The Last of Us Online की शुरुआत The Last of Us Part II से जुड़े मल्टीप्लेयर काम के रूप में हुई थी। Naughty Dog ने उस मोड को Part II में शामिल करने के बजाय The Last of Us की दुनिया पर आधारित एक अलग गेम बनाने का फैसला किया। इसे मूल गेम के Factions मोड का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। स्टूडियो के अनुसार, मल्टीप्लेयर टीम Part II के विकास के समय से ही इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी।
समय के साथ गेम का दायरा काफी बढ़ गया। यह ऐसा सीमित मल्टीप्लेयर फीचर नहीं रहा जिसे एक नैरेटिव गेम के साथ रिलीज किया जा सके। इसके बजाय यह एक लाइव-सर्विस गेम बन गया—यानी ऐसा गेम जिसे लॉन्च के बाद लगातार नए कंटेंट, अपडेट, बैलेंसिंग और तकनीकी सपोर्ट की जरूरत होती है।
Schreier की रिपोर्ट का सबसे अहम हिस्सा यही है कि The Last of Us Online कोई छोटी टीम का साइड प्रोजेक्ट नहीं था, जबकि बाकी Naughty Dog पहले से Intergalactic: The Heretic Prophet बना रहा हो। इसके उलट, गेम रद्द होने से पहले स्टूडियो का अधिकांश हिस्सा Online पर केंद्रित था।
रिपोर्ट के मुताबिक, The Last of Us Online पर “सैकड़ों मिलियन” डॉलर खर्च हुए और Naughty Dog के अधिकांश कर्मचारी इसमें शामिल थे। इस स्तर का निवेश बताता है कि रद्दीकरण का असर केवल एक गेम के बंद होने तक सीमित नहीं था।
प्रोजेक्ट के पूर्व गेम डायरेक्टर Vinit Agarwal ने बाद में कहा कि उन्होंने इस पर करीब सात साल काम किया था और 2023 के अंत में रद्द किए जाने के समय गेम लगभग 80% पूरा हो चुका था। इन आंकड़ों की रिपोर्ट कई माध्यमों ने की है, लेकिन इन्हें Sony या Naughty Dog की ऑडिट की हुई आधिकारिक उत्पादन रिपोर्ट नहीं माना जाना चाहिए।
साथ ही, “80% पूरा” होने का मतलब यह जरूरी नहीं कि गेम लॉन्च के लिए लगभग तैयार था। लाइव-सर्विस गेम में खेलने योग्य सिस्टम तैयार होने के बाद भी बड़े पैमाने पर टेस्टिंग, सर्वर इन्फ्रास्ट्रक्चर, कंटेंट निर्माण, बैलेंसिंग और लॉन्च के बाद की योजनाओं पर काम बाकी रह सकता है। उपलब्ध रिपोर्टिंग गेम के पैमाने का संकेत देती है, लेकिन इसके पूरे बजट या संभावित रिलीज तारीख की निश्चित पुष्टि नहीं करती।
Naughty Dog की आधिकारिक वजह गेम के लॉन्च के बाद की लंबी जिम्मेदारी थी। स्टूडियो ने कहा था कि The Last of Us Online को रिलीज और सपोर्ट करने के लिए उसे वर्षों तक अपने लगभग सभी संसाधन पोस्ट-लॉन्च कंटेंट पर लगाने पड़ते। इससे भविष्य के सिंगल-प्लेयर गेम्स का विकास गंभीर रूप से प्रभावित होता।
इस स्थिति में स्टूडियो के सामने दो रास्ते थे: वह मुख्य रूप से लाइव-सर्विस गेम्स पर काम करने वाला डेवलपर बन जाए या फिर उन बड़े, कहानी-केंद्रित सिंगल-प्लेयर गेम्स पर ध्यान बनाए रखे जिनके लिए Naughty Dog जाना जाता है। स्टूडियो ने दूसरा रास्ता चुना।
यह फैसला इस बात का प्रमाण नहीं था कि The Last of Us Online खराब गेम था। असली चिंता उस संगठनात्मक बोझ को लेकर थी जो लॉन्च के बाद पैदा होता। लाइव-सर्विस गेम रिलीज के साथ “पूरा” नहीं होता; वह लगातार चलने वाली प्रोडक्शन जिम्मेदारी बन जाता है। Naughty Dog जैसे स्टूडियो के लिए, जो बड़े लेकिन सीमित अवधि वाले सिंगल-प्लेयर गेम बनाता है, यह उसके काम करने के पूरे तरीके को बदल सकता था।
The Last of Us Part II के बाद Naughty Dog की कम रिलीज को केवल किसी एक नए सिंगल-प्लेयर गेम की देरी के तौर पर देखना अधूरा होगा। रिपोर्टों के अनुसार, स्टूडियो की बड़ी कार्यक्षमता The Last of Us Online में लगी हुई थी। इसके अलावा रीमेक, रीमास्टर और सपोर्ट प्रोजेक्ट्स पर भी कर्मचारी काम कर रहे थे।
इसलिए The Last of Us Part I जैसे रीमेक और पहले के Naughty Dog गेम्स के अपडेटेड वर्जन—जिनमें Uncharted 4 और The Last of Us Part II से जुड़ा काम भी शामिल था—इस बात का सबूत नहीं हैं कि एक पूरी तरह अलग, पूरी क्षमता वाली ओरिजिनल-गेम टीम समानांतर रूप से सामान्य गति से काम कर रही थी। पहले की रिपोर्टिंग में भी Naughty Dog के कर्मचारियों को The Last of Us के रीमेक पर लगाए जाने और भविष्य के प्रोजेक्ट्स के प्री-प्रोडक्शन में होने की बात सामने आई थी।
व्यावहारिक नतीजा यह रहा कि 2020 के बाद पूरी तरह नए गेम की रिलीज के बीच लंबा अंतर आ गया। जिस प्रोजेक्ट से Naughty Dog की पेशकश का दायरा बढ़ना था, उसने वर्षों तक विकास क्षमता का बड़ा हिस्सा घेर लिया। रद्दीकरण के बाद स्टूडियो के पास उस निवेश की भरपाई करने के लिए केवल पुनर्गठन और नए सिरे से टीम लगाने का रास्ता बचा।
The Last of Us Online और Intergalactic: The Heretic Prophet को लेकर एक आम धारणा यह थी कि Naughty Dog का अधिकांश स्टाफ पहले से Intergalactic पर काम कर रहा था, जबकि Online एक छोटी टीम संभाल रही थी। Schreier की रिपोर्ट के अनुसार, वास्तविक स्थिति इसके उलट थी।
Intergalactic को स्टूडियो का अधिकांश स्टाफ The Last of Us Online के रद्द होने के बाद मिला। मल्टीप्लेयर प्रोजेक्ट पर काम कर रही बड़ी संख्या में लोगों को नए सिंगल-प्लेयर गेम में स्थानांतरित किया गया। इस तरह Online का रद्दीकरण एक बड़ा नुकसान होने के साथ-साथ वह स्टाफिंग बदलाव भी बना जिसने Intergalactic को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ने का अवसर दिया।
इससे Online पर खर्च हुआ समय और पैसा वापस नहीं आता, लेकिन यह जरूर समझ में आता है कि Naughty Dog का अगला बड़ा प्रोजेक्ट अचानक मजबूत टीम के साथ कैसे आगे बढ़ सका। स्टूडियो को शून्य से शुरुआत नहीं करनी पड़ी; उसने वर्षों से मौजूद एक बड़ी टीम को नए प्रोजेक्ट की ओर मोड़ दिया।
The Last of Us Online, Sony की व्यापक लाइव-सर्विस रणनीति के जोखिमों का सबसे स्पष्ट उदाहरण बन गया। कंपनी ने लंबे समय तक ऐसे मल्टीप्लेयर गेम्स की बड़ी श्रृंखला पर जोर दिया था जो रिलीज के बाद लगातार कमाई कर सकें। लेकिन बाद में कई प्रोजेक्ट टाले गए, रद्द हुए या लॉन्च के तुरंत बाद बंद हो गए।
Concord अगस्त 2024 में लॉन्च हुआ, लेकिन दो सप्ताह से भी कम समय बाद उसे हटा लिया गया। इसके बाद Sony ने गेम के डेवलपर Firewalk Studios को बंद कर दिया।
Sony ने Bend Studio और Bluepoint Games में बन रहे दो अघोषित लाइव-सर्विस प्रोजेक्ट्स भी रद्द किए। रिपोर्टों में Bluepoint के प्रोजेक्ट को God of War पर आधारित लाइव-सर्विस गेम बताया गया, हालांकि Sony ने इसकी विस्तृत सार्वजनिक पुष्टि नहीं की। उस समय दोनों स्टूडियो के चालू रहने की बात कही गई थी।
इसका मतलब यह नहीं कि Sony का हर लाइव-सर्विस गेम असफल होने वाला था। Schreier के विवरण में Helldivers II को सफल उदाहरण बताया गया। लेकिन The Last of Us Online, Concord और Bend तथा Bluepoint की रद्द परियोजनाओं ने यह जरूर दिखाया कि लाइव-सर्विस मॉडल को PlayStation के सिंगल-प्लेयर फ्रेंचाइज़ गेम्स के साथ एक निश्चित दूसरे स्तंभ की तरह देखना जोखिम भरा है।
The Last of Us Online की कहानी का सबसे बड़ा सबक यह नहीं है कि Naughty Dog ने एक रद्द गेम पर कई साल गंवा दिए। असली बात यह है कि एक छोटा मल्टीप्लेयर प्रयोग किस तरह ऐसी लाइव-सर्विस जिम्मेदारी में बदल गया, जो पूरे स्टूडियो की दिशा तय करने लगी।
गेम ने कथित तौर पर Naughty Dog के अधिकांश कर्मचारियों को वर्षों तक व्यस्त रखा, “सैकड़ों मिलियन” डॉलर की लागत पैदा की और स्टूडियो को इस चुनाव के सामने ला खड़ा किया कि वह लाइव-सर्विस सपोर्ट कंपनी बने या सिंगल-प्लेयर कहानी-केंद्रित गेम्स पर लौटे। Naughty Dog ने दूसरा विकल्प चुना—लेकिन कई वर्षों के काम और बड़े संसाधन निवेश के बाद।
Sony के लिए यह घटना याद दिलाती है कि लाइव-सर्विस गेम का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि वह रिलीज हुआ या नहीं। बड़ा सवाल यह है कि क्या कोई स्टूडियो उस गेम को अनिश्चितकाल तक सपोर्ट कर सकता है, बिना उस रचनात्मक पहचान और विकास पाइपलाइन को कमजोर किए जिसने उसे सफल बनाया है।
The Last of Us Online की शुरुआत The Last of Us Part II से जुड़े मल्टीप्लेयर काम के रूप में हुई थी। Naughty Dog ने उस मोड को Part II में शामिल करने के बजाय The Last of Us की दुनिया पर आधारित एक अलग गेम बनाने का फैसला किया। इसे मूल गेम के Factions मोड का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। स्टूडियो के अनुसार, मल्टीप्लेयर टीम Part II के विकास के समय से ही इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी।
समय के साथ गेम का दायरा काफी बढ़ गया। यह ऐसा सीमित मल्टीप्लेयर फीचर नहीं रहा जिसे एक नैरेटिव गेम के साथ रिलीज किया जा सके। इसके बजाय यह एक लाइव-सर्विस गेम बन गया—यानी ऐसा गेम जिसे लॉन्च के बाद लगातार नए कंटेंट, अपडेट, बैलेंसिंग और तकनीकी सपोर्ट की जरूरत होती है।
Schreier की रिपोर्ट का सबसे अहम हिस्सा यही है कि The Last of Us Online कोई छोटी टीम का साइड प्रोजेक्ट नहीं था, जबकि बाकी Naughty Dog पहले से Intergalactic: The Heretic Prophet बना रहा हो। इसके उलट, गेम रद्द होने से पहले स्टूडियो का अधिकांश हिस्सा Online पर केंद्रित था।
रिपोर्ट के मुताबिक, The Last of Us Online पर “सैकड़ों मिलियन” डॉलर खर्च हुए और Naughty Dog के अधिकांश कर्मचारी इसमें शामिल थे। इस स्तर का निवेश बताता है कि रद्दीकरण का असर केवल एक गेम के बंद होने तक सीमित नहीं था।
प्रोजेक्ट के पूर्व गेम डायरेक्टर Vinit Agarwal ने बाद में कहा कि उन्होंने इस पर करीब सात साल काम किया था और 2023 के अंत में रद्द किए जाने के समय गेम लगभग 80% पूरा हो चुका था। इन आंकड़ों की रिपोर्ट कई माध्यमों ने की है, लेकिन इन्हें Sony या Naughty Dog की ऑडिट की हुई आधिकारिक उत्पादन रिपोर्ट नहीं माना जाना चाहिए।
साथ ही, “80% पूरा” होने का मतलब यह जरूरी नहीं कि गेम लॉन्च के लिए लगभग तैयार था। लाइव-सर्विस गेम में खेलने योग्य सिस्टम तैयार होने के बाद भी बड़े पैमाने पर टेस्टिंग, सर्वर इन्फ्रास्ट्रक्चर, कंटेंट निर्माण, बैलेंसिंग और लॉन्च के बाद की योजनाओं पर काम बाकी रह सकता है। उपलब्ध रिपोर्टिंग गेम के पैमाने का संकेत देती है, लेकिन इसके पूरे बजट या संभावित रिलीज तारीख की निश्चित पुष्टि नहीं करती।
Naughty Dog की आधिकारिक वजह गेम के लॉन्च के बाद की लंबी जिम्मेदारी थी। स्टूडियो ने कहा था कि The Last of Us Online को रिलीज और सपोर्ट करने के लिए उसे वर्षों तक अपने लगभग सभी संसाधन पोस्ट-लॉन्च कंटेंट पर लगाने पड़ते। इससे भविष्य के सिंगल-प्लेयर गेम्स का विकास गंभीर रूप से प्रभावित होता।
इस स्थिति में स्टूडियो के सामने दो रास्ते थे: वह मुख्य रूप से लाइव-सर्विस गेम्स पर काम करने वाला डेवलपर बन जाए या फिर उन बड़े, कहानी-केंद्रित सिंगल-प्लेयर गेम्स पर ध्यान बनाए रखे जिनके लिए Naughty Dog जाना जाता है। स्टूडियो ने दूसरा रास्ता चुना।
यह फैसला इस बात का प्रमाण नहीं था कि The Last of Us Online खराब गेम था। असली चिंता उस संगठनात्मक बोझ को लेकर थी जो लॉन्च के बाद पैदा होता। लाइव-सर्विस गेम रिलीज के साथ “पूरा” नहीं होता; वह लगातार चलने वाली प्रोडक्शन जिम्मेदारी बन जाता है। Naughty Dog जैसे स्टूडियो के लिए, जो बड़े लेकिन सीमित अवधि वाले सिंगल-प्लेयर गेम बनाता है, यह उसके काम करने के पूरे तरीके को बदल सकता था।
The Last of Us Part II के बाद Naughty Dog की कम रिलीज को केवल किसी एक नए सिंगल-प्लेयर गेम की देरी के तौर पर देखना अधूरा होगा। रिपोर्टों के अनुसार, स्टूडियो की बड़ी कार्यक्षमता The Last of Us Online में लगी हुई थी। इसके अलावा रीमेक, रीमास्टर और सपोर्ट प्रोजेक्ट्स पर भी कर्मचारी काम कर रहे थे।
इसलिए The Last of Us Part I जैसे रीमेक और पहले के Naughty Dog गेम्स के अपडेटेड वर्जन—जिनमें Uncharted 4 और The Last of Us Part II से जुड़ा काम भी शामिल था—इस बात का सबूत नहीं हैं कि एक पूरी तरह अलग, पूरी क्षमता वाली ओरिजिनल-गेम टीम समानांतर रूप से सामान्य गति से काम कर रही थी। पहले की रिपोर्टिंग में भी Naughty Dog के कर्मचारियों को The Last of Us के रीमेक पर लगाए जाने और भविष्य के प्रोजेक्ट्स के प्री-प्रोडक्शन में होने की बात सामने आई थी।
व्यावहारिक नतीजा यह रहा कि 2020 के बाद पूरी तरह नए गेम की रिलीज के बीच लंबा अंतर आ गया। जिस प्रोजेक्ट से Naughty Dog की पेशकश का दायरा बढ़ना था, उसने वर्षों तक विकास क्षमता का बड़ा हिस्सा घेर लिया। रद्दीकरण के बाद स्टूडियो के पास उस निवेश की भरपाई करने के लिए केवल पुनर्गठन और नए सिरे से टीम लगाने का रास्ता बचा।
The Last of Us Online और Intergalactic: The Heretic Prophet को लेकर एक आम धारणा यह थी कि Naughty Dog का अधिकांश स्टाफ पहले से Intergalactic पर काम कर रहा था, जबकि Online एक छोटी टीम संभाल रही थी। Schreier की रिपोर्ट के अनुसार, वास्तविक स्थिति इसके उलट थी।
Intergalactic को स्टूडियो का अधिकांश स्टाफ The Last of Us Online के रद्द होने के बाद मिला। मल्टीप्लेयर प्रोजेक्ट पर काम कर रही बड़ी संख्या में लोगों को नए सिंगल-प्लेयर गेम में स्थानांतरित किया गया। इस तरह Online का रद्दीकरण एक बड़ा नुकसान होने के साथ-साथ वह स्टाफिंग बदलाव भी बना जिसने Intergalactic को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ने का अवसर दिया।
इससे Online पर खर्च हुआ समय और पैसा वापस नहीं आता, लेकिन यह जरूर समझ में आता है कि Naughty Dog का अगला बड़ा प्रोजेक्ट अचानक मजबूत टीम के साथ कैसे आगे बढ़ सका। स्टूडियो को शून्य से शुरुआत नहीं करनी पड़ी; उसने वर्षों से मौजूद एक बड़ी टीम को नए प्रोजेक्ट की ओर मोड़ दिया।
The Last of Us Online, Sony की व्यापक लाइव-सर्विस रणनीति के जोखिमों का सबसे स्पष्ट उदाहरण बन गया। कंपनी ने लंबे समय तक ऐसे मल्टीप्लेयर गेम्स की बड़ी श्रृंखला पर जोर दिया था जो रिलीज के बाद लगातार कमाई कर सकें। लेकिन बाद में कई प्रोजेक्ट टाले गए, रद्द हुए या लॉन्च के तुरंत बाद बंद हो गए।
Concord अगस्त 2024 में लॉन्च हुआ, लेकिन दो सप्ताह से भी कम समय बाद उसे हटा लिया गया। इसके बाद Sony ने गेम के डेवलपर Firewalk Studios को बंद कर दिया।
Sony ने Bend Studio और Bluepoint Games में बन रहे दो अघोषित लाइव-सर्विस प्रोजेक्ट्स भी रद्द किए। रिपोर्टों में Bluepoint के प्रोजेक्ट को God of War पर आधारित लाइव-सर्विस गेम बताया गया, हालांकि Sony ने इसकी विस्तृत सार्वजनिक पुष्टि नहीं की। उस समय दोनों स्टूडियो के चालू रहने की बात कही गई थी।
इसका मतलब यह नहीं कि Sony का हर लाइव-सर्विस गेम असफल होने वाला था। Schreier के विवरण में Helldivers II को सफल उदाहरण बताया गया। लेकिन The Last of Us Online, Concord और Bend तथा Bluepoint की रद्द परियोजनाओं ने यह जरूर दिखाया कि लाइव-सर्विस मॉडल को PlayStation के सिंगल-प्लेयर फ्रेंचाइज़ गेम्स के साथ एक निश्चित दूसरे स्तंभ की तरह देखना जोखिम भरा है।
The Last of Us Online की कहानी का सबसे बड़ा सबक यह नहीं है कि Naughty Dog ने एक रद्द गेम पर कई साल गंवा दिए। असली बात यह है कि एक छोटा मल्टीप्लेयर प्रयोग किस तरह ऐसी लाइव-सर्विस जिम्मेदारी में बदल गया, जो पूरे स्टूडियो की दिशा तय करने लगी।
गेम ने कथित तौर पर Naughty Dog के अधिकांश कर्मचारियों को वर्षों तक व्यस्त रखा, “सैकड़ों मिलियन” डॉलर की लागत पैदा की और स्टूडियो को इस चुनाव के सामने ला खड़ा किया कि वह लाइव-सर्विस सपोर्ट कंपनी बने या सिंगल-प्लेयर कहानी-केंद्रित गेम्स पर लौटे। Naughty Dog ने दूसरा विकल्प चुना—लेकिन कई वर्षों के काम और बड़े संसाधन निवेश के बाद।
Sony के लिए यह घटना याद दिलाती है कि लाइव-सर्विस गेम का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि वह रिलीज हुआ या नहीं। बड़ा सवाल यह है कि क्या कोई स्टूडियो उस गेम को अनिश्चितकाल तक सपोर्ट कर सकता है, बिना उस रचनात्मक पहचान और विकास पाइपलाइन को कमजोर किए जिसने उसे सफल बनाया है।