Instagram पर पेशेवर फुटबॉल का एक विज्ञापन और वैध वेबसाइटों में बचा हुआ पुराना कोड—iVerify और Report URI की रिपोर्टों में iPhone तक स्पायवेयर पहुंचाने के दो संभावित रास्ते सामने आए। शोधकर्ताओं ने इन अभियानों को चीन से कथित रूप से जुड़े आपराधिक समूहों से जोड़ा है, लेकिन उपलब्ध जानकारी यह साबित नहीं करती कि उन्हें चीनी सरकार निर्देश दे रही थी।
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iPhone तक पहुंचने के दो रास्ते
एक मामले में, iVerify ने बताया कि एक वित्तीय संस्थान के कर्मचारी का iPhone Instagram पर पेशेवर फुटबॉल से जुड़ा विज्ञापन देखते हुए संक्रमित हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, हमले में लॉगिन जानकारी चुराई गई और फोन में क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट खोजे गए। एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मैलवेयर आगे बढ़ने से पहले iPhone का ऑपरेटिंग सिस्टम जांचता था। हालांकि, उपलब्ध विवरण पूरे क्रम—जैसे फोन के हिसाब से सही एक्सप्लॉइट चुनने की प्रक्रिया—की स्वतंत्र पुष्टि के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
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दूसरा रास्ता उन वेबसाइटों से जुड़ा था जो अब समाप्त हो चुके डोमेन पर निर्भर पुराने टैग लोड करती रहीं। किसी वेबसाइट की एनालिटिक्स या विज्ञापन सेवा का डोमेन समाप्त होने के बाद अगर कोई दूसरा व्यक्ति उसे अपने नाम पर दर्ज कर ले, तो उस डोमेन को लोड करने वाला पुराना टैग हमलावर के नियंत्रण में आ सकता है। Report URI के मुताबिक, हमलावरों ने ऐसे कुछ डोमेन फिर से खरीदे और वेबसाइटों पर आने वाले लोगों को एक्सप्लॉइट पहुंचाने के लिए उनका इस्तेमाल किया। यानी किसी व्यक्ति को जानबूझकर हमलावर की बनाई वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं—वैध पेज पर मौजूद बाहरी कोड अपने आप लोड हो सकता है।
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वेबसाइटों के आंकड़े: अलग-अलग गिनतियां, अलग अर्थ
रिपोर्टों में अलग-अलग संख्याएं दी गई हैं। इन्हें एक ही पैमाने की गिनती समझना ठीक नहीं होगा:
- एक रिपोर्ट में करीब 630 पुराने डोमेन और उनसे जुड़े लगभग 8,000 वैध वेबसाइटों का जिक्र है।
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- दूसरी रिपोर्टिंग में कम से कम 6,600 प्रभावित वेबसाइटों और उन पर हर महीने करीब 4.9 करोड़ विज़िट का अनुमान है।
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- एक अलग अनुमान के मुताबिक, इनमें से 248 वेबसाइटें सीधे स्पायवेयर पहुंचा रही थीं और उन पर हर महीने करीब 80 लाख विज़िट होती थीं।
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ये आंकड़े डोमेन, वेबसाइटों या वेबसाइट ट्रैफिक के अनुमान हैं—संक्रमित iPhone की पुष्टि की गई संख्या नहीं। उपलब्ध रिपोर्टें करीब 8,000 और 6,600 वेबसाइटों के आंकड़ों में अंतर स्पष्ट नहीं करतीं। इसलिए इन्हें अलग-अलग प्रकाशित अनुमान मानना बेहतर है, न कि एक तय कुल संख्या।
Coruna, DarkSword और चीन से जुड़ाव के दावे
Report URI और iVerify ने इस डिलीवरी नेटवर्क की जांच में Coruna और DarkSword नाम के iOS एक्सप्लॉइट किट की पहचान की। iVerify ने कहा कि उसने कुछ मौकों पर दोनों किट एक साथ इस्तेमाल होते देखे और इस संयोजन को “DarkCoruna” कहा। कंपनी के मुताबिक, उसका मानना है कि हमलावरों ने Coruna का सोर्स कोड हासिल कर उसमें बदलाव किए।
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चीन से जुड़ाव का दावा फिलहाल संदेह के स्तर पर है: रिपोर्टें आपराधिक समूहों के चीन से कथित संबंधों की बात करती हैं, न कि चीनी सरकार के निर्देश या नियंत्रण की पक्की पुष्टि। उपलब्ध स्रोत सरकारी संरक्षण साबित नहीं करते।
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स्पायवेयर पहुंचाने के तरीकों को लेकर बड़ी चिंता
ये निष्कर्ष उस व्यापक चिंता से भी जुड़ते हैं कि ऑनलाइन विज्ञापन साइबर हमलों का रास्ता बन सकते हैं। Citizen Lab की अलग AdFection जांच में लक्षित विज्ञापनों के जरिए बिना क्लिक के कमर्शियल स्पायवेयर पहुंचाने का तरीका बताया गया था। यह संबंधित संदर्भ है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उन्हीं लोगों या औजारों ने यहां वर्णित iPhone अभियानों को अंजाम दिया।
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सीधी बात यह है कि किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना ही खतरा नहीं है: फीड में दिखा विज्ञापन या किसी वैध वेबसाइट पर लोड हुआ छेड़छाड़ किया गया टैग भी फोन को जोखिम में डाल सकता है। iPhone को अपडेट रखना एक समझदारी भरी बुनियादी सावधानी है, लेकिन ये रिपोर्टें ऐसा कोई एक iOS संस्करण नहीं बतातीं जो यहां बताए गए हर हमले से सुरक्षा की गारंटी दे।
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