कान्स में The Beloved के प्रमोशन के दौरान जेवियर बार्डेम ने कहा कि ट्रंप, पुतिन और नेतन्याहू जैसे नेताओं की “टॉक्सिक मस्कुलिनिटी” युद्ध और हजारों मौतों को बढ़ावा देती है। [1][7] उन्होंने कहा कि आक्रामक और अहंकार‑केंद्रित पुरुष नेतृत्व लंबे समय से मौजूद सांस्कृतिक सोच से आता है, जो राजनीति और समाज दोनों में हिंसा को...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did Javier Bardem say at the Cannes press conference for The Beloved about Donald Trump, Vladimir Putin, Benjamin Netanyahu, toxic masc. Article summary: Javier Bardem used The Beloved’s Cannes press conference to link the film’s portrait of an abusive, domineering male artist to real-world “toxic masculinity,” naming Donald Trump, Vladimir Putin and Benjamin Netanyahu as. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Read more Less info Description Close 3 hours ago During a Q&A session at Cannes Film Festival in France on Sunday, Oscar-winning actor Javier Bardem called out the “male toxic beh" source context "‘Are we f–king nuts?’: Javier Bardem calls out Trump, Putin, Netanyahu for ‘toxic masculinity’ | Watch News Videos O
स्पेनिश अभिनेता और ऑस्कर विजेता जेवियर बार्डेम ने 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में एक साधारण प्रेस कॉन्फ्रेंस को वैश्विक राजनीति पर तीखी बहस में बदल दिया। वे निर्देशक रोड्रिगो सोरोगोयेन की फिल्म The Beloved (El ser querido) का प्रचार कर रहे थे, लेकिन बातचीत जल्द ही सत्ता, युद्ध और तथाकथित “टॉक्सिक मस्कुलिनिटी” पर केंद्रित हो गई।
बार्डेम ने सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप, व्लादिमीर पुतिन और बेंजामिन नेतन्याहू का नाम लेते हुए कहा कि ऐसे नेताओं का आक्रामक नेतृत्व युद्धों और “हजारों मौतों” को जन्म देता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बार्डेम ने तर्क दिया कि दुनिया के कई संघर्ष उस सोच से जुड़े हैं जिसमें पुरुष नेतृत्व को शक्ति, प्रभुत्व और आक्रामकता के साथ जोड़ा जाता है। उनके अनुसार यही मॉडल—जिसे उन्होंने “टॉक्सिक मस्कुलिनिटी” कहा—राजनीतिक फैसलों को भी हिंसक दिशा में ले जा सकता है।
उन्होंने कहा कि समाजों में लंबे समय से पुरुषत्व की ऐसी छवि बनाई गई है जिसमें अहंकार, वर्चस्व और आक्रामक व्यवहार को प्रोत्साहित किया जाता है। यही मानसिकता व्यक्तिगत रिश्तों से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक असर डाल सकती है।
बार्डेम ने गाज़ा में जारी युद्ध पर भी टिप्पणी की और स्थिति को “नरसंहार” बताते हुए कहा कि इसे किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के भीतर इस मुद्दे पर खुलकर बोलने का माहौल बदल रहा है। खासकर युवा पीढ़ी, जो सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दुनिया की घटनाओं को तुरंत देखती है, ऐसे मुद्दों पर ज्यादा जागरूक हो रही है।
बार्डेम ने स्वीकार किया कि सार्वजनिक रूप से बोलना जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन उनका मानना है कि बड़े मानवीय संकटों के सामने चुप रहना सही नहीं है।
बार्डेम की राजनीतिक टिप्पणियाँ पूरी तरह अलग विषय नहीं थीं। जिस फिल्म का वे प्रचार कर रहे थे—The Beloved—उसमें वे एक गुस्सैल और हुक्म चलाने वाले फिल्म निर्देशक का किरदार निभा रहे हैं, जिसकी व्यक्तित्व में नियंत्रण और प्रभुत्व की प्रवृत्ति साफ दिखाई देती है।
बार्डेम ने संकेत दिया कि उनके किरदार की यही मानसिकता—अहंकार, गुस्सा और दूसरों पर नियंत्रण—असल दुनिया की सत्ता राजनीति में भी दिखाई देती है। इस तरह उन्होंने फिल्म की कहानी को वास्तविक दुनिया की शक्ति‑राजनीति से जोड़ दिया।
कान्स में दिए गए बयान उनके लिए नया नहीं है। बार्डेम लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर बोलने वाले कलाकारों में गिने जाते हैं।
हाल के वर्षों में उन्होंने कई मंचों—जैसे पुरस्कार समारोह और फिल्म फेस्टिवल—पर इज़राइल‑गाज़ा संघर्ष पर अपनी राय रखी है। उन्होंने नागरिकों के खिलाफ हिंसा की आलोचना की है और युद्ध व जवाबदेही पर अंतरराष्ट्रीय चर्चा की मांग की है।
इसी वजह से वे हॉलीवुड के उन कलाकारों में शामिल हैं जो अपने सार्वजनिक मंच का इस्तेमाल सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आवाज उठाने के लिए करते हैं।
बार्डेम की टिप्पणी ऐसे समय आई जब 79वां कान्स फिल्म फेस्टिवल पहले से ही राजनीतिक चर्चाओं के कारण सुर्खियों में था। रिपोर्टों के अनुसार इस साल के फेस्टिवल में वैश्विक संघर्ष—खासकर गाज़ा और यूक्रेन—के साथ‑साथ एआई और फिल्म उद्योग के बदलते स्वरूप पर भी तीखी बहस हो रही थी।
इस माहौल में बार्डेम का बयान किसी एक कलाकार की व्यक्तिगत राय से आगे बढ़कर उस व्यापक बहस का हिस्सा बन गया जिसमें यह सवाल उठता है कि क्या कलाकारों को मनोरंजन मंचों पर वैश्विक राजनीति पर बोलना चाहिए।
कुछ लोग इसे सार्वजनिक हस्तियों की नैतिक जिम्मेदारी मानते हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि जटिल भू‑राजनीतिक मुद्दों को सरल नारों में बदल देना जोखिम भरा हो सकता है।
फिर भी, कान्स की वह प्रेस कॉन्फ्रेंस दिखाती है कि कभी‑कभी एक फिल्म की कहानी—अहंकार, शक्ति और पुरुषत्व की—कैसे वास्तविक दुनिया की राजनीति और नेतृत्व पर बड़ी बहस छेड़ सकती है।
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कान्स में The Beloved के प्रमोशन के दौरान जेवियर बार्डेम ने कहा कि ट्रंप, पुतिन और नेतन्याहू जैसे नेताओं की “टॉक्सिक मस्कुलिनिटी” युद्ध और हजारों मौतों को बढ़ावा देती है। [1][7]
कान्स में The Beloved के प्रमोशन के दौरान जेवियर बार्डेम ने कहा कि ट्रंप, पुतिन और नेतन्याहू जैसे नेताओं की “टॉक्सिक मस्कुलिनिटी” युद्ध और हजारों मौतों को बढ़ावा देती है। [1][7] उन्होंने कहा कि आक्रामक और अहंकार‑केंद्रित पुरुष नेतृत्व लंबे समय से मौजूद सांस्कृतिक सोच से आता है, जो राजनीति और समाज दोनों में हिंसा को बढ़ाता है। [4]
बार्डेम ने गाज़ा की स्थिति को “न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकने वाला नरसंहार” बताया और कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में इस पर खुलकर बोलने का माहौल धीरे‑धीरे बदल रहा है। [5]