यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूस और यूक्रेन, दोनों एलन मस्क की कंपनी SpaceX की Starlink सैटेलाइट इंटरनेट सेवा पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक रूस चीन के साथ मिलकर Starlink जैसी प्रणाली विकसित कर रहा है और इसे दिसंबर 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य है। वहीं, यूक्रेन ने एक अज्ञात यूरोपीय देश के साथ मिलकर समान परियोजना का परीक्षण शुरू कर दिया है।
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हालांकि, इन बयानों का यह अर्थ नहीं है कि दोनों में से कोई भी प्रणाली फिलहाल युद्धक्षेत्र में Starlink की जगह लेने के लिए तैयार है। यूक्रेन Starlink का इस्तेमाल जारी रखने के साथ-साथ दूसरा विकल्प विकसित कर रहा है। कीव के यूरोपीय साझेदार और परियोजना की तकनीकी जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
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रूस-चीन परियोजना का लक्ष्य दिसंबर 2026
ज़ेलेंस्की के अनुसार, रूस का मानना है कि चीन के साथ विकसित की जा रही उसकी Starlink-समान प्रणाली दिसंबर 2026 तक पूरी हो सकती है। यह केवल अपेक्षित समयसीमा है—इससे किसी सफल प्रक्षेपण, सक्रिय सैटेलाइट नेटवर्क या Starlink के प्रमाणित विकल्प की पुष्टि नहीं होती।
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सैटेलाइट इंटरनेट प्रणाली की क्षमता केवल घोषणा से तय नहीं होती। किसी नेटवर्क की कवरेज, क्षमता, टर्मिनल, जाम या हमलों के प्रति मजबूती और बड़े पैमाने पर सेवा उपलब्ध कराने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है। उपलब्ध रिपोर्टिंग से यह साबित नहीं होता कि रूस-चीन की परियोजना इन मानकों पर अभी Starlink के बराबर है।
यूक्रेन ने यूरोपीय विकल्प का परीक्षण शुरू किया
ज़ेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन ने एक यूरोपीय देश के साथ मिलकर इसी तरह की प्रणाली का परीक्षण शुरू किया है। उन्होंने साझेदार देश का नाम या परियोजना पूरी होने की कोई सार्वजनिक समयसीमा नहीं बताई। उनके अनुसार, यह Starlink से तुरंत अलग होने की योजना नहीं, बल्कि अलग-अलग सुरक्षा परिस्थितियों के लिए तैयारी है।
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कीव के लिए यह पहल तकनीकी के साथ-साथ रणनीतिक भी है। किसी निजी कंपनी के नियंत्रण वाले नेटवर्क तक पहुंच अगर कारोबारी या राजनीतिक फैसले पर निर्भर हो, तो दूसरा विकल्प उस जोखिम को कम कर सकता है।
रूस के भीतर Starlink की जरूरत क्यों है?
एक अलग विवाद इस बात को लेकर है कि क्या यूक्रेनी लंबी दूरी के ड्रोन रूस के भीतर अभियान के दौरान Starlink का इस्तेमाल कर सकेंगे। रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन इस कनेक्टिविटी का उपयोग रूसी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों का पता लगाने और उन्हें निशाना बनाने के लिए करना चाहता है—संभावित रूप से रूस की सीमा के भीतर लगभग 200 किलोमीटर तक।
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जब दूरी अधिक हो या सीधा रेडियो संपर्क संभव न हो, तब Starlink से लैस ड्रोन सैटेलाइट लिंक के जरिए नियंत्रण और लक्ष्य से जुड़ी जानकारी का संचार कर सकते हैं। यूक्रेन की प्रस्तावित योजना में यही कनेक्टिविटी मिसाइल लॉन्च साइटों और अन्य सैन्य ढांचों के खिलाफ अभियानों में ड्रोन के संचालन और लक्ष्य संबंधी डेटा भेजने में मदद करेगी।
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मस्क ने अब तक मना किया, लेकिन बातचीत पूरी तरह बंद नहीं
ज़ेलेंस्की ने कहा कि मस्क ने रूस के भीतर हमलों के लिए Starlink के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार किया है। मस्क का तर्क है कि ऐसा उपयोग युद्ध को और बढ़ाने वाला कदम होगा। यूक्रेन ने राजनीतिक मंजूरी हासिल करने में मदद के लिए ट्रंप प्रशासन से भी संपर्क किया, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में ऐसी अनुमति मिलने की पुष्टि नहीं है।
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इसके बावजूद, ज़ेलेंस्की का कहना है कि आगे के तर्कों पर विचार करने के बाद मस्क अपना निर्णय बदल सकते हैं। इसका मतलब यह है कि बातचीत की गुंजाइश बनी हुई है, कोई समझौता नहीं हुआ। 23 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार, रूस के ऊपर प्रस्तावित अभियानों के लिए Starlink का इस्तेमाल मंजूर नहीं था।
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फेदोरोव से जुड़ी गलतफहमी ने बढ़ाई उलझन
ज़ेलेंस्की ने पूर्व रक्षा मंत्री मायखाइलो फेदोरोव से जुड़ी संचार संबंधी गलतफहमी का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने उन्हें बताया था कि SpaceX सैद्धांतिक रूप से रूस के ऊपर Starlink के इस्तेमाल की अनुमति देने को तैयार है, लेकिन इसके लिए राजनीतिक मंजूरी जरूरी होगी। इसके बाद कीव ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मामले में मदद मांगी। बाद में पता चला कि कथित सहमति वास्तव में तय नहीं हुई थी।
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फेदोरोव के पद छोड़ने के बाद भी मस्क के संपर्क में बने रहने की खबरें सामने आईं। वह रूस के भीतर Starlink से जुड़े प्रतिबंध हटाने के मुद्दे पर बातचीत कर रहे थे।
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29 इससे यह समझने में मदद मिलती है कि शुरुआती गलतफहमी के बाद भी यह मामला सक्रिय क्यों बना रहा।
इसका व्यापक अर्थ क्या है?
फिलहाल सबसे अहम बात यह नहीं है कि रूस या यूक्रेन ने Starlink को बदल दिया है। असली संकेत यह है कि दोनों पक्ष एक ही सैटेलाइट नेटवर्क पर निर्भरता को रणनीतिक कमजोरी मान रहे हैं और विकल्प तलाश रहे हैं।
रूस का चीन से जुड़ा प्रोजेक्ट दिसंबर 2026 का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। यूक्रेन ने एक अज्ञात यूरोपीय साझेदार के साथ परीक्षण शुरू किए हैं, लेकिन साथ ही वह एक खास लंबी दूरी के ड्रोन अभियान के लिए Starlink की अनुमति भी मांग रहा है। अभी दोनों विकल्प विकास के चरण में हैं और रूस के ऊपर Starlink इस्तेमाल करने का यूक्रेन का अनुरोध मंजूर क्षमता नहीं, बल्कि जारी बातचीत का विषय है।