रिपोर्ट इस जोखिम को दो भागों में बांटती है: स्ट्रक्चरल एक्सपोज़र और ऑपरेशनल एक्सपोज़र।
स्ट्रक्चरल एक्सपोज़र उन बिटकॉइन आउटपुट्स से आता है जिनकी स्क्रिप्ट संरचना ही पब्लिक की को ऑन‑चेन प्रकट करती है। ऐसे मामलों में जोखिम उपयोगकर्ता के व्यवहार पर निर्भर नहीं करता।
कुछ प्रमुख स्क्रिप्ट प्रकार हैं:
इन संरचनात्मक कारणों से लगभग 1.92 मिलियन BTC — यानी करीब 10% आपूर्ति — स्थायी रूप से जोखिम की श्रेणी में आते हैं।
स्ट्रक्चरल जोखिम का बड़ा हिस्सा बिटकॉइन के शुरुआती वर्षों से आता है।
उस समय कई ट्रांज़ैक्शन P2PK आउटपुट का उपयोग करते थे, जिनमें पब्लिक की स्थायी रूप से उजागर हो जाती है। अनुमान है कि लगभग 1.1 मिलियन BTC जो सतोशी नाकामोटो से जुड़े माने जाते हैं ऐसे ही पुराने एड्रेस में पड़े हैं।
जब तक ये कॉइन नए एड्रेस प्रकार में ट्रांसफर नहीं किए जाते, तब तक वे संरचनात्मक रूप से एक्सपोज़्ड रहेंगे।
6.04 मिलियन BTC के कुल आंकड़े का बड़ा हिस्सा उपयोग के तरीकों से पैदा हुए जोखिम से आता है।
बिटकॉइन में जब कोई कॉइन खर्च किया जाता है तो उसकी पब्लिक की नेटवर्क पर दिखाई देने लगती है। यदि वही एड्रेस बाद में फिर उपयोग किया जाए, तो बचा हुआ बैलेंस उसी पब्लिक की के पीछे रह जाता है जो पहले से उजागर है।
इस वजह से बार‑बार एड्रेस इस्तेमाल करना भविष्य के क्वांटम परिदृश्य में जोखिम बढ़ा सकता है।
केंद्रीकृत क्रिप्टो एक्सचेंज अक्सर बड़ी मात्रा में बिटकॉइन को हॉट वॉलेट और ऑपरेशनल वॉलेट्स के जरिए इधर‑उधर ट्रांसफर करते हैं। इससे कई बार पब्लिक की ऑन‑चेन उजागर हो सकती है।
ग्लासनोड ने Coinbase, Binance और Bitfinex जैसे एक्सचेंज से जुड़े एड्रेस का अध्ययन किया, लेकिन उपलब्ध सार्वजनिक सारांशों में प्रत्येक एक्सचेंज के लिए सटीक एक्सपोज़्ड बैलेंस प्रकाशित नहीं किया गया, इसलिए उन्हें सटीक मात्रा के आधार पर रैंक करना संभव नहीं है।
बिटकॉइन लेन‑देन की सुरक्षा के लिए Elliptic Curve Digital Signature Algorithm (ECDSA) का उपयोग करता है। यदि कोई अत्यंत शक्तिशाली क्वांटम कंप्यूटर Shor’s algorithm चला सके, तो सिद्धांततः वह पब्लिक की से प्राइवेट की निकाल सकता है।
ऐसी स्थिति में वह किसी भी ऐसे एड्रेस से फंड्स ट्रांसफर कर सकता है जिसकी पब्लिक की पहले से ऑन‑चेन दिखाई दे रही हो।
फिर भी शोधकर्ता स्पष्ट करते हैं कि आज के समय में ऐसा कोई क्वांटम कंप्यूटर मौजूद नहीं है जो यह हमला कर सके। इसके लिए मौजूदा तकनीक से कहीं अधिक स्थिर और बड़े पैमाने के क्वांटम हार्डवेयर की जरूरत होगी।
डेवलपर पहले से ही भविष्य के जोखिम को ध्यान में रखते हुए संभावित नेटवर्क अपग्रेड पर चर्चा कर रहे हैं।
एक प्रस्ताव BIP‑360 है, जो सॉफ्ट‑फोर्क के माध्यम से Taproot‑अनुकूल क्वांटम‑प्रतिरोधी आउटपुट पेश करने का सुझाव देता है। इसका उद्देश्य कुछ लेन‑देन मार्गों में एलिप्टिक‑कर्व सिग्नेचर पर निर्भरता कम करना है।
कुछ अन्य प्रस्ताव पुराने निष्क्रिय कॉइनों को नए एड्रेस में माइग्रेट करने या अत्यधिक कमजोर कॉइनों को सीमित करने जैसे विचार भी रखते हैं, हालांकि ये प्रस्ताव बिटकॉइन के शासन और संपत्ति अधिकारों को लेकर विवादास्पद माने जाते हैं।
ग्लासनोड का विश्लेषण बताता है कि बिटकॉइन का संभावित क्वांटम जोखिम मुख्यतः इस बात पर निर्भर करता है कि कितने कॉइनों की पब्लिक की पहले से दिखाई दे चुकी है, न कि कुल कितने कॉइन मौजूद हैं।
अभी के लिए यह खतरा सैद्धांतिक है, लेकिन यह शोध दिखाता है कि बिटकॉइन समुदाय पहले से ही पोस्ट‑क्वांटम सुरक्षा पर काम करना क्यों शुरू कर चुका है।
Comments
0 comments