डेमो में हर सवारी अपनी स्क्रीन स्वतंत्र रूप से इस्तेमाल कर सकता था: ड्राइवर नेविगेशन देख रहा था, आगे बैठा यात्री YouTube पर कुछ स्ट्रीम कर रहा था, और पीछे बैठे यात्री अपनी-अपनी स्क्रीन पर अपना कंटेंट देख रहे थे । इसमें पर्सनल लॉगिन अकाउंट, अपनी पसंद की सेटिंग्स, स्क्रीन के बीच कंटेंट शेयरिंग और बच्चों के लिए प्रोटेक्शन जैसे फीचर पहले से मौजूद हैं
। इससे गाड़ी की वायरिंग, ECU की गिनती और सॉफ्टवेयर को जोड़ने के झंझट में भारी कमी आती है
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ध्यान देने वाली बात यह है कि LG इस दिशा में पूरी तरह नया नहीं है। कंपनी ने अप्रैल 2025 में शंघाई ऑटो शो में MediaTek के साथ मिलकर Concurrent Multi-User (CMU) फ्रेमवर्क का प्रीव्यू दिखाया था, जिसमें एक ही चिप और एक ही ऑपरेटिंग सिस्टम पर कई लोग अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते थे । मई 2026 का यह डेमो उसी सोच को पूरी तरह प्रोडक्शन के लिए तैयार क्वालकॉम-गूगल इकोसिस्टम पर ले जाता है।
यह सिस्टम सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है। LG ने इसमें वॉयस कंट्रोल जोड़ा है जिससे ड्राइवर और यात्री बोलकर AAOS ऐप लेआउट बदल सकते हैं और सीधे एयर कंडीशनिंग, लाइट, खिड़कियों और गाड़ी के दूसरे मुख्य फंक्शन को कंट्रोल कर सकते हैं । यह सुविधा गूगल के 24 मार्च, 2026 को घोषित एंड्रॉइड ऑटोमोटिव OS फॉर सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स (AAOS SDV) की विस्तारित क्षमताओं पर खड़ी है
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AAOS SDV एंड्रॉइड ऑटोमोटिव को इंफोटेनमेंट स्क्रीन से बाहर निकालकर गाड़ी के नॉन-सेफ्टी बॉडी फंक्शन तक ले जाता है—एसी, लाइट, विंडो, सीट एडजस्टमेंट, एक्सटीरियर लाइट, बैकअप कैमरा और यहां तक कि टेलीमेट्री तक । 28 मई के इवेंट में LG का डेमो इसी बुनियाद पर चल रहा था, और एक ही चिप से इंफोटेनमेंट और बॉडी कंट्रोल को वॉयस कमांड से जोड़ रहा था
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AI की बात करें तो LG का यह सॉल्यूशन कंपनी के व्यापक AI Cabin Platform के साथ जुड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसे सबसे पहले CES 2026 में दिखाया गया था। यह प्लेटफॉर्म जनरेटिव AI को ऑटोमोटिव हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग (HPC) सिस्टम और क्वालकॉम के स्नैपड्रैगन कॉकपिट एलीट पर चलाकर इंटेलिजेंट इन-कैबिन एक्सपीरियंस तैयार करता है । मई 2026 के एलान ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि यह सिंगल-चिप आर्किटेक्चर इन AI क्षमताओं को समेटने के लिए तैयार है।
यह समझने के लिए कि यह कार निर्माताओं के लिए क्यों अहम है, हमें दो महीने पहले हुई गूगल की घोषणा पर नज़र डालनी होगी। 24 मार्च, 2026 को गूगल ने Android Automotive OS for Software-Defined Vehicles (AAOS SDV) पेश किया था—एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म जो AAOS को इंफोटेनमेंट से कहीं आगे ले जाता है । यह एक हल्का, मॉड्यूलर और टोपोलॉजी-न्यूट्रल कम्युनिकेशन लेयर देता है जिसे कोर कंप्यूट, बॉडी कंट्रोल और इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है
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इस प्लेटफॉर्म का मकसद बिखराव (फ्रैगमेंटेशन) को खत्म करना है: दर्जनों सप्लायर-स्पेसिफिक सॉफ्टवेयर मॉड्यूल को जोड़ने के बजाय, OEM यानी कार कंपनियां नॉन-सेफ्टी व्हीकल फीचर्स के लिए मानकीकृत ओपन इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में AAOS SDV को अपना सकती हैं । इसका सोर्स कोड 2026 के अंत तक एंड्रॉइड ओपन सोर्स प्रोजेक्ट (AOSP) के जरिए उपलब्ध होगा, और शुरुआती पार्टनर्स में Renault Group और Qualcomm शामिल हैं
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LG की 28 मई की घोषणा इसी फ्रेमवर्क के सबसे पहले सार्वजनिक कार्यान्वयनों में से एक है। LG के नए समाधान “Android Automotive OS (AAOS) और AAOS SDV पर बने” बताए गए हैं और वे इसी ओपन इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करके एक ही चिप से इंफोटेनमेंट और मुख्य वाहन बॉडी फंक्शन दोनों को नियंत्रित करते हैं ।
साथ ही, क्वालकॉम और गूगल ने एक यूनिफाइड रेफरेंस प्लेटफॉर्म भी बनाया है जो स्नैपड्रैगन कॉकपिट प्लेटफॉर्म्स को AAOS SDV रोडमैप (एंड्रॉइड 17 से शुरू) के साथ जोड़ता है । इससे LG—और किसी भी टियर-1 सप्लायर—को पहले से इंटीग्रेटेड हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर स्टैक मिल जाता है, जिससे कार निर्माताओं को तेज़ी से आगे बढ़ने में मदद मिलती है
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निर्माताओं के लिए, एक सिंगल SoC और मानकीकृत AAOS SDV स्टैक के मेल से कई व्यावहारिक फायदे हैं:
LG के इस डेमो को गूगल और दुनिया भर की कार कंपनियों से सराहना मिली है, जैसा LG की आधिकारिक रिलीज़ में बताया गया । यह साफ दिशा दिखाता है: अब इंडस्ट्री ढेर सारे चिप्स और कंट्रोलर्स को एक स्नैपड्रैगन ब्रेन में समेट सकती है, जो एक ओपन एंड्रॉइड फाउंडेशन पर चलेगा और मल्टी-स्क्रीन मनोरंजन, वॉयस कंट्रोल और AI—सब कुछ एक साथ मैनेज करेगा।