इन सभी माध्यमों ने शोधकर्ताओं को वायु-समुद्र अंतःक्रिया, भौतिक समुद्र विज्ञान, समुद्री पारिस्थितिकी, समुद्री जल के रसायन और भूगर्भीय प्रक्रियाओं को एक ही तंत्र के हिस्सों के रूप में देखने में मदद की।
अभियान के दौरान Kexue ने टाइफून Bavi, Noul और Dolphin का अवलोकन किया। इस काम से समुद्र और वायुमंडल की वास्तविक समय वाली त्रि-आयामी निगरानी क्षमता को मजबूत करने में मदद मिली। वैज्ञानिकों ने तूफानों के गुजरने के दौरान समुद्र-वायुमंडल की संयुक्त सीमा-परत में हुए बदलाव दर्ज किए।
अभियान में लगभग 996 हेक्टोपास्कल का न्यूनतम दबाव, करीब 15 मीटर प्रति सेकंड की हवाएं और लगभग 500 मिलीमीटर प्रति घंटे की अधिकतम बारिश दर्ज की गई। ये आंकड़े इसलिए उपयोगी हैं क्योंकि चक्रवात की तीव्रता केवल वायुमंडल पर निर्भर नहीं करती; इसका संबंध ऊपरी समुद्र, समुद्र-वायु सीमा-परत और तूफान के बीच होने वाली पारस्परिक क्रिया से भी होता है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि एक अकेली समुद्री यात्रा मौसम पूर्वानुमान को पूरी तरह बदल देगी। लेकिन तूफानों के दौरान जुटाए गए ऐसे आंकड़े पूर्वानुमान प्रणालियों में नए विवरण जोड़ सकते हैं और यह जांचने में मदद कर सकते हैं कि मॉडल समुद्र-वायुमंडल के संबंधों को कितनी सटीकता से दर्शाते हैं। अभियान से मिले डेटा का लक्ष्य टाइफून पूर्वानुमान और समुद्री संचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है।
Kexue ने संभावित रूप से बेहद मजबूत El Niño से जुड़े अध्ययन के लिए भी लक्षित नमूना-संग्रह किया। टीम ने प्रयोगशाला जांच के लिए सतह के नीचे के जल के 900 लीटर से अधिक और सतही जल के 8,000 लीटर नमूने लिए।
इन नमूनों में निम्नलिखित चीजों का विश्लेषण किया जाएगा:
शोधकर्ता इन नए नमूनों की तुलना पिछले 14 वर्षों के आंकड़ों से करेंगे। इससे मौजूदा समुद्री परिस्थितियों को दीर्घकालिक संदर्भ में समझने और यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि समुद्र में हो रहे बदलावों का जलवायु परिवर्तनशीलता, समुद्री पर्यावरण और तूफानों के व्यवहार से क्या संबंध है।
Kexue के मिशन से कोई एक सनसनीखेज खोज सामने आने के बजाय एक व्यापक और संयुक्त डेटा सेट तैयार हुआ है। इसकी अहमियत इस बात में है कि आम तौर पर अलग-अलग जुटाए जाने वाले आंकड़ों को एक साथ जोड़ा गया—समुद्री धाराओं और गर्म जल क्षेत्र के माप, तूफान के दौरान समुद्र-वायु स्थितियां, जैविक और रासायनिक संकेतक तथा समुद्र तल में बदलाव के रिकॉर्ड।
इन आंकड़ों के तत्काल संभावित उपयोगों में जलवायु शोध, टाइफून पूर्वानुमान, नौवहन सुरक्षा और समुद्री निर्णय-प्रक्रिया शामिल हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला विश्लेषण और पुराने अवलोकनों से तुलना के बाद ही सामने आएंगे। इसलिए इस यात्रा को तैयार पूर्वानुमान मॉडल या अंतिम जलवायु आकलन के बजाय एक बड़े अवलोकन और साक्ष्य-संग्रह अभियान के रूप में समझना अधिक उचित है।