राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 26 अगस्त 2026 को यूक्रेन के ओलेक्सांद्रिव्का सेक्टर के दौरे के दौरान डोनेत्स्क क्षेत्र की रक्षा के लिए नई कमान व्यवस्था की घोषणा की। इसके तहत दो पुनर्गठित सैन्य समूह बनाए गए हैं। इनकी कमान यूक्रेन के थर्ड आर्मी कॉर्प्स के कमांडर आंद्रिय बिलेेत्स्की और नेशनल गार्ड के फर्स्ट कॉर्प्स ‘आज़ोव’ के कमांडर डेनिस प्रोकोपेंको को दी गई है।
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यह निर्णय जेलेंस्की, यूक्रेन के कमांडर-इन-चीफ मायखाइलो द्रापाती, जनरल स्टाफ और रक्षा मंत्री येवहेनी खमारा के बीच हुई चर्चा के बाद लिया गया। जेलेंस्की के मुताबिक, उद्देश्य केवल अलग-अलग ब्रिगेडों को अतिरिक्त संसाधन देना नहीं, बल्कि डोनेत्स्क में यूक्रेन की समूची रक्षात्मक स्थिति को मजबूत करना है।
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डोनेत्स्क में कमान बदलने की जरूरत क्यों पड़ी?
रूसी सेना डोनेत्स्क क्षेत्र में लगातार दबाव बनाए हुए है। खास तौर पर कोस्त्यांतिनिव्का, क्रामातोर्स्क और स्लोवियांस्क जैसे शहरों के आसपास लड़ाई तेज है। इन शहरों को डोनेत्स्क की तथाकथित ‘फोर्ट्रेस बेल्ट’ यानी भारी किलेबंदी वाले रक्षा क्षेत्र का हिस्सा माना जाता है। यही इलाका रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर ठप पड़ी शांति वार्ताओं में भी अहम बना हुआ है।
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नई व्यवस्था में दो प्रमुख युद्ध कमांडरों को बड़े सैन्य समूहों की जिम्मेदारी दी गई है। द डेट्रॉयट न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इससे द्रापाती को हर छोटी सामरिक कार्रवाई पर ध्यान देने के बजाय व्यापक अभियान और रणनीतिक योजना पर अधिक समय देने का अवसर मिल सकता है।
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हालांकि, इस घोषणा से इन सैन्य समूहों की कमान और उनका उद्देश्य स्पष्ट होता है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में उनकी सटीक संख्या, आकार, सैनिक संरचना या विस्तृत ‘ऑर्डर ऑफ बैटल’ की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन अभी जल्दबाजी होगा।
बिलेेत्स्की और प्रोकोपेंको कौन हैं?
आंद्रिय बिलेेत्स्की यूक्रेन के थर्ड आर्मी कॉर्प्स के कमांडर हैं, जबकि डेनिस प्रोकोपेंको नेशनल गार्ड के फर्स्ट कॉर्प्स ‘आज़ोव’ का नेतृत्व करते हैं। जेलेंस्की और यूक्रेनी रिपोर्टिंग में दोनों को ‘हीरो ऑफ यूक्रेन’ बताया गया है।
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रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी की रिपोर्ट के अनुसार, जेलेंस्की ने दौरे के दौरान बिलेेत्स्की को ‘हीरो ऑफ यूक्रेन’ का गोल्ड स्टार भी प्रदान किया। यह सम्मान दिए जाने की बात, डोनेत्स्क की नई सैन्य इकाइयों की कमान सौंपे जाने से अलग निर्णय है।
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‘स्मार्ट वॉर’ में ड्रोन की भूमिका
नई सैन्य संरचनाओं को यूक्रेन की अनमैन्ड सिस्टम्स फोर्सेज यानी ड्रोन और अन्य मानवरहित प्रणालियों वाली सैन्य शाखा के साथ करीबी तालमेल में काम करना है। इसके कमांडर रॉबर्ट ‘माद्यार’ ब्रोवदी ने इस मॉडल को ‘नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर’ और ‘स्मार्ट वॉर’ कहा है।
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इस रणनीति में निगरानी, ड्रोन, पारंपरिक सैन्य इकाइयाँ, लक्ष्य-निर्धारण और कमान प्रणालियाँ अलग-अलग हिस्सों की तरह नहीं, बल्कि एक जुड़े हुए नेटवर्क के रूप में काम करती हैं। इसका उद्देश्य किसी लक्ष्य का पता चलने से लेकर उस पर कार्रवाई तक का समय कम करना है। ब्रोवदी ने कहा कि डोनेत्स्क में बनाई गई नई सैन्य संरचनाएँ अनमैन्ड सिस्टम्स फोर्सेज के साथ पूरी तरह समन्वित होंगी।
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जेलेंस्की ने और क्या घोषणाएँ कीं?
जेलेंस्की ने मानवरहित जमीनी प्रणालियों, मध्यम दूरी की मारक क्षमता और सैन्यकर्मियों से जुड़े कुछ फैसलों का भी उल्लेख किया। उपलब्ध स्रोत इन फैसलों का विस्तृत विवरण नहीं देते, इसलिए उनके बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है।
उन्होंने दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में यूक्रेन की क्षेत्रीय बढ़त का भी दावा किया। जेलेंस्की के अनुसार, इस वर्ष कई दर्जन बस्तियों को मुक्त कराया गया और 700 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र वापस हासिल किया गया। ये आंकड़े यूक्रेनी राष्ट्रपति के दावे हैं; उपलब्ध स्रोतों से इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
एलन मस्क और स्टारलिंक का मुद्दा क्यों जुड़ा?
अलग से जारी राष्ट्रपति डिक्री संख्या 835/2026 के तहत जेलेंस्की ने स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क को यूक्रेन का ‘ऑर्डर ऑफ फ्रीडम’ दिया। डिक्री में मस्क के योगदान को मानव जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा तथा यूक्रेन-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने से जोड़ा गया है।
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इस सम्मान का समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि कीव स्टारलिंक के सैन्य उपयोग का दायरा बढ़ाना चाहता है। स्टारलिंक टर्मिनल यूक्रेनी सेना को युद्धक्षेत्र में संचार सुविधा देते हैं। यूक्रेन ने रूसी क्षेत्र के ऊपर भी इस सेवा के इस्तेमाल की अनुमति मांगी है, ताकि सैन्य ठिकानों के खिलाफ ड्रोन अभियानों में इसका उपयोग किया जा सके।
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यूक्रेन के ड्रोन उत्पादन के कथित लक्ष्य और रूस द्वारा किए गए ड्रोन प्रक्षेपणों से जुड़ी तुलना के बारे में उपलब्ध स्रोत पर्याप्त रूप से विश्वसनीय या स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए उन आंकड़ों को यहां शामिल नहीं किया गया है।
रूस की संभावित नई लामबंदी पर क्या पता है?
जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि रूस 18 से 20 सितंबर 2026 को होने वाले स्टेट ड्यूमा चुनावों के बाद कम-से-कम 3 लाख अतिरिक्त सैनिकों की लामबंदी कर सकता है। यूक्रेनी सूत्रों और कुछ रिपोर्टों में संभावित संख्या 3 लाख से 5 लाख के बीच बताई गई है।
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फिलहाल यह आकलन है, रूस का पुष्ट निर्णय नहीं। CNN ने कहा कि 3 लाख सैनिकों का आंकड़ा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका, हालांकि यह पश्चिमी अधिकारियों से जुड़े कुछ अनुमानों के अनुरूप है।
37 रूसी अधिकारियों ने ऐसी योजना की पुष्टि नहीं की है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि क्रेमलिन चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से संवेदनशील लामबंदी की घोषणा से बच सकता है।
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इस तरह डोनेत्स्क की नई कमान व्यवस्था यूक्रेन की दोहरी चुनौती को दिखाती है—एक ओर तत्काल रूसी हमलों के बीच महत्वपूर्ण रक्षा क्षेत्र को मजबूत करना, और दूसरी ओर साल के अंत में रूस की संभावित अतिरिक्त सैनिक भर्ती के लिए तैयारी करना।