शोधकर्ताओं ने फर्मी LAT के 15.5 वर्षों के सार्वजनिक आंकड़ों में Virgo, Fornax और Ophiuchus आकाशगंगा समूहों की दिशा से लगभग 43 GeV का संकीर्ण गामा रे अतिरिक्त संकेत रिपोर्ट किया। यदि WIMP डार्क मैटर कण सीधे दो फोटॉन में विनष्ट होते हैं, तो प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा लगभग WIMP के द्रव्यमान के बराबर हो सकती है; इसलिए 43 G...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Luna से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did the Chinese Academy of Sciences team report as a potential “smoking gun” for dark matter using 15.5 years of NASA Fermi Gamma-ray S. Article summary: The CAS-associated team reported a narrow excess near 43 GeV in Fermi-LAT observations toward the Virgo, Fornax, and Ophiuchus galaxy clusters. A truly monochromatic gamma-ray feature is unusually difficult for ordinary . Topic tags: general, academic, general web, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, wate
चीनी अकादमी ऑफ साइंसेज से जुड़े एक शोधदल ने Virgo, Fornax और Ophiuchus आकाशगंगा समूहों की दिशाओं में गामा-रे आंकड़ों के भीतर लगभग 43 GeV पर एक संकीर्ण अतिरिक्त संकेत रिपोर्ट किया है। इस विश्लेषण में NASA के Fermi Large Area Telescope (Fermi-LAT) के 15.5 वर्षों के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध अवलोकनों का इस्तेमाल किया गया।
गामा-रे स्पेक्ट्रम में इतनी संकरी ‘लाइन’ इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि सामान्य खगोलीय स्रोत आम तौर पर फोटॉन ऊर्जाओं का व्यापक फैलाव पैदा करते हैं। इसके विपरीत, डार्क मैटर के कुछ मॉडलों में ऐसी लाइन कणों के विनाश का विशिष्ट संकेत हो सकती है। हालांकि, यहां सबसे जरूरी बात यह है: यह संभावित संकेत है, डार्क मैटर की खोज का प्रमाण नहीं। 19
WIMP यानी weakly interacting massive particle डार्क मैटर का एक काल्पनिक उम्मीदवार है। यदि दो अपेक्षाकृत धीमे WIMP सीधे दो फोटॉन में बदलें, तो प्रक्रिया इस तरह लिखी जा सकती है:
[
\chi\chi \rightarrow \gamma\gamma
]
इस स्थिति में दोनों फोटॉन की ऊर्जा लगभग WIMP के द्रव्यमान के बराबर होगी। इसलिए लगभग 43 GeV की गामा-रे लाइन करीब 43 GeV द्रव्यमान वाले WIMP की संभावना से मेल खा सकती है। एक दूसरी प्रक्रिया, (\chi\chi\rightarrow\gamma Z), फोटॉन और Z बोसॉन पैदा कर सकती है और उससे संबंधित, लेकिन कम ऊर्जा वाली लाइन भी दिखाई दे सकती है।
यह व्याख्या इसलिए खास होगी क्योंकि पारंपरिक WIMP मॉडलों में सीधे फोटॉन पैदा करने वाली ऐसी प्रक्रियाएं आम तौर पर loop-suppressed होती हैं—अर्थात उनकी संभावना अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए यदि ऐसी लाइन वास्तविक साबित होती है, तो वह केवल अतिरिक्त गामा-रे चमक का संकेत नहीं देगी, बल्कि डार्क मैटर कणों की अंतःक्रिया के बारे में विशिष्ट जानकारी भी दे सकती है। अध्ययन में GeV से TeV ऊर्जा वाली गामा-रे लाइन को डार्क मैटर के विनाश या क्षय का अलग पहचान योग्य संकेत बताया गया है। 19
दल ने यह जांचने की कोशिश की कि कहीं संकेत detector selection, ऊर्जा-माप या अवलोकन की परिस्थितियों से तो नहीं जुड़ा है। उनके परीक्षणों में instrumental origin—यानी उपकरण से पैदा हुई गड़बड़ी—को कम संभावित बताया गया। 19
27
लेकिन ‘कम संभावित’ का अर्थ ‘पूरी तरह खारिज’ नहीं होता। फर्मी के पुराने गामा-रे लाइन खोज अभियानों में भी ऐसे संकेत मिले थे जिन्हें बाद में अधिक सावधानी से जांचना पड़ा। लगभग 130 GeV की एक पिछली घटना अंततः पृथ्वी के किनारे से आने वाले आंकड़ों में समान अतिरिक्त संकेत मिलने के बाद systematic effect से जुड़ी पाई गई। 30
इसीलिए इस नए परिणाम के लिए स्वतंत्र विश्लेषण और दूसरे, स्वतंत्र रूप से कैलिब्रेट किए गए उपकरणों की पुष्टि बेहद महत्वपूर्ण होगी।
इस दावे के सामने कई सवाल अभी बाकी हैं:
पहले के Fermi-LAT अध्ययनों में भी करीब 43 GeV पर एक अस्थायी संकेत की चर्चा हुई थी, लेकिन वैश्विक स्तर पर सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण लाइन नहीं मिली। 17 11.4 वर्षों के आंकड़ों पर आधारित बाद के विश्लेषण में करीब 42 GeV पर हल्का संकेत बना रहा, जो मुख्य रूप से Virgo और Ophiuchus से प्रभावित था; इसे स्थापित खोज नहीं माना गया।
20 अन्य क्लस्टर अध्ययनों में भी स्पष्ट annihilation signal के बजाय ऊपरी सीमाएं मिली हैं।
18
31
43 GeV की क्लस्टर लाइन को Fermi से जुड़े हर डार्क मैटर दावे की पुष्टि नहीं समझना चाहिए। टोक्यो विश्वविद्यालय के Tomonori Totani ने मिल्की वे के आसपास Fermi-LAT के 15 वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण कर लगभग 20 GeV पर चरम पर पहुंचने वाली, halo जैसी गामा-रे अतिरिक्त चमक रिपोर्ट की। 1
6
दोनों परिणामों में महत्वपूर्ण अंतर हैं:
20 GeV वाली व्याख्या को भी चुनौती मिली है। एक प्रकाशित विश्लेषण के अनुसार, यदि उस गामा-रे अतिरिक्त चमक को प्रस्तावित डार्क मैटर मॉडल से जोड़ा जाए, तो उससे बनने वाला antiproton उत्सर्जन AMS-02 के अवलोकनों से असंगत हो सकता है। 8 इससे डार्क मैटर का व्यापक सवाल हल नहीं होता, लेकिन यह दिखाता है कि किसी भी गामा-रे संकेत को cosmic rays जैसे दूसरे संदेशवाहकों के आंकड़ों से भी परखना जरूरी है।
मिल्की वे के केंद्र की गामा-रे चमक पर machine-learning और AI आधारित अध्ययन एक अलग सवाल पूछ सकते हैं—क्या अतिरिक्त चमक चिकनी है या उसमें छोटे-छोटे दानेदार पैटर्न हैं, जैसा अनसुलझे खगोलीय स्रोतों के समूह से अपेक्षित हो सकता है। लेकिन AI वर्गीकरण अपने आप में स्वतंत्र particle detection नहीं है। उसका नतीजा इस्तेमाल किए गए simulated skies, foreground models और source populations पर निर्भर करता है।
सबसे मजबूत पुष्टि तब मानी जाएगी जब कोई स्वतंत्र रूप से कैलिब्रेट किया गया गामा-रे उपकरण उसी ऊर्जा पर लाइन देखे और उसका स्थानिक संबंध उन्हीं आकाशगंगा समूहों से मेल खाए। इसके साथ शोधकर्ताओं को इस संभावित डार्क मैटर कण के गुणों की तुलना dwarf galaxies, मिल्की वे के halo, cosmic rays, collider experiments और direct-detection searches से मिले प्रतिबंधों से करनी होगी।
Fermi के भविष्य के अधिक आंकड़े भी मदद कर सकते हैं। यदि लाइन वास्तविक और स्थायी है, तो अधिक फोटॉन आंकड़ों के साथ उसका महत्व बढ़ना चाहिए। इसके विपरीत, संयोगवश आया अतिरिक्त संकेत आगे के आंकड़ों में कमजोर पड़ सकता है। 2040 तक Fermi के आंकड़ों में बड़ी वृद्धि की चर्चाओं को अभी अनुमान या projection की तरह देखना चाहिए, गारंटी की तरह नहीं। अधिक अवलोकन calibration और foreground-model की सभी अनिश्चितताओं को अपने आप समाप्त नहीं करेंगे। 25
WIMP डार्क मैटर का केवल एक संभावित रूप है। हल्के, तरंग-जैसे उम्मीदवारों—जैसे axion और dark photon—की तलाश के लिए haloscope प्रयोग resonant microwave cavities का इस्तेमाल करते हैं। ये cavities किसी tunable radio receiver की तरह काम कर सकती हैं और बेहद कमजोर संकेतों को खोजती हैं।
कुछ नए प्रस्ताव entangled qubits और superconducting-cavity arrays का इस्तेमाल कर measurement noise घटाने या संभावित frequencies की scanning तेज करने की कोशिश कर रहे हैं। 33
34
35
39
40 ये तकनीकें 43 GeV की गामा-रे लाइन की सीधी पुष्टि नहीं करेंगी, क्योंकि वे अलग द्रव्यमान-सीमा और अलग तरह के डार्क मैटर उम्मीदवारों को खोजती हैं। फिर भी वे यह महत्वपूर्ण बात याद दिलाती हैं कि ‘डार्क मैटर’ कोई एक ही कण या एक ही सिद्धांत नहीं है।
तीन आकाशगंगा समूहों की दिशाओं में 43 GeV की संकीर्ण गामा-रे लाइन एक ऐसा anomaly है जिसकी भौतिक व्याख्या संभव है। यदि यह वास्तविक हुई, तो यह डार्क मैटर के कणों और उनकी अंतःक्रियाओं के बारे में असाधारण जानकारी दे सकती है।
फिर भी इसका दर्जा तय होगा reproducibility, वैश्विक सांख्यिकीय विश्लेषण और स्वतंत्र अवलोकनों से मेल पर। 43 GeV क्लस्टर लाइन, Totani का 20 GeV मिल्की वे halo, Galactic-center के AI अध्ययन और quantum-sensor प्रयोग अलग-अलग संकेतों और डार्क मैटर मॉडलों की जांच करते हैं। फिलहाल इनमें से कोई भी यह साबित नहीं करता कि डार्क मैटर क्या है—या यह कि वह फोटॉन पैदा करने वाले कण-विनाश से जुड़ा है।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
शोधकर्ताओं ने फर्मी LAT के 15.5 वर्षों के सार्वजनिक आंकड़ों में Virgo, Fornax और Ophiuchus आकाशगंगा समूहों की दिशा से लगभग 43 GeV का संकीर्ण गामा रे अतिरिक्त संकेत रिपोर्ट किया।
शोधकर्ताओं ने फर्मी LAT के 15.5 वर्षों के सार्वजनिक आंकड़ों में Virgo, Fornax और Ophiuchus आकाशगंगा समूहों की दिशा से लगभग 43 GeV का संकीर्ण गामा रे अतिरिक्त संकेत रिपोर्ट किया। यदि WIMP डार्क मैटर कण सीधे दो फोटॉन में विनष्ट होते हैं, तो प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा लगभग WIMP के द्रव्यमान के बराबर हो सकती है; इसलिए 43 GeV की लाइन करीब 43 GeV द्रव्यमान वाले WIMP की ओर इशारा कर सकती है।
यह परिणाम स्वतंत्र विश्लेषण और अन्य उपकरणों की जांच से गुजरना बाकी है। पहले के फर्मी लाइन संकेत कमजोर पड़े हैं, जबकि 20 GeV का मिल्की वे संकेत एक अलग तरह की गामा रे घटना है।
शोधकर्ताओं ने फर्मी LAT के 15.5 वर्षों के सार्वजनिक आंकड़ों में Virgo, Fornax और Ophiuchus आकाशगंगा समूहों की दिशा से लगभग 43 GeV का संकीर्ण गामा रे अतिरिक्त संकेत रिपोर्ट किया। यदि WIMP डार्क मैटर कण सीधे दो फोटॉन में विनष्ट होते हैं, तो प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा लगभग WIMP के द्रव्यमान के बराबर हो सकती है; इसलिए 43 G...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Luna से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did the Chinese Academy of Sciences team report as a potential “smoking gun” for dark matter using 15.5 years of NASA Fermi Gamma-ray S. Article summary: The CAS-associated team reported a narrow excess near 43 GeV in Fermi-LAT observations toward the Virgo, Fornax, and Ophiuchus galaxy clusters. A truly monochromatic gamma-ray feature is unusually difficult for ordinary . Topic tags: general, academic, general web, user generated, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, wate
चीनी अकादमी ऑफ साइंसेज से जुड़े एक शोधदल ने Virgo, Fornax और Ophiuchus आकाशगंगा समूहों की दिशाओं में गामा-रे आंकड़ों के भीतर लगभग 43 GeV पर एक संकीर्ण अतिरिक्त संकेत रिपोर्ट किया है। इस विश्लेषण में NASA के Fermi Large Area Telescope (Fermi-LAT) के 15.5 वर्षों के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध अवलोकनों का इस्तेमाल किया गया।
गामा-रे स्पेक्ट्रम में इतनी संकरी ‘लाइन’ इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि सामान्य खगोलीय स्रोत आम तौर पर फोटॉन ऊर्जाओं का व्यापक फैलाव पैदा करते हैं। इसके विपरीत, डार्क मैटर के कुछ मॉडलों में ऐसी लाइन कणों के विनाश का विशिष्ट संकेत हो सकती है। हालांकि, यहां सबसे जरूरी बात यह है: यह संभावित संकेत है, डार्क मैटर की खोज का प्रमाण नहीं। 19
WIMP यानी weakly interacting massive particle डार्क मैटर का एक काल्पनिक उम्मीदवार है। यदि दो अपेक्षाकृत धीमे WIMP सीधे दो फोटॉन में बदलें, तो प्रक्रिया इस तरह लिखी जा सकती है:
[
\chi\chi \rightarrow \gamma\gamma
]
इस स्थिति में दोनों फोटॉन की ऊर्जा लगभग WIMP के द्रव्यमान के बराबर होगी। इसलिए लगभग 43 GeV की गामा-रे लाइन करीब 43 GeV द्रव्यमान वाले WIMP की संभावना से मेल खा सकती है। एक दूसरी प्रक्रिया, (\chi\chi\rightarrow\gamma Z), फोटॉन और Z बोसॉन पैदा कर सकती है और उससे संबंधित, लेकिन कम ऊर्जा वाली लाइन भी दिखाई दे सकती है।
यह व्याख्या इसलिए खास होगी क्योंकि पारंपरिक WIMP मॉडलों में सीधे फोटॉन पैदा करने वाली ऐसी प्रक्रियाएं आम तौर पर loop-suppressed होती हैं—अर्थात उनकी संभावना अपेक्षाकृत कम होती है। इसलिए यदि ऐसी लाइन वास्तविक साबित होती है, तो वह केवल अतिरिक्त गामा-रे चमक का संकेत नहीं देगी, बल्कि डार्क मैटर कणों की अंतःक्रिया के बारे में विशिष्ट जानकारी भी दे सकती है। अध्ययन में GeV से TeV ऊर्जा वाली गामा-रे लाइन को डार्क मैटर के विनाश या क्षय का अलग पहचान योग्य संकेत बताया गया है। 19
दल ने यह जांचने की कोशिश की कि कहीं संकेत detector selection, ऊर्जा-माप या अवलोकन की परिस्थितियों से तो नहीं जुड़ा है। उनके परीक्षणों में instrumental origin—यानी उपकरण से पैदा हुई गड़बड़ी—को कम संभावित बताया गया। 19
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लेकिन ‘कम संभावित’ का अर्थ ‘पूरी तरह खारिज’ नहीं होता। फर्मी के पुराने गामा-रे लाइन खोज अभियानों में भी ऐसे संकेत मिले थे जिन्हें बाद में अधिक सावधानी से जांचना पड़ा। लगभग 130 GeV की एक पिछली घटना अंततः पृथ्वी के किनारे से आने वाले आंकड़ों में समान अतिरिक्त संकेत मिलने के बाद systematic effect से जुड़ी पाई गई। 30
इसीलिए इस नए परिणाम के लिए स्वतंत्र विश्लेषण और दूसरे, स्वतंत्र रूप से कैलिब्रेट किए गए उपकरणों की पुष्टि बेहद महत्वपूर्ण होगी।
इस दावे के सामने कई सवाल अभी बाकी हैं:
पहले के Fermi-LAT अध्ययनों में भी करीब 43 GeV पर एक अस्थायी संकेत की चर्चा हुई थी, लेकिन वैश्विक स्तर पर सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण लाइन नहीं मिली। 17 11.4 वर्षों के आंकड़ों पर आधारित बाद के विश्लेषण में करीब 42 GeV पर हल्का संकेत बना रहा, जो मुख्य रूप से Virgo और Ophiuchus से प्रभावित था; इसे स्थापित खोज नहीं माना गया।
20 अन्य क्लस्टर अध्ययनों में भी स्पष्ट annihilation signal के बजाय ऊपरी सीमाएं मिली हैं।
18
31
43 GeV की क्लस्टर लाइन को Fermi से जुड़े हर डार्क मैटर दावे की पुष्टि नहीं समझना चाहिए। टोक्यो विश्वविद्यालय के Tomonori Totani ने मिल्की वे के आसपास Fermi-LAT के 15 वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण कर लगभग 20 GeV पर चरम पर पहुंचने वाली, halo जैसी गामा-रे अतिरिक्त चमक रिपोर्ट की। 1
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दोनों परिणामों में महत्वपूर्ण अंतर हैं:
20 GeV वाली व्याख्या को भी चुनौती मिली है। एक प्रकाशित विश्लेषण के अनुसार, यदि उस गामा-रे अतिरिक्त चमक को प्रस्तावित डार्क मैटर मॉडल से जोड़ा जाए, तो उससे बनने वाला antiproton उत्सर्जन AMS-02 के अवलोकनों से असंगत हो सकता है। 8 इससे डार्क मैटर का व्यापक सवाल हल नहीं होता, लेकिन यह दिखाता है कि किसी भी गामा-रे संकेत को cosmic rays जैसे दूसरे संदेशवाहकों के आंकड़ों से भी परखना जरूरी है।
मिल्की वे के केंद्र की गामा-रे चमक पर machine-learning और AI आधारित अध्ययन एक अलग सवाल पूछ सकते हैं—क्या अतिरिक्त चमक चिकनी है या उसमें छोटे-छोटे दानेदार पैटर्न हैं, जैसा अनसुलझे खगोलीय स्रोतों के समूह से अपेक्षित हो सकता है। लेकिन AI वर्गीकरण अपने आप में स्वतंत्र particle detection नहीं है। उसका नतीजा इस्तेमाल किए गए simulated skies, foreground models और source populations पर निर्भर करता है।
सबसे मजबूत पुष्टि तब मानी जाएगी जब कोई स्वतंत्र रूप से कैलिब्रेट किया गया गामा-रे उपकरण उसी ऊर्जा पर लाइन देखे और उसका स्थानिक संबंध उन्हीं आकाशगंगा समूहों से मेल खाए। इसके साथ शोधकर्ताओं को इस संभावित डार्क मैटर कण के गुणों की तुलना dwarf galaxies, मिल्की वे के halo, cosmic rays, collider experiments और direct-detection searches से मिले प्रतिबंधों से करनी होगी।
Fermi के भविष्य के अधिक आंकड़े भी मदद कर सकते हैं। यदि लाइन वास्तविक और स्थायी है, तो अधिक फोटॉन आंकड़ों के साथ उसका महत्व बढ़ना चाहिए। इसके विपरीत, संयोगवश आया अतिरिक्त संकेत आगे के आंकड़ों में कमजोर पड़ सकता है। 2040 तक Fermi के आंकड़ों में बड़ी वृद्धि की चर्चाओं को अभी अनुमान या projection की तरह देखना चाहिए, गारंटी की तरह नहीं। अधिक अवलोकन calibration और foreground-model की सभी अनिश्चितताओं को अपने आप समाप्त नहीं करेंगे। 25
WIMP डार्क मैटर का केवल एक संभावित रूप है। हल्के, तरंग-जैसे उम्मीदवारों—जैसे axion और dark photon—की तलाश के लिए haloscope प्रयोग resonant microwave cavities का इस्तेमाल करते हैं। ये cavities किसी tunable radio receiver की तरह काम कर सकती हैं और बेहद कमजोर संकेतों को खोजती हैं।
कुछ नए प्रस्ताव entangled qubits और superconducting-cavity arrays का इस्तेमाल कर measurement noise घटाने या संभावित frequencies की scanning तेज करने की कोशिश कर रहे हैं। 33
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40 ये तकनीकें 43 GeV की गामा-रे लाइन की सीधी पुष्टि नहीं करेंगी, क्योंकि वे अलग द्रव्यमान-सीमा और अलग तरह के डार्क मैटर उम्मीदवारों को खोजती हैं। फिर भी वे यह महत्वपूर्ण बात याद दिलाती हैं कि ‘डार्क मैटर’ कोई एक ही कण या एक ही सिद्धांत नहीं है।
तीन आकाशगंगा समूहों की दिशाओं में 43 GeV की संकीर्ण गामा-रे लाइन एक ऐसा anomaly है जिसकी भौतिक व्याख्या संभव है। यदि यह वास्तविक हुई, तो यह डार्क मैटर के कणों और उनकी अंतःक्रियाओं के बारे में असाधारण जानकारी दे सकती है।
फिर भी इसका दर्जा तय होगा reproducibility, वैश्विक सांख्यिकीय विश्लेषण और स्वतंत्र अवलोकनों से मेल पर। 43 GeV क्लस्टर लाइन, Totani का 20 GeV मिल्की वे halo, Galactic-center के AI अध्ययन और quantum-sensor प्रयोग अलग-अलग संकेतों और डार्क मैटर मॉडलों की जांच करते हैं। फिलहाल इनमें से कोई भी यह साबित नहीं करता कि डार्क मैटर क्या है—या यह कि वह फोटॉन पैदा करने वाले कण-विनाश से जुड़ा है।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
शोधकर्ताओं ने फर्मी LAT के 15.5 वर्षों के सार्वजनिक आंकड़ों में Virgo, Fornax और Ophiuchus आकाशगंगा समूहों की दिशा से लगभग 43 GeV का संकीर्ण गामा रे अतिरिक्त संकेत रिपोर्ट किया।
शोधकर्ताओं ने फर्मी LAT के 15.5 वर्षों के सार्वजनिक आंकड़ों में Virgo, Fornax और Ophiuchus आकाशगंगा समूहों की दिशा से लगभग 43 GeV का संकीर्ण गामा रे अतिरिक्त संकेत रिपोर्ट किया। यदि WIMP डार्क मैटर कण सीधे दो फोटॉन में विनष्ट होते हैं, तो प्रत्येक फोटॉन की ऊर्जा लगभग WIMP के द्रव्यमान के बराबर हो सकती है; इसलिए 43 GeV की लाइन करीब 43 GeV द्रव्यमान वाले WIMP की ओर इशारा कर सकती है।
यह परिणाम स्वतंत्र विश्लेषण और अन्य उपकरणों की जांच से गुजरना बाकी है। पहले के फर्मी लाइन संकेत कमजोर पड़े हैं, जबकि 20 GeV का मिल्की वे संकेत एक अलग तरह की गामा रे घटना है।