NATO के शीर्ष सैन्य कमांडर के अनुसार PURL कार्यक्रम के तहत सहयोगी देशों द्वारा फंड किए गए अमेरिकी हथियार यूक्रेन पहुँच रहे हैं और उनका इस्तेमाल भी हो रहा है। कम से कम छह NATO देशों ने इस पहल के तहत 2 अरब डॉलर से अधिक के पैकेज फंड किए हैं, जबकि कुल प्रतिज्ञाएँ 4 अरब डॉलर से ऊपर जा चुकी हैं। अमेरिकी एयर‑डिफेंस इंटरसेप...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did NATO’s top military commander in Europe say about the delivery of allied‑funded weapons to Ukraine under the Prioritised Ukraine Re. Article summary: NATO’s top commander in Europe, Gen. Alexus Grynkewich, said allied-funded U.S. weapons bought for Ukraine under PURL are continuing to move and are already being used by Ukraine, including air-defense interceptors. The . Topic tags: general, government, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# All US weapons paid for by Europeans already in Ukraine – NATO Supreme Allied Commander Europe. NATO Supreme Allied Commander Europe (SACEUR), U.S. Army General Alexus Grynkewich" source context "All US weapons paid for by Europeans already in Ukraine – NATO Supreme Allied Commander Europe" Reference image 2: visua
NATO का Prioritised Ukraine Requirements List (PURL) कार्यक्रम यूक्रेन को आधुनिक पश्चिमी हथियार पहुँचाने की एक अहम व्यवस्था बन चुका है। NATO के यूरोप स्थित शीर्ष सैन्य कमांडर के मुताबिक यह सिस्टम सक्रिय रूप से काम कर रहा है और इसके तहत खरीदे गए हथियार पहले ही यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में इस्तेमाल हो रहे हैं।
NATO के सुप्रीम एलाइड कमांडर यूरोप (SACEUR) जनरल एलेक्सस ग्रिंकविच ने कहा कि PURL पहल के तहत सहयोगी देशों द्वारा फंड की गई अमेरिकी हथियारों और गोला‑बारूद की खरीद जारी है। इसमें एयर‑डिफेंस सिस्टम के लिए ज़रूरी इंटरसेप्टर मिसाइलें भी शामिल हैं, जो यूक्रेनी शहरों को हमलों से बचाने में महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि यूरोपीय सहयोगियों द्वारा इस व्यवस्था के माध्यम से खरीदे गए अमेरिकी सैन्य उपकरण पहले ही यूक्रेन पहुँच चुके हैं और उनका इस्तेमाल युद्ध में किया जा रहा है।
PURL मूल रूप से NATO द्वारा समन्वित एक खरीद प्रणाली है, जिसका मकसद यूक्रेन को जरूरी सैन्य उपकरण तेजी से उपलब्ध कराना है।
इस पहल का खास फोकस उन हथियारों पर है जिन्हें यूरोपीय देश खुद जल्दी उपलब्ध नहीं करा सकते—खासकर उन्नत एयर‑डिफेंस सिस्टम और इंटरसेप्टर मिसाइलें।
PURL कार्यक्रम को NATO सहयोगियों से तेजी से वित्तीय समर्थन मिला है।
शुरुआती पैकेजों को नीदरलैंड, जर्मनी, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन और कनाडा जैसे देशों ने फंड किया।
हालाँकि हथियारों की डिलीवरी जारी है, लेकिन यूरोपीय सहयोगियों के बीच एक नई चिंता भी उभरी है।
रिपोर्टों के अनुसार मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों—खासतौर पर ईरान से जुड़े संघर्ष—के कारण अमेरिकी इंटरसेप्टर मिसाइलों के भंडार पर दबाव पड़ रहा है।
चिंता यह है कि यदि अमेरिकी स्टॉक कम हो गए तो Patriot जैसे एयर‑डिफेंस सिस्टम के इंटरसेप्टर पहले अमेरिकी या क्षेत्रीय सुरक्षा जरूरतों के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं, जिससे यूक्रेन के लिए भविष्य की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
कई देशों ने हाल ही में इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त फंड की घोषणा की है।
PURL पहल इस बात का संकेत है कि NATO और उसके सहयोगी यूक्रेन की सहायता के तरीके को बदल रहे हैं। पहले कई हथियार सीधे देशों के अपने स्टॉक से दिए जाते थे, लेकिन अब बढ़ते हुए मामलों में देश पैसा जुटाकर नए हथियार खरीदते हैं और NATO के माध्यम से यूक्रेन तक पहुँचाते हैं।
NATO अधिकारियों का कहना है कि इस मॉडल का उद्देश्य यूक्रेन को अधिक स्थिर और दीर्घकालिक सैन्य सहायता देना है, ताकि वह रूस के खिलाफ अपनी रक्षा जारी रख सके।
फिलहाल NATO के शीर्ष कमांडर के अनुसार प्रणाली काम कर रही है—सहयोगी देशों द्वारा फंड किए गए हथियार यूक्रेन तक पहुँच रहे हैं और युद्धक्षेत्र में इस्तेमाल भी हो रहे हैं।
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NATO के शीर्ष सैन्य कमांडर के अनुसार PURL कार्यक्रम के तहत सहयोगी देशों द्वारा फंड किए गए अमेरिकी हथियार यूक्रेन पहुँच रहे हैं और उनका इस्तेमाल भी हो रहा है।
NATO के शीर्ष सैन्य कमांडर के अनुसार PURL कार्यक्रम के तहत सहयोगी देशों द्वारा फंड किए गए अमेरिकी हथियार यूक्रेन पहुँच रहे हैं और उनका इस्तेमाल भी हो रहा है। कम से कम छह NATO देशों ने इस पहल के तहत 2 अरब डॉलर से अधिक के पैकेज फंड किए हैं, जबकि कुल प्रतिज्ञाएँ 4 अरब डॉलर से ऊपर जा चुकी हैं।
अमेरिकी एयर‑डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों के भंडार पर मध्य पूर्व में अमेरिकी अभियानों के कारण दबाव पड़ने की चिंता भी सामने आई है।