मई 2026 में लीक हुए इंटरनल चैट और बैकएंड डेटा से पता चला कि नया RaaS गिरोह The Gentlemen बेहद तेजी से बढ़ा और दुनिया भर में सैकड़ों संगठनों को निशाना बनाया। डेटा से इसके अफिलिएट‑आधारित बिज़नेस मॉडल, इंटरनेट‑फेसिंग डिवाइसों पर हमले और FortiGate उपकरणों के बड़े भंडार जैसे ऑपरेशनल तरीकों की झलक मिली। विश्लेषकों का कहना...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did the leaked internal database reveal about The Gentlemen ransomware-as-a-service gang’s operations, including its rapid rise in 2026. Article summary: The leak showed The Gentlemen is a young RaaS operation whose internal chats and alleged backend data were partially exposed, but the material should be treated as an incomplete view rather than a full organizational map. Topic tags: general, general web, government. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "The Gentlemen ransomware emerged as a formidable Ransomware-as-a-Service (RaaS) operation in June 2025 and has rapidly escalated into a global cyber threat, claiming over 320 victi" source context "The Gentlemen Ransomware: A Rapidly Scaling RaaS Threat" Reference image 2: visual subject "Nascent ransomware-as-a-serv
मई 2026 में साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं को The Gentlemen नाम के रैनसमवेयर‑एज़‑ए‑सर्विस (RaaS) गिरोह के लीक हुए आंतरिक डेटा तक पहुंच मिली। यह डेटा कथित तौर पर अंडरग्राउंड फोरमों पर शेयर किया गया था और इसमें लगभग नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक की आंतरिक चैट और बैकएंड सिस्टम से जुड़ी जानकारी शामिल थी। हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि यह डेटा आंशिक (partial) है और इसे पूरे संगठन का पूर्ण नक्शा नहीं माना जाना चाहिए।
फिर भी, यह लीक आधुनिक रैनसमवेयर ऑपरेशन के कई पहलुओं को समझने का दुर्लभ अवसर देता है—जैसे कि अफिलिएट भर्ती, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन और हमलों का समन्वय।
The Gentlemen एक अपेक्षाकृत नया रैनसमवेयर ब्रांड है जो मिड‑2025 के आसपास सामने आया। कम समय में ही इसने तेजी से विस्तार किया। 2026 की शुरुआत तक इसके डेटा‑लीक पोर्टल पर 50 से अधिक देशों में फैले 200 से ज्यादा संगठनों को पीड़ित के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
रिपोर्टों के अनुसार 2026 के पहले पांच महीनों में ही इसके लीक साइट पर लगभग 332 पीड़ित संगठनों के नाम सामने आए, जिससे यह उस साल के सबसे सक्रिय RaaS प्रोग्रामों में से एक बन गया।
आंकड़े इसकी तेज़ बढ़त दिखाते हैं:
यानी कुछ ही महीनों में गतिविधि में 588% की वृद्धि दर्ज की गई।
The Gentlemen का संचालन पारंपरिक साइबर गैंग की तरह नहीं बल्कि एक RaaS प्लेटफॉर्म की तरह होता है। इसमें मुख्य डेवलपर और ऑपरेटर रैनसमवेयर टूल और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाते हैं, जबकि अलग‑अलग अफिलिएट वास्तविक हमले करते हैं।
लीक हुए डेटाबेस से पता चला कि बैकएंड पैनल में कई ऑपरेटर अकाउंट थे। रिपोर्टों के अनुसार सिस्टम का प्रमुख प्रशासक “zeta88” (उर्फ “hastalamuerte”) था, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेटफॉर्म का संचालन करता था।
इस मॉडल में आम तौर पर:
इस तरह का मॉडल छोटे कोर‑टीम के साथ भी हमलों को बड़े पैमाने पर फैलाने की क्षमता देता है।
लीक से सबसे महत्वपूर्ण खुलासों में से एक यह था कि समूह इंटरनेट‑फेसिंग नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को शुरुआती प्रवेश के लिए भारी मात्रा में निशाना बना रहा था।
इनमें शामिल थे:
विशेष रूप से, इनके कई हमलों को CVE‑2024‑55591 नामक गंभीर कमजोरी से जोड़ा गया है। यह FortiOS और FortiProxy में मौजूद एक authentication‑bypass खामी है, जिससे हमलावर crafted requests के जरिए super‑administrator privileges हासिल कर सकते हैं।
एंडपॉइंट सिस्टम पर सीधे हमला करने की बजाय नेटवर्क के किनारे मौजूद उपकरणों पर हमला करना सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने का आसान तरीका बन जाता है।
खुफिया रिपोर्टों के अनुसार इस ऑपरेशन के पास पहले से समझौता किए गए उपकरणों का एक बड़ा डेटाबेस था। जांचकर्ताओं को संकेत मिले कि गिरोह लगभग 14,700 पहले से एक्सप्लॉइट किए गए FortiGate डिवाइस ट्रैक कर रहा था।
इसके अलावा:
इस तरह का डेटाबेस भविष्य के हमलों के लिए “पाइपलाइन” की तरह काम कर सकता है। एक बार नेटवर्क के किनारे वाले उपकरण तक पहुंच मिल जाए तो हमलावर आसानी से अंदर गहराई तक घुस सकते हैं।
हालांकि पूरा डेटा उपलब्ध नहीं है, फिर भी चैट लॉग से गिरोह की कार्यप्रणाली के कई पहलू सामने आए। बातचीत में इन विषयों पर चर्चा दिखाई दी:
इन चैट चैनलों ने शोधकर्ताओं को यह समझने में मदद की कि रैनसमवेयर अभियानों की योजना और क्रियान्वयन कैसे होता है।
यह लीक केवल एक गैंग की कहानी नहीं बताती—यह आधुनिक साइबर हमलों की दिशा भी दिखाती है। अब नेटवर्क एज (edge) यानी फायरवॉल, VPN और मैनेजमेंट सिस्टम रैनसमवेयर के लिए प्रमुख प्रवेश द्वार बन चुके हैं।
संगठनों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा कदम:
विशेषज्ञों का कहना है कि यह लीक पूरे संगठन की पूरी तस्वीर नहीं दिखाती। उपलब्ध डेटा केवल गतिविधि का एक सीमित हिस्सा हो सकता है।
इसके बावजूद, यह घटना स्पष्ट करती है कि आधुनिक रैनसमवेयर ऑपरेशन कितनी तेजी से बढ़ सकते हैं—खासकर जब अफिलिएट नेटवर्क, स्वचालित टूल और इंटरनेट पर खुले सिस्टम एक साथ मिल जाते हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए संदेश साफ है: आज के रैनसमवेयर युग में नेटवर्क एज ही सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा मोर्चा बन चुका है।
Studio Global AI
Use this topic as a starting point for a fresh source-backed answer, then compare citations before you share it.
मई 2026 में लीक हुए इंटरनल चैट और बैकएंड डेटा से पता चला कि नया RaaS गिरोह The Gentlemen बेहद तेजी से बढ़ा और दुनिया भर में सैकड़ों संगठनों को निशाना बनाया।
मई 2026 में लीक हुए इंटरनल चैट और बैकएंड डेटा से पता चला कि नया RaaS गिरोह The Gentlemen बेहद तेजी से बढ़ा और दुनिया भर में सैकड़ों संगठनों को निशाना बनाया। डेटा से इसके अफिलिएट‑आधारित बिज़नेस मॉडल, इंटरनेट‑फेसिंग डिवाइसों पर हमले और FortiGate उपकरणों के बड़े भंडार जैसे ऑपरेशनल तरीकों की झलक मिली।
विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना दिखाती है कि फायरवॉल, VPN और नेटवर्क मैनेजमेंट सिस्टम जैसे एज डिवाइस रैनसमवेयर के लिए सबसे खतरनाक प्रवेश बिंदु बन चुके हैं।