1979 से 2023 के बीच ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका ने मिलकर 11.3 ट्रिलियन टन बर्फ खोई, जिससे वैश्विक औसत समुद्र स्तर 3.14 सेमी बढ़ा। कुल बर्फ हानि का 84% हिस्सा तेज़ हुए ग्लेशियरों द्वारा बर्फ को समुद्र में पहुंचाने से जुड़ा था; सतही पिघलाव का हिस्सा 16% रहा। IMBIE ने 27 उपग्रह मिशनों के 42 स्वतंत्र सर्वेक्षणों को मिलाकर...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Terra से संपादितGPT Image 2 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did the comprehensive IMBIE satellite assessment led by researchers at Northumbria University and the University of Washington reveal a. Article summary: The IMBIE assessment found that Greenland and Antarctica lost a combined 11.3 trillion tonnes of land ice between 1979 and 2023—equivalent to 3.14 cm of global mean sea-level rise. The long-term loss accelerated markedly. Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clic
ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका—पृथ्वी की दो सबसे बड़ी हिम-चादरें—ने 1979 से 2023 के बीच मिलकर 11.3 ट्रिलियन टन बर्फ गंवाई। IMBIE (आइस शीट मास बैलेंस इंटर-कम्पैरिजन एक्सरसाइज़) के नए आकलन के अनुसार, इससे वैश्विक औसत समुद्र-स्तर में 3.14 सेमी की वृद्धि हुई। अहम बात यह है कि यह बदलाव मुख्यतः सतह पर बर्फ पिघलने से नहीं, बल्कि ग्लेशियरों के तेज़ होकर अधिक बर्फ समुद्र तक पहुंचाने से हुआ। 10
उपग्रह रिकॉर्ड से पता चलता है कि 1970 और 1980 के दशकों की अपेक्षा बाद के दशकों में दोनों हिम-चादरों से वार्षिक बर्फ-हानि काफी बढ़ी।
इस अतिरिक्त पानी ने तटीय बाढ़ और कटाव के जोखिम के दायरे में लगभग 60 से 90 लाख और लोगों को ला दिया है, आकलन के अनुसार। 3
IMBIE के निष्कर्ष बताते हैं कि दीर्घकालिक बर्फ-हानि को सिर्फ सतह पर होने वाले पिघलाव से नहीं समझा जा सकता। संयुक्त हानि का 84% तेज़ गति से बहते ग्लेशियरों द्वारा बर्फ को समुद्र में पहुंचाने से हुआ, जबकि सतही पिघलाव का हिस्सा 16% था। 10
यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जब आउटलेट ग्लेशियर तेज़ी से बहते हैं, तो जमीन पर जमी बर्फ सीधे समुद्र में पहुंचती है और समुद्र-स्तर बढ़ता है। निष्कर्ष हिम-चादरों पर गर्म होते समुद्र के प्रभाव से जुड़ी एक गतिशील प्रतिक्रिया की ओर इशारा करते हैं।
अंटार्कटिका में बर्फ-हानि का संबंध समुद्र से प्रेरित पिघलाव और आउटलेट ग्लेशियरों के तेज़ प्रवाह से रहा। पश्चिमी अंटार्कटिका में उपग्रह-अवलोकन वाले हर दशक में बर्फ का समुद्र की ओर बहाव बढ़ा; पाइन आइलैंड और थ्वेट्स जैसे ग्लेशियरों की इसमें बड़ी भूमिका रही। 3
यह आकलन किसी एक उपग्रह या मापन-विधि पर निर्भर नहीं है। IMBIE शोधकर्ताओं ने 27 उपग्रह मिशनों से प्राप्त 42 स्वतंत्र हिम-चादर द्रव्यमान-संतुलन सर्वेक्षणों के नतीजों का मिलान कर एक संयुक्त रिकॉर्ड बनाया। 5
इसमें कई पूरक तरीके शामिल हैं:
ग्रीनलैंड का संयुक्त रिकॉर्ड 1972 से शुरू होता है, जबकि अंटार्कटिका का रिकॉर्ड 1979 से 2023 के अंत तक है। इसमें अंटार्कटिका को पश्चिमी अंटार्कटिका, पूर्वी अंटार्कटिका और अंटार्कटिक प्रायद्वीप के रूप में अलग-अलग भी आंका गया है। 11
आकलन में 2020 से 2023 के बीच बर्फ-हानि की गति धीमी दिखाई दी, लेकिन शोधकर्ता इसे स्थायी सुधार नहीं मानते। उनके अनुसार, इसका कारण अल्पकालिक जलवायु परिवर्तनशीलता थी। 6
पूर्वी अंटार्कटिका में असाधारण रूप से अधिक हिमपात ने ग्लेशियरों से होने वाली कुछ हानि की भरपाई की। वहीं, ग्रीनलैंड में अपेक्षाकृत हल्की गर्मियों के कारण सतही पिघलाव कम रहा। इसके बावजूद, दोनों हिम-चादरों में कुल मिलाकर बर्फ-हानि जारी रही। 3
यानी किसी वर्ष का हिमपात, गर्मियों की गर्मी और ग्लेशियरों की गति दीर्घकालिक रुझान को अस्थायी रूप से ढक सकते हैं। लेकिन पूरे उपग्रह रिकॉर्ड में तस्वीर स्पष्ट है: बर्फ-हानि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और समुद्र-स्तर वृद्धि में ग्रीनलैंड व अंटार्कटिका का योगदान बढ़ रहा है। 3
10
यह रिकॉर्ड ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका को समुद्र-स्तर वृद्धि के सक्रिय स्रोतों के रूप में देखने की जरूरत को मजबूत करता है। उनकी दीर्घकालिक बर्फ-हानि में सबसे बड़ी भूमिका गर्मियों के सतही पिघलाव की नहीं, बल्कि तेज़ होते ग्लेशियरों की रही है, जो जमीन की बर्फ को समुद्र तक पहुंचा रहे हैं। 10
इसीलिए लगातार उपग्रह निगरानी जरूरी है। इससे साल-दर-साल होने वाले अस्थायी उतार-चढ़ाव और कई दशकों में उभरने वाले ग्लेशियर-चालित बदलाव—दोनों को समझना संभव होता है।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
1979 से 2023 के बीच ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका ने मिलकर 11.3 ट्रिलियन टन बर्फ खोई, जिससे वैश्विक औसत समुद्र स्तर 3.14 सेमी बढ़ा।
1979 से 2023 के बीच ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका ने मिलकर 11.3 ट्रिलियन टन बर्फ खोई, जिससे वैश्विक औसत समुद्र स्तर 3.14 सेमी बढ़ा। कुल बर्फ हानि का 84% हिस्सा तेज़ हुए ग्लेशियरों द्वारा बर्फ को समुद्र में पहुंचाने से जुड़ा था; सतही पिघलाव का हिस्सा 16% रहा।
IMBIE ने 27 उपग्रह मिशनों के 42 स्वतंत्र सर्वेक्षणों को मिलाकर अब तक का सबसे लंबा संयुक्त बर्फ चादर रिकॉर्ड तैयार किया।
1979 से 2023 के बीच ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका ने मिलकर 11.3 ट्रिलियन टन बर्फ खोई, जिससे वैश्विक औसत समुद्र स्तर 3.14 सेमी बढ़ा। कुल बर्फ हानि का 84% हिस्सा तेज़ हुए ग्लेशियरों द्वारा बर्फ को समुद्र में पहुंचाने से जुड़ा था; सतही पिघलाव का हिस्सा 16% रहा। IMBIE ने 27 उपग्रह मिशनों के 42 स्वतंत्र सर्वेक्षणों को मिलाकर...
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Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did the comprehensive IMBIE satellite assessment led by researchers at Northumbria University and the University of Washington reveal a. Article summary: The IMBIE assessment found that Greenland and Antarctica lost a combined 11.3 trillion tonnes of land ice between 1979 and 2023—equivalent to 3.14 cm of global mean sea-level rise. The long-term loss accelerated markedly. Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clic
ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका—पृथ्वी की दो सबसे बड़ी हिम-चादरें—ने 1979 से 2023 के बीच मिलकर 11.3 ट्रिलियन टन बर्फ गंवाई। IMBIE (आइस शीट मास बैलेंस इंटर-कम्पैरिजन एक्सरसाइज़) के नए आकलन के अनुसार, इससे वैश्विक औसत समुद्र-स्तर में 3.14 सेमी की वृद्धि हुई। अहम बात यह है कि यह बदलाव मुख्यतः सतह पर बर्फ पिघलने से नहीं, बल्कि ग्लेशियरों के तेज़ होकर अधिक बर्फ समुद्र तक पहुंचाने से हुआ। 10
उपग्रह रिकॉर्ड से पता चलता है कि 1970 और 1980 के दशकों की अपेक्षा बाद के दशकों में दोनों हिम-चादरों से वार्षिक बर्फ-हानि काफी बढ़ी।
इस अतिरिक्त पानी ने तटीय बाढ़ और कटाव के जोखिम के दायरे में लगभग 60 से 90 लाख और लोगों को ला दिया है, आकलन के अनुसार। 3
IMBIE के निष्कर्ष बताते हैं कि दीर्घकालिक बर्फ-हानि को सिर्फ सतह पर होने वाले पिघलाव से नहीं समझा जा सकता। संयुक्त हानि का 84% तेज़ गति से बहते ग्लेशियरों द्वारा बर्फ को समुद्र में पहुंचाने से हुआ, जबकि सतही पिघलाव का हिस्सा 16% था। 10
यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जब आउटलेट ग्लेशियर तेज़ी से बहते हैं, तो जमीन पर जमी बर्फ सीधे समुद्र में पहुंचती है और समुद्र-स्तर बढ़ता है। निष्कर्ष हिम-चादरों पर गर्म होते समुद्र के प्रभाव से जुड़ी एक गतिशील प्रतिक्रिया की ओर इशारा करते हैं।
अंटार्कटिका में बर्फ-हानि का संबंध समुद्र से प्रेरित पिघलाव और आउटलेट ग्लेशियरों के तेज़ प्रवाह से रहा। पश्चिमी अंटार्कटिका में उपग्रह-अवलोकन वाले हर दशक में बर्फ का समुद्र की ओर बहाव बढ़ा; पाइन आइलैंड और थ्वेट्स जैसे ग्लेशियरों की इसमें बड़ी भूमिका रही। 3
यह आकलन किसी एक उपग्रह या मापन-विधि पर निर्भर नहीं है। IMBIE शोधकर्ताओं ने 27 उपग्रह मिशनों से प्राप्त 42 स्वतंत्र हिम-चादर द्रव्यमान-संतुलन सर्वेक्षणों के नतीजों का मिलान कर एक संयुक्त रिकॉर्ड बनाया। 5
इसमें कई पूरक तरीके शामिल हैं:
ग्रीनलैंड का संयुक्त रिकॉर्ड 1972 से शुरू होता है, जबकि अंटार्कटिका का रिकॉर्ड 1979 से 2023 के अंत तक है। इसमें अंटार्कटिका को पश्चिमी अंटार्कटिका, पूर्वी अंटार्कटिका और अंटार्कटिक प्रायद्वीप के रूप में अलग-अलग भी आंका गया है। 11
आकलन में 2020 से 2023 के बीच बर्फ-हानि की गति धीमी दिखाई दी, लेकिन शोधकर्ता इसे स्थायी सुधार नहीं मानते। उनके अनुसार, इसका कारण अल्पकालिक जलवायु परिवर्तनशीलता थी। 6
पूर्वी अंटार्कटिका में असाधारण रूप से अधिक हिमपात ने ग्लेशियरों से होने वाली कुछ हानि की भरपाई की। वहीं, ग्रीनलैंड में अपेक्षाकृत हल्की गर्मियों के कारण सतही पिघलाव कम रहा। इसके बावजूद, दोनों हिम-चादरों में कुल मिलाकर बर्फ-हानि जारी रही। 3
यानी किसी वर्ष का हिमपात, गर्मियों की गर्मी और ग्लेशियरों की गति दीर्घकालिक रुझान को अस्थायी रूप से ढक सकते हैं। लेकिन पूरे उपग्रह रिकॉर्ड में तस्वीर स्पष्ट है: बर्फ-हानि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और समुद्र-स्तर वृद्धि में ग्रीनलैंड व अंटार्कटिका का योगदान बढ़ रहा है। 3
10
यह रिकॉर्ड ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका को समुद्र-स्तर वृद्धि के सक्रिय स्रोतों के रूप में देखने की जरूरत को मजबूत करता है। उनकी दीर्घकालिक बर्फ-हानि में सबसे बड़ी भूमिका गर्मियों के सतही पिघलाव की नहीं, बल्कि तेज़ होते ग्लेशियरों की रही है, जो जमीन की बर्फ को समुद्र तक पहुंचा रहे हैं। 10
इसीलिए लगातार उपग्रह निगरानी जरूरी है। इससे साल-दर-साल होने वाले अस्थायी उतार-चढ़ाव और कई दशकों में उभरने वाले ग्लेशियर-चालित बदलाव—दोनों को समझना संभव होता है।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
1979 से 2023 के बीच ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका ने मिलकर 11.3 ट्रिलियन टन बर्फ खोई, जिससे वैश्विक औसत समुद्र स्तर 3.14 सेमी बढ़ा।
1979 से 2023 के बीच ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका ने मिलकर 11.3 ट्रिलियन टन बर्फ खोई, जिससे वैश्विक औसत समुद्र स्तर 3.14 सेमी बढ़ा। कुल बर्फ हानि का 84% हिस्सा तेज़ हुए ग्लेशियरों द्वारा बर्फ को समुद्र में पहुंचाने से जुड़ा था; सतही पिघलाव का हिस्सा 16% रहा।
IMBIE ने 27 उपग्रह मिशनों के 42 स्वतंत्र सर्वेक्षणों को मिलाकर अब तक का सबसे लंबा संयुक्त बर्फ चादर रिकॉर्ड तैयार किया।