सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा: रूस के जेट ड्रोन का नया बेस पूरी तरह सक्रिय
15 अगस्त 2026 को जारी ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में रूस के त्सिमबुलोवा ड्रोन बेस पर जेट चालित गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों के लिए बने सभी 16 लॉन्च पैड पूरी तरह तैनात दिखे। यूक्रेन से सिर्फ 200 किलोमीटर दूर ओर्योल ओब्लास्ट में स्थित इस बेस पर 85 मीटर लंबे लॉन्च रेल बनाए गए हैं – ये प्रोपेलर ड्रोनों के लिए बने रेलों से ती...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
15 अगस्त 2026 को जारी ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में रूस के त्सिमबुलोवा ड्रोन बेस पर जेट चालित गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों के लिए बने सभी 16 लॉन्च पैड पूरी तरह तैनात दिखे।
यूक्रेन से सिर्फ 200 किलोमीटर दूर ओर्योल ओब्लास्ट में स्थित इस बेस पर 85 मीटर लंबे लॉन्च रेल बनाए गए हैं – ये प्रोपेलर ड्रोनों के लिए बने रेलों से तीन गुना लंबे हैं।
रूस अब पुराने गेरान 3 मॉडल का उत्पादन बंद कर तेज़ गति वाले गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी तरह, अपने बजट BM 35 ड्रोन में भी जेट इंजन लगा रहा है ताकि वह यूक्रेन के इंटरसेप्टर ड्रोनों से बच सके।
लेकिन इस तेज़ ड्रोन सेना की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि हर ड्रोन में लगा चीनी टेलीफ्लाई टर्बोजेट इंजन है, जिसे रूस खुद नहीं बना पाता।
What did satellite imagery published on August 15, 2025 reveal about Russia's Tsymbulova drone base expansion, and how does it relate to broAI-generated visual representation of the Tsymbulova drone base expansion. Satellite imagery from August 2026 confirmed all 16 launch pads for jet-powered drones are operational at the site in Oryol Oblast, Russia.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did satellite imagery published on August 15, 2025 reveal about Russia's Tsymbulova drone base expansion, and how does it relate to bro. Article summary: Satellite imagery published on August 15, 2026 (not 2025 — the relevant imagery dates to 2026) reveals that Russia has completed the deployment of all 16 launch pads for jet-powered drones at the Tsymbulova (also spelled. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
openai.com
रूस ने यूक्रेन के करीब अपने जेट-संचालित ड्रोन हमलों की क्षमता को चुपचाप बड़े पैमाने पर बढ़ा लिया है। यूक्रेनी निगरानी चैनल 'स्ट्रैटेजिक एविएशन' द्वारा 15 अगस्त 2026 को जारी सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ओर्योल ओब्लास्ट में यूक्रेनी सीमा से लगभग 200 किलोमीटर दूर स्थित त्सिमबुलोवा (या त्सिमबुलोवा) ड्रोन बेस पर जेट-चालित ड्रोनों के लिए बने सभी 16 लॉन्च पैड पूरी तरह से चालू हो गए हैं । यह विस्तार उत्पादन में एक बड़ी छलांग के साथ मेल खाता है: रूस अब हर महीने लगभग 3,000 गेरान-4 और गेरान-5 जेट-चालित कामिकेज़ ड्रोन का उत्पादन कर रहा है, जो पुराने प्रोपेलर-चालित गेरान-2 के उत्पादन से भी अधिक है । लेकिन इस नए तेज़ और मुश्किल-से-रोके जाने वाले ड्रोन बेड़े की एक बड़ी निर्भरता है – हर ड्रोन में चीनी टर्बोजेट इंजन लगा है, जिसे रूस अभी तक खुद नहीं बना सकता ।
Studio Global AI
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा: रूस के जेट ड्रोन का नया बेस पूरी तरह सक्रिय" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
15 अगस्त 2026 को जारी ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में रूस के त्सिमबुलोवा ड्रोन बेस पर जेट चालित गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों के लिए बने सभी 16 लॉन्च पैड पूरी तरह तैनात दिखे।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
15 अगस्त 2026 को जारी ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में रूस के त्सिमबुलोवा ड्रोन बेस पर जेट चालित गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों के लिए बने सभी 16 लॉन्च पैड पूरी तरह तैनात दिखे। यूक्रेन से सिर्फ 200 किलोमीटर दूर ओर्योल ओब्लास्ट में स्थित इस बेस पर 85 मीटर लंबे लॉन्च रेल बनाए गए हैं – ये प्रोपेलर ड्रोनों के लिए बने रेलों से तीन गुना लंबे हैं।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
रूस अब पुराने गेरान 3 मॉडल का उत्पादन बंद कर तेज़ गति वाले गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी तरह, अपने बजट BM 35 ड्रोन में भी जेट इंजन लगा रहा है ताकि वह यूक्रेन के इंटरसेप्टर ड्रोनों से बच सके।
सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा: रूस के जेट ड्रोन का नया बेस पूरी तरह सक्रिय
15 अगस्त 2026 को जारी ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में रूस के त्सिमबुलोवा ड्रोन बेस पर जेट चालित गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों के लिए बने सभी 16 लॉन्च पैड पूरी तरह तैनात दिखे। यूक्रेन से सिर्फ 200 किलोमीटर दूर ओर्योल ओब्लास्ट में स्थित इस बेस पर 85 मीटर लंबे लॉन्च रेल बनाए गए हैं – ये प्रोपेलर ड्रोनों के लिए बने रेलों से ती...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
15 अगस्त 2026 को जारी ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में रूस के त्सिमबुलोवा ड्रोन बेस पर जेट चालित गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों के लिए बने सभी 16 लॉन्च पैड पूरी तरह तैनात दिखे।
यूक्रेन से सिर्फ 200 किलोमीटर दूर ओर्योल ओब्लास्ट में स्थित इस बेस पर 85 मीटर लंबे लॉन्च रेल बनाए गए हैं – ये प्रोपेलर ड्रोनों के लिए बने रेलों से तीन गुना लंबे हैं।
रूस अब पुराने गेरान 3 मॉडल का उत्पादन बंद कर तेज़ गति वाले गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी तरह, अपने बजट BM 35 ड्रोन में भी जेट इंजन लगा रहा है ताकि वह यूक्रेन के इंटरसेप्टर ड्रोनों से बच सके।
लेकिन इस तेज़ ड्रोन सेना की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि हर ड्रोन में लगा चीनी टेलीफ्लाई टर्बोजेट इंजन है, जिसे रूस खुद नहीं बना पाता।
What did satellite imagery published on August 15, 2025 reveal about Russia's Tsymbulova drone base expansion, and how does it relate to broAI-generated visual representation of the Tsymbulova drone base expansion. Satellite imagery from August 2026 confirmed all 16 launch pads for jet-powered drones are operational at the site in Oryol Oblast, Russia.
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रूस ने यूक्रेन के करीब अपने जेट-संचालित ड्रोन हमलों की क्षमता को चुपचाप बड़े पैमाने पर बढ़ा लिया है। यूक्रेनी निगरानी चैनल 'स्ट्रैटेजिक एविएशन' द्वारा 15 अगस्त 2026 को जारी सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ओर्योल ओब्लास्ट में यूक्रेनी सीमा से लगभग 200 किलोमीटर दूर स्थित त्सिमबुलोवा (या त्सिमबुलोवा) ड्रोन बेस पर जेट-चालित ड्रोनों के लिए बने सभी 16 लॉन्च पैड पूरी तरह से चालू हो गए हैं । यह विस्तार उत्पादन में एक बड़ी छलांग के साथ मेल खाता है: रूस अब हर महीने लगभग 3,000 गेरान-4 और गेरान-5 जेट-चालित कामिकेज़ ड्रोन का उत्पादन कर रहा है, जो पुराने प्रोपेलर-चालित गेरान-2 के उत्पादन से भी अधिक है । लेकिन इस नए तेज़ और मुश्किल-से-रोके जाने वाले ड्रोन बेड़े की एक बड़ी निर्भरता है – हर ड्रोन में चीनी टर्बोजेट इंजन लगा है, जिसे रूस अभी तक खुद नहीं बना सकता ।
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"सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा: रूस के जेट ड्रोन का नया बेस पूरी तरह सक्रिय" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
15 अगस्त 2026 को जारी ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में रूस के त्सिमबुलोवा ड्रोन बेस पर जेट चालित गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों के लिए बने सभी 16 लॉन्च पैड पूरी तरह तैनात दिखे।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
15 अगस्त 2026 को जारी ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में रूस के त्सिमबुलोवा ड्रोन बेस पर जेट चालित गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों के लिए बने सभी 16 लॉन्च पैड पूरी तरह तैनात दिखे। यूक्रेन से सिर्फ 200 किलोमीटर दूर ओर्योल ओब्लास्ट में स्थित इस बेस पर 85 मीटर लंबे लॉन्च रेल बनाए गए हैं – ये प्रोपेलर ड्रोनों के लिए बने रेलों से तीन गुना लंबे हैं।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
रूस अब पुराने गेरान 3 मॉडल का उत्पादन बंद कर तेज़ गति वाले गेरान 4 और गेरान 5 ड्रोनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसी तरह, अपने बजट BM 35 ड्रोन में भी जेट इंजन लगा रहा है ताकि वह यूक्रेन के इंटरसेप्टर ड्रोनों से बच सके।
15 अगस्त 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों ने क्या दिखाया?
यूक्रेनी निगरानी चैनल 'स्ट्रैटेजिक एविएशन' ने 15 अगस्त को ऐसी सैटेलाइट तस्वीरें जारी कीं, जो त्सिमबुलोवा ड्रोनपोर्ट पर एक तेज़ निर्माण परियोजना के अंतिम चरण को दस्तावेज़ित करती हैं। मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार हैं:
16 लॉन्चर पूरी तरह तैनात: बेस पर अब गेरान-5 के लिए 10 और गेरान-4 के लिए 6 लॉन्च पैड बनकर तैयार हैं। यह काम जुलाई 2026 से शुरू होकर लगभग एक महीने में पूरा हुआ ।
100 से अधिक ड्रोन खुले में भंडारित: सुविधा पर 100 से अधिक ड्रोन खुले में देखे गए, जो एक सक्रिय और निरंतर हमले की तैयारी का संकेत है ।
लगभग 100 सोलर पैनल: साइट पर लगभग 100 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जो संभवतः लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर को बिजली देने के लिए हैं ।
लॉन्च रेल 85 मीटर तक बढ़ाए गए: प्रोपेलर-चालित गेरान-2 ड्रोनों के लिए इस्तेमाल होने वाले रेलों की तुलना में ये लगभग तीन गुना लंबे हैं, ताकि जेट ड्रोन को उड़ान भरने के लिए अधिक गति मिल सके ।
इन लंबी रेलों का निर्माण दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुआ था और जेट चालित गेरान-3/4 और गेरान-5 के लिए साइट की पहचान अप्रैल 2026 में हुई थी ।
उत्पादन में रिकॉर्ड: गेरान-4 और गेरान-5
त्सिमबुलोवा में बुनियादी ढांचे का विस्तार तातारस्तान के अलाबुगा विशेष आर्थिक क्षेत्र में येलाबुगा सुविधा में बड़े पैमाने पर उत्पादन के साथ मेल खाता है । यूक्रेन की मुख्य खुफिया निदेशालय (HUR) ने अगस्त 2026 के मध्य में बताया:
प्रति माह ~3,000 गेरान-4/5 जेट ड्रोन का उत्पादन हो रहा है, जो मई 2026 के 500 प्रति माह के अनुमान से कहीं अधिक है ।
जेट ड्रोन का उत्पादन गेरान-2 से आगे निकल गया: HUR के अनुसार, अगस्त 2026 में रूस लगभग 3,000 गेरान-4/5 और लगभग 2,800 गेरान-2 ड्रोन प्रति माह बना रहा था ।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, मार्च 2026 तक रूस का सभी प्रकार के ड्रोनों का कुल मासिक उत्पादन लगभग 5,500 था ।
रूस ने अगस्त 2026 में गेरान, हार्पी और गेरबेरा सभी वेरिएंट्स को मिलाकर 11,000 स्ट्राइक ड्रोन बनाने की योजना बनाई थी ।
मॉस्को ने पहले के गेरान-3 जेट ड्रोन का उत्पादन बंद कर दिया है, और तेज़ गति वाले गेरान-4 और गेरान-5 मॉडलों पर ध्यान केंद्रित किया है ।
जेट ड्रोन अब यूक्रेन पर 25-50% संयुक्त हमलों का हिस्सा हैं, जबकि एक साल पहले यह लगभग शून्य था ।
इंजन स्रोत: चीनी टर्बोजेट पर पूर्ण निर्भरता
रूस के जेट ड्रोन विस्तार में एक स्पष्ट बाधा है: इंजन। कई यूक्रेनी खुफिया आकलनों के अनुसार, रूस आवश्यक टर्बोजेट इंजनों का घरेलू उत्पादन नहीं कर सकता और पूरी तरह से चीन से आपूर्ति पर निर्भर है ।
गेरान-4 चीनी टेलीफ्लाई इंजन – विशेष रूप से टेलीफ्लाई LX-WP-160 (160 किग्रा जोर) और टेलीफ्लाई TF-TJ2000A (200 किग्रा जोर) का उपयोग करता है। LX-WP-160 पहले ही बंद हो चुका है, लेकिन स्टॉकपाइल और TF-TJ2000A की निरंतर आपूर्ति उत्पादन को बनाए रखे हुए है ।
ये इंजन गेरान-4 को लगभग 500 किमी/घंटा की शीर्ष गति और लगभग 450-850 किमी की रेंज देते हैं। तुलना के लिए, प्रोपेलर-चालित गेरान-2 की गति लगभग 180 किमी/घंटा है ।
पहले के गेरान-3 में 40 किग्रा जोर वाला चीनी टेलीफ्लाई इंजन लगा था; गेरान-4 ने गेरान-2 के पिस्टन इंजन को चीनी टर्बोजेट से बदल दिया, जबकि समान एयरफ्रेम बरकरार रखा ।
प्रत्येक टर्बोजेट इंजन की कीमत $35,000 और $40,000 के बीच है। इन्हें आधिकारिक तौर पर नागरिक उत्पादों के रूप में विपणन किया जाता है, लेकिन ये चीनी सरकार की मौन सहमति से बड़े पैमाने पर रूस को आपूर्ति किए जाते हैं ।
यह एक रणनीतिक कमजोरी पैदा करता है: चीनी जेट इंजनों की आपूर्ति में किसी भी व्यवधान का सीधा असर रूस के ड्रोन उत्पादन पर पड़ेगा ।
जेट इंजन का अन्य मॉडलों में अनुकूलन: BM-35
जेट इंजन में बदलाव केवल गेरान परिवार तक सीमित नहीं है। रूस अब BM-35 में जेट इंजन लगा रहा है – यह एक बजट मीडियम-रेंज स्ट्राइक UAV है, जो पहले टू-स्ट्रोक पेट्रोल इंजन से चलता था ।
जेट-चालित BM-35 अब 350 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकता है, जिसे विशेष रूप से यूक्रेन के इंटरसेप्टर ड्रोनों से बचने के लिए डिज़ाइन किया गया है ।
यूक्रेनी राष्ट्रपति सलाहकार सर्ही बेस्क्रेस्टनोव (कॉलसाइन 'फ्लैश') ने पुष्टि की कि जैसे-जैसे यूक्रेनी इंटरसेप्टर बेहतर होते गए, रूस ने न केवल शाहिद-प्रकार के ड्रोनों में, बल्कि BM-35 जैसे बजट मीडियम-रेंज स्ट्राइक UAV में भी जेट इंजन लगाना शुरू कर दिया ।
BM-35 पहले एक अपेक्षाकृत धीमा, 200 किमी/घंटा से कम गति वाला ड्रोन था, जो यूक्रेनी FPV इंटरसेप्टर और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के लिए आसानी से असुरक्षित था । जेट अपग्रेड इसी का सीधा जवाब है।
व्यापक रणनीतिक परिदृश्य
रूस जानबूझकर धीमे प्रोपेलर-चालित ड्रोनों से तेज़ जेट-चालित UAV के परिवार की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। इसके पीछे का तर्क सीधा है: यूक्रेनी इंटरसेप्टर – चाहे वे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैमर हों या काइनेटिक FPV ड्रोन – लगभग 180 किमी/घंटा की रफ्तार वाले गेरान-2 के खिलाफ काफी प्रभावी हो गए थे। जेट-चालित गेरान-4 (500 किमी/घंटा) और गेरान-5 को रोकना कहीं अधिक कठिन है ।
त्सिमबुलोवा बेस का विस्तार यूक्रेनी सीमा के पास बड़े पैमाने पर लॉन्च ऑपरेशन को भौतिक रूप से सक्षम बनाता है, जबकि येलाबुगा संयंत्र नए मासिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ा रहा है। हालांकि, यह पूरा उद्यम एक नाजुक नींव पर टिका है। इस नए बेड़े का हर जेट ड्रोन चीनी टेलीफ्लाई टर्बोजेट पर निर्भर है, जिसे रूस अभी तक खुद नहीं बना सकता । उन इंजनों के बिना, त्सिमबुलोवा की उत्पादन लाइनें और लॉन्च पैड बेकार हो जाएंगे।
timesofindia.indiatimes.com3,000 drones a month: Russia scales up production of jet-powered ...
15 अगस्त 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों ने क्या दिखाया?
यूक्रेनी निगरानी चैनल 'स्ट्रैटेजिक एविएशन' ने 15 अगस्त को ऐसी सैटेलाइट तस्वीरें जारी कीं, जो त्सिमबुलोवा ड्रोनपोर्ट पर एक तेज़ निर्माण परियोजना के अंतिम चरण को दस्तावेज़ित करती हैं। मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार हैं:
16 लॉन्चर पूरी तरह तैनात: बेस पर अब गेरान-5 के लिए 10 और गेरान-4 के लिए 6 लॉन्च पैड बनकर तैयार हैं। यह काम जुलाई 2026 से शुरू होकर लगभग एक महीने में पूरा हुआ ।
100 से अधिक ड्रोन खुले में भंडारित: सुविधा पर 100 से अधिक ड्रोन खुले में देखे गए, जो एक सक्रिय और निरंतर हमले की तैयारी का संकेत है ।
लगभग 100 सोलर पैनल: साइट पर लगभग 100 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जो संभवतः लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर को बिजली देने के लिए हैं ।
लॉन्च रेल 85 मीटर तक बढ़ाए गए: प्रोपेलर-चालित गेरान-2 ड्रोनों के लिए इस्तेमाल होने वाले रेलों की तुलना में ये लगभग तीन गुना लंबे हैं, ताकि जेट ड्रोन को उड़ान भरने के लिए अधिक गति मिल सके ।
इन लंबी रेलों का निर्माण दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुआ था और जेट चालित गेरान-3/4 और गेरान-5 के लिए साइट की पहचान अप्रैल 2026 में हुई थी ।
उत्पादन में रिकॉर्ड: गेरान-4 और गेरान-5
त्सिमबुलोवा में बुनियादी ढांचे का विस्तार तातारस्तान के अलाबुगा विशेष आर्थिक क्षेत्र में येलाबुगा सुविधा में बड़े पैमाने पर उत्पादन के साथ मेल खाता है । यूक्रेन की मुख्य खुफिया निदेशालय (HUR) ने अगस्त 2026 के मध्य में बताया:
प्रति माह ~3,000 गेरान-4/5 जेट ड्रोन का उत्पादन हो रहा है, जो मई 2026 के 500 प्रति माह के अनुमान से कहीं अधिक है ।
जेट ड्रोन का उत्पादन गेरान-2 से आगे निकल गया: HUR के अनुसार, अगस्त 2026 में रूस लगभग 3,000 गेरान-4/5 और लगभग 2,800 गेरान-2 ड्रोन प्रति माह बना रहा था ।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, मार्च 2026 तक रूस का सभी प्रकार के ड्रोनों का कुल मासिक उत्पादन लगभग 5,500 था ।
रूस ने अगस्त 2026 में गेरान, हार्पी और गेरबेरा सभी वेरिएंट्स को मिलाकर 11,000 स्ट्राइक ड्रोन बनाने की योजना बनाई थी ।
मॉस्को ने पहले के गेरान-3 जेट ड्रोन का उत्पादन बंद कर दिया है, और तेज़ गति वाले गेरान-4 और गेरान-5 मॉडलों पर ध्यान केंद्रित किया है ।
जेट ड्रोन अब यूक्रेन पर 25-50% संयुक्त हमलों का हिस्सा हैं, जबकि एक साल पहले यह लगभग शून्य था ।
इंजन स्रोत: चीनी टर्बोजेट पर पूर्ण निर्भरता
रूस के जेट ड्रोन विस्तार में एक स्पष्ट बाधा है: इंजन। कई यूक्रेनी खुफिया आकलनों के अनुसार, रूस आवश्यक टर्बोजेट इंजनों का घरेलू उत्पादन नहीं कर सकता और पूरी तरह से चीन से आपूर्ति पर निर्भर है ।
गेरान-4 चीनी टेलीफ्लाई इंजन – विशेष रूप से टेलीफ्लाई LX-WP-160 (160 किग्रा जोर) और टेलीफ्लाई TF-TJ2000A (200 किग्रा जोर) का उपयोग करता है। LX-WP-160 पहले ही बंद हो चुका है, लेकिन स्टॉकपाइल और TF-TJ2000A की निरंतर आपूर्ति उत्पादन को बनाए रखे हुए है ।
ये इंजन गेरान-4 को लगभग 500 किमी/घंटा की शीर्ष गति और लगभग 450-850 किमी की रेंज देते हैं। तुलना के लिए, प्रोपेलर-चालित गेरान-2 की गति लगभग 180 किमी/घंटा है ।
पहले के गेरान-3 में 40 किग्रा जोर वाला चीनी टेलीफ्लाई इंजन लगा था; गेरान-4 ने गेरान-2 के पिस्टन इंजन को चीनी टर्बोजेट से बदल दिया, जबकि समान एयरफ्रेम बरकरार रखा ।
प्रत्येक टर्बोजेट इंजन की कीमत $35,000 और $40,000 के बीच है। इन्हें आधिकारिक तौर पर नागरिक उत्पादों के रूप में विपणन किया जाता है, लेकिन ये चीनी सरकार की मौन सहमति से बड़े पैमाने पर रूस को आपूर्ति किए जाते हैं ।
यह एक रणनीतिक कमजोरी पैदा करता है: चीनी जेट इंजनों की आपूर्ति में किसी भी व्यवधान का सीधा असर रूस के ड्रोन उत्पादन पर पड़ेगा ।
जेट इंजन का अन्य मॉडलों में अनुकूलन: BM-35
जेट इंजन में बदलाव केवल गेरान परिवार तक सीमित नहीं है। रूस अब BM-35 में जेट इंजन लगा रहा है – यह एक बजट मीडियम-रेंज स्ट्राइक UAV है, जो पहले टू-स्ट्रोक पेट्रोल इंजन से चलता था ।
जेट-चालित BM-35 अब 350 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकता है, जिसे विशेष रूप से यूक्रेन के इंटरसेप्टर ड्रोनों से बचने के लिए डिज़ाइन किया गया है ।
यूक्रेनी राष्ट्रपति सलाहकार सर्ही बेस्क्रेस्टनोव (कॉलसाइन 'फ्लैश') ने पुष्टि की कि जैसे-जैसे यूक्रेनी इंटरसेप्टर बेहतर होते गए, रूस ने न केवल शाहिद-प्रकार के ड्रोनों में, बल्कि BM-35 जैसे बजट मीडियम-रेंज स्ट्राइक UAV में भी जेट इंजन लगाना शुरू कर दिया ।
BM-35 पहले एक अपेक्षाकृत धीमा, 200 किमी/घंटा से कम गति वाला ड्रोन था, जो यूक्रेनी FPV इंटरसेप्टर और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के लिए आसानी से असुरक्षित था । जेट अपग्रेड इसी का सीधा जवाब है।
व्यापक रणनीतिक परिदृश्य
रूस जानबूझकर धीमे प्रोपेलर-चालित ड्रोनों से तेज़ जेट-चालित UAV के परिवार की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। इसके पीछे का तर्क सीधा है: यूक्रेनी इंटरसेप्टर – चाहे वे इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैमर हों या काइनेटिक FPV ड्रोन – लगभग 180 किमी/घंटा की रफ्तार वाले गेरान-2 के खिलाफ काफी प्रभावी हो गए थे। जेट-चालित गेरान-4 (500 किमी/घंटा) और गेरान-5 को रोकना कहीं अधिक कठिन है ।
त्सिमबुलोवा बेस का विस्तार यूक्रेनी सीमा के पास बड़े पैमाने पर लॉन्च ऑपरेशन को भौतिक रूप से सक्षम बनाता है, जबकि येलाबुगा संयंत्र नए मासिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ा रहा है। हालांकि, यह पूरा उद्यम एक नाजुक नींव पर टिका है। इस नए बेड़े का हर जेट ड्रोन चीनी टेलीफ्लाई टर्बोजेट पर निर्भर है, जिसे रूस अभी तक खुद नहीं बना सकता । उन इंजनों के बिना, त्सिमबुलोवा की उत्पादन लाइनें और लॉन्च पैड बेकार हो जाएंगे।
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