डॉलर आधारित स्टेबलकॉइन भुगतान को सस्ता और तेज बना सकते हैं, लेकिन कमजोर आर्थिक नीतियों वाले देशों में स्थानीय मुद्रा से डॉलर की ओर बदलाव भी तेज कर सकते हैं। स्टेबलकॉइन का बाजार 2025 तक लगभग 300 अरब डॉलर का हो गया था, लेकिन करीब 35 ट्रिलियन डॉलर के कुल लेनदेन में वास्तविक भुगतान से जुड़े प्रवाह लगभग 390 अरब डॉलर ही थ...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What did IMF First Deputy Managing Director Dan Katz warn about the rapid growth of predominantly U.S.-dollar-denominated stablecoins in eme. Article summary: Katz’s central warning is that dollar stablecoins can deliver cheaper, faster payments and more competition, but may also make it far easier to abandon local currencies—especially where macroeconomic policy is weak or tr. Topic tags: general, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fa
डॉलर स्टेबलकॉइन तेज ट्रांसफर, कम लागत और भुगतान क्षेत्र में अधिक प्रतिस्पर्धा का आकर्षक विकल्प पेश करते हैं। लेकिन IMF के प्रथम उप प्रबंध निदेशक डैन कैट्ज ने चेताया है कि यही डिजिटल ढांचा उभरते बाजारों में परिवारों और कारोबारों के लिए स्थानीय मुद्रा से “डिजिटल डॉलर” की ओर जाना आसान बना सकता है। यह जोखिम उन देशों में अधिक है जहां मौद्रिक नीति पर भरोसा कम है, विदेशी मुद्रा तक पहुंच सीमित है और लोग पहले से ही डॉलर पर काफी निर्भर हैं। 8
कैट्ज द्वारा उद्धृत आंकड़ों के अनुसार, करीब 99% स्टेबलकॉइन अमेरिकी डॉलर में मूल्यांकित हैं। इस एकरूपता से डॉलर टोकन को मजबूत नेटवर्क लाभ मिलता है: उपयोगकर्ता ऐसा डिजिटल एसेट रख सकते हैं जिसे डॉलर के साथ अपना मूल्य बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है और जिसे सीमाओं के पार तथा ब्लॉकचेन-आधारित सेवाओं में स्थानांतरित किया जा सकता है। 18
जिन देशों की आर्थिक संस्थाएं कमजोर हैं या जिनकी स्थानीय मुद्रा पर भरोसा कम है, वहां डॉलर टोकन तक आसान पहुंच मुद्रा-प्रतिस्थापन को तेज कर सकती है। जैसे-जैसे लेनदेन और बचत विदेशी मुद्रा आधारित साधनों में जाने लगेंगे, घरेलू मौद्रिक नीति का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव घट सकता है। चिंता यह नहीं है कि हर स्टेबलकॉइन लेनदेन अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर देगा; मुद्दा यह है कि बड़े पैमाने पर आसान पहुंच पहले से मौजूद कमजोरियों को बढ़ा सकती है। 8
स्थानीय मुद्रा से समर्थित स्टेबलकॉइन जारी करना मौद्रिक संप्रभुता बचाने का उपाय लग सकता है। लेकिन कैट्ज की चेतावनी है कि नतीजा इस बात पर निर्भर करेगा कि ऐसे टोकन डॉलर-आधारित स्टेबलकॉइन के साथ किस तरह काम करते हैं।
यदि स्थानीय मुद्रा और डॉलर में मूल्यांकित स्टेबलकॉइन एक ही ब्लॉकचेन ढांचे पर चलते हैं, तो उपयोगकर्ता विकेंद्रीकृत एक्सचेंजों, लिक्विडिटी पूल या पीयर-टू-पीयर बाजारों के जरिए उनके बीच सीधे अदला-बदली कर सकते हैं। इससे स्थानीय मुद्रा को डॉलर टोकन में बदलने की बाधा कम हो सकती है और कुछ परिस्थितियों में विदेशी मुद्रा वाले स्टेबलकॉइन की मांग घटने के बजाय बढ़ सकती है। 24
नीति-निर्माताओं के लिए इसका अर्थ महत्वपूर्ण है: सवाल केवल यह नहीं है कि टोकन के पीछे कौन-सी मुद्रा है। यह भी देखना होगा कि लोग इस तंत्र में कितनी आसानी से प्रवेश कर सकते हैं, एसेट बदल सकते हैं और उन्हें विनियमित या अनियमित माध्यमों से वापस मुद्रा में बदल सकते हैं।
परंपरागत विदेशी मुद्रा लेनदेन आमतौर पर बैंकों, लाइसेंस प्राप्त डीलरों और अन्य निगरानी वाले मध्यस्थों के जरिए होते हैं। स्टेबलकॉइन उपयोगकर्ताओं, प्लेटफॉर्म और अलग-अलग देशों के बीच अतिरिक्त डिजिटल रास्ते बना सकते हैं। कैट्ज और IMF के अनुसार, इससे पूंजी-प्रवाह प्रबंधन उपाय तथा विदेशी मुद्रा नियंत्रण कम प्रभावी हो सकते हैं। 8
वित्तीय तनाव के दौर में यह कम हुई बाधा पूंजी को तेजी से देश से बाहर जाने दे सकती है और विनिमय दर पर दबाव बढ़ा सकती है। मुद्रा के तेज अवमूल्यन से विदेशी मुद्रा में कर्ज लेने वालों की बैलेंस शीट पर दबाव बढ़ सकता है और व्यापक वित्तीय अस्थिरता गहरा सकती है। ये संभावित जोखिम-मार्ग हैं, यह दावा नहीं कि स्टेबलकॉइन अपने-आप संकट पैदा कर देंगे। 8
स्टेबलकॉइन का उपयोग तेजी से बढ़ा है। 2021 से 2025 के बीच इनका बाजार पूंजीकरण लगभग तीन गुना होकर करीब 300 अरब डॉलर पहुंच गया, हालांकि उसके बाद के वर्ष में यह मोटे तौर पर स्थिर रहा। 9
लेनदेन के आंकड़ों को सावधानी से समझना जरूरी है। 2025 में कुल स्टेबलकॉइन लेनदेन मात्रा करीब 35 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई, लेकिन IMF द्वारा उद्धृत BIS के अनुमानों के अनुसार वास्तविक भुगतान से जुड़े प्रवाह लगभग 390 अरब डॉलर थे। इसकी तुलना में वैश्विक सीमा-पार भुगतान बाजार का सालाना आकार करीब 1 क्वाड्रिलियन डॉलर आंका जाता है। 825
इस अंतर का बड़ा हिस्सा क्रिप्टो पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर की गतिविधियों से बनता है—जैसे ट्रेडिंग, लिक्विडिटी प्रबंधन और अलग-अलग प्लेटफॉर्मों के बीच ट्रांसफर—न कि रोजमर्रा की खरीदारी, रेमिटेंस या आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान से। 924
इसलिए स्टेबलकॉइन को तत्काल वैश्विक भुगतान व्यवस्था का विकल्प मानना जल्दबाजी होगी। फिर भी नीति संबंधी चिंता खत्म नहीं होती। वितरण नेटवर्क, अलग-अलग प्रणालियों के बीच इंटरऑपरेबिलिटी और विदेशी मुद्रा तक पहुंच घरेलू भुगतान ढांचे तथा निगरानी से तेज गति से बढ़ सकती है, खासकर संकट के समय। यह उपलब्ध प्रवाह अनुमानों और IMF के जोखिम-ढांचे से निकला निष्कर्ष है। 825
Paxos का Global Dollar यानी USDG यूरोपीय संघ में उपभोक्ताओं के लिए EU के Markets in Crypto-Assets यानी MiCA ढांचे के तहत लॉन्च हुआ और Kraken तथा Gate जैसे प्लेटफॉर्मों पर उपलब्ध कराया गया। 30
यह उदाहरण दिखाता है कि नियमन के दायरे में आने वाला निजी डॉलर-टोकन नेटवर्क भी कई देशों में फैल सकता है। जारीकर्ता, रिजर्व एसेट, ब्लॉकचेन, एक्सचेंज, वॉलेट और उपयोगकर्ता अलग-अलग जगहों पर हो सकते हैं। इसलिए केवल टोकन जारी करने वाली संस्था पर ध्यान देने से नियामकीय अंतराल बने रह सकते हैं। 830
अनचाहे डॉलरकरण से सबसे टिकाऊ सुरक्षा केवल प्रतिस्पर्धी टोकन जारी करना नहीं है। इसके लिए विश्वसनीय मौद्रिक नीति, टिकाऊ सरकारी वित्त, मजबूत संस्थाएं और यह भरोसा जरूरी है कि स्थानीय मुद्रा उपयोगी बनी रहेगी। IMF के विश्लेषण के अनुसार, स्टेबलकॉइन का प्रभाव हर देश में अलग होगा और यह राष्ट्रीय व्यापक आर्थिक ढांचे, पहले से मौजूद मुद्रा-प्रतिस्थापन, वित्तीय बाजारों की संरचना तथा स्थानीय मुद्रा वाले विकल्पों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। 18
तेज, सस्ती और परस्पर-संगत घरेलू भुगतान व्यवस्था विदेशी मुद्रा वाले टोकन का इस्तेमाल करने की व्यावहारिक जरूरत कम कर सकती है। सरकारों और केंद्रीय बैंकों को रेमिटेंस, कारोबार तथा सीमा-पार ट्रांसफर के लिए भरोसेमंद विकल्प बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा यानी CBDC भी कुछ देशों में उपयोगी हो सकती है, लेकिन उसे हर समस्या का स्वचालित समाधान नहीं मानना चाहिए। नीति का आधार यह होना चाहिए कि वह किसी वास्तविक सार्वजनिक जरूरत को पूरा करती है या नहीं।
नियम सिर्फ जारीकर्ता के नाम या टोकन में बताई गई मुद्रा तक सीमित नहीं होने चाहिए। रिजर्व की गुणवत्ता और अलग-अलग रखरखाव, रिडेम्पशन अधिकार, प्रशासन, परिचालन मजबूती, उपभोक्ता संरक्षण, एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के उपाय, डेटा तथा बैंकों और भुगतान प्रणालियों से संबंध—इन सभी पर निगरानी जरूरी है। 8
निगरानी एक्सचेंज, वॉलेट, विकेंद्रीकृत रूपांतरण बिंदुओं और ऑन-ऑफ रैंप तक भी पहुंचनी चाहिए। यही वे स्थान हैं जहां उपयोगकर्ता स्थानीय और विदेशी मुद्रा के बीच बदलाव करते हैं और जहां रिपोर्टिंग, पहचान तथा पूंजी-प्रवाह संबंधी नियमों को दरकिनार किया जा सकता है। 35
जब टोकन का जारीकर्ता, रिजर्व एसेट, ब्लॉकचेन ढांचा, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और उपयोगकर्ता अलग-अलग देशों में हों, तो केवल राष्ट्रीय नियम पर्याप्त नहीं रह जाते। व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले स्टेबलकॉइन के लिए साझा मानक, सूचना-साझाकरण और समन्वित निगरानी जरूरी है। 830
जिन देशों की मुद्रा पर भरोसा अधिक है और भुगतान विकल्प कुशल हैं, वे प्रतिस्पर्धा तथा कम भुगतान लागत जैसे लाभ हासिल कर सकते हैं। इसके विपरीत, कमजोर नीति-विश्वसनीयता, डॉलर तक सीमित पहुंच या पहले से मौजूद डॉलरकरण वाले देशों में मौद्रिक संप्रभुता और वित्तीय स्थिरता का जोखिम अधिक हो सकता है। 17
स्टेबलकॉइन को तेज बैंक भुगतान, टोकनाइज्ड डिपॉजिट और डिजिटल मुद्रा के अन्य रूपों से प्रतिस्पर्धा करनी होगी। लंबे समय में उनकी भूमिका इस बात पर निर्भर करेगी कि वे पारंपरिक वित्तीय संस्थानों की तुलना में क्या अतिरिक्त लाभ देते हैं और साथ ही भरोसा, कानूनी सुरक्षा तथा इंटरऑपरेबिलिटी कितनी उपलब्ध कराते हैं।
अगर बैंक और अन्य पारंपरिक वित्तीय संस्थान उतने ही सस्ते, तेज और परस्पर-संगत डिजिटल भुगतान उपलब्ध करा दें, साथ में अधिक मजबूत कानूनी सुरक्षा भी दें, तो मुख्यधारा के भुगतान में स्टेबलकॉइन की भूमिका सीमित या धीरे-धीरे कम हो सकती है।
इसलिए कैट्ज का संदेश व्यापक प्रतिबंध लगाने से अधिक तकनीकी शॉर्टकट से बचने की चेतावनी है। मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियाद, प्रभावी घरेलू भुगतान प्रणालियां, गतिविधि-आधारित नियमन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग देशों को स्टेबलकॉइन की दक्षता का लाभ लेने में मदद कर सकते हैं—बिना विदेशी मुद्रा तक डिजिटल पहुंच को डॉलरकरण का अनियंत्रित रास्ता बनने दिए।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
डॉलर आधारित स्टेबलकॉइन भुगतान को सस्ता और तेज बना सकते हैं, लेकिन कमजोर आर्थिक नीतियों वाले देशों में स्थानीय मुद्रा से डॉलर की ओर बदलाव भी तेज कर सकते हैं।
डॉलर आधारित स्टेबलकॉइन भुगतान को सस्ता और तेज बना सकते हैं, लेकिन कमजोर आर्थिक नीतियों वाले देशों में स्थानीय मुद्रा से डॉलर की ओर बदलाव भी तेज कर सकते हैं। स्टेबलकॉइन का बाजार 2025 तक लगभग 300 अरब डॉलर का हो गया था, लेकिन करीब 35 ट्रिलियन डॉलर के कुल लेनदेन में वास्तविक भुगतान से जुड़े प्रवाह लगभग 390 अरब डॉलर ही थे।
IMF का सुझाव है कि देश स्थानीय मुद्रा में भरोसा बढ़ाएं, प्रतिस्पर्धी भुगतान तंत्र बनाएं और स्टेबलकॉइन जारीकर्ताओं से लेकर एक्सचेंज, वॉलेट तथा ऑन ऑफ रैंप तक पूरी गतिविधि श्रृंखला को नियंत्रित करें।