सैम ऑल्टमैन ने अपनी गवाही में यह भी कहा कि मस्क OpenAI पर “पूरी तरह का नियंत्रण” चाहते थे और एक समय उन्होंने यह विचार भी रखा था कि कंपनी का नियंत्रण भविष्य में उनके बच्चों तक जा सकता है ।
समय के साथ OpenAI ने अपनी संरचना बदलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाई जिसमें गैर‑लाभकारी संस्था ऊपर रहती है लेकिन उसके अधीन एक मुनाफे वाली इकाई भी काम करती है। इस पुनर्गठन के बाद गैर‑लाभकारी इकाई—जिसे अब OpenAI Foundation कहा जाता है—के पास उस मुनाफे वाली इकाई में लगभग 130 अरब डॉलर मूल्य की हिस्सेदारी बताई गई है ।
यह संरचना कंपनी को निवेश जुटाने, कर्मचारियों को शेयर देने और महंगे AI मॉडल विकसित करने के लिए पूंजी जुटाने में मदद करती है।
इस मुकदमे में माइक्रोसॉफ्ट भी एक अहम किरदार है। OpenAI के पुनर्गठन के बाद माइक्रोसॉफ्ट के पास कंपनी में लगभग 27% हिस्सेदारी बताई गई है। मस्क ने आरोप लगाया कि माइक्रोसॉफ्ट ने OpenAI द्वारा कथित रूप से चैरिटेबल ट्रस्ट के उल्लंघन में मदद की, जबकि माइक्रोसॉफ्ट ने इन आरोपों को खारिज किया है ।
ट्रायल के दौरान सामने आए ईमेल, संदेश और गवाहियों ने विवाद को और पेचीदा बना दिया। इससे दोनों पक्षों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। मस्क को ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखाया गया जो OpenAI पर नियंत्रण चाहता था, जबकि ऑल्टमैन पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने एक सार्वजनिक हित वाली संस्था को निजी शक्ति और व्यावसायिक लाभ के साधन में बदल दिया ।
अदालत में दाखिल दस्तावेज़ों से यह भी सामने आया कि मुकदमे की शुरुआत से ठीक पहले मस्क ने OpenAI के अध्यक्ष ग्रेग ब्रॉकमैन को संदेश भेजकर संभावित समझौते की संभावना टटोलने की कोशिश की थी ।
यह मामला सिर्फ दो टेक नेताओं की व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। इसके संभावित परिणाम बहुत बड़े हो सकते हैं:
साथ ही, AI उद्योग में अरबों डॉलर की प्रतिस्पर्धा और भविष्य की तकनीक के विकास पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
अदालत की कार्यवाही से यह साफ हुआ कि OpenAI की कहानी किसी एक सरल नैरेटिव में फिट नहीं होती। यह न तो केवल आदर्शवाद के पतन की कहानी है और न ही सिर्फ एक नाराज़ सह‑संस्थापक का विवाद। असल में यह मिशन, पूंजी, नियंत्रण और तकनीकी शक्ति को लेकर कई वर्षों से चल रही जटिल लड़ाई को उजागर करती है—और यही तय करेगा कि भविष्य की AI किस दिशा में विकसित होगी 。
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टिंग के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि अदालत अंततः किस पक्ष के पक्ष में फैसला देगी।
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