यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दुनिया में यूक्रेन युद्ध और मध्य‑पूर्व का संकट अंतरराष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
कान्स में उनकी मौजूदगी सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही—उन्होंने गाज़ा युद्ध पर भी अपना स्पष्ट रुख दिखाया।
फेस्टिवल में अल्मोदावर ने अपनी जैकेट पर “Free Palestine” का पिन लगाया, जो फिलिस्तीन के समर्थन और गाज़ा में इज़राइल की सैन्य कार्रवाई की आलोचना का संकेत माना जाता है।
उन्होंने पहले भी इस मुद्दे पर कड़ा बयान दिया था। 2025 में उन्होंने स्पेन की सरकार से इज़राइल के साथ कूटनीतिक और व्यापारिक संबंध तोड़ने की अपील की थी और गाज़ा की स्थिति को “जनसंहार” बताया था।
इन बयानों के कारण वे यूरोपीय फिल्म जगत में गाज़ा मुद्दे पर खुलकर बोलने वाली प्रमुख आवाज़ों में से एक बन गए हैं।
कान्स में सिर्फ अल्मोदावर ही नहीं, बल्कि स्पेनिश अभिनेता जेवियर बार्डेम ने भी वैश्विक नेताओं की आलोचना की।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार्डेम ने कहा कि दुनिया में चल रहे कई युद्ध और हिंसा के पीछे नेताओं की “टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी” यानी आक्रामक पुरुषवादी मानसिकता भी जिम्मेदार है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर ट्रंप, पुतिन और नेतन्याहू का नाम लिया।
इन राजनीतिक बयानों के बीच अल्मोदावर अपनी नई फिल्म “Bitter Christmas” (स्पेनिश: Amarga Navidad) भी कान्स में पेश कर रहे थे, जो Palme d’Or के लिए प्रतियोगिता में शामिल है।
यह फिल्म एक स्पेनिश ट्रेजिकॉमेडी है, जिसमें आत्मकथात्मक शैली और रचनात्मक प्रक्रिया पर आधारित कहानी दिखाई गई है।
कहानी दो समानांतर कथाओं के इर्द‑गिर्द घूमती है:
इन दोनों कथाओं के माध्यम से फिल्म यह दिखाती है कि कलाकार किस तरह व्यक्तिगत अनुभवों को कहानी और कला में बदलते हैं, और वास्तविकता और कल्पना के बीच की सीमाएं कैसे धुंधली हो जाती हैं।
फिल्म में बारबरा लेनी और लियोनार्डो स्बारालिया मुख्य भूमिकाओं में हैं, और यह अल्मोदावर की उन कई फिल्मों में से एक है जिन्हें कान्स में Palme d’Or के लिए चुना गया है।
कान्स फिल्म फेस्टिवल अक्सर सिर्फ फिल्मों का मंच नहीं रहता—यह वैश्विक राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर भी बहस का मंच बन जाता है।
अल्मोदावर के बयान, उनका “Free Palestine” पिन और उसी मंच पर उनकी नई फिल्म का प्रीमियर—इन सबने मिलकर इस साल के कान्स में सिनेमा और राजनीति के टकराव को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया।
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