यह एक साहसिक बयान है और इसमें एक अंतर्निहित भविष्यवाणी शामिल है: एक बार जब कोई सिस्टम खुद को बेहतर बनाने लगता है, तो बुद्धिमत्ता का ग्राफ तेज़ी से ऊपर चढ़ता है। सोन कहते हैं कि इस तरह से बनाए गए मॉडल "हम सब से बहुत तेज़ी से ज़्यादा स्मार्ट होने वाले हैं" ।
सोन का नवीनतम पूर्वानुमान उनके पिछले सार्वजनिक रोडमैप से नाटकीय त्वरण को दर्शाता है। हाल ही में, 2024 और 2025 में, उन्होंने शेयरधारकों और सम्मेलनों में बताया था कि ASI—जिसे इंसानी दिमाग से 10,000 गुना ज़्यादा स्मार्ट AI के रूप में परिभाषित किया गया है—लगभग 10 वर्षों में आएगा, और AGI (मानव-स्तरीय बुद्धिमत्ता) तीन से पाँच वर्षों में आएगी ।
CNBC इंटरव्यू में, उन्होंने उस समयरेखा को बहुत छोटा कर दिया। सोन अब कहते हैं कि ASI "अगले दो सालों के भीतर" उभर सकती है । एक दशक से घटाकर लगभग दो साल करने का यह बदलाव किसी भी बड़े तकनीकी निवेशक द्वारा सार्वजनिक समयरेखा में सबसे तेज़ बदलावों में से एक है और यह उनके पहले के, अधिक क्रमिक अनुमानों से एक निर्णायक विराम दर्शाता है।
सोन सिर्फ भविष्यवाणी नहीं कर रहे हैं; उन्होंने सॉफ्टबैंक को पूरी तरह से इसी दिशा में लगा दिया है। इस जापानी कंपनी के पास अब OpenAI की लगभग 13% हिस्सेदारी है, जिसका मूल्य लगभग 64.6 बिलियन डॉलर है, जो इसे कंपनी के सबसे बड़े बाहरी शेयरधारकों में से एक बनाता है ।
OpenAI में यह हिस्सेदारी एक व्यापक AI रणनीति का केंद्रबिंदु है जो वर्टिकल इंटीग्रेशन (ऊर्ध्वाधर एकीकरण) पर आधारित है। सॉफ्टबैंक चिप्स से लेकर डेटा सेंटर और प्रमुख मॉडल लेयर तक पूरा स्टैक तैयार कर रहा है। इसके प्रमुख हिस्सों में शामिल हैं:
सोन ने इस पूरे प्रयास को एक युगांतरकारी बदलाव पर दांव के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने CNBC को बताया कि AI क्रांति "डॉट-कॉम बूम से 50 गुना बड़ी है" और इसे "मानव जाति द्वारा अब तक अनुभव की गई तकनीक और बोध की सबसे बड़ी क्रांति" कहा । उन्होंने यह भी बताया कि वे व्यक्तिगत रूप से रोज़ाना दो से तीन घंटे ChatGPT का उपयोग करते हैं और AI में अपने विश्वास को 50 से 100 साल की कहानी बताया
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इस इंटरव्यू का एक मुख्य विषय यह दावा था कि मौजूदा फ्रंटियर AI पहले ही अगली पीढ़ी के मॉडल डिज़ाइन करने की इंसानी क्षमता को पीछे छोड़ चुका है। सोन का रुख यह है कि इंसान अब एक बाधा बन चुके हैं—और इंसानी डिज़ाइनरों को इस प्रक्रिया से हटाना एक स्वाभाविक और ज़रूरी कदम है ।
उन्होंने इस बदलाव को दूर की कल्पना नहीं, बल्कि एक मौजूदा वास्तविकता के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने तर्क दिया कि एक बार जब AI खुद को बेहतर बना सकता है, तो सुपरइंटेलिजेंस का मार्ग दीर्घकालिक अटकल नहीं, बल्कि निकट भविष्य की निश्चितता बन जाता है। यह दावा, यदि सच है, तो इसके गहरे निहितार्थ हैं: इसका मतलब होगा कि उद्योग ने अधिकांश पूर्वानुमानकर्ताओं की अपेक्षा से कहीं जल्दी पुनरावर्ती आत्म-सुधार (recursive self-improvement) के क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है ।
सोन के विज़न में बड़े वित्तीय और रणनीतिक जोखिम भी हैं। OpenAI में हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा मार्च 2026 में लिए गए 40 बिलियन डॉलर के ब्रिज लोन से वित्तपोषित किया गया था, जो 12 महीनों में परिपक्व हो रहा है। इस कदम के बाद S&P ने सॉफ्टबैंक के दृष्टिकोण को नकारात्मक कर दिया और इसका ऋण-से-इक्विटी अनुपात (डेट-टू-इक्विटी) 137.6% तक पहुँच गया । OpenAI के 2030 तक लाभदायक होने की उम्मीद नहीं है
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यह रणनीति तेज़ी से बढ़ते AI अपनाने पर एक केंद्रित और लीवरेज्ड दांव के बराबर है। सफलता OpenAI के अग्रणी बने रहने और 2027 के पुनर्वित्त (रिफाइनेंसिंग) परिणामों पर निर्भर करती है, जबकि सोन ने पेरिस में ASI के लिए जो समयरेखा प्रस्तुत की, वह एक असाधारण भविष्यवाणी बनी हुई है जिसकी आने वाले महीनों में गहन जाँच होगी ।
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