नहीं होगा।
Kicinski और Paolo Abeni के अनुसार नेटवर्किंग पुल में 632 net पैच और 648 net-next पैच मर्ज हुए—कुल 1,280 पैच। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह संख्या वास्तविक समीक्षा-भार की पूरी तस्वीर नहीं दिखाती। उनका “त्वरित और मोटा” अनुमान था कि net-next के एक-तिहाई से आधे पैच AI-संचालित कम-प्राथमिकता वाले फिक्स, क्लीनअप या स्पष्टीकरण जैसे प्रतीत होते हैं।
यह दबाव सबमिशन की व्यापक बढ़ोतरी के बीच आया। केवल नौ दिनों की एक अवधि में नेटवर्किंग सबसिस्टम को [PATCH net][PATCH net-next]
चिंता सिर्फ यह नहीं है कि AI कोड लिख सकता है। AI-सहायता से ऐसे स्पष्टीकरण, बग रिपोर्ट और समीक्षा अनुरोध भी बहुत कम लागत पर तैयार किए जा सकते हैं जो पहली नज़र में विश्वसनीय लगें। इसके बाद हर बदलाव आवश्यक, सही, सुरक्षित और मर्ज किए जाने योग्य है या नहीं—यह तय करने की जिम्मेदारी मानव मेंटेनर्स पर ही रहती है।
मेंटेनर्स ने बताया कि उन्हें Meta की मदद से कई बड़े भाषा मॉडलों तक पहुंच और उनके इस्तेमाल के लिए बजट मिला है। तत्काल लक्ष्य यह है कि कुछ गढ़े हुए, भ्रमित करने वाले या कमजोर बदलाव मानव समीक्षा का अधिक समय लेने से पहले पकड़े जा सकें।
वे भाषा मॉडलों को नियमित वर्कफ़्लो कामों की ओर भी मोड़ना चाहते हैं, जैसे:
यह तरीका LLM को सबसिस्टम मेंटेनर्स के विकल्प के बजाय वर्कफ़्लो सहायक के रूप में देखता है। कर्नेल के concurrency-संवेदनशील कोड में यह अंतर खास महत्व रखता है। मेंटेनर्स ने PCIe errors और timeouts जैसे दुर्लभ घटनाक्रमों वाले रास्तों का उदाहरण दिया, जहां समय पर निर्भर race conditions को सामने लाना या उनके न होने को साबित करना कठिन हो सकता है। LLM समीक्षा संदिग्ध पैटर्न पहचानने में मदद कर सकती है, लेकिन हर असामान्य interleaving की शुद्धता की विश्वसनीय गारंटी नहीं दे सकती।
उपलब्ध रिपोर्ट Linux 7.3-rc1 या अंतिम स्थिर Linux 7.3 रिलीज़ की अपेक्षित तारीखें नहीं बतातीं। इनमें 7.3 विकास चक्र के दौरान मर्ज हुआ नेटवर्किंग कोड वर्णित है, कोई आधिकारिक रिलीज़ टाइमलाइन नहीं।
इसी तरह, RTNL बदलावों का उद्देश्य कई नेटवर्क नेमस्पेस में FIB रूल ऑपरेशनों की समानांतरता बढ़ाना है, लेकिन उपलब्ध सामग्री IPv4 या IPv6 के लिए कोई सटीक प्रदर्शन आंकड़ा नहीं देती। सुरक्षित निष्कर्ष इतना है कि कम वैश्विक लॉक-कंटेंशन से अत्यधिक समानांतर नेमस्पेस-प्रबंधन वर्कलोड को स्केल करने की अधिक गुंजाइश मिल सकती है; वास्तविक लाभ वर्कलोड और सिस्टम कॉन्फ़िगरेशन पर निर्भर करेगा।