75 अरब डॉलर का संभावित शेयर इश्यू आकार में बेहद बड़ा हो सकता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या निवेशक अपना पैसा अन्य बाजारों से निकालकर अमेरिकी लिस्टिंग में लगा देंगे।
JPMorgan का कहना है कि बड़े संस्थागत निवेशक आमतौर पर ऐसा नहीं करते। वे जोखिम संतुलित करने और अलग‑अलग अवसरों का लाभ लेने के लिए भौगोलिक और सेक्टर आधारित विविध निवेश रणनीति अपनाते हैं।
इस रणनीति का मतलब है कि भले ही SpaceX जैसी हाई‑प्रोफाइल लिस्टिंग बहुत ध्यान खींचे, फिर भी एशियाई IPO बाजार—जैसे हांगकांग—में निवेश की धारा पूरी तरह नहीं रुकेगी।
इसके अलावा, निवेशकों की दिलचस्पी उन कंपनियों में भी बनी हुई है जिन्हें भविष्य की तेजी से बढ़ने वाली तकनीकी कंपनियां माना जाता है। यही रुझान अन्य बाजारों को भी सक्रिय बनाए रखता है।
हाल के महीनों में हांगकांग ने IPO फंडरेज़िंग के मामले में मजबूत शुरुआत की है। हालांकि विश्लेषकों का कहना है कि साल के अंत तक तस्वीर बदल सकती है, खासकर अगर अमेरिका में कई बड़े टेक IPO हो जाते हैं।
ऐसी स्थिति में न्यूयॉर्क शीर्ष स्थान हासिल कर सकता है। फिर भी JPMorgan का अनुमान है कि हांगकांग वैश्विक IPO फंडरेज़िंग में शीर्ष तीन बाजारों में बना रह सकता है, और संभव है कि दूसरे स्थान पर रहे।
यूरेन के मुताबिक शहर के पास मजबूत डील पाइपलाइन है, जो पूरे साल बाजार को सक्रिय रख सकती है।
JPMorgan का मानना है कि हांगकांग में आने वाले समय में कई कंपनियां लिस्टिंग की तैयारी कर रही हैं, खासकर नई तकनीक और हेल्थ सेक्टर से। इनमें प्रमुख हैं:
इन क्षेत्रों की कंपनियों को अक्सर लंबी अवधि की उच्च‑विकास संभावनाओं के रूप में देखा जाता है, इसलिए वैश्विक निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहती है।
SpaceX जैसी विशाल लिस्टिंग निश्चित रूप से वैश्विक बाजार में चर्चा का केंद्र बन सकती है। लेकिन JPMorgan का विश्लेषण यह संकेत देता है कि दुनिया के प्रमुख वित्तीय केंद्रों के बीच प्रतिस्पर्धा का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि एक बाजार की जीत दूसरे की हार हो।
अगर स्थानीय कंपनियों की मजबूत पाइपलाइन और निवेशकों की मांग बनी रहती है, तो अमेरिका, हांगकांग और अन्य प्रमुख बाजार एक ही समय में सक्रिय IPO केंद्र बने रह सकते हैं। हांगकांग के लिए यही सबसे बड़ा सहारा माना जा रहा है।