क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि EU की विदेश नीति प्रमुख काया कैलस अगर रूस से वार्ता करेंगी तो उन्हें “काफी कठिन समय” का सामना करना पड़ेगा। [17] यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस से सीधे बातचीत शुरू करने पर यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के बीच स्पष्ट मतभेद हैं। [2] EU के विदेश मंत्रियों के 27–28 मई 2026 को हो...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Kremlin spokesperson Dmitry Peskov say about EU foreign policy chief Kaja Kallas potentially leading EU-Russia negotiations, how do. Article summary: Kremlin spokesperson Dmitry Peskov said Kaja Kallas should not lead EU-Russia negotiations and claimed she would have “a difficult time” as a negotiator with Moscow. [6] The issue reflects an unresolved EU split over whe. Topic tags: general, government, general web. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Russia will never discuss anything with EU’s Kallas, the Kremlin says. cover Russia will never discuss anything with EU’s Kallas, the Kremlin says. Russia will never discus" source context "Russia will never discuss anything with EU's Kallas, the Kremlin says | Cyprus Mail" Reference image 2: visual subject "
क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि यूरोपीय संघ (EU) की शीर्ष राजनयिक काया कैलस रूस के साथ भविष्य की किसी संभावित वार्ता का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त व्यक्ति नहीं हो सकतीं। यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर मॉस्को से सीधे बातचीत शुरू करने पर खुद यूरोपीय संघ के भीतर गहरे मतभेद दिखाई दे रहे हैं।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अगर काया कैलस रूस के साथ बातचीत की अगुवाई करती हैं तो उन्हें इस भूमिका में “कठिन समय” का सामना करना पड़ सकता है। उनके मुताबिक, कैलस के हित में यही होगा कि वे वार्ताकार की भूमिका न निभाएँ।
पेस्कोव ने यह भी याद दिलाया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले कह चुके हैं कि संभावित वार्ताकार ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जिसने रूस के बारे में अत्यधिक शत्रुतापूर्ण बयान न दिए हों।
इसके साथ ही क्रेमलिन ने यह भी कहा कि यूरोप में रूस के साथ संवाद की आवश्यकता पर बढ़ती चर्चा एक “सकारात्मक संकेत” है, भले ही यह बहस अभी शुरुआती चरण में हो।
यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस के साथ सीधे संवाद शुरू करने का सवाल यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है।
कुछ सरकारों का मानना है कि अभी बातचीत शुरू करना जल्दबाज़ी होगी और इससे यूक्रेन की स्थिति कमजोर हो सकती है या मॉस्को पर दबाव कम हो सकता है। वहीं दूसरी ओर कुछ नेताओं का तर्क है कि कूटनीतिक रास्ते खुले रहने चाहिए ताकि लंबे समय में किसी राजनीतिक समाधान की संभावना बन सके।
इन मतभेदों की वजह से EU अभी तक यह तय नहीं कर पाया है कि:
यूरोप के कई प्रमुख नेताओं ने इस मुद्दे पर अलग‑अलग दृष्टिकोण रखे हैं।
एंतोनियो कोस्टा, जो यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष हैं, ने EU देशों से स्पष्ट रणनीति तय करने की अपील की है। उनका कहना है कि यूरोप को यह निर्णय लेना होगा कि रूस के साथ संवाद करना है या नहीं और किस तरीके से करना है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब्ब भी उन नेताओं में शामिल रहे हैं जो मानते हैं कि किसी समय प्रत्यक्ष कूटनीतिक संपर्क आवश्यक हो सकता है, हालांकि इस पर पूरे EU में सहमति नहीं है।
खुद काया कैलस का रुख फिलहाल सावधानी भरा है। उनका कहना है कि रूस से बात करने से पहले EU देशों को आपस में यह तय करना होगा कि वे मॉस्को से क्या मांगें और उनका साझा लक्ष्य क्या होगा।
उनके शब्दों में: “सबसे पहले हमें रूस से बात करने से पहले आपस में यह तय करना चाहिए कि हम उनसे किस विषय पर बात करना चाहते हैं।”
मॉस्को ने संकेत दिया है कि वह ऐसे वार्ताकार को प्राथमिकता देगा जिसने रूस के खिलाफ तीखे सार्वजनिक बयान न दिए हों।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सुझाव दिया था कि जर्मनी के पूर्व चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर यूरोप और रूस के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं।
यह प्रस्ताव इस बात को दर्शाता है कि रूस अपेक्षाकृत कम टकराव वाले या अधिक तटस्थ माने जाने वाले व्यक्तियों के साथ बातचीत को प्राथमिकता देता है।
EU के विदेश मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक 27–28 मई 2026 को साइप्रस में होने वाली है, जिसमें रूस से संभावित प्रत्यक्ष वार्ता के सवाल पर चर्चा की जाएगी।
इस बैठक का उद्देश्य यह तय करना है कि यूरोपीय संघ को बातचीत शुरू करनी चाहिए या नहीं, और यदि करनी हो तो मॉस्को के सामने उसकी शर्तें और मांगें क्या होंगी।
जब तक EU अपने भीतर इन सवालों पर सहमति नहीं बना लेता, तब तक यूक्रेन युद्ध से जुड़े किसी भी संभावित वार्ता प्रक्रिया में उसकी भूमिका अनिश्चित बनी रह सकती है — और यही स्थिति क्रेमलिन की हालिया टिप्पणियों तथा यूरोप के अंदर चल रही बहस दोनों में दिखाई देती है।
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क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि EU की विदेश नीति प्रमुख काया कैलस अगर रूस से वार्ता करेंगी तो उन्हें “काफी कठिन समय” का सामना करना पड़ेगा। [17]
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि EU की विदेश नीति प्रमुख काया कैलस अगर रूस से वार्ता करेंगी तो उन्हें “काफी कठिन समय” का सामना करना पड़ेगा। [17] यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस से सीधे बातचीत शुरू करने पर यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के बीच स्पष्ट मतभेद हैं। [2]
EU के विदेश मंत्रियों के 27–28 मई 2026 को होने वाले अनौपचारिक बैठक में रूस से संभावित वार्ता के मुद्दे पर औपचारिक चर्चा होने की उम्मीद है। [5]