इस तरह, नया सेटअप केवल खतरे का अलर्ट देने तक सीमित नहीं है। इसका लक्ष्य उस अलर्ट के बाद होने वाले कई संचालनात्मक कदमों को भी अपने-आप पूरा करना है।
MIND ने इन एजेंटों के साथ Model Context Protocol (MCP) इंटरफेस जोड़ा है। MCP एक ऐसा प्रोटोकॉल है जो AI मॉडल या क्लाइंट को बाहरी टूल और सेवाओं से जोड़ने में मदद करता है। इसके जरिए सुरक्षा टीमें अलग-अलग कंसोल में जाने के बजाय अपने मौजूदा MCP-कनेक्टेड AI क्लाइंट से प्राकृतिक भाषा में निर्देश दे सकती हैं ।
उदाहरण के तौर पर, टीम यह कह सकती है—“कल रात के PII alerts की जांच करो” या “credit-card classifier अपडेट करो।” MIND के अनुसार, एजेंट इन निर्देशों के आधार पर संबंधित डेटा सुरक्षा कार्य कर सकते हैं ।
MIND के ग्राहक संगठनों के अनुसार, incident investigation का समय प्रति घटना 3–4 घंटे से घटकर कुछ मिनट रह गया। Noname Security के CISO Mike Morrato ने इसे प्रति घटना प्रतिदिन 25–50% समय की बचत के रूप में बताया ।
ThoughtSpot में Security Engineering के Senior Director Al Faiella ने कहा कि उनकी टीम के लिए इसका मूल्य “मन की शांति” है—घटनाएं जांच पूरी होने के बाद पहुंचती हैं और नीतियां खुद बेहतर होती रहती हैं ।
ये आंकड़े कंपनी द्वारा उद्धृत ग्राहक अनुभवों पर आधारित हैं; घोषणा में इनके लिए स्वतंत्र, विस्तृत पद्धति या तुलनात्मक अध्ययन उपलब्ध नहीं कराया गया है।
MIND ने इस लॉन्च को उस व्यापक बदलाव के संदर्भ में रखा है जिसमें GenAI एप्लिकेशन, agentic AI और autonomous workflows पहले की तुलना में कहीं तेज गति से डेटा बना और स्थानांतरित कर रहे हैं ।
ऐसे माहौल में सुरक्षा टीमों को अब भी classifiers बनाने, alerts की जांच करने, policies को tune करने और exceptions साफ करने जैसे मैनुअल कामों में काफी समय लगाना पड़ता है । इससे रणनीतिक सुरक्षा योजना के लिए उपलब्ध समय कम हो सकता है।
MIND के CEO Eran Barak ने कहा, “AI ने डेटा के बनने और आगे बढ़ने के तरीके को बुनियादी रूप से बदल दिया है, लेकिन अधिकांश संगठन जिस तरीके से इसे सुरक्षित करते हैं, वह नहीं बदला है” । कंपनी के नए एजेंट इसी अंतर को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
जनवरी 2026 में MIND ने DLP for Agentic AI पेश किया था। यह data-centric सुरक्षा दृष्टिकोण AI एजेंटों की पहचान करने, यह पता लगाने पर केंद्रित था कि वे किन संवेदनशील डेटा तक पहुंच रहे हैं, और AI-to-AI interactions से होने वाले संभावित data leaks को रोकने में मदद करता है ।
उस रिलीज ने agentic AI workflows के लिए visibility और control layer उपलब्ध कराई । जुलाई 2026 का नया एजेंट लॉन्च उसी आधार के ऊपर operational automation layer जोड़ता है:
सरल शब्दों में, MIND का फोकस अब केवल यह देखने से आगे बढ़ रहा है कि AI एजेंट क्या कर रहे हैं। कंपनी चाहती है कि AI एजेंट DLP प्रोग्राम के संचालन में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।