सऊदी अरब कच्चे तेल को फ़ारस की खाड़ी से बाहर भेजने की अपनी पाइपलाइन क्षमता दो से तीन साल में 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक बढ़ाने की योजना बना रहा है। यह भविष्य का परिवहन-क्षमता लक्ष्य है—तुरंत तेल उत्पादन बढ़ाने की घोषणा नहीं। योजना में ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन में सुधार और एक घरेलू गैस पाइपलाइन को तेल ढोने के लिए अस्थायी रूप से इस्तेमाल करना शामिल है।
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1 करोड़ बैरल प्रतिदिन के लक्ष्य का मतलब
सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन देश के पूर्वी हिस्से के तेल उत्पादन क्षेत्रों को लाल सागर के बंदरगाह यानबू से जोड़ती है। इससे तेल को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रे बिना निर्यात के लिए भेजा जा सकता है।
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29 जलडमरूमध्य से जहाज़रानी बाधित होने पर यह मार्ग सऊदी तेल की आवाजाही का अहम विकल्प रहा है।
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रिपोर्टों के मुताबिक, ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की मौजूदा क्षमता लगभग 70 लाख बैरल प्रतिदिन है। ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान ने 6 अक्टूबर को बताया था कि इससे 58 लाख बैरल प्रतिदिन तेल भेजा जा रहा था।
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27 इसलिए 1 करोड़ बैरल का आंकड़ा नियोजित क्षमता से जुड़ा है, मौजूदा प्रवाह से नहीं।
रिपोर्टों में लक्ष्य का वर्णन एक जैसा नहीं है: कुछ इसे ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की क्षमता बढ़ाने की योजना बताते हैं, जबकि कुछ होर्मुज़ को बायपास करने वाली सऊदी अरब की व्यापक क्षमता का ज़िक्र करते हैं। बताए गए उपायों में ईस्ट-वेस्ट मार्ग पर काम और दूसरी पाइपलाइन को तेल के लिए इस्तेमाल करना शामिल है। इसलिए 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन को ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का मौजूदा प्रवाह नहीं समझना चाहिए।
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क्षमता बढ़ाने के लिए बताए गए कदम
- ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के पंपिंग स्टेशनों में सुधार: योजना में इन स्टेशनों को उन्नत करना शामिल है, ताकि पाइपलाइन से अधिक तेल ले जाना संभव हो।
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- घरेलू गैस पाइपलाइन का अस्थायी रूपांतरण: मंत्री के मुताबिक, एक गैस पाइपलाइन को कच्चे तेल के परिवहन के लिए बदलने से सात से आठ सप्ताह में प्रतिदिन 12 लाख बैरल की अतिरिक्त क्षमता मिल सकती है।
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उपलब्ध रिपोर्टिंग 12 लाख बैरल प्रतिदिन के अनुमान और कुल 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन के लक्ष्य का समर्थन करती है। हालांकि, गैस पाइपलाइन की क्षमता को आगे चलकर 30 लाख बैरल प्रतिदिन तक बढ़ाने, उसे घरेलू गैस सेवा में लौटाने के समय, या तेल और गैस के बीच इस्तेमाल बदलने वाले उपकरणों के बारे में यहां स्पष्ट पुष्टि नहीं मिलती। इसलिए इन ब्योरे को अपुष्ट मानना चाहिए।
अरामको दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रही है
पाइपलाइन क्षमता बढ़ाने की योजना से अलग, रिपोर्टों के अनुसार सऊदी अरामको होर्मुज़ को बायपास करने वाले अतिरिक्त तेल-निर्यात मार्गों का अध्ययन कर रही है। कंपनी विदेशों में तेल भंडारण क्षमता बढ़ाने के विकल्प भी देख रही है।
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35 ये अध्ययन हैं—नए मार्गों या पूरी हो चुकी भंडारण परियोजनाओं की पुष्टि नहीं।
कुल मिलाकर, योजना का मकसद खाड़ी क्षेत्र की समुद्री आवाजाही बाधित होने पर सऊदी कच्चे तेल को भेजने के लिए और विकल्प तैयार करना है। ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पहले से लाल सागर तक पहुंचने वाला स्थापित मार्ग है; प्रस्तावित सुधार और गैस पाइपलाइन का रूपांतरण ऐसी स्थिति में उपलब्ध परिवहन क्षमता बढ़ा सकते हैं।
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