सॉफ्टबैंक के CEO मासायोशी सोन ने CNBC को बताया ओपनएआई का अगला AI मॉडल इंसानी इंजीनियर नहीं बल्कि AI खुद डिज़ाइन करेगा, क्योंकि इंसान अब इतने स्मार्ट नहीं रहे। सॉफ्टबैंक की ओपनएआई में लगभग 13% हिस्सेदारी है जिसकी कीमत करीब 64.6 बिलियन डॉलर है। यह रणनीति फ्रांस में 75 बिलियन यूरो के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और स्टारगेट ज...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did SoftBank CEO Masayoshi Son tell CNBC about OpenAI's next AI model being designed by AI rather than humans, what revised timeline di. Article summary: Here is what Masayoshi Son told CNBC in his interview in Paris (aired June 1-5, 2026):. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Watch CNBC's exclusive interview with SoftBank CEO Masayoshi Son. In an exclusive interview with CNBC, SoftBank CEO Masayoshi Son discusses the company’s 75-billion-euro ($87 bil" source context "Watch CNBC's exclusive interview with SoftBank CEO Masayoshi Son" Reference image 2: visual subject "# SoftBank CEO Masayoshi Son told CNBC's Arjun Kharpal that AI is still in its early stages and could be far bigger than the dot-com boom. Read more:
OpenAI का अगला फ्रंटियर मॉडल इंसानी इंजीनियरों द्वारा नहीं बनाया जाएगा। इसे AI खुद डिज़ाइन करेगा। जून 2026 की शुरुआत में पेरिस में CNBC को दिए एक इंटरव्यू में सॉफ्टबैंक के CEO मासायोशी सोन ने यही मुख्य दावा किया ।
सोन ने तर्क दिया कि अत्याधुनिक AI सिस्टम अब एक ऐसी निर्णायक सीमा पार कर चुके हैं: अब वे अपने स्वयं के उत्तराधिकारी स्वयं डिज़ाइन कर सकते हैं, और बुद्धिमत्ता को उस स्तर से बहुत आगे ले जा सकते हैं जो कोई भी इंसानी टीम बना सकती है। उन्होंने कहा कि यह विकास आर्टिफिशियल सुपरइंटेलिजेंस (ASI) का एक शुरुआती संकेत है और यह इंसानी सोच से कहीं आगे निकलने वाली AI की समयरेखा को बहुत तेज़ी से पास ले आया है।
सोन ने साफ शब्दों में कहा कि इंसान अब बाधा बन रहे हैं। ओपनएआई का अगला मॉडल इंसानी इंजीनियरों के बजाय AI द्वारा बनाया जाएगा क्योंकि इंसान अब इस काम के लिए "पर्याप्त स्मार्ट नहीं रह जाएँगे" । यह दावा सोन के अनुसार एक ऐतिहासिक बदलाव को दर्शाता है—AI अब ऐसे क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है जहाँ वह बिना सीधे इंसानी डिज़ाइन के अपनी वास्तुकला में बार-बार सुधार कर सकता है
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यह एक साहसिक बयान है और इसमें एक अंतर्निहित भविष्यवाणी शामिल है: एक बार जब कोई सिस्टम खुद को बेहतर बनाने लगता है, तो बुद्धिमत्ता का ग्राफ तेज़ी से ऊपर चढ़ता है। सोन कहते हैं कि इस तरह से बनाए गए मॉडल "हम सब से बहुत तेज़ी से ज़्यादा स्मार्ट होने वाले हैं" ।
सोन का नवीनतम पूर्वानुमान उनके पिछले सार्वजनिक रोडमैप से नाटकीय त्वरण को दर्शाता है। हाल ही में, 2024 और 2025 में, उन्होंने शेयरधारकों और सम्मेलनों में बताया था कि ASI—जिसे इंसानी दिमाग से 10,000 गुना ज़्यादा स्मार्ट AI के रूप में परिभाषित किया गया है—लगभग 10 वर्षों में आएगा, और AGI (मानव-स्तरीय बुद्धिमत्ता) तीन से पाँच वर्षों में आएगी ।
CNBC इंटरव्यू में, उन्होंने उस समयरेखा को बहुत छोटा कर दिया। सोन अब कहते हैं कि ASI "अगले दो सालों के भीतर" उभर सकती है । एक दशक से घटाकर लगभग दो साल करने का यह बदलाव किसी भी बड़े तकनीकी निवेशक द्वारा सार्वजनिक समयरेखा में सबसे तेज़ बदलावों में से एक है और यह उनके पहले के, अधिक क्रमिक अनुमानों से एक निर्णायक विराम दर्शाता है।
सोन सिर्फ भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं; उन्होंने सॉफ्टबैंक को पूरी तरह से इसी दिशा में लगा दिया है। इस जापानी कंपनी के पास अब OpenAI की लगभग 13% हिस्सेदारी है, जिसका मूल्य लगभग 64.6 बिलियन डॉलर है, जो इसे कंपनी के सबसे बड़े बाहरी शेयरधारकों में से एक बनाता है ।
OpenAI में यह हिस्सेदारी एक व्यापक AI रणनीति का केंद्रबिंदु है जो वर्टिकल इंटीग्रेशन (ऊर्ध्वाधर एकीकरण) पर आधारित है। सॉफ्टबैंक चिप्स से लेकर डेटा सेंटर और प्रमुख मॉडल लेयर तक पूरा स्टैक तैयार कर रहा है। इसके प्रमुख हिस्सों में शामिल हैं:
सोन ने इस पूरे प्रयास को एक युगांतरकारी बदलाव पर दांव के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने CNBC को बताया कि AI क्रांति "डॉट-कॉम बूम से 50 गुना बड़ी है" और इसे "मानव जाति द्वारा अब तक अनुभव की गई तकनीक और बोध की सबसे बड़ी क्रांति" कहा । उन्होंने यह भी बताया कि वे व्यक्तिगत रूप से रोज़ाना दो से तीन घंटे ChatGPT का उपयोग करते हैं और AI में अपने विश्वास को 50 से 100 साल की कहानी बताया
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इस इंटरव्यू का एक मुख्य विषय यह दावा था कि मौजूदा फ्रंटियर AI पहले ही अगली पीढ़ी के मॉडल डिज़ाइन करने की इंसानी क्षमता को पीछे छोड़ चुका है। सोन का रुख यह है कि इंसान अब एक बाधा बन चुके हैं—और इंसानी डिज़ाइनरों को इस प्रक्रिया से हटाना एक स्वाभाविक और ज़रूरी कदम है ।
उन्होंने इस बदलाव को दूर की कल्पना नहीं, बल्कि एक मौजूदा वास्तविकता के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने तर्क दिया कि एक बार जब AI खुद को बेहतर बना सकता है, तो सुपरइंटेलिजेंस का मार्ग दीर्घकालिक अटकल नहीं, बल्कि निकट भविष्य की निश्चितता बन जाता है। यह दावा, यदि सच है, तो इसके गहरे निहितार्थ हैं: इसका मतलब होगा कि उद्योग ने अधिकांश पूर्वानुमानकर्ताओं की अपेक्षा से कहीं जल्दी पुनरावर्ती आत्म-सुधार (recursive self-improvement) के क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है ।
सोन के विज़न में बड़े वित्तीय और रणनीतिक जोखिम भी हैं। OpenAI में हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा मार्च 2026 में लिए गए 40 बिलियन डॉलर के ब्रिज लोन से वित्तपोषित किया गया था, जो 12 महीनों में परिपक्व हो रहा है। इस कदम के बाद S&P ने सॉफ्टबैंक के दृष्टिकोण को नकारात्मक कर दिया और इसका ऋण-से-इक्विटी अनुपात (डेट-टू-इक्विटी) 137.6% तक पहुँच गया । OpenAI के 2030 तक लाभदायक होने की उम्मीद नहीं है
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यह रणनीति तेज़ी से बढ़ते AI अपनाने पर एक केंद्रित और लीवरेज्ड दांव के बराबर है। सफलता OpenAI के अग्रणी बने रहने और 2027 के पुनर्वित्त (रिफाइनेंसिंग) परिणामों पर निर्भर करती है, जबकि सोन ने पेरिस में ASI के लिए जो समयरेखा प्रस्तुत की, वह एक असाधारण भविष्यवाणी बनी हुई है जिसकी आने वाले महीनों में गहन जाँच होगी ।
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सॉफ्टबैंक के CEO मासायोशी सोन ने CNBC को बताया ओपनएआई का अगला AI मॉडल इंसानी इंजीनियर नहीं बल्कि AI खुद डिज़ाइन करेगा, क्योंकि इंसान अब इतने स्मार्ट नहीं रहे।
सॉफ्टबैंक के CEO मासायोशी सोन ने CNBC को बताया ओपनएआई का अगला AI मॉडल इंसानी इंजीनियर नहीं बल्कि AI खुद डिज़ाइन करेगा, क्योंकि इंसान अब इतने स्मार्ट नहीं रहे। सॉफ्टबैंक की ओपनएआई में लगभग 13% हिस्सेदारी है जिसकी कीमत करीब 64.6 बिलियन डॉलर है। यह रणनीति फ्रांस में 75 बिलियन यूरो के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और स्टारगेट जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़ी है।
सोन का दावा है कि AI ने अगली पीढ़ी के मॉडल डिज़ाइन करने की इंसानी क्षमता को पीछे छोड़ दिया है। वे AI क्रांति को 'डॉट कॉम बूम से 50 गुना बड़ा' मानते हैं।