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यह विभाजन खरीदारों के लिए चुनाव आसान बनाता है। iO कम वजन, सामान्य चश्मे जैसी डिजाइन और एक नजर में देखी जा सकने वाली जानकारी को प्राथमिकता देता है। GT मॉडल बड़े चित्र, इमर्शन और स्पैशियल व्यूइंग पर जोर देते हैं, लेकिन उनका मोटा और भारी डिजाइन उन्हें पूरे दिन पहनने के लिए कम उपयुक्त बनाता है।
RayNeo iO को पेशेवरों, अधिकारियों और कई स्क्रीन पर काम करने वाले लोगों के लिए रोजमर्रा के वर्क असिस्टेंट के तौर पर पेश कर रहा है। इसका रेट्रो Crown Panto-प्रेरित फ्रेम किसी हेडसेट की तुलना में सामान्य चश्मे जैसा दिखता है। फ्रेम में AZ91D मैग्नीशियम-अलॉय और एयरोस्पेस-ग्रेड टाइटेनियम टेंपल्स का इस्तेमाल किया गया है, जबकि इसका वजन 33 ग्राम है।
इसकी खास बात यह है कि इसमें कैमरा नहीं दिया गया है। यही इसे Meta और Ray-Ban की कैमरा वाले स्मार्ट ग्लास साझेदारी से अलग करता है। iO का फोकस वॉयस इंटरैक्शन, ट्रांसक्रिप्शन और निजी तौर पर दिखने वाले छोटे विजुअल संकेतों पर है।
iO का डिस्प्ले RayNeo के Firefly Nano Engine और मोनोक्रोम-ग्रीन diffractive Blue Lake waveguide पर आधारित है। कंपनी के अनुसार इसमें 97% पारदर्शिता, 1,300 निट्स इन-आई ब्राइटनेस और 23.5 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू है। इसका उद्देश्य अनुवादित टेक्स्ट, मीटिंग की जानकारी और टेलीप्रॉम्प्टर संकेत जैसे छोटे ओवरले दिखाना है—न कि फिल्म के लिए बड़ा वर्चुअल पर्दा।
RayNeo का Ambient AI पैकेज काम के दौरान बार-बार फोन निकालने की जरूरत कम करने के लिए तैयार किया गया है। कंपनी का कहना है कि iO संदर्भ से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड कर सकता है, मीटिंग को काम की सूची में बदल सकता है, कैलेंडर में बदलाव सुझा सकता है और सिर हिलाकर पुष्टि करने वाले जेस्चर से कुछ कमांड स्वीकार कर सकता है।
लॉन्च कवरेज के अनुसार, चश्मे में RayNeo AI और Gemini 3.1 Flash Lite का इस्तेमाल होता है। उपयोगकर्ता Gemini, ChatGPT, Claude और DeepSeek के बीच भी स्विच कर सकते हैं।
भाषा संबंधी मदद के लिए RayNeo ने Timekettle BabelOS 3.0 के साथ साझेदारी की है। कंपनी 55 भाषाओं और 109 एक्सेंट में लाइव ट्रांसलेशन तथा करीब एक सेकंड की लेटेंसी का दावा करती है। ये निर्माता द्वारा बताए गए आंकड़े हैं; उपलब्ध जानकारी में इनके स्वतंत्र परीक्षण की पुष्टि नहीं है।
iO का ऑडियो सिस्टम भी आम स्मार्ट ग्लास से अलग है। इसमें बिल्ट-इन स्पीकर के बजाय चार माइक्रोफोन और एक बोन-कंडक्शन सेंसर दिया गया है, जो पहनने वाले की आवाज को अलग करने और शोर वाली जगहों पर ट्रांसक्रिप्शन में मदद करता है।
इसकी 240mAh बैटरी सामान्य इस्तेमाल में दो दिन तक, लगातार रिकॉर्डिंग में 18 घंटे और लगातार ट्रांसलेशन में 6.2 घंटे तक चलने का दावा करती है। वास्तविक बैटरी लाइफ डिस्प्ले, माइक्रोफोन और AI फीचर्स के इस्तेमाल पर निर्भर करेगी।
उपलब्ध लॉन्च रिपोर्टों में RayNeo iO की सार्वजनिक कीमत एक जैसी नहीं बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में कीमत बाद में घोषित होने की बात कही गई, जबकि एक रिपोर्ट ने शुरुआती कीमत $479 बताई। RayNeo की आधिकारिक क्षेत्रीय कीमत आने तक iO की लॉन्च कीमत को अनिश्चित मानना ही सुरक्षित निष्कर्ष है।
GT मॉडल एक अलग जरूरत को पूरा करते हैं। उनका बड़ा और मोटा फ्रेम गेमिंग, फिल्म, वर्क डिस्प्ले और यात्रा के दौरान मनोरंजन जैसे केंद्रित इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। इन्हें iO की तरह सामान्य दिखने वाले रोजमर्रा के चश्मे के विकल्प के तौर पर पेश नहीं किया गया है।
दोनों मॉडलों में Vision 4000 डिस्प्ले चिप और Zone 360 चिप है, जो 3DoF यानी तीन-डिग्री-ऑफ-फ्रीडम स्क्रीन ट्रैकिंग संभालती है। इनमें स्थिर, अंतरिक्ष में पिन की गई और सिर की गति के साथ फॉलो करने वाली व्यूइंग मोड मिलती हैं। दोनों में Bang & Olufsen द्वारा ट्यून किए गए क्वाड स्पीकर, हेड-ट्रैक्ड स्पैशियल ऑडियो और दिशात्मक Whisper Mode भी है।
स्टैंडर्ड GT का वजन 68 ग्राम है और इसमें Birdbath ऑप्टिकल इंजन दिया गया है। इसका 46 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू है और यह 231 इंच तक का वर्चुअल डिस्प्ले बना सकता है। निजी स्क्रीन का अनुभव चाहने वालों के लिए यह ज्यादा कॉम्पैक्ट और कम कीमत वाला विकल्प है।
GT Max का वजन बढ़कर 78 ग्राम हो जाता है, लेकिन इसका फील्ड ऑफ व्यू 59 डिग्री तक पहुंचता है। इसमें RayNeo का Peacock Optical Engine 3.0 Max और 5.5-जेनरेशन Tandem MicroOLED डिस्प्ले है। उपयोगकर्ता 227, 267 या 307 इंच के बराबर वर्चुअल स्क्रीन आकार चुन सकते हैं। यह मॉडल तीन अलग-अलग इंटरप्यूपिलरी-डिस्टेंस आकारों में भी उपलब्ध है।
दोनों GT मॉडलों के बीच सबसे महत्वपूर्ण हार्डवेयर अंतर यही चौड़ा फील्ड ऑफ व्यू है। GT Max उन लोगों के लिए है जो गेम और वीडियो में ज्यादा विस्तृत दृश्य चाहते हैं, जबकि सामान्य GT कम वजन और कम कीमत के बदले कुछ इमर्शन छोड़ता है।
RayNeo के अनुसार, अलग से मिलने वाले Google TV-आधारित RayNeo Pocket TV Pro के साथ GT सिस्टम नेटिव Dolby Vision प्लेबैक सपोर्ट करता है। कंपनी रियल-टाइम AI SDR-to-HDR कन्वर्जन का भी उल्लेख करती है। चूंकि Pocket TV Pro एक अलग डिवाइस है, इसलिए Dolby Vision को पूरे इकोसिस्टम का फीचर समझना चाहिए—यह मानना सही नहीं होगा कि हर सोर्स डिवाइस इसे अपने दम पर उपलब्ध कराएगा।
रिपोर्ट की गई अमेरिकी कीमतें RayNeo GT के लिए $299 और GT Max के लिए $399 हैं। GT मॉडलों की कीमतों पर रिपोर्टिंग iO की तुलना में अधिक consistent रही है, हालांकि अलग-अलग क्षेत्रों में कीमत और एक्सेसरी लागत बदल सकती है।
RayNeo ने तीनों ग्लास—iO, GT और GT Max—को 4 सितंबर 2026 से अपने आधिकारिक वेबसाइट और Amazon स्टोर के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध कराने का कार्यक्रम बताया है। कंपनी सितंबर की शुरुआत में बर्लिन में होने वाले IFA 2026 में इन उत्पादों का प्रदर्शन भी करेगी।
RayNeo इस लॉन्च को एक ऐसे विकल्प के रूप में पेश कर रहा है जो हर काम के लिए एक ही डिवाइस बनाने की कोशिश नहीं करता। iO उस AI-असिस्टेंट श्रेणी को लक्ष्य करता है जिसमें Meta के कैमरा वाले स्मार्ट ग्लास आते हैं, लेकिन यह इंटीग्रेटेड डिस्प्ले, ज्यादा सामान्य फ्रेम और कैमरा-फ्री डिजाइन के जरिए अलग पहचान बनाता है। GT परिवार दूसरी ओर XREAL One Pro जैसे इमर्सिव डिस्प्ले ग्लास से मुकाबला करता है।
RayNeo ने यह भी कहा है कि 2026 की पहली तिमाही में ग्लोबल कंज्यूमर AR स्मार्ट-ग्लास शिपमेंट में उसकी हिस्सेदारी 23.7% थी और इसके लिए Counterpoint Research का हवाला दिया। उपलब्ध सामग्री में यह कंपनी द्वारा रिपोर्ट किया गया मार्केट-शेयर दावा है; इसे यहां स्वतंत्र रूप से सत्यापित आकलन नहीं माना जाना चाहिए।
RayNeo का सबसे मजबूत फैसला अलग-अलग उपयोग के मामलों को स्पष्ट रूप से बांटना है। iO का 33 ग्राम का शरीर, पारदर्शी डिस्प्ले और कैमरा-फ्री डिजाइन उन व्यावहारिक और सामाजिक असुविधाओं को कम करने की कोशिश करता है, जिनकी वजह से कई स्मार्ट ग्लास पूरे दिन पहनना मुश्किल लगते हैं। GT मॉडल इसके उलट भारी और ज्यादा दिखाई देने वाले फ्रेम को स्वीकार करते हैं, ताकि बड़े निजी डिस्प्ले और चौड़े फील्ड ऑफ व्यू का अनुभव दिया जा सके।
इस तरह यह लाइनअप किसी एक सार्वभौमिक AR उत्पाद की तुलना में समझना आसान है:
4 सितंबर की बिक्री से पहले सबसे बड़ा अनसुलझा सवाल iO की अंतिम कीमत है। इसके अलावा, यह भी देखना होगा कि AI, ट्रांसलेशन और बैटरी का वास्तविक अनुभव लॉन्च के दावों जितना प्रभावी साबित होता है या नहीं।